GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 7 मेरे बचपन के दिन

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Detailed Chapter 07 मेरे बचपन के दिन GSEB Solutions for Class 9 Hindi

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Class 9 Hindi Chapter 07 मेरे बचपन के दिन GSEB Solutions PDF

प्रश्न-अभ्यास

 

Question 1. 'मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।' इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि
क. उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी ?
ख. लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं ?
Answer:
क. उस समय समाज में लड़कियों की स्थिति बहुत दयनीय थी। लड़कियों को बोझ समझा जाता था। इसलिए, पैदा होते ही उन्हें मार दिया जाता था। महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का भी अधिकार नहीं था। कुछ अमीर परिवारों की गिनी-चुनी स्त्रियाँ ही शिक्षा हासिल करती थीं। अतः समाज में स्त्रियों की हालत ठीक नहीं थी।
ख. पहले की तुलना में लड़कियों के जन्म के संबंध में काफी परिवर्तन आया है। लड़का-लड़की का अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है, पर आज भी यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पहले लोग लड़की के जन्म के बाद उसे मार डालते थे या आज विज्ञान और तकनीक का उपयोग करके लोग कोख में ही लड़कियों की हत्या करवा देते हैं। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बनने से स्थिति में थोड़ा सुधार अवश्य आया है।
In simple words: पहले, लड़कियों को बोझ मानकर मार दिया जाता था और उन्हें शिक्षा नहीं मिलती थी। आज स्थिति सुधरी है, लेकिन कन्या भ्रूण हत्या अब भी होती है, हालांकि कानून से कुछ रोक लगी है।

Exam Tip: जब भी किसी ऐतिहासिक या सामाजिक स्थिति के बारे में पूछा जाए, तो बदलाव से पहले और बाद की स्थितियों की तुलना करें, और उसमें कानूनों या सामाजिक सुधारों के प्रभाव का भी उल्लेख करें।

 

Question 2. लेखिका उर्दू-फारसी क्यों नहीं सीख पाई ?
Answer: लेखिका को बचपन में उर्दू-फारसी भाषा से बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। उन्हें उर्दू-फारसी पढ़ाने के लिए मौलवी रखे गए थे। परन्तु, मौलवी को देखते ही वह चारपाई के नीचे छिप जाती थीं। यही कारण है कि लेखिका उर्दू-फारसी नहीं सीख पाईं।
In simple words: लेखिका को बचपन से उर्दू-फारसी पढ़ने में कोई रुचि नहीं थी। मौलवी आते ही वह छिप जाती थीं, इसलिए वे यह भाषा नहीं सीख सकीं।

Exam Tip: किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत रुचियों और उनके प्रभाव को बताते समय, उनके व्यवहार और कारणों को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 3. लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ?
Answer: लेखिका की माता अच्छे संस्कारों वाली और धार्मिक स्वभाव की महिला थीं। वे नियमित रूप से पूजा-पाठ करती थीं। सुबह-शाम मीरा के पद गाती थीं और प्रभाती भी गाया करती थीं। सुबह-सुबह वे 'कृपानिधान पंछी बन बोले' पद गाती थीं। लेखिका की माता लिखती भी थीं। उनके द्वारा मीरा के पदों को सुनकर लेखिका ने ब्रजभाषा में लिखना शुरू किया। इस प्रकार, लेखिका की माता शिक्षित, धार्मिक सरोकारों वाली और ईश्वर में विश्वास रखने वाली महिला थीं। वे संस्कृत भाषा भी जानती थीं, अतः महादेवीजी को हिंदी और संस्कृत भाषा का ज्ञान अपनी माता से प्राप्त हुआ।
In simple words: लेखिका की माँ बहुत धार्मिक और संस्कारी थीं। वे पूजा-पाठ करतीं और मीरा के पद गाती थीं। वे शिक्षित थीं और हिंदी-संस्कृत जानती थीं, जिससे लेखिका को भी भाषाओं का ज्ञान मिला।

Exam Tip: जब किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व की विशेषताओं का वर्णन करें, तो उनके गुणों और उनके कार्यों दोनों को शामिल करें, साथ ही दूसरों पर उनके प्रभाव को भी बताएं।

 

Question 4. जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा क्यों कहा है ?
Answer: स्वतंत्रता से पहले हिन्दुओं और मुस्लिमों के बीच इतना भेद-भाव नहीं था। लेखिका के साथ नवाब परिवार का संबंध इसका सबूत है। लेखिका का परिवार हिन्दू था और जवारा के नवाब मुस्लिम थे, किन्तु दोनों परिवारों के बीच बहुत आत्मीय संबंध था। दोनों धर्म के लोग एक-दूसरे के त्यौहारों को साथ मिलकर मनाते थे। उनके संबंधों में भाषा और जाति की कोई भेद-भाव वाली रेखा नहीं थी। स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत का बँटवारा हुआ। पाकिस्तान मुस्लिम प्रधान देश बना तो भारत हिन्दुस्तान देश। तब से दोनों धर्मों के बीच आपसी तनाव बढ़ गया है। वह आत्मीयता नहीं रही। आये दिन दंगे-फसाद होते रहते हैं। अब दोनों के बीच पहले जैसे आत्मीय संबंध नहीं रहे। इसलिए लेखिका ने जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा बताया है।
In simple words: आज के समय में, लेखिका को जवारा के नवाब परिवार से अपने करीबी संबंध सपने जैसे लगते हैं क्योंकि आजादी से पहले हिन्दू-मुस्लिमों में बहुत प्यार था, वे साथ त्यौहार मनाते थे। अब बंटवारे के बाद, यह दोस्ती और मेलजोल कम हो गया है।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, पहले और बाद की स्थिति का वर्णन करते हुए तुलना करें। सामाजिक या ऐतिहासिक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपने उत्तर को पूरा करें।

रचना और अभिव्यक्ति

 

Question 5. जेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थीं। जेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होती/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती ?
Answer: जेबुन्निसा के स्थान पर यदि मैं होती/होता तो मैं उनके कामों में सहायता करती/करता। बदले में उनसे जहाँ मुझे दिक्कत होती, तो मैं उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करती/करता। उनके साथ कवि सम्मेलन में ले जाने के लिए कहती/कहता ताकि मैं भी कवि-सम्मेलन का आनंद ले सकूँ। मैं स्वयं काव्य-रचना करती/करता और उन्हें पढ़कर सुनाती/सुनाता। काव्यगत त्रुटियों को उनसे दूर करवाती/करवाता।
In simple words: यदि मैं जेबुन्निसा की जगह होती/होता, तो मैं महादेवी जी की सहायता करती/करता। बदले में, उनसे मार्गदर्शन लेती/लेता, कवि सम्मेलनों में साथ जाती/जाता, और अपनी कविताओं को सुधारने में उनकी मदद लेती/लेता।

Exam Tip: जब ऐसे काल्पनिक प्रश्न पूछे जाएं, तो अपनी अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और बताएं कि आप कैसे लाभ उठाना चाहेंगे या दूसरों को कैसे सहायता करेंगे।

 

Question 6. महादेवी वर्मा को काव्य प्रतियोगिता में चाँदी का कटोरा मिला था। अनुमान लगाइए कि आपको इस तरह का कोई पुरस्कार मिला हो और वह देशहित में या किसी आपदा निवारण के काम में देना पड़े तो आप कैसा अनुभव करेंगे/करेंगी ?
Answer: मुझे काव्य प्रतियोगिता में चाँदी का कटोरा मिला हो या कोई अन्य पुरस्कार, यदि देशहित या किसी आपदा निवारण के काम में मुझे उसे दे देना पड़े तो मैं उस पुरस्कार को खुशी-खुशी दे दूंगी/दूँगा। देश के प्रति हमारा भी तो कुछ कर्तव्य बनता है। यह तो रही पुरस्कार देने की बात। यदि जरूरत पड़े तो देश के लिए मैं अपने जान की बाजी भी लगा दूँगी/दूँगा। मुझे इस बात की खुशी होगी कि मैं अपने देश के काम आई/आया। अपने देश के लिए पुरस्कार देने में मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस करूंगी/करूंगा।
In simple words: यदि मुझे कोई पुरस्कार देश या आपदा सहायता के लिए देना पड़े, तो मैं उसे खुशी से दे दूंगी/दूंगा क्योंकि देश के प्रति कर्तव्य निभाना महत्वपूर्ण है। मुझे गर्व महसूस होगा कि मैं देश के काम आ सकी/सका।

Exam Tip: ऐसे भावनात्मक प्रश्नों में, अपनी भावनाओं को ईमानदारी से व्यक्त करें और राष्ट्रभक्ति या सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर जोर दें।

 

Question 7. लेखिका ने छात्रावास के जिस बहुभाषी परिवेश की चर्चा की है उसे अपनी मातृभाषा में लिखिए।
Answer: महादेवी वर्मा क्रास्थवेट गर्ल्स स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थीं। उस छात्रावास में अलग-अलग प्रांत की लड़कियाँ पढ़ने आती थीं। कोई अवधि बोलती थी, तो कोई बुंदेली, कोई मराठी तो कोई ब्रज भाषा में बात करती थीं। किन्तु सभी हिन्दी की पढ़ाई करती थीं। उन्हें छात्रावास में उर्दू की भी शिक्षा दी जाती थी। इस तरह लेखिका का छात्रावास बहुभाषी था। फिर भी सभी लड़कियाँ मिल-जुल कर रहती थीं। सब एक मेस में खाना खाती थीं। एक प्रार्थना में सब खड़ी होती थीं। किसी के बीच कोई भेद-भाव नहीं था।
In simple words: लेखिका के छात्रावास में अलग-अलग राज्यों से लड़कियाँ आती थीं, जो अलग-अलग भाषाएँ (अवधी, बुंदेली, मराठी, ब्रज) बोलती थीं। फिर भी, वे सब हिंदी और उर्दू पढ़ती थीं और मिलजुलकर रहती थीं, कोई भेद-भाव नहीं था।

Exam Tip: जब बहुभाषी या बहु-सांस्कृतिक परिवेश का वर्णन करें, तो विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के साथ-साथ उनके आपसी सौहार्द को भी उजागर करें।

 

Question 8. महादेवी जी के इस संस्मरण को पढ़ते हुए आपके मानस-पटल पर भी अपने बचपन की कोई स्मृति उभरकर आई होगी, उसे संस्मरण शैली में लिखिए।
Answer: शुक्रवार
26 जनवरी, 2018
आज हमारे विद्यालय में एक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया था। इस काव्य-गोष्ठी में 10 विद्यालय के छात्रों ने हिस्सा लिया। काव्य-गोष्ठी का विषय पहले से तय था। प्रतिभागियों को 'देशप्रेम' से संबंधित रचनाएँ प्रस्तुत करनी थीं। 10 बजे के करीब काव्य-गोष्ठी का प्रारंभ होना था। निर्णायक गण अपनी-अपनी कुर्सियों पर विराजमान थे। मुख्य अतिथि के आते ही दीप प्रज्ज्वलित किया गया और काव्यगोष्ठी शुरू की गई। दसों विद्यालय के प्रतिभागी एक कतार में बैठे थे। उद्घोषक जैसे ही किसी का नाम पुकारते, मैं भीतर से डर जाती थी। मेरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती थी। पाँच प्रतिभागियों के बाद उद्घोषक ने मेरा नाम पुकारा। मैं थोड़ा डरा हुआ किन्तु तुरंत ही मंच पर पहुँच गई। पूरे आत्मविश्वास के साथ मैंने अपनी कविता प्रस्तुत की। कविता के अंत में सभी ने जोरदार तालियाँ बजाईं। मैं बहुत खुश थी। मेरी कविता को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मैं इस दिन को कभी नहीं भूल सकती।
In simple words: मैंने अपने विद्यालय की एक काव्य-गोष्ठी में भाग लिया था, जहाँ मैंने देशप्रेम पर कविता सुनाई। शुरू में डर लगी, पर बाद में आत्मविश्वास आया और मैंने प्रथम पुरस्कार जीता। वह दिन मुझे हमेशा याद रहेगा।

Exam Tip: संस्मरण लिखते समय, घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन करें और अपनी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें ताकि पाठक भी उस अनुभव को महसूस कर सकें।

भाषा-अध्ययन

 

Question 10. पाठ से निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूँढकर लिखिए।
Answer:
शब्द – विलोम
• विद्वान × मूर्ख
• अनंत × अंत, ससीम
• दंड × पुरस्कार
• शांति × अशांति
In simple words: कुछ शब्दों के विपरीत शब्द दिए गए हैं, जैसे विद्वान का मूर्ख और शांति का अशांति।

Exam Tip: विलोम शब्दों को याद करते समय, उनके अर्थ को समझने का प्रयास करें ताकि वे आसानी से याद रहें।

 

Question 11. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग, प्रत्यय कीजिए और मूल शब्द बताइए।
Answer:

वाक्यक्रिया विशेषणविशेषण
1. कल रात से निरंतर बारिश हो रही है।निरंतरकल
2. पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गयापेड़ परपके
3. रसोई से आती पुलाव की हल्की खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख जग गई।ज़ोरों कीहलकी
4. उतना ही खाओ, जितनी भूख है।उतनाजितनी
5. विलासिता की वस्तुओं से बाजार आजकल भरा पड़ा है।आजकलविलासिता

In simple words: यहाँ कुछ वाक्यों से क्रिया विशेषण और विशेषण शब्दों को अलग करके दिखाया गया है।

Exam Tip: क्रिया विशेषण क्रिया की विशेषता बताते हैं, जबकि विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। इनकी पहचान वाक्यों में उनके प्रयोग से होती है।

 

Question 12. निम्नलिखित प्रत्यय, उपसर्गों की सहायता से दो-दो शब्द लिखिए।
उपसर्ग – अन्, अ, सत्, स्य, दुर
प्रत्यय – दार, हार, वाला, अनीय
Answer:
उपसर्ग – उपसर्ग युक्त शब्द
• अन् – अनुचित, अनुदार, अनेक, अनुभव
• अ – अचल, अमर, अधम, अपूर्व
• सत् – सज्जन, सदाचार, सत्कर्म, सद्गति
• स्व – स्वधर्म, स्वतंत्र, स्वार्थ, स्वावलंबन
• दूर – दुर्गुण, दुर्लभ, दुर्योधन, दुर्भिक्ष
प्रत्यय – प्रत्यय युक्त शब्द
• दार – देनदार, लेनदार, चौकीदार, पहरेदार
• हार – होनहार, पालनहार, खेवनहार, दिखावनहार
• वाला – चायवाला, फलवाला, अखबारवाला, झाडूवाला
• अनीय – दर्शनीय, अकथनीय, पूजनीय, आदरणीय
In simple words: यहाँ उपसर्गों (जैसे अन्, अ) और प्रत्ययों (जैसे दार, हार) से बने कुछ शब्द दिए गए हैं, जो नए अर्थ देते हैं।

Exam Tip: उपसर्ग शब्द के पहले जुड़कर अर्थ बदलते हैं, जबकि प्रत्यय शब्द के बाद जुड़ते हैं। इन्हें पहचानने और प्रयोग करने का अभ्यास करें।

 

Question 13. पाठ में आए सामासिक शब्दों को छाँटकर विग्रह कीजिए।
Answer:
• पूजा-पाठ – पूजा और पाठ
• परमधाम – परम है जो धाम
• दुर्गा-पूजा – दुर्गा की पूजा
• कुल-देवी – कुल की देवी
• पंचतंत्र – पंच (पाँच) तंत्रों का समूह
• उर्दू-फारसी – उर्दू और फारसी
• चारपाई – चार पायों का समूह
• वातावरण – वात (वायु) का आवरण
• छात्रावास – छात्र (छात्रों) का आवास
• कृपानिधान – कृपा के निधान
• सत्याग्रह – सत्य के लिए आग्रह
• कवि-सम्मेलन – कवियों का सम्मेलन
• प्रभाती – जो गीत प्रभात में गाया जाता हो
• जेबखर्च – जेब के लिए खर्च
• रोना-धोना – रोना और धोना (चिल्लाना)
• चाची-ताई – चाची और ताई
• निराहार – (निर्) बिना आहार किए
• मनमोहन – मन को मोह लेता है जो यानी श्रीकृष्ण
• जन्मदिन – जन्म का दिन
• स्त्री-दर्पण - स्त्रियों का दर्पण
In simple words: यहाँ पाठ से कुछ सामासिक शब्द चुने गए हैं, और उनका विग्रह करके अर्थ समझाया गया है।

Exam Tip: सामासिक शब्दों का विग्रह करते समय, समास के प्रकार (जैसे द्वंद्व, तत्पुरुष, द्विगु) को समझना महत्वपूर्ण है ताकि सही विग्रह किया जा सके।

आशय स्पष्ट कीजिए

 

Question 1. बचपन की स्मृतियों में एक विचित्र सा आकर्षण होता है ?
Answer: मनुष्य के जीवन में बचपन की यादों की मीठी कसक जीवनभर रहती है। व्यक्ति अपने बचपन की यादों को जीवनभर नहीं भूलता। उन यादों में एक अनोखा आकर्षण होता है, जिसे चाहकर भी मनुष्य नहीं भुला पाता। हर कोई अपने बचपन के दिनों को वापस पाना चाहता है पर यह संभव नहीं। बचपन में बिताए दिन सपनों जैसे लगते हैं। मनुष्य अपने बचपन की मधुर यादों को हमेशा सँजोये रखता है।
In simple words: बचपन की यादें जीवनभर मीठी लगती हैं। कोई उन्हें भूल नहीं पाता और हमेशा उन्हें वापस पाना चाहता है, क्योंकि वे सपने जैसी खूबसूरत होती हैं।

Exam Tip: किसी भी कथन के आशय को स्पष्ट करते समय, उसके मुख्य विचार को सरल शब्दों में समझाएं और उदाहरण या भावनात्मक पहलू जोड़ें।

 

Question 2. वातावरण ऐसा था उस समय कि हम लोग बहुत निकट थे। आज की स्थिति देखकर लगता है, जैसे वह सपना ही था। आज वह सपना खो गया।
Answer: लेखिका और उनके भाई मनमोहन वर्मा को बचपन से ऐसे संस्कार मिले थे कि चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम, मिल-जुलकर भाईचारे के साथ रहना चाहिए। जवारा के नवाब और लेखिका के परिवारवालों के साथ बहुत घनिष्ठ संबंध था। लोग एक-दूसरे के त्यौहार आपस में मनाते थे। उनके भाई मनमोहन वर्मा के यहाँ भी हिन्दी और उर्दू भाषाएँ चलती थीं। वे स्वयं अपने घर में अवधी बोलते थे। हिन्दू-मुस्लिम जैसी कोई भावना उस समय के लोगों में नहीं थी। स्वतंत्रता के बाद हिन्दुस्तान – पाकिस्तान के बँटवारे के साथ दोनों धर्मों के लोगों के बीच दूरियाँ बढ़ गई हैं। आये दिन दोनों के बीच दंगे-फसाद होते रहते हैं। तब लेखिका को वो दिन एक सपना लगता है, जब नवाब और उनके परिवार एकसाथ मिलजुल कर रहते थे। आज वह सपना खो गया है, क्योंकि पुनः इन दोनों धर्मों के लोगों में पहले की तरह सहजता नहीं आ सकती। परिवार की तरह एकजुट होकर रहने की भावना खत्म हो गई है।
In simple words: लेखिका कहती हैं कि पहले के समय में हिन्दू-मुस्लिम लोग बहुत मिलजुलकर रहते थे और त्यौहार साथ मनाते थे, जो अब एक सपना लगता है। देश के बँटवारे के बाद दूरियाँ बढ़ गई हैं और वह आपसी सद्भाव खत्म हो गया है।

Exam Tip: ऐसे वाक्यों का आशय बताते समय, अतीत और वर्तमान की स्थिति की तुलना करें और बताएं कि किस कारण से परिवर्तन आया है।

लघूत्तरी प्रश्नोत्तर

 

Question 1. लेखिका के परिवार में लड़कियाँ क्यों नहीं थी ?
Answer: लेखिका के परिवार में दो सौ वर्ष पहले से लड़कियों के जन्म के साथ उन्हें परलोकधाम भेज दिया जाता था। अर्थात् उनकी हत्या कर दी जाती थी। इसलिए लेखिका के परिवार में लड़कियाँ नहीं थीं।
In simple words: लेखिका के परिवार में 200 सालों से लड़कियाँ नहीं थीं क्योंकि जन्म लेते ही उन्हें मार दिया जाता था।

Exam Tip: ऐसे सीधे प्रश्नों में, सटीक कारण बताएं और किसी भी अतिरिक्त विवरण से बचें जो प्रश्न में नहीं पूछा गया हो।

 

Question 2. लेखिका के घर में हिन्दी का वातावरण क्यों नहीं था ?
Answer: लेखिका के बाबा फारसी और उर्दू जानते थे। उनके पिता ने अंग्रेजी की शिक्षा प्राप्त की थी। उनके परिवार में कोई हिन्दी नहीं बोलता था। इसलिए लेखिका के घर में हिन्दी का वातावरण नहीं था।
In simple words: लेखिका के दादाजी फारसी और उर्दू जानते थे, और उनके पिता अंग्रेजी पढ़े थे। घर में कोई हिंदी नहीं बोलता था, इसलिए हिंदी का माहौल नहीं था।

Exam Tip: जब किसी सांस्कृतिक परिवेश के अभाव का कारण पूछा जाए, तो परिवार के सदस्यों की भाषा संबंधी आदतों को स्पष्ट करें।

 

Question 3. लेखिका के चारपाई के नीचे छिपने का क्या कारण था ?
Answer: उर्दू और फारसी पढ़ना लेखिका को अच्छा नहीं लगता था। उनके बाबा ने उर्दू-फारसी पढ़ाने के लिए एक मौलवी को रखवा दिया। जब वे उसे उर्दू-फारसी पढ़ाने आए तो लेखिका डर के मारे चारपाई के नीचे छिप गईं। लेखिका का मानना था कि उर्दू-फारसी सीखना उनके बस की बात नहीं थी।
In simple words: लेखिका को उर्दू-फारसी पसंद नहीं थी। जब मौलवी पढ़ाने आते, तो वह डरकर चारपाई के नीचे छिप जाती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि वे यह भाषा नहीं सीख पाएंगी।

Exam Tip: किसी बच्चे के व्यवहार का कारण बताते समय, उनकी भावनाओं और सोच को सरल शब्दों में स्पष्ट करें।

 

Question 4. लेखिका का मन मिशन स्कूल में क्यों नहीं लगा ?
Answer: लेखिका के घर का वातावरण कुछ और था; वहाँ वे संस्कृत, ब्रजभाषा आदि सीखती थीं। मिशन स्कूल का वातावरण दूसरा था। वहाँ ईसाई धर्म के अनुसार शिक्षा-दीक्षा-संस्कार दिए जाते थे, वहाँ की प्रार्थना भी अलग थी। इसलिए उनका मन वहाँ नहीं लगा।
In simple words: लेखिका को मिशन स्कूल पसंद नहीं आया क्योंकि उनके घर का माहौल संस्कृत और ब्रजभाषा वाला था, जबकि स्कूल में ईसाई धर्म की शिक्षा और प्रार्थनाएँ होती थीं, जो उनके लिए अलग थीं।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, परिवेशों के बीच के अंतर को स्पष्ट करें और बताएं कि कैसे एक माहौल दूसरे से भिन्न था।

 

Question 5. लेखिका के बाबा अन्य पुरुषों से किस प्रकार अलग थे ?
Answer: लेखिका के बाबा शिक्षित थे। वे स्त्रियों का महत्व समझते थे। जहाँ दूसरे पुरुष लड़की का जन्म होते ही उसे मार डालते थे, वहीं वे अपने घर में लड़की का जन्म हो, इसके लिए पूजा-पाठ करते थे और लड़की का जन्म होने पर उसका स्वागत करते थे। उसकी शिक्षा-दीक्षा, लालन-पालन पर पूरा ध्यान देते थे। वे लेखिका को विदुषी बनाना चाहते थे।
In simple words: लेखिका के बाबा दूसरे पुरुषों से अलग थे क्योंकि वे पढ़े-लिखे थे और लड़कियों को महत्व देते थे। उन्होंने लेखिका के जन्म का स्वागत किया, उसकी शिक्षा-दीक्षा पर ध्यान दिया और उसे विदुषी बनाना चाहते थे।

Exam Tip: किसी व्यक्ति की विशिष्टता बताते समय, उनके व्यवहार और विचारों की तुलना उनके समकालीनों से करें ताकि अंतर स्पष्ट हो सके।

 

Question 6. महादेवी वर्मा के परिवार में कौन-कौन-सी भाषाएँ बोली जाती थीं ?
Answer: महादेवी वर्मा का परिवार सुशिक्षित था। उनके बाबा उर्दू और फारसी के ज्ञाता थे। उनके पिता ने अंग्रेजी में शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी माता जबलपुर से अपने साथ हिन्दी भाषा लाई थीं। वे स्वयं संस्कृत और हिन्दी भाषा की जानकार थीं। ब्रजभाषा में मीरा के पद गाती थीं। अतः महादेवी वर्मा के घर में उर्दू, फारसी, अंग्रेजी, हिन्दी, ब्रज, संस्कृत आदि भाषाएँ बोली जाती थीं।
In simple words: महादेवी वर्मा के परिवार में कई भाषाएँ बोली जाती थीं: उनके दादाजी उर्दू-फारसी, पिता अंग्रेजी, और माँ हिंदी, संस्कृत और ब्रजभाषा जानती थीं।

Exam Tip: भाषाओं का उल्लेख करते समय, प्रत्येक सदस्य की भाषा संबंधी जानकारी को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 7. महादेवी वर्मा की शिक्षा-दीक्षा में उनकी माँ का क्या योगदान था ?
Answer: महादेवी वर्मा की शिक्षा-दीक्षा में उनकी माँ का बहुत बड़ा योगदान था। वे जबलपुर से आई थीं। वहाँ से वे हिन्दी भाषा अपने साथ लाई थीं। उन्होंने महादेवी को हिन्दी भाषा सिखाई। 'पंचतंत्र' पढ़ना सिखाया। सुबह-शाम वे पूजा-पाठ करते समय संस्कृत व ब्रजभाषा बोलती थीं। मीरा के पद गाया करती थीं। संस्कृत के श्लोक बोलती थीं। महादेवी इसे गुनती थीं। महादेवी वर्मा की रुचि इन भाषाओं में होती गई। इस प्रकार प्रारंभिक शिक्षा में उनकी माँ का बहुत बड़ा योगदान था।
In simple words: महादेवी की माँ का उनकी शिक्षा में बहुत योगदान था। उन्होंने महादेवी को हिंदी सिखाई, 'पंचतंत्र' पढ़ाया और पूजा-पाठ के समय संस्कृत व ब्रजभाषा में गाकर उनकी इन भाषाओं में रुचि जगाई।

Exam Tip: जब किसी व्यक्ति के योगदान के बारे में पूछा जाए, तो उनके द्वारा किए गए कार्यों को विस्तार से समझाएं और उनका महत्व बताएं।

 

Question 8. जेबुन्निसा कौन थी ? वे महादेवी की मदद कैसे करती थी ?
Answer: जेबुन्निसा एक मराठी लड़की थी, जो कोल्हापुर से आई थी। सुभद्रा कुमारी के स्थान पर छात्रालय में यह रहने लगी। वे महादेवी का डेस्क साफ कर देती थी, उनकी पुस्तकें ठीक से रख देती थी। इससे महादेवी को ज्यादा अवकाश मिल जाता था। वे पूरा समय कविता लेखन में लगा देती थी। उन्हें कविता लिखने के लिए अधिक समय मिल जाता था।
In simple words: जेबुन्निसा कोल्हापुर से आई एक मराठी लड़की थी, जिसने सुभद्रा कुमारी की जगह ली। वह महादेवी का डेस्क साफ करती और किताबें ठीक से रखती, जिससे महादेवी को कविता लिखने के लिए ज्यादा समय मिल जाता था।

Exam Tip: किसी भी नए पात्र का परिचय देते समय, उसकी पहचान और उसके कार्य दोनों को स्पष्ट करें।

 

Question 9. सुभद्राकुमारी ने महादेवी के डेस्क की तलाशी क्यों ली ?
Answer: महादेवी भी सुभद्राकुमारी की तरह खड़ी हिन्दी में काव्य रचना करने लगी थी। किन्तु वे यह सब छुप-छुप कर लिखती थी। सुभद्राकुमारी को इसकी भनक लगी कि महादेवी भी कविता लिखती हैं, तो उन्होंने उनके डेस्क के किताबों की तलाशी ली, जहाँ से उनके द्वारा लिखी कविताएँ मिलीं।
In simple words: सुभद्राकुमारी को पता चला कि महादेवी भी छिपकर कविताएँ लिखती हैं, इसलिए उन्होंने महादेवी के डेस्क की तलाशी ली और उनकी लिखी कविताएँ ढूंढ निकालीं।

Exam Tip: घटना के पीछे के कारण को स्पष्ट करें और बताएं कि किस जिज्ञासा या संदेह के कारण कोई कार्य किया गया।

 

Question 10. नवाब साहब का परिचय दीजिए।
Answer: नवाब साहब जवारा के नवाब थे। उनकी नवाबी छिन गई थी। वे एक बंगले में रहते थे। लेखिका भी उसी कंपाउंड में रहती थी। नवाब साहब व लेखिका के परिवार के बीच काफी आत्मीय संबंध थे। दोनों परिवार के बीच आपसी मेल-मिलाप था। इन दोनों परिवारों के बीच हिन्दू-मुस्लिम की कोई भेद-रेखा नहीं थी।
In simple words: नवाब साहब जवारा के पूर्व नवाब थे, जो लेखिका के कंपाउंड में रहते थे। उनके परिवार का लेखिका के परिवार से बहुत करीबी और सद्भावपूर्ण संबंध था, जिसमें हिन्दू-मुस्लिम का कोई भेद-भाव नहीं था।

Exam Tip: किसी व्यक्ति का परिचय देते समय, उनके पद, स्थिति, और दूसरों के साथ उनके संबंधों का उल्लेख करें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

 

Question 1. महादेवी वर्मा की काव्य-यात्रा में सुभद्राकुमारी चौहान का क्या योगदान था ?
Answer: महादेवी वर्मा को छात्रावास में सुभद्राजी का साथ मिला। उनके कमरे में जो चार छात्राएँ थीं, उनमें से सुभद्राजी एक थीं। महादेवी उस समय तुकबंदी कर लेती थी। महादेवी ने अपनी माँ से प्रेरणा पाकर ब्रजभाषा में काव्य लिखना प्रारंभ कर दिया था। किन्तु सुभद्राजी खड़ी बोली में कविता लिखती थी। महादेवी ने उनका अनुकरण कर उनके जैसी कविता लिखने लगी। उस समय सुभद्राजी प्रतिष्ठित कवयित्री थीं। महादेवी वर्मा उनसे छिपा-छिपाकर कविता लिखती थी। एक बार सुभद्राजी ने महादेवी वर्मा को पूछा कि 'महादेवी, तुम कविता लिखती हो ? तो महादेवी ने डर के मारे 'नहीं' कह दिया। फिर सुभद्राजी ने उनके डेस्क के किताबों की तलाशी ली। उनमें से बहुत-सी कविताएँ निकलीं। सुभद्राजी ने एक हाथ से कागज पकड़ा, एक हाथ से महादेवी को और पूरे हॉस्टल में दिखा आई कि ये कविता लिखती हैं। इसके बाद दोनों की मित्रता हो गई। जब लड़कियाँ खेलती तो सुभद्रा व महादेवी डाल पर बैठकर कविता का सृजन करती। दोनों कवि-सम्मेलन में काव्य-पाठ करने लगीं। महादेवी वर्मा को काव्य-पाठ के लिए प्रथम पुरस्कार मिलता था। उन्होंने कम से कम सौ पदक मिले होंगे। इस प्रकार सुभद्राकुमारी के साथ रहकर महादेवी वर्मा की कविताओं का परिमार्जन होता रहा, वे उनकी गणना श्रेष्ठ कवयित्रियों में होने लगीं। महादेवी वर्मा आगे चलकर छायावाद का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ मानी गईं। इस प्रकार महादेवी वर्मा की काव्य-यात्रा में सुभद्राकुमारी का महत्त्वपूर्ण योगदान था।
In simple words: सुभद्राकुमारी चौहान ने महादेवी वर्मा की काव्य-यात्रा में बहुत सहायता की। छात्रावास में रहते हुए, महादेवी ने सुभद्राजी को खड़ी बोली में कविता लिखते देखा और उनसे प्रेरणा लेकर खुद भी लिखना शुरू किया। सुभद्राजी ने महादेवी की छिपी हुई कविताओं को ढूंढ निकाला, जिससे उनकी दोस्ती बढ़ी। वे साथ में कविताएँ लिखती और कवि सम्मेलनों में पढ़ती थीं, जिससे महादेवी को पहचान मिली और वे एक महत्वपूर्ण कवयित्री बनीं।

Exam Tip: किसी साहित्यिक प्रभाव का वर्णन करते समय, दोनों व्यक्तियों के बीच के संबंधों, प्रेरणा के स्रोतों और परिणामों को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 2. नवाब साहब के बेगम साम्प्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है ? कैसे ? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: जवारा के नवाब का परिवार और महादेवी वर्मा का परिवार एक ही कंपाउंड में रहते थे। नवाब साहब की बेगम हिन्दू-मुसलमान का भेद किए बिना स्वयं को ताई कहने के लिए कहती थीं। उनके बच्चे लेखिका की माँ को चचीजान कहते हैं। बच्चों के जन्मदिन एक दूसरे के यहाँ मनाते थे। वे बिना किसी भेद-भाव के त्यौहार भी मनाते थे। राखी के त्यौहार पर बेगम अपने बेटे को पानी तक पीने नहीं देती थीं, जब तक लेखिका राखी न बाँध दे। फिर वे लेखिका को उपहार देती थीं। लेखिका के यहाँ जब छोटा भाई पैदा हुआ तो हम से नेग भी माँगा और बच्चे के लिए कपड़े आदि भी ले गईं थीं। वे लेखिका की माँ को दुलहिन कहकर संबोधित करती थीं। इन दोनों परिवारों का व्यवहार साम्प्रदायिकता के नाम पर एक तमाचा था। इस प्रकार नवाब की बेगम ने साम्प्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया था।
In simple words: नवाब साहब की बेगम ने साम्प्रदायिक सौहार्द का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। वे लेखिका के परिवार को अपने जैसा मानती थीं; वे एक-दूसरे के जन्मदिन और त्यौहार मनाते थे। राखी पर बेगम अपने बेटे को पानी नहीं पीने देती थीं जब तक लेखिका राखी न बाँध दे। उनका यह व्यवहार धर्मों के बीच भेद-भाव मिटाने का संदेश देता था।

Exam Tip: साम्प्रदायिक सौहार्द जैसे विषय पर उत्तर देते समय, व्यवहारिक उदाहरणों को शामिल करें जो दोनों समुदायों के बीच के प्रेम और सम्मान को दर्शाते हैं।

गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

आद्रा नक्षत्र। आकाश में काले काले बादलों की घुमड़, जिसमें देव दुन्दुभी का गम्भीर घोष। प्राची के निरन कोने से स्वर्णपुरुष झाँकने लगा था – देखने लगा था – महाराज की सवारी शैल माला के अंचल में समतल उर्वरा भूमि में सोंधी-सौंधी बास उठ रही थी। नगर-तोरण में जयघोष हुआ, भीड़ में गजराज का चामरधारी झुण्ड उन्मत्त दिखाई पड़ा। यह हर्ष और उत्साह का समुद्र हिलोरे भरता आगे बढ़ने लगा। प्रभात की हेम किरणों से अनुरंजित नन्ही-नन्ही बूदों का एक झोंका आया और स्वर्ण मल्लिका के समान बरस पड़ा। मंगल सूचना से जनता ने हर्षध्वनि की।

 

Question 1. आद्रा नक्षत्र में क्या हो रहा था ?
Answer: आद्रा नक्षत्र में काले-काले बादलों की घुमड़ के बीच देव दुन्दुभी का गम्भीर घोष हो रहा था।
In simple words: आद्रा नक्षत्र में, काले बादल गरज रहे थे और तेज आवाजें आ रही थीं।

Exam Tip: गद्यांश-आधारित प्रश्नों के उत्तर देते समय, सीधे गद्यांश से जानकारी निकालें और उसे सरल भाषा में प्रस्तुत करें।

 

Question 2. स्वर्ण – पुरुष कहाँ से झाँक रहा था ?
Answer: प्राची के निरभ्र कोने से स्वर्ण पुरुष झाँक रहा था।
In simple words: स्वर्ण पुरुष पूर्वी आकाश के साफ कोने से दिख रहा था।

Exam Tip: स्थान संबंधी प्रश्नों के लिए, गद्यांश में दिए गए विशिष्ट विवरणों का उपयोग करें।

 

Question 3. सोंधी सोंधी बास कहाँ से उठ रही थी ?
Answer: शैलमाला के अंचल की समतल और उर्वरा भूमि से सोंधी सोंधी बास उठ रही थी।
In simple words: पहाड़ों के निचले हिस्से की समतल और उपजाऊ जमीन से सोंधी-सोंधी खुशबू आ रही थी।

Exam Tip: किसी भी गंध या ध्वनि के स्रोत को बताते समय, गद्यांश में दिए गए विशेषणों का प्रयोग करें।

 

Question 4. किसका झुंड उन्नत दिखाई दिया ?
Answer: गजराज का चामरधारी झुण्ड उन्नत दिखाई दिया।
In simple words: हाथियों का झुंड, जिनके पास चामर थे, ऊँचाई पर दिखाई दिया।

Exam Tip: पात्रों या वस्तुओं की पहचान करते समय, गद्यांश में दिए गए उनके विशिष्ट नामों या विवरणों का उपयोग करें।

 

Question 5. जनता ने हर्ष ध्वनि क्यों की ?
Answer: प्रभात की किरणों से अनुरंजित नन्ही-नन्ही बूंदों का एक झोंका आया और स्वर्ण मल्लिका के समान बरस पड़ा। इस मंगल सूचना से जनता ने हर्ष ध्वनि की।
In simple words: सुबह की किरणों से चमकती हुई छोटी-छोटी बूंदों का झोंका आया, जो शुभ संकेत था, इसलिए जनता ने खुशी से आवाजें कीं।

Exam Tip: किसी क्रिया के कारण को बताते समय, उस क्रिया से ठीक पहले हुई घटना या मिली सूचना का उल्लेख करें।

नीचे दिए गये प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनकर लिखिए।

 

Question 1. लेखिका के परिवार में कितने वर्षों से लड़कियाँ नहीं थीं ?
(क) एक सौ वर्ष
(ख) दो सौ वर्ष
(ग) तीन सौ वर्ष
(घ) चार सौ वर्ष
Answer: (ख) दो सौ वर्ष
In simple words: लेखिका के परिवार में दो सौ सालों से कोई लड़की नहीं थी।

Exam Tip: संख्यात्मक प्रश्नों में, सही संख्यात्मक मान को स्पष्ट रूप से पहचानें और चुनें।

 

Question 2. लेखिका के बाबा उन्हें क्या बनाना चाहते थे ?
(क) डॉक्टर
(ख) शिक्षिका
(ग) विदुषी
(घ) नर्स
Answer: (ग) विदुषी
In simple words: लेखिका के दादाजी उन्हें एक ज्ञानी महिला बनाना चाहते थे।

Exam Tip: किसी व्यक्ति की इच्छा या लक्ष्य के बारे में प्रश्न होने पर, दिए गए विकल्पों में से सबसे सटीक विकल्प चुनें।

 

Question 3. लेखिका की माँ मीरा का कौन-सा पद गाती थीं ?
(क) पायोजी मैंने राम रतन धन पायो
(ख) मेरे तो गिरिधर गोपाल दूसरो न कोई
(ग) स्याम म्हाने चाकर राखो जी
(घ) जागिए कृपानिधान पंछी बन बोले
Answer: (घ) जागिए कृपानिधान पंछी बन बोले
In simple words: लेखिका की माँ मीरा का 'जागिए कृपानिधान पंछी बन बोले' पद गाती थीं।

Exam Tip: जब किसी गीत या कविता की पंक्ति के बारे में पूछा जाए, तो दिए गए विकल्पों में से सही पंक्ति का चयन करें।

 

Question 4. लेखिका ने पुरस्कार के रूप में मिला चाँदी का कटोरा किसे दे दिया ?
(क) जवाहरलाल नेहरू को
(ख) सरोजिनी नायडू को
(ग) सुभद्राकुमारी चौहान को
(घ) महात्मा गाँधी को
Answer: (घ) महात्मा गाँधी को
In simple words: लेखिका ने पुरस्कार में मिला चाँदी का कटोरा महात्मा गाँधी को दे दिया था।

Exam Tip: घटना-आधारित प्रश्नों में, घटना से जुड़े मुख्य पात्र या वस्तु को सही ढंग से पहचानें।

 

Question 5. लेखिका के छोटे भाई का नामकरण किसने किया था ?
(क) स्वयं लेखिका ने
(ख) ताई साहिबा ने
(ग) नवाब साहब ने
(घ) लेखिका की माँ ने
Answer: (ख) ताई साहिबा ने
In simple words: लेखिका के छोटे भाई का नाम ताई साहिबा ने रखा था।

Exam Tip: पात्रों के बीच के संबंधों और उनकी भूमिकाओं को ध्यान में रखकर उत्तर दें।

 

Question 6. लेखिका के भाई मदन मोहन वर्मा किन दो यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बने ?
(क) जम्मू व गोरखपुर यूनिवर्सिटी
(ख) जम्मू व गुजरात यूनिवर्सिटी
(ग) जम्मू व दिल्ली यूनिवर्सिटी
(घ) गोरखपुर विश्वविद्यालय
Answer: (क) जम्मू व गोरखपुर यूनिवर्सिटी
In simple words: लेखिका के भाई मदन मोहन वर्मा जम्मू और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बने।

Exam Tip: तथ्यात्मक प्रश्नों में, सटीक जानकारी प्रदान करें और दिए गए विकल्पों में से सही संयोजन चुनें।

अर्थबोध संबंधी प्रश्नोत्तर

अपने परिवार में मैं कई पीढ़ियों के बाद लड़की उत्पन्न हुई। मेरे परिवार में प्राय: दो सौ वर्ष तक कोई लड़की थी ही नहीं। सुना है, उसके पहले लड़कियों को पैदा होते ही परमधाम भेज देते थे। फिर मेरे बाबा ने बहुत दुर्गा-पूजा की। हमारी कुलदेवी दुर्गा थीं। मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है। परिवार में बाबा फ़ारसी और उर्दू जानते थे। पिता ने अंग्रेजी पढ़ी थी। हिंदी का कोई वातावरण नहीं था।

 

Question 1. लेखिका के परिवार में दो सौ वर्ष तक कोई लड़की क्यों नहीं थी ?
Answer: लेखिका के परिवार में दो सौ वर्ष पहले से यदि कोई लड़की पैदा होती थी तो उसे मार दिया जाता था। इसी कारण लेखिका के परिवार में दो सौ वर्ष तक कोई लड़की नहीं थी।
In simple words: लेखिका के परिवार में 200 सालों से लड़कियाँ नहीं थीं क्योंकि उन्हें जन्म के बाद ही मार दिया जाता था।

Exam Tip: पैसेज से सीधे पूछे गए प्रश्नों में, पैसेज में दी गई जानकारी को सीधे और स्पष्ट रूप से उद्धृत करें।

 

Question 2. लेखिका ने ऐसा क्यों कहा कि मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई ?
Answer: लेखिका के परिवार में दो सौ वर्ष तक कोई कन्या नहीं थी। कन्या के जन्म लेते ही उसे मार दिया जाता था। लेखिका के बाबा ने अपनी कुलदेवी दुर्गा की खूब पूजा-अर्चना की तब कहीं जाकर इनका जन्म हुआ। लेखिका के जन्म होने पर उनकी बहुत खातिर हुई। परिवार की अन्य लड़कियों के जैसा व्यवहार उनके साथ नहीं किया गया।
In simple words: लेखिका कहती हैं कि उनकी बहुत खातिर हुई क्योंकि 200 साल बाद उनके परिवार में लड़की का जन्म हुआ था। उनकी दादी ने दुर्गा की पूजा की थी, और उन्हें दूसरी लड़कियों जैसा व्यवहार नहीं सहना पड़ा।

Exam Tip: जब किसी कथन का कारण पूछा जाए, तो उस कथन से जुड़े ऐतिहासिक या व्यक्तिगत संदर्भ को स्पष्ट करें।

 

Question 3. 'हिन्दी का कोई वातावरण न था' का क्या अर्थ है ?
Answer: लेखिका के परिवार में उस समय कोई हिन्दी नहीं बोलता था। उनके बाबा फारसी और उर्दू जानते थे। पिता ने अंग्रेजी पढ़ी थी अतः हिन्दी कोई नहीं बोलता था।
In simple words: 'हिंदी का कोई वातावरण न था' का अर्थ है कि लेखिका के घर में कोई भी हिंदी नहीं बोलता था। उनके दादा फारसी-उर्दू और पिता अंग्रेजी बोलते थे।

Exam Tip: किसी मुहावरे या कथन के अर्थ को स्पष्ट करते समय, उसके शाब्दिक अर्थ और संदर्भ दोनों को समझाएं।

 

Question 4. 'दुर्गा-पूजा' तथा 'कुलदेवी' का सामासिक विग्रह कीजिए।
Answer:
'दुर्गा-पूजा' = दुर्गा की पूजा
'कुलदेवी' = कुल की देवी
In simple words: 'दुर्गा-पूजा' का मतलब है दुर्गा की पूजा, और 'कुलदेवी' का मतलब है परिवार की देवी।

Exam Tip: सामासिक विग्रह करते समय, प्रत्येक पद का अर्थ स्पष्ट करें और समास का सही प्रकार (जैसे तत्पुरुष) इंगित करें।

मेरे संबंध में उनका विचार बहुत ऊँचा रहा। इसलिए 'पंचतंत्र' भी पढ़ा मैंने, संस्कृत भी पढ़ी। ये अवश्य चाहते थे कि मैं उर्दू-फ़ारसी सीख लूँ, लेकिन वह मेरे वश की नहीं थी। मैंने जब एक दिन मौलवी साहब को देखा तो बस, दूसरे दिन में चारपाई के नीचे जा छिपी। तब पंडित जी आए संस्कृत पढ़ाने। माँ थोड़ी संस्कृत जानतीं थीं। गीता में उन्हें विशेष रूचि थी। पूजा पाठ के समय मैं भी बैठ जाती थी और संस्कृत सुनती थी।

 

Question 1. लेखिका चारपाई के नीचे क्यों छिप गई ?
Answer: लेखिका को उर्दू-फारसी पढ़ना अच्छा नहीं लगता था। एक दिन जब उन्होंने देखा कि उर्दू-फारसी पढ़ाने मौलवी साहब आयें हैं तो वे चारपाई के नीचे जाकर छिप गईं।
In simple words: लेखिका को उर्दू-फारसी पसंद नहीं थी, इसलिए जब मौलवी पढ़ाने आए, तो वह चारपाई के नीचे छिप गईं।

Exam Tip: पैसेज से सीधे पूछे गए प्रश्नों में, उत्तर को पैसेज में दी गई जानकारी तक सीमित रखें।

 

Question 2. लेखिका को संस्कृत सीखना क्यों आसान लगा?
Answer: लेखिका की माँ थोड़ी संस्कृत जानती थीं, उन्हें गीता में भी विशेष रूचि थी। पूजा-पाठ के समय वे संस्कृत भाषा में कार्य करती थीं। लेखिका ये सब सुनती थी अतः वे संस्कृत भाषा से परिचित थीं। उनके बाबा ने संस्कृत पढ़ाने के लिए एक पंडित को भी रखवा दिया था। इसलिए लेखिका को संस्कृत सीखना आसान लगा।
In simple words: लेखिका को संस्कृत सीखना आसान लगा क्योंकि उनकी माँ संस्कृत जानती थीं और वे पूजा-पाठ के समय संस्कृत बोलती थीं, जिसे सुनकर लेखिका इस भाषा से परिचित हो गई थीं। उनके दादा ने भी संस्कृत पढ़ाने के लिए एक पंडित रखा था।

Exam Tip: किसी सीखने की प्रक्रिया को समझाते समय, परिवेश, व्यक्तिगत रुचि और उपलब्ध संसाधनों का उल्लेख करें।

 

Question 3. 'चारपाई' और 'पूजा-पाठ' समास का प्रकार बताइए।
Answer:
चारपाई – चार पायों का समाहार – द्विगु समास
पूजा-पाठ – पूजा के लिए पाठ – तत्पुरुष समास अथवा पूजा और पाठ – द्वंद्व समास
In simple words: 'चारपाई' द्विगु समास है क्योंकि यह संख्या बताती है, और 'पूजा-पाठ' तत्पुरुष समास है क्योंकि इसमें कारक छिपा है, या द्वंद्व समास है क्योंकि दोनों पद महत्वपूर्ण हैं।

Exam Tip: समास के प्रकार को पहचानने के लिए, शब्दों के अर्थ और उनके पदों के बीच के संबंध को समझें।

उन्होंने मिशन स्कूल में रख दिया मुझको। मिशन स्कूल में वातावरण दूसरा था, प्रार्थना दूसरी थी। मेरा मन नहीं लगा। वहाँ जाना बंद कर दिया। जाने में रोने-धोने लगी। तब उन्होंने मुझको क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में

 

Question 1. लेखिका मिशन स्कूल क्यों नहीं जाना चाहती थीं ?
Answer: लेखिका ने अपनी माँ और एक पंडित से संस्कृत सीखी थी। वह अपनी माँ की पूजा-पाठ से भी वाकिफ थी। मिशन स्कूल का माहौल भिन्न था। वहाँ की प्रार्थना भी अलग थी। इस कारण, उनका मन वहाँ नहीं लगा और वे मिशन स्कूल नहीं जाना चाहती थीं।
In simple words: The author had learned Sanskrit from her mother and a pundit. She was also familiar with her mother's worship rituals. The mission school's environment was different, and its prayers were also distinct. Because of this, she did not like it there and did not want to attend the mission school.

Exam Tip: Focus on the cultural and religious differences in the environment of the mission school compared to her home.

 

Question 2. लेखिका को पाँचवें दर्जे में कहाँ दाखिला दिलवाया गया ? वहाँ का वातावरण कैसा था ?
Answer: लेखिका को पांचवीं कक्षा में क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में प्रवेश मिला। उस जगह का माहौल बहुत बढ़िया था। हिन्दू और ईसाई लड़कियां साथ में पढ़ती थीं।
In simple words: The author was admitted to Krastvet Girls College in the fifth grade. The atmosphere there was very good, with Hindu and Christian girls studying together.

Exam Tip: Mention the name of the college and describe the inclusive nature of its environment where girls from different faiths studied together.

 

Question 3. 'बातावरण' शब्द का संधि-विच्छेद कीजिए।
Answer: 'वातावरण' शब्द का संधि-विग्रह 'वात + आवरण' है।
In simple words: The word 'वातावरण' (environment) is formed by combining 'वात' (air) and 'आवरण' (covering).

Exam Tip: Remember that 'वात' refers to air or wind, and 'आवरण' means a cover or surrounding, correctly breaking down the compound word.

 

Question 1. लेखिका को ब्रजभाषा में काव्य-लेखन की प्रेरणा कैसे मिली ?
Answer: लेखिका की माँ बचपन से कविताएँ लिखती और पद गाती थीं। वे ख़ासकर मीरा के पद गाया करती थीं। सुबह-शाम अपनी माँ के गाए हुए पदों को सुनकर, लेखिका ने भी ब्रजभाषा में कविता लिखना शुरू किया। इस प्रकार, उन्हें अपनी माँ से ब्रजभाषा में काव्य लिखने की प्रेरणा मिली।
In simple words: The author's mother used to write poems and sing devotional songs, especially Mira's poems. Listening to her mother sing these songs daily, the author started writing poetry in Brajbhasha herself, gaining inspiration from her mother.

Exam Tip: Highlight the mother's influence and her singing of मीरा's पदों as the primary source of inspiration for the author's Brajbhasha poetry.

 

Question 2. न की प्रेरणा कहाँ से मिली ?
Answer: छात्रावास में रहने के बाद, लेखिका ने देखा कि सुभद्राकुमारी जी खड़ी बोली में कविताएँ लिखती थीं। लेखिका भी उन्हें देखकर खड़ी बोली में कविता लिखने लगीं। इस तरह, सुभद्राकुमारी जी से उन्हें खड़ी बोली में कविता लिखने की प्रेरणा मिली।
In simple words: After moving into the hostel, the author observed that Subhadra Kumari Chauhan wrote poetry in Khari Boli. Inspired by her, the author also began to write in Khari Boli.

Exam Tip: Emphasize Subhadra Kumari Chauhan's influence and her writing in खड़ी बोली as the inspiration for the author.

 

Question 3. 'प्रभाती' अर्थात् क्या ?
Answer: 'प्रभाती' शब्द 'प्रभात' से आया है, जिसका मतलब सुबह में गाया जाने वाला एक गीत होता है। उस वक्त एक पत्रिका 'स्वी दर्पण' प्रकाशित होती थी, जिसमें लोग अपनी कविताएँ भेजते थे और उनकी तुकबंदी छप जाती थी। बाद में कवि सम्मेलन भी होने लगे, जिनमें लोग भाग लेने लगे। उस समय हिंदी का बहुत प्रचार हो रहा था, और लेखिका 1917 में यहीं आई थीं।
In simple words: 'Prabhati' means a song sung in the morning. During that time, a magazine called 'Svi Darpan' published rhymes, and poetry conferences were common, promoting Hindi, which the author joined in 1917.

Exam Tip: Define प्रभाती as a morning song and mention the historical context of poetry magazines and Hindi promotion during that era.

 

Question 1. उस समय हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए क्या किया जाता था ?
Answer: उस समय हिंदी के प्रचार के लिए हिंदी पत्रिकाएँ प्रकाशित की जाती थीं। अलग-अलग स्थानों पर कवि-सम्मेलन आयोजित किए जाते थे। श्रेष्ठ और जाने-माने कवि इन सम्मेलनों की अध्यक्षता करते थे और अच्छे कवियों को पुरस्कार देते थे।
In simple words: To promote Hindi, magazines were published, and poetry gatherings were organized in many places. Renowned poets chaired these events, and talented poets received awards for their contributions.

Exam Tip: Note the dual role of publishing magazines and organizing poetry gatherings as key methods for promoting Hindi language and literature.

 

Question 2. सन् 1917 के आस-पास देश की परिस्थितियाँ कैसी थीं ?
Answer: 1917 के आसपास, देश में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज़ थीं। आनंद भवन स्वतंत्रता संघर्ष का केंद्र बन चुका था। गांधीजी का सत्याग्रह आंदोलन शुरू हो गया था। देश के लोग अपने-अपने तरीकों से स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देते थे। छात्र अपने बचाए हुए जेबखर्च का पैसा दान कर देते थे।
In simple words: Around 1917, India experienced intense political activity, with Anand Bhavan as a hub for the independence struggle. Gandhiji's Satyagraha movement began, and citizens, including students, contributed their savings to the freedom movement.

Exam Tip: Highlight the intensification of political activities, the role of Anand Bhavan, and the beginning of Gandhiji's Satyagraha, along with public participation.

 

Question 3. 'सत्याग्रह' सामासिक शब्द का विग्रह करके प्रकार बताइए।
Answer: 'सत्याग्रह' शब्द का समास विग्रह 'सत्य के लिए आग्रह' होता है। यह तत्पुरुष समास का एक उदाहरण है।
In simple words: The compound word 'Satyagraha' means 'insistence on truth' and is an example of a Tatpurush Samas.

Exam Tip: Clearly state both the breakdown of the compound word and its specific type of compound (समास).

उसी बीच आनंद भवन में बापू आए। हम लोग तब अपने जेब-खर्च में से हमेशा एक-एक, दो-दो आने देश के लिए बचाते थे और जब बापू आते थे तो वह पैसा उन्हें दे देते थे। उस दिन जब बापू के पास मैं गई तो अपना कटोरा भी लेती गई। मैंने निकालकर बापू को दिखाया। मैंने कहा, 'कविता सुनाने पर मुझको यह कटोरा मिला है।' कहने लगे, 'अच्छा, दिखा तो मुझको।' मैंने कटोरा उनकी ओर बढ़ा दिया तो उसे हाथ में लेकर बोले, 'तू देती है इसे ?' अब मैं क्या कहती ? मैने दे दिया और लौट आई। दुःख यह हुआ कि कटोरा लेकर कहते, कविता क्या है ? पर कविता सुनाने को उन्होंने नहीं कहा।

 

Question 1. स्वतंत्रता आंदोलन में छात्र-छात्राएँ अपना योगदान कैसे देते थे ?
Answer: छात्रावास में लेखिका और दूसरी छात्राएं, देश के लिए हमेशा अपने जेब खर्च में से एक-दो आने बचाती थीं। जब बापू आनंद भवन आते थे, तो सभी ये बचाए हुए पैसे उन्हें दे देते थे। इस तरह वे अपना योगदान देते थे।
In simple words: The author and other hostel students saved a small amount from their pocket money. They donated these savings to Gandhiji when he visited Anand Bhavan, thereby contributing to the freedom movement.

Exam Tip: Emphasize the act of saving small amounts from pocket money and donating to Gandhiji as a form of patriotic contribution.

 

Question 2. लेखिका ने अपना योगदान कैसे दिया ?
Answer: लेखिका को एक कविता के लिए चांदी का सुंदर, नक्काशीदार कटोरा मिला था। जब बापू आनंद भवन आए, तो वह उन्हें दिखाने के लिए कटोरा अपने साथ ले गईं। बापू ने जब कटोरा देखा तो उसे मांग लिया। लेखिका ने खुशी से वह कटोरा उन्हें दे दिया। इस तरह, उन्होंने अपना योगदान दिया।
In simple words: The author donated her silver bowl, won for poetry, to Gandhiji when he asked for it during his visit to Anand Bhavan, thus making her contribution.

Exam Tip: Detail the incident with the silver bowl awarded for poetry and its donation to Gandhiji as the author's personal contribution.

 

Question 3. कटोरा देने के बाद लेखिका को दुःख क्यों हुआ ?
Answer: कटोरा स्वीकार करने के बाद, बापूजी ने लेखिका को कविता सुनाने के लिए नहीं कहा, इसी बात से उन्हें दुख महसूस हुआ।
In simple words: The author felt sad because, after accepting the bowl, Gandhiji did not ask her to recite the poem she had won it for.

Exam Tip: State the precise reason for her sadness, which was the missed opportunity to recite poetry to Gandhiji.

 

Question 4. जेव-खर्च का सामासिक विग्रह कीजिए।
Answer: 'जेब-खर्च' शब्द का समास विग्रह 'जेब के लिए खर्च' होता है। यह तत्पुरुष समास का एक उदाहरण है।
In simple words: The compound word 'Jeb-kharch' means 'expense for the pocket' and is an example of a Tatpurush Samas.

Exam Tip: Provide the breakdown of the compound word and its grammatical type (तत्पुरुष समास).

सुभद्रा जी छात्रावास छोड़कर चली गई। तब उनकी जगह एक मराठी लड़की ज़ेबुन्निसा हमारे कमरे में आकर रही। वह कोल्हापुर से आई थी। जेबुन मेरा बहुत-सा काम कर देती थी। वह मेरी डेस्क साफ़ कर देती थी, किताबें ठीक से रख देती थी और इस तरह मुझे कविता के लिए कुछ और अवकाश मिल जाता था। जेबुन मराठी शब्दों से मिली-जुली हिंदी बोलती थी।

 

Question 1. ज़ेबुन्निसा कौन थी ? वह किसकी जगह आई थी ?
Answer: ज़ेबुन्निसा कोल्हापुर से आई एक मराठी लड़की थी। जब सुभद्राजी छात्रावास छोड़कर चली गईं, तो वह उनकी जगह पर रहने आई थी।
In simple words: Zebunnisa was a Marathi girl from Kolhapur who came to live in the hostel after Subhadraji left.

Exam Tip: Mention her background (Marathi, from Kolhapur) and the person she replaced (Subhadraji).

 

Question 2. लेखिका को कविता लेख्खन के लिए कुछ और अवकाश कैसे मिल जाता था ?
Answer: सुभद्राकुमारी की जगह ज़ेबुन्निसा आ चुकी थी। वह लेखिका के सभी काम खुद ही कर देती थी। वह लेखिका की डेस्क साफ करती थी और किताबें भी सही तरीके से रख देती थी। इस प्रकार, लेखिका को कविता लिखने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता था।
In simple words: Zebunnisa took over Subhadra Kumari's place and handled all the author's chores, like cleaning her desk and arranging books. This gave the author more free time for writing poetry.

Exam Tip: Explain that Zebunnisa's help with chores freed up time for the author to write poetry.

 

Question 3. छात्रावास का संधि-विग्रह कीजिए।
Answer: 'छात्रावास' शब्द का संधि-विग्रह 'छात्र + आवास' या 'छात्रा + आवास' है।
In simple words: The word 'Chhatravas' can be broken down into 'Chhatra' (student) + 'Awas' (residence), meaning a student's dwelling.

Exam Tip: Provide both possible components for the compound word (छात्र/छात्रा + आवास) for completeness.

उस समय यह देखा मैंने कि सांप्रदायिकता नहीं थी। जो अवध की लड़कियाँ थीं, वे आपस में अवधी बोलती थीं; बुंदेलखंड से आती थीं, वे बुंदेली में बोलती थीं। कोई अंतर नहीं आता था और हम पढ़ते हिंदी थे। उर्दू भी हमको पढ़ाई जाती थी, परंतु आपस में हम अपनी भाषा में ही बोलती थीं। यह बहुत बड़ी बात थी। हम एक मेस में खाते थे, एक प्रार्थना में खड़े होते थे; कोई विवाद नहीं होता था।

 

Question 1. सप्रमाण बताइए कि उस समय साम्प्रदायिकता नहीं थी ?
Answer: लेखिका अपने छात्रावास के समय को याद करते हुए बताती हैं कि उन दिनों कोई धार्मिक भेदभाव नहीं था। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आईं लड़कियां अपनी-अपनी भाषाएं बोलती थीं, पर कोई भेद नहीं होता था। हिंदी के साथ उर्दू भी पढ़ाई जाती थी। इन बातों से यह सिद्ध होता है कि उस समय सांप्रदायिकता नहीं थी।
In simple words: The author recounts that during her hostel days, there was no communal discrimination. Girls from diverse regions spoke their languages, but no distinctions were made. Both Hindi and Urdu were taught, demonstrating a lack of communalism.

Exam Tip: Cite examples like girls from different regions, speaking various languages, and studying both Hindi and Urdu without discrimination to support the claim of no communalism.

 

Question 2. लेखिका का छात्रावास बिनसाम्प्रदायिकता का बेमिशाल उदाहरण था। कैसे ?
Answer: लेखिका जिस छात्रावास में पढ़ती थीं, वहाँ कई धर्मों और जातियों की लड़कियां रहती थीं। वे हिंदी के साथ उर्दू भी सीखती थीं। सभी एक ही मेस में खाना खाती थीं और एक ही प्रार्थना में खड़ी होती थीं। कोई झगड़ा नहीं होता था। यह धार्मिक सद्भाव का एक बेहतरीन उदाहरण था।
In simple words: The author's hostel was an excellent example of non-communalism because girls from various religions and castes lived together, studied Hindi and Urdu, ate in the same mess, prayed together, and had no conflicts.

Exam Tip: Describe the shared living arrangements, common meals, prayers, and the absence of disputes as concrete evidence of communal harmony in the hostel.

 

Question 3. साम्प्रदायिकता शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
Answer: 'साम्प्रदायिकता' शब्द में मूल शब्द 'सम्प्रदाय' है। इसमें 'इक' प्रत्यय और 'ता' प्रत्यय लगे हुए हैं।
In simple words: The root word in 'Sampradayikta' is 'Sampraday'. The suffixes attached are 'ik' and 'ta'.

Exam Tip: Clearly break down the word into its core meaning unit (मूल शब्द) and any attached suffixes (प्रत्यय).

बचपन का एक और भी संस्कार था कि हम जहाँ रहते थे वहाँ जवारा के नवाब रहते थे। उनकी नवाबी छिन गई थी। थे। बेचारे एक बंगले में रहते थे। उसी कंपाउंड में हम लोग रहते थे। बेगम साहिबा कहती थीं – 'हमको ताई कहो ! हम लोग उनको 'ताई साहिबा' कहते थे। उनके बच्चे हमारी माँ को चची जान कहते थे। हमारे जन्मदिन यहाँ मनाए जाते थे। उनके जन्मदिन हमारे यहाँ मनाए जाते थे। उनका एक लड़का था। उसको राखी बाँधने के लिए वे कहती थीं। बहनों को राखी बाँधनी चाहिए। राखी के दिन सवेरे से उसको पानी भी नहीं देती थीं। कहती थीं, राखी के दिन बहनें रानी बाँध जाएँ तब तक भाई को निराहार रहना चाहिए। बार-बार कहलाती थी – 'भाई भूखा बैठा है, राखी पैंधवाने के लिए।' फिर हम लोग जाते थे।

 

Question 1. 'बचपन का एक और संस्कार था।' के माध्यम से लेखिका क्या कहना चाहती हैं ?
Answer: इस कथन से लेखिका यह कहना चाहती हैं कि छात्रावास के दिनों में, विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग बिना किसी भेदभाव के रहते थे। लेखिका बचपन में जिस परिसर में रहती थीं, वहां एक नवाब और उनकी पत्नी भी रहते थे। दोनों परिवारों के बीच गहरी मित्रता थी। वे एक-दूसरे के त्योहार मनाते थे। इसलिए, धार्मिक सद्भाव में रहना लेखिका के बचपन का एक महत्वपूर्ण संस्कार था।
In simple words: The author implies that her childhood, even in the hostel, was marked by communal harmony, where different faiths lived without discrimination. She cites her close relationship with the Nawab's family, who celebrated each other's festivals, as a key influence.

Exam Tip: Connect the statement to the theme of communal harmony and the influence of the Nawab's family on the author's upbringing, emphasizing the peaceful coexistence.

 

Question 2. 'राखी' के त्यौहार के विषय में बेगम साहिबा के क्या विचार थे ?
Answer: राखी के त्योहार पर बेगम साहिबा लेखिका को राखी बांधने के लिए कहती थीं और अपने बेटे को सुबह से पानी भी नहीं पीने देती थीं। उनका मानना था कि राखी के दिन, जब तक बहनें राखी न बांध दें, तब तक भाई को बिना भोजन किए रहना चाहिए।
In simple words: Begum Sahiba believed that on Rakhi, brothers should fast and not drink water until their sisters tied the rakhi. She would ask the author to tie a rakhi on her son.

Exam Tip: Describe Begum Sahiba's belief about the Rakhi ritual, specifically the brother's fasting until the sister ties the rakhi.

 

Question. ताई साहिबा कौन थीं ? लेखिका ने उनका जिक्र पाठ में क्यों किया है ?
Answer: ताई साहिबा जवारा के नवाब की पत्नी थीं। लेखिका ने उनका उल्लेख पाठ में इसलिए किया है क्योंकि उन्होंने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के एक साथ मिलजुलकर रहने और पारिवारिक रिश्ते बनाए रखने का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। वे हिंदुओं के त्योहार मनाती थीं और अपने त्योहारों में भी लेखिका के परिवार को शामिल करती थीं, जिससे कोई सांप्रदायिक भेद नहीं रहता था।
In simple words: Tai Sahiba was the wife of the Nawab of Jawara. The author mentioned her to show an excellent example of maintaining family relations and harmonious behavior across different religions without discrimination.

Exam Tip: Identify Taisahiba's role and explain how her character exemplified religious harmony and close family ties, serving as an inspiration for the author.

 

Question 4. 'संस्कारी' तथा 'सवेरे' शब्द का विलोम शब्द लिखिए।
Answer: दिए गए शब्दों के विलोम शब्द ये हैं: संस्कारी का असंस्कारी और सवेरे का सांझ।
In simple words: The antonym for 'Sanskaari' is 'Asanskaari', and for 'Savere' is 'Saanjh'.

Exam Tip: Provide the exact opposite meaning for each given word clearly.

मेरे बचपन के दिन Summary in Hindi

लेखक – परिचय

महादेवी वर्मा का नाम भारत की प्रतिभासंपन्न लेखिका - कवयित्री के रूप में अंकित है। महादेवी वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में हुआ था। उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. की उपाधि प्राप्त की। वे कई वर्षों तक प्रयाग महिला विद्यापीठ की आचार्या रही। ये उत्तर प्रदेश विधान परिषद की मनोनीत सदस्या भी रहीं। उनकी इस प्रतिभा को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण की उपाधि से अलंकृत किया।

कवयित्री के रूप में उनके काव्य में वेदना और करुणा के स्वर प्रधान हैं तो गद्य लेखिका के रूप में उन्होंने अपने समय के पीड़ित व्यथित लोगों एवं जीवों की वेदना को वाणी दी। महादेवी वर्मा जीव प्रेमी थीं। जीवों के प्रति उनकी संवेदना और करुणा यथार्थ के धरातल पर अवस्थित हैं, जो उनके संस्मरणों एवं रेखाचित्रों में दिखाई देती है। 'नीहार', 'सांध्यगीत', 'रश्मि', 'दीपशिखा' तथा 'यामा' इनके प्रसिद्ध काव्य ग्रंथ तथा 'स्मृति की रेखाएँ', 'श्रृंखला की कड़ियाँ' और 'अतीत के चलचित्र' आदि उनकी प्रमुख गद्य रचनाएँ हैं। 'यामा पर उन्हें 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्राप्त हुआ था।

प्रस्तुत पाठ 'मेरे बचपन के दिन' महादेवी वर्मा द्वारा लिखित एक संस्मरण है। इस संस्मरण में उन्होंने अपने जन्म की कथा से लेकर शिक्षा, दिक्षा, संस्कार, विद्यालय की सहपाठिनों, काव्य लेखन की शुरुआत से लेकर एक सधी हुई कवयित्री बनने तक की चुनी हुई घटनाओं का सजीव वर्णन किया है। छात्रावास के दिनों में स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसंग का उल्लेख भी किया गया है।

पाठ का सार :

जन्म और आदर-सत्कार :

महादेवी वर्मा अपने बचपन के दिनों को स्मरण करते हुए बताती हैं कि उनका जन्म कई पीढ़ियों बाद हुआ। दो सौ वर्ष से उनके परिवार में लड़की नहीं थी। यदि कन्या जन्म भी लेती थी तो उसे मार दिया जाता था। महादेवी वर्मा के बाबा ने दुर्गा की उपासना की तब जाकर उनका जन्म हुआ और परिवार में उनको मान-सम्मान दिया गया। जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ा यह महादेवी को नहीं सहना पड़ा।

शिक्षित वातावरण में शिक्षा :

उनके परिवार में बाबा फारसी और उर्दू जानते थे। उनके पिता ने अंग्रेजी पढ़ी थी। उनकी माता जी हिन्दी जानती थीं। उन्होंने ही पहले-पहले महादेवी को 'पंचतंत्र' पढ़ना सिखाया। महादेवी के बारे में उनके बाबा का पहले से ही विचार बहुत ऊँचा था। वे महादेवी को विदुषी बनाना चाहते थे। महादेवी ने संस्कृत पढ़ी। उनके बाबा चाहते थे कि वे उर्दू-फारसी सीख लूँ।

किन्तु यह उनके वश की बात नहीं थी। संस्कृत पढ़ाने के लिए पंडित की भी व्यवस्था की गई। उनकी माता को संस्कृत आती थी। उनकी माता जब पूजा-पाठ करती और संस्कृत में पाठ करतीं तो महादेवी उसे सुनती थी। इस प्रकार उन्हें शिक्षित वातावरण मिला। लेखिका का दाखिला मिशन स्कूल में करवाया गया। वहाँ उनका मन नहीं रमा। इसके बाद उन्हें क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में पाँचवी कक्षा में दाखिला करवाया गया। यहाँ का वातावरण साम्प्रदायिकता से दूर सौहार्दपूर्ण था। सभी धर्म की लड़कियाँ एक-साथ रहती और एक मेस में खाना खाती थीं।

प्रथम सखी सुभद्राकुमारी :

महादेवी छात्रावास में जब रहती थीं तब एक कमरे में चार छात्राएँ थी जिनमें पहली साथिन थीं सुभद्राकुमारी। सुभद्राजी तय। महादेवी से दो दर्जे आगे थीं। वे कविता लिखती थीं। लेखिका भी थोड़े बहुत तुकबंदी में कविताएँ लिखती थीं। अपनी माँ द्वारा मीरा के पद गाये जाने के कारण वे ब्रजभाषा से अवगत थी। अतः उन्होंने ब्रजभाषा में भी लिखना शुरू किया। सुभद्राजी तब साड़ी बोली में कविता लिखती थी। महादेवी भी वैसा ही लिखने लगी। वे सुभद्राजी से छिप-छिपकर लिखती थीं। एक दिन सुभद्राजी ने उनकी कविताएँ पकड़ ली और पूरे हॉस्टल में सबको बता दिया कि यह भी कविता लिखती हैं। इस तरह दोनों में घनिष्ठ मित्रता हो गई।

कवि सम्मेलन में असंख्य पदक :

'स्त्री दर्पण' पत्रिका में महादेवी की कविता छपती थीं। जब कवि सम्मेलन होने लगा तो ये और सुभद्राजी भी कवि-सम्मेलनों। में काव्य पाठ करने लगीं। इन कवि सम्मेलनों में कभी हरिऔध अध्यक्ष होते थे तो कभी श्रीधर पातक, कभी 'रत्नाकर' होते थे तो। कभी कोई और होता था। अपने बारी का महादेवी बैचेनी से इंतजार करती थीं। प्रायः उनको प्रथम पुरस्कार मिलता था। करीबन सौ से अधिक पदक उन्हें मिले थे।

एक बार लेखिका को कवि सम्मेलन में नक्काशीदार, सुन्दर कटोरा मिला। यह बात जब उन्होंने सुभगाजी को बताया तो उन्होंने उसी कटोरे में खीर खाने की इच्छा प्रकट की। इसी बीच बापू आनंद भवन में आये। बच्चे अपने बचाये पैसे उन्हें दिया करते थे। महादेवी ने चाँदी का कटोरा बापूजी को दिखाया। बापूजी ने उस कटोरे को मांग लिया।

महादेवी ने भी उस कटोरे को दे दिया। किन्तु बापू ने कविता के बारे में कुछ न पूछा तो महादेवी को थोड़ा दुःख भी हुआ। महादेवी को इस बात की खुशी थी कि उन्होंने पुरस्कार में प्राप्त कटोरा बापू को दे दिया। सुभद्राजी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने उसी कटोरे में ही खीर खाने की जिद की।

नई सनी जेबुन :

सुभद्राकुमारी के जाने के बाद लेखिका के कमरे में एक नई लड़की जेबुन आई। यह कोल्हापुर से आई थी। जेबुन उनका बहुत सा काम कर देती थी। इसलिए महादेवी को कविता लिखने का अवकाश मिल जाता था। जेबुन मराठी शब्दों से मिली-जुली हिन्दी बोलती थी। महादेवी भी उनसे कुछ-कुछ मराठी सीखने लगी। जेबुन मराठी महिलाओं की तरह किनारीदार साड़ी और वैसा ही ब्लाउज पहनती थीं।

असाम्प्रदायिक वातावरण :

महादेवी जहाँ पढ़ती थीं यहाँ कई राज्यों की लड़कियाँ पढ़ती थीं। उनमें सांप्रदायिकता नहीं थी। जो अवध की लड़कियाँ थीं, वे आपस में अवधी बोलती थीं; बुंदेलखंड से आनेवाली लड़कियाँ बुंदेली में बोलती थीं। सभी हिन्दी पढ़ा करती थीं। उर्दू भाषा भी पढ़ाई जाती थी, परन्तु आपस में वे अपनी भाषा में ही बोलती थीं, जो बहुत बड़ी बात थी। सभी लड़कियाँ एक मेस में खाती थीं, एक प्रार्थना में खड़े होते थे; कोई विवाद नहीं होता था।

बचपन के संस्कार और नवाब से घनिष्टता :

लेखिका जब विद्यापीठ आई तो बचपन के वही संस्कार अपने साथ लाई। और वही क्रम चलता रहा। उनके कम्पाउण्ड में एक नवाब रहते थे। उनकी नवाबी छिन गई थी। किन्तु दोनों परिवार में बहुत घनिष्टता थी। उनके बच्चों के जन्मदिन लेखिका के यहाँ और लेखिका का जन्मदिन उनके यहाँ मनाया जाता था। त्यौहार भी मिल-जुल कर मनाया जाता था। राखी के समय लेखिका नवाब के बेटे को राखी बाँधती थीं। बेगम साहिबा भी जब तक रानी न बँध जाये, लड़के को पानी नहीं पीने देती थी। जब लेखिका के घर उनका भाई पैदा हुआ तो उन्हीं बेगम साहिबा ने बच्चे का नाम मनमोहन रखा। यो महादेवी बिन साम्प्रदायिकता की बेमिशाल उदाहरण थी।

सौहार्दपूर्ण वातावरण : एक सपना :

मनमोहन वर्मा आगे चलकर प्रोफेसर तथा जम्मू यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे। बेगम साहिबा द्वारा दिया और उर्दू दोनों भाषाएँ चलती थीं। और अपने घर में वे अवधी बोलते थे। उस समय का वातावरण सौहार्द्र से परिपूर्ण था। आज की स्थिति देखकर उन्हें ऐसा लगता है कि यह सब सपना था जो आज खो गया है।

शब्दार्थ और टिप्पण :

  • स्मृति – याद
  • विचित्र – अनोखा
  • परमधाम – मृत्युलोक
  • खातिर – सम्मान
  • आकर्षण – खिंचाव
  • कुलदेवी – परिवार की देवी
  • पंचतंत्र – नीतिपरक कहानियों की पुस्तक
  • विदुषी – ज्ञानी, बुद्धिमति
  • मेस – भोजनालय
  • साथिन – सनी, सहेली
  • दर्जा – कक्षा
  • छात्रावास – छात्रों के रहने का स्थान
  • कृपानिधान – ईश्वर
  • प्रतिष्ठित – सम्मानित
  • तलाशी – खोजबीन
  • बन – वन, जंगल
  • पंछी – पक्षी
  • प्रभाती – भोर में गाया जानेवाला गीत
  • होस्टल – छात्रावास
  • डाल – टहनी
  • तुकबंदी – प्रास मिलाना
  • प्रसार – फैलाव
  • सत्याग्रह – गाँधीजी द्वारा चलाया गया एक आन्दोलन, सत्य के लिए आग्रह
  • बेचैनी - उत्सुकता, आतुर, उत्तेजित
  • नक्काशीदार – बेलबूटे से बनी सजावट
  • फूल – काँसा, एक धातु
  • अवकाश – समय
  • साम्प्रदायिकता – जातिगत भेदभाव
  • निराहार – बिना आहार के
  • लहरिया – धारीदार, वाइस
  • चांसलर – उप-कुलपति।

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