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Detailed Chapter 24 कबीर के दोहे GSEB Solutions for Class 9 Hindi
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Class 9 Hindi Chapter 24 कबीर के दोहे GSEB Solutions PDF
1. एक वाक्य में उत्तर दीजिए :
Question 1. मृग कस्तूरी को कहाँ ढूँढ़ता है?
Answer: मृग कस्तूरी को जंगल में यहाँ-वहाँ ढूँढ़ता फिरता है।
In simple words: हिरण जंगल में अपनी कस्तूरी को खोजता है।
Exam Tip: प्रश्नों के उत्तर देते समय यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हिरण बाहरी स्रोतों में कस्तूरी की खोज करता है, जबकि वह उसकी नाभि में ही मौजूद होती है।
Question 2. हमारा जन्म कृतार्थ करने के लिए किसकी सेवा करनी चाहिए?
Answer: अपना जीवन सफल बनाने के लिए हमें साधुओं की सेवा करनी चाहिए।
In simple words: अपने जीवन को सफल बनाने के लिए, हमें संतों की सेवा करनी चाहिए।
Exam Tip: इस उत्तर में मुख्य शब्द 'संतों की सेवा' और 'जन्म कृतार्थ' हैं, जिन्हें स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए।
Question 3. भवसागर तरने के लिए कौन-कौन से पाँच तत्त्व हैं?
Answer: संसार सागर को पार करने के लिए ये पाँच मुख्य बातें हैं – साधुजनों का साथ (सत्संग), भगवान का स्मरण, करुणा का भाव, विनम्रता और दूसरों का भला करना।
In simple words: संसार की मुश्किलों से पार पाने के लिए सत्संग, भगवान का नाम जपना, दया, नम्रता और परोपकार ये पाँच चीज़ें सहायक हैं।
Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में पाँचों तत्त्वों को सूचीबद्ध करना आवश्यक है, जो सत्संग, हरिभजन, दया, नम्रता और परोपकार हैं।
2. निम्नलिखित भावार्थवाले दोहे ढूँढ़कर उनका गान कीजिए :
Question 1. परमात्मा घट-घट में व्याप्त है, फिर भी हम देख नहीं पाते हैं।
Answer: कस्तूरी कुंडली बसै, मग ढूँढे वन माहि। ऐसे घट-घट राम हैं, दुनिया देखे नाहि ।।
In simple words: कस्तूरी हिरन की नाभि में होती है, पर वह उसे जंगल में खोजता है। इसी तरह ईश्वर हर इंसान में है, पर कोई देख नहीं पाता।
Exam Tip: कस्तूरी मृग और घट-घट में राम के उदाहरण को समझकर यह दोहा याद रखें, जो ईश्वर की सर्वव्यापकता को दर्शाता है।
Question 2. हमें जो कुछ मिला है, वह ईश्वर का ही है और वह ईश्वर को सौंपने से अपना कुछ नहीं रहता है।
Answer: मेरा मुझमें कछु नहीं, जो कछु हय सो तेरा। तेरा तुझको सौंपते, क्या लगेगा मेरा।।
In simple words: मेरे पास जो कुछ भी है, वह मेरा नहीं है, बल्कि आपका ही है। अगर मैं आपका ही सामान आपको वापस दे दूँ, तो मेरा क्या नुकसान होगा?
Exam Tip: यह दोहा 'अहंकार त्याग' और 'ईश्वर के प्रति समर्पण' के भाव को स्पष्ट करता है, जिसे उत्तर में दर्शाया गया है।
Question 3. अप्रामाणिक रूप से संपत्ति इकट्ठी करके उसमें से दान करने पर स्वर्गप्राप्ति नहीं हो सकती है।
Answer: एहरन की चोरी करे, करे सुई का दान। ऊँचे चढ़कर देखते, कैतिक दूर विमान।।
In simple words: जो लोग बड़े पैमाने पर चोरी करते हैं लेकिन थोड़ा सा दान करते हैं, वे समझते हैं कि उन्हें स्वर्ग मिलेगा। कबीर कहते हैं कि ऐसे दान से स्वर्ग नहीं मिलता।
Exam Tip: यह दोहा अनैतिक कमाई से किए गए छोटे दान की व्यर्थता को उजागर करता है, इसे 'दिखावा' या 'पाखंड' के रूप में समझा जा सकता है।
Question 4. दूसरों की संपत्ति देखकर दुःखी होने के बजाय ईश्वर ने हमें जो कुछ दिया है उसमें संतोष रखना चाहिए।
Answer: रूखा-सूखा खाई कै, ठंडा पानी पीव। देखि पराई चूपड़ी, मत ललचावै जीव।।
In simple words: सादा भोजन करके और ठंडा पानी पीकर संतुष्ट रहना चाहिए। दूसरों की स्वादिष्ट रोटी देखकर कभी लालच नहीं करना चाहिए।
Exam Tip: यह दोहा 'संतोष' और 'आत्मसंयम' के महत्व पर जोर देता है। उत्तर लिखते समय इस केंद्रीय विचार को स्पष्ट करें।
3. निम्नलिखित दोहों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए :
Question 1. संत मिले सुख उपजे, दुष्ट मिले दुःख होय। सेवा किजे संत की, तो जनम् कृतार्थ सोय ॥
Answer: साधु-संतों से मिलकर प्रसन्नता मिलती है, जबकि बुरे लोगों से मिलने पर मन को कष्ट होता है। इस कारण से साधुओं की सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपका जीवन सफल होगा। (कबीर यहाँ साधु और बुरे व्यक्ति के बीच का फर्क बताते हुए साधु-सेवा का महत्व समझाते हैं।)
In simple words: जब आप अच्छे लोगों से मिलते हैं, तो आपको खुशी मिलती है। जब आप बुरे लोगों से मिलते हैं, तो आपको दुःख होता है। इसलिए, संतों की सेवा करनी चाहिए ताकि आपका जीवन सार्थक हो सके।
Exam Tip: दोहे का भावार्थ लिखते समय, संतों के संग से होने वाले लाभ और दुष्टों के संग से होने वाली हानियों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Question 2. सोना सज्जन साधु जन, टूटि जुरै सौ बार । दुर्जन कुंभ कुम्हार के, एकै धका दरार ॥
Answer: सोना, भले लोग और साधु-संत अगर रूठ भी जाते हैं, तो भी वे बार-बार एक साथ आते रहते हैं। भले लोग अच्छे संबंध बनाते हैं और उन्हें हमेशा बनाए रखते हैं। लेकिन बुरे लोगों का स्वभाव इसके विपरीत होता है। जैसे मामूली दरार वाला घड़ा एक छोटे से धक्के से टूट जाता है, उसी तरह बुरे लोग टूटे हुए रिश्ते को पूरी तरह खत्म करने में जरा भी हिचकिचाते नहीं हैं। (कबीर यहाँ भले और बुरे व्यक्ति के स्वभाव का अंतर दिखाते हैं। भले व्यक्ति रिश्तों को जोड़ते हैं जबकि बुरे व्यक्ति उन्हें तोड़ते हैं।)
In simple words: सोना और सज्जन लोग बार-बार टूटकर भी जुड़ जाते हैं। लेकिन दुष्ट लोग कुम्हार के घड़े के समान होते हैं, एक बार टूटने पर फिर नहीं जुड़ते।
Exam Tip: सज्जन व्यक्ति की तुलना सोने से करें और दुर्जन की तुलना कुम्हार के घड़े से, ताकि दोनों के स्वभाव का अंतर स्पष्ट हो सके।
Question 3. काँकर पाथर जोरि कै, मसजिद लई चुनाय। ता चढि मुल्ला बाँग दै, क्या बहिरा हुआ खुदाय ॥
Answer: कंकड़ और पत्थरों को जोड़कर एक मस्जिद बनाई गई, और उस पर चढ़कर मुल्ला जोर-जोर से अजान देने लगा (यानी, ज़ोर से भगवान को पुकारने लगा)। कबीर पूछते हैं कि क्या भगवान बहरे हो गए हैं, जिन्हें इतनी तेज़ आवाज में बुलाने की आवश्यकता पड़ती है? (कबीर के मतानुसार, ईश्वर हमारे दिल में बसते हैं। हमें उन्हें अपने मन में याद करना चाहिए और दिखावे से दूर रहना चाहिए।)
In simple words: कबीर कहते हैं कि कंकड़-पत्थर से मस्जिद बनाकर मुल्ला उस पर चढ़कर ज़ोर-ज़ोर से भगवान को पुकारता है। कबीर सवाल करते हैं कि क्या भगवान बहरे हो गए हैं, जिन्हें इतनी ज़ोर से पुकारना पड़ता है?
Exam Tip: इस दोहे में कबीर बाहरी आडंबरों का खंडन करते हैं। उत्तर में यह स्पष्ट करना चाहिए कि ईश्वर का वास हृदय में है, न कि ऊंची आवाज में पुकारने में।
Question 4. दुःख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय ॥
Answer: सभी लोग मुश्किल समय में ईश्वर को याद करते हैं, लेकिन खुशी के वक्त कोई उन्हें स्मरण नहीं करता। अगर खुशी के पलों में भी ईश्वर को याद किया जाए, तो भला दुख क्यों आएगा? (कबीर यह बताना चाहते हैं कि हमें चाहे दुख हो या सुख, हमेशा भगवान को याद करते रहना चाहिए।)
In simple words: सभी लोग दुख में भगवान को याद करते हैं, पर खुशी में नहीं। कबीर कहते हैं कि अगर सुख में भी भगवान को याद करें, तो दुख कभी आएगा ही नहीं।
Exam Tip: इस दोहे का मुख्य विचार यह है कि ईश्वर का स्मरण केवल दुख में नहीं, बल्कि सुख में भी करना चाहिए। इस बात पर जोर दें कि निरंतर स्मरण दुख को दूर रखता है।
GSEB Solutions Class 9 Hindi कबीर के दोहे Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पांच-छः वाक्यों में लिखिए :
Question 1. कस्तूरी और मृग के उदाहरण द्वारा कबीर ने क्या संदेश दिया है?
Answer: कस्तूरी हिरण की नाभि में होती है, लेकिन हिरण को इसका पता नहीं चलता। वह उसे जंगल में इधर-उधर खोजता रहता है। कबीर कहते हैं कि दुनिया के लोगों की भी यही स्थिति है। ईश्वर उनके मन में रहता है, पर वे अज्ञान के कारण इस बात को समझ नहीं पाते। वे उसे खोजने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। इस तरह कबीर बताते हैं कि मनुष्य को ईश्वर को अपने हृदय के भीतर ही खोजना चाहिए।
In simple words: कबीर ने कस्तूरी और हिरण के उदाहरण से समझाया है कि जैसे हिरण अपनी नाभि में सुगंध होने के बावजूद उसे बाहर खोजता है, वैसे ही इंसान भी ईश्वर को बाहर ढूँढता है, जबकि ईश्वर उसके हृदय में ही वास करते हैं।
Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में कस्तूरी-मृग का दृष्टांत देकर यह स्पष्ट करें कि ईश्वर को बाहर खोजने के बजाय अपने अंतर्मन में ही खोजना चाहिए।
Question 2. कबीर सज्जन और दुर्जन में क्या अंतर बताते हैं?
Answer: कबीर बताते हैं कि अच्छे लोग, सज्जन, हमेशा अच्छे लोगों के साथ रिश्ते बनाते हैं और उन्हें बनाए रखते हैं। अगर वे नाराज भी हो जाते हैं, तो भी बार-बार उन्हें मनाकर रिश्ते जोड़ते रहते हैं। बुरे लोगों का स्वभाव इसके विपरीत होता है। जैसे एक मामूली धक्का लगने पर घड़ा टूट जाता है, उसी तरह बुरा व्यक्ति टूटते हुए रिश्ते को पूरी तरह खत्म करने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाता। इस प्रकार, सज्जन लोगों में जोड़ने की और बुरे लोगों में तोड़ने की भावना होती है।
In simple words: कबीर कहते हैं कि सज्जन लोग रिश्ते बनाते हैं और उन्हें निभाते हैं, वे बार-बार जुड़ते हैं। जबकि दुर्जन लोग घड़े की तरह होते हैं, एक बार टूटने पर फिर नहीं जुड़ते, वे रिश्ते तोड़ते हैं।
Exam Tip: सज्जन और दुर्जन के स्वभाव का विस्तृत वर्णन करते हुए, उनके रिश्तों को संभालने के तरीके में भिन्नता को समझाएं।
Question 3. कबीर ने संतोष की महिमा किस प्रकार बताई है?
Answer: कबीर कहते हैं कि लोगों को लालच के फंदे में नहीं फँसना चाहिए। ईश्वर ने जो कुछ भी हमें दिया है, उसी में हमें खुश रहना चाहिए। यदि व्यक्ति को गाय, हाथी, घोड़े और खदानों से बहुत सारे कीमती रत्न मिल भी जाएँ, तो भी वह धन-दौलत के लालच से मुक्त नहीं हो पाता। जब तक यह लालच मौजूद है, तब तक उसे मन की शांति नहीं मिल सकती। अगर इंसान के पास जो कुछ भी है, उसी में वह संतोष करे, तो सभी प्रकार के धन उसे मिट्टी के समान बेकार लगेंगे। उसे यह पता चलेगा कि संतुष्टि से बढ़कर कोई दौलत नहीं है।
In simple words: कबीर ने संतोष का महत्व बताते हुए कहा है कि लालच में न फंसकर हमें ईश्वर के दिए हुए में संतुष्ट रहना चाहिए। संतोष ही सबसे बड़ा धन है, क्योंकि इससे ही सुख और शांति मिलती है, बाकी धन मिट्टी समान है।
Exam Tip: संतोष को सबसे बड़ा धन बताते हुए, इस बात पर जोर दें कि लालच से मुक्ति और आंतरिक शांति के लिए संतोष आवश्यक है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :
Question 1. संत की सेवा करने से क्या लाभ होगा?
Answer: साधु-संतों का हृदय पवित्र होता है। वे ईश्वर का ही एक रूप माने जाते हैं। उनकी सेवा करने से जीवन में सार्थकता यानी कामयाबी मिलती है।
In simple words: संतों की सेवा करने से हमारा जीवन सफल होता है, क्योंकि संत भगवान का रूप होते हैं और उनका हृदय शुद्ध होता है।
Exam Tip: इस उत्तर में संत-सेवा को सीधे तौर पर 'जन्म कृतार्थता' से जोड़ना चाहिए और संतों के महत्व को रेखांकित करना चाहिए।
Question 2. कबीर भगवान के स्मरण का क्या महत्त्व बताते हैं?
Answer: मनुष्य का यह तरीका है कि मुश्किल समय आने पर वह ईश्वर को याद करता है, और सुख के समय में वह ईश्वर को भूल जाता है। कबीर कहते हैं कि अगर हम खुशी के समय में भी ईश्वर को न भूलें, तो हमारे जीवन में कभी कोई दुख नहीं आएगा।
In simple words: कबीर बताते हैं कि भगवान का स्मरण हमें दुख से बचाता है। यदि हम सुख में भी भगवान को याद रखें, तो दुख कभी नहीं आएगा।
Exam Tip: भगवान के स्मरण को दुख निवारण का एक महत्वपूर्ण उपाय बताएं और सुख में भी स्मरण की आवश्यकता पर जोर दें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. कस्तूरी कहाँ रहती है?
Answer: कस्तूरी हिरण की अपनी नाभि में ही होती है।
In simple words: कस्तूरी हिरण की नाभि में रहती है।
Exam Tip: इस प्रश्न का सीधा उत्तर है 'मृग की नाभि में', जिसे सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
Question 2. सबसे श्रेष्ठ धन कौन-सा है?
Answer: संतुष्टि ही सबसे बड़ा धन मानी जाती है।
In simple words: संतोष सबसे अच्छा धन है।
Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर 'संतोष' या 'संतुष्टि' है, जिसे एक शब्द में व्यक्त किया जा सकता है।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1.
1. कबीर की कविता अनुभव का ...... ज्ञान भण्डार है। (अधाह, थाह)
2. कबीर की वाणी ...... नाम से प्रसिद्ध है। (बौजक, शबद)
3. ...... कुंडली बसै, मृग ढूँढे बन माहि। (कस्तूरी, सुगंधी)
4. सेवा किजे संत की तो जनम् ...... सोय। (सार्थक, कृतार्थ)
5. जो सुख में ...... करे, तो दुःख काहे को होय। (सुमिरन, स्मरण)
Answer:
1. अथाह
2. बीजक
3. कस्तूरी
4. कृतार्थ
5. सुमिरन
In simple words: इन खाली जगहों को सही शब्द से भरें। जैसे कबीर की कविता का ज्ञान अथाह है, उनकी वाणी बीजक नाम से मशहूर है।
Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, दोहे के संदर्भ और कबीर के विचारों को ध्यान में रखते हुए सही शब्द का चयन करें।
निम्नलिखित विधान 'सही' हैं या 'गलत' यह बताइए :
Question 1.
1. दुष्ट के मिलने से सुख मिलता है।
2. अप्रामाणिक लोग ढेर सारा कमाकर जरा-सा दान करने की मूर्खता करते हैं।
3. दुष्ट लोग तोड़ने का कार्य करते हैं।
4. संतोष से ही सबसे बड़ा सुख मिलता है।
5. खुदा बहरा हो गया है इसलिए मुल्ला जोर-जोर से बांग देता है।
Answer:
1. गलत
2. सही
3. सही
4. सही
5. गलत
In simple words: इन कथनों को ध्यान से पढ़कर बताएं कि कौन सा सही है और कौन सा गलत है।
Exam Tip: प्रत्येक कथन को कबीर के दोहों के मूल भाव के अनुसार सत्य या असत्य बताएं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :
Question 1.
1. कस्तूरी किसकी नाभि में होती है?
2. संत मिलने पर किस बात का अनुभव होता है?
3. जोड़ने का कार्य कौन करता है?
4. हमारा जन्म कृतार्थ करने के लिए किसकी सेवा करनी चाहिए?
Answer:
1. हिरण की
2. खुशी का
3. भले लोग
4. साधु-संतों की
In simple words: प्रत्येक प्रश्न का उत्तर एक ही शब्द में दें।
Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर एक शब्द में ही दें और ध्यान रखें कि उत्तर दोहों के केंद्रीय विचारों पर आधारित हो।
निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. किसका मिलन सुख देता है?
(a) मित्र का
(b) सम्बन्धी का
(c) संत का
(d) भाई का
Answer: (c) संत का
In simple words: संतों से मिलने पर हमें खुशी मिलती है।
Exam Tip: कबीर के दोहों के अनुसार, संतों का संग ही सुख देता है, इसलिए सही विकल्प का चुनाव करें।
Question 2. किसकी सेवा से जन्म कृतार्थ होता है?
(a) संत की
(b) भिक्षुक की
(c) रोगी की
(d) वृद्ध की
Answer: (a) संत की
In simple words: संतों की सेवा करने से हमारा जीवन सफल हो जाता है।
Exam Tip: 'जन्म कृतार्थ' का अर्थ 'जीवन को सफल बनाना' है, और यह संतों की सेवा से ही संभव है।
Question 3. लोग कब भगवान का सुमिरन नहीं करते?
(a) दुःख में
(b) सुख में
(c) बचपन में
(d) यौवन में
Answer: (b) सुख में
In simple words: लोग आमतौर पर खुशी के समय में भगवान को याद करना भूल जाते हैं।
Exam Tip: कबीर के दोहे हमें याद दिलाते हैं कि लोग आमतौर पर सुख में ईश्वर को भूल जाते हैं।
Question 4. कबीर के अनुसार भगवान कहाँ है?
(a) मंदिर में
(b) हमारे मस्तिष्क में
(c) हमारे हृदय में
(d) सेवाकार्यों में
Answer: (c) हमारे हृदय में
In simple words: कबीर के अनुसार, ईश्वर बाहरी मंदिरों या मस्जिदों में नहीं, बल्कि हमारे अपने दिल के भीतर बसते हैं।
Exam Tip: कबीर का संदेश है कि ईश्वर कहीं बाहर नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के हृदय में निवास करते हैं, इसलिए उन्हें अंतर्मन में खोजें।
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1.
1. मृग
2. सार
3. दीन
4. स्मरण
5. कुम्हार
6. गज
7. वाजी
Answer:
1. हिरण
2. निचोड़
3. निर्धन
4. याद
5. कुंभकार
6. हाथी
7. अश्व
In simple words: दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द लिखें।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के समानार्थी शब्दों की सूची बनाएं और उन्हें सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1.
1. नम्र
2. स्मरण
3. सज्जन
4. अप्रामाणिक
5. दया
Answer:
1. उद्दंड
2. विस्मृति
3. दुर्जन
4. प्रामाणिक
5. निर्दयता
In simple words: दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखें।
Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के बिल्कुल विपरीत अर्थ वाले शब्द का चयन करें।
निम्नलिखित शब्दों का संधि-विग्रह करके लिखिए :
Question 1.
1. अभ्युदय
2. बाह्याडंबर
3. कृतार्थ
4. भावार्थ
Answer:
1. अभ्युदय = अभि + उदय
2. बाह्याडंबर = बाह्य + आडंबर
3. कृतार्थ = कृत + अर्थ
4. भावार्थ = भाव + अर्थ
In simple words: दिए गए शब्दों को अलग-अलग करके उनकी संधि बताएं।
Exam Tip: संधि-विग्रह करते समय, शब्द को उसके मूल घटकों में तोड़ें और संधि के नियमों का पालन करें।
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए
Question 1.
1. मृगनाभि से निकलनेवाला सुगंधित पदार्थ
2. जिसका कार्य सिद्ध हो चुका हो
3. आत्माओं में सर्वश्रेष्ठ
4. मिट्टी के बर्तन बनानेवाला
5. मुस्लिमों का इबादत करने का स्थान
6. गाय रूपी धन
7. हाथी रूपी धन
Answer:
1. कस्तूरी
2. कृतार्थ
3. परमात्मा
4. कुम्हार
5. मस्जिद
6. गोधन
7. गजधन
In simple words: दिए गए वाक्यांशों के लिए एक शब्द में उत्तर दें।
Exam Tip: वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखते समय, उस शब्द को चुनें जो पूरे वाक्यांश के अर्थ को संक्षेप में व्यक्त करता हो।
निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. निर्गुण
2. अनुभव
3. त्रिवेणी
4. सर्वव्यापक
5. अप्रामाणिक
6. व्यापक
7. संगति
8. प्रार्थना
9. सज्जन
10. अनुसार
11. व्यवहार
12. स्वभाव
13. बहुमूल्य
14. अज्ञान
15. विस्मरण
16. दुर्जन
17. अभ्युदय
18. उदंड
Answer:
1. निर्गुण = निर + गुण
2. अनुभव = अनु + भव
3. त्रिवेणी = त्रि + वेणी
4. सर्वव्यापक = सर्व + व्यापक
5. अप्रामाणिक = अ + प्रामाणिक
6. व्यापक = वि + आपक
7. संगति = सम् + गति
8. प्रार्थना = प्र + अर्थना
9. सज्जन = सत् + जन
10. अनुसार = अनु + सार
11. व्यवहार = वि + अवहार
12. स्वभाव = स्व + भाव
13. बहुमूल्य = बहु + मूल्य
14. अज्ञान = अ + ज्ञान
15. विस्मरण = वि + स्मरण
16. दुर्जन = दुः (दुर) + जन
17. अभ्युदय = अभि + उदय
18. उदंड = उत् + दंड
In simple words: दिए गए शब्दों से उपसर्ग अलग करके लिखें।
Exam Tip: उपसर्ग पहचानने के लिए शब्द के आरंभ में लगने वाले शब्दांश को देखें जो अर्थ में परिवर्तन लाता है।
निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. प्रामाणिक
2. व्यापकता
3. महत्त्व
4. दूरी
5. कुंभकार
6. दीनता
7. नम्रता
8. कुम्हारिन
9. हिरनी
10. चोरनी
11. लोहारिन
12. भगवती
13. साक्षात्कार
14. मानवतावादी
Answer:
1. प्रामाणिक – प्रमाण + इक
2. व्यापकता – व्यापक + ता
3. महत्त्व – महत् + त्व
4. दूरी – दूर + ई
5. कुंभकार – कुंभ + कार
6. दीनता – दीन + ता
7. नम्रता – नम + ता
8. कुम्हारिन – कुम्हार + इन
9. हिरनी – हिरन + ई
10. चोरनी – चोर + नी
11. लोहारिन – लोहार + इन
12. भगवती – भग + वती
13. साक्षात्कार – साक्षात् + कार
14. मानवतावादी – मानवता + वादी
In simple words: दिए गए शब्दों से प्रत्यय अलग करके लिखें।
Exam Tip: प्रत्यय पहचानने के लिए शब्द के अंत में लगने वाले शब्दांश को देखें जो उसके अर्थ में परिवर्तन लाता है।
कबीर के दोहे Summary in Gujarati
ગુજરાતી ભાવાર્થ :
હરણની નાભિમાં કસ્તુરી હોય છે, છતાં પણ હરણ તેને જંગલમાં આમતેમ શોધતું ફરે છે. એવી જ રીતે રામ અર્થાત્ પરમાત્મા સૌના હૃદયમાં રહે છે, પરંતુ લોકો એ જોઈ શકતા નથી. (કબીરે ઈશ્વરની સર્વવ્યાપકતાનો સંકેત કરતાં ઈશ્વરનું મંદિર, મસ્જિદ વગેરેમાં ન શોધતાં હૃદયમાં જ શોધવાનો ઉપદેશ આપ્યો છે.)
હે પરમાત્મા, મારામાં જે કાંઈ છે તે મારું નથી. જે કંઈ પણ છે, તે તારું છે. તે હું તને સોંપું છું, કારણ કે તેમાંથી કોઈની સાથે પણ મારો કોઈ સંબંધ નથી.
સંતનો મેળાપ થતાં સુખનો અનુભવ થાય છે અને દુષ્ટના મેળાપથી મન દુ:ખી થઈ જાય છે. એટલે સંતની સેવા કરવી જોઈએ. તેનાથી તમારો જન્મ સફળ થશે. (અહીં કબીરે સંત અને દુષ્ટનો તફાવત દર્શાવીને સંતસેવાનો મહિમા ગાયો છે.)
કબીર કહે છે કે લોકો એરણની ચોરી કરે છે અને સોયનું દાન કરે છે. પછી તેઓ ઊંચી છત પર ચઢીને જુએ છે કે તેમને માટે સ્વર્ગથી આવનારું વિમાન કેટલું દૂર છે. (અપ્રામાણિક રીતે ખૂબ ધન કમાઈને જરા જેટલું દાન આપનારાઓની મૂર્ખતાનો વિચાર કરી કબીરે તેમના પર કટાક્ષ ક્યોં છે.)
સોનું, સજ્જન, સાધુ લોકો નારાજ થાય તો પણ વારંવાર તેમને મનાવી પોતાનાથી જુદા પડવા દેતા નથી, ફરી ફરીને જોડાય છે, જ્યારે દુર્જન કુંભારની જેમ માટલામાં તડ જોઈ એક જ ધક્કાથી તેને ફોડી નાખે છે. (અહીં કબીરે સજજન અને દુર્જનના સ્વભાવનો તફાવત દર્શાવ્યો છે. સજ્જન જોડવાની અને દુર્જન તોડવાની બુદ્ધિ ધરાવે છે.)
લૂખું-સૂકું ખાઈને, ઠંડું પાણી પીને સંતોષ માનો, પરંતુ બીજાની ઘીથી ચોપડેલી રોટલી જોઈને લલચાશો નહિ. (અહીં કબીરે આત્મસંયમ અને સંતોષ રાખવાની શિખામણ આપી છે.)
કબીર કહે છે કે સંસારમાં રત્ન જેવી બહુમૂલ્ય પાંચ વસ્તુઓ સારરૂપે સમાયેલી છે. – સત્સંગ, ભગવાનનું ભજન, દયા, નમ્રતા અને પરોપકાર, (કબીરના મત અનુસાર આ પાંચ વસ્તુ અપનાવવાથી મનુષ્ય સુખ-શાંતિથી ભવસાગર પાર કરી શકે છે.)
કાંકરા-પથરા જોડીને મસ્જિદ બનાવી અને એના પર ચઢીને મુલ્લા બાંગ પોકારવા લાગ્યો. (મોટેથી ખુદાને બોલાવવા લાગ્યો.) કબીર પૂછે છે કે શું ખુદા બહેરા થઈ ગયા છે કે એને આ રીતે જોરથી બોલાવવાની જરૂર છે. (કબીરના મતે ભગવાન હૃદયમાં છે. તેનું સ્મરણ મનમાં કરવું જોઈએ અને આડંબરથી દૂર રહેવું જોઈએ.)
દુ:ખમાં સૌ લોકો ભગવાનને યાદ કરે છે; સુખમાં કોઈ નથી, જો સુખમાં ભગવાનને યાદ કરવામાં આવે તો દુ:ખ શા માટે આવે? (કબીર કહે છે કે દુ:ખ હોય કે સુખ, ભગવાનનું હંમેશાં સ્મરણ કરવું જોઈએ.).
ગાયો, હાથી અને ખામાંથી મળનાર રન વગેરે ધન મનાય છે, પરંતુ જ્યારે સંતોષરૂપી ધન પ્રાપ્ત થઈ જાય છે ત્યારે આ બધું ધન ધૂળ સમાન તુચ્છ બની જાય છે. (અહીં કબીરે સંતોષનું મહત્ત્વ દર્શાવ્યું છે.)
कबीर के दोहे शब्दार्थ :
1. कस्तूरी – मृग की नाभि से निकलनेवाला एक सुगंधित पदार्थ।
2. कुंडली – नाभि।
3. मृग – हिरन।
4. कृतार्थ – सफल।
5. एहरन – एरण (अहेरन), लोहार का एक औजार।
6. कैतिक दूर – कितना दूर।
7. कैतिक – कितना।
8. जुरै – जुड़ता है।
9. दरार – दरज।
10. सार – मुख्य।
11. दान – नम्र, विनीत।
12. कांकर – कंकड़।
13. पाथर – पत्थर।
14. सुमिरन – स्मरण।
15. गज – हाथी।
16. वाजी – घोड़ा।
17. धूरि – धूल, मिट्टी।
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