GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 21 क्रान्तिकारी शेखर का बचपन

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Class 9 Hindi Chapter 21 क्रान्तिकारी शेखर का बचपन GSEB Solutions PDF

स्वाध्याय

1. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए:

 

Question 1. शेखर ने बाहर घूमने-मिलने जाना क्यों छोड़ दिया?
Answer: शेखर ने बाहर घूमने-मिलने जाना बंद कर दिया, क्योंकि पहनने के लिए देशी कपड़े उसके पास काफ़ी नहीं थे।
In simple words: शेखर ने बाहर जाना छोड़ दिया क्योंकि उसके पास पहनने के लिए पर्याप्त स्वदेशी कपड़े नहीं थे।

Exam Tip: जब कोई चरित्र किसी चीज़ को छोड़ देता है, तो कारण हमेशा स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए।

 

Question 2. शेखर के मस्तिष्क में कैसी पुकार पहुँचती थी?
Answer: शेखर के मस्तिष्क में एक नाटककार बनने की आवाज़ आती थी।
In simple words: शेखर को अपने दिमाग़ में एक नाटक लिखने की इच्छा महसूस होती थी।

Exam Tip: मानसिक पुकार या प्रेरणा को संक्षेप में स्पष्ट करें, यह बताते हुए कि पात्र क्या करना चाहता था।

 

Question 3. शेखरने आग कैसे जलाई?
Answer: शेखर ने घर के दीयों से मिट्टी का तेल इस्तेमाल करके उससे आग लगाई।
In simple words: शेखर ने घर के दीपकों से तेल लेकर आग जलाई।

Exam Tip: साधनों का वर्णन करते हुए बताएं कि आग कैसे लगाई गई थी।

 

Question 4. शेखर गला खोलकर क्या गाने लगा?
Answer: शेखर गला खोलकर गीत गाने लगा, “गांधीजी का बोलबाला। दुश्मन का मुंह हो काला।”
In simple words: शेखर ने जोर-जोर से "गांधीजी का प्रभुत्व हो, दुश्मन का अपमान हो" गीत गाना शुरू कर दिया।

Exam Tip: जब कोई नारा या गीत पूछा जाए, तो उसे उद्धरण चिह्नों के साथ बिल्कुल वैसे ही लिखें।

 

Question 5. अंग्रेजी बालक ने जवाब में क्या कहा?
Answer: अंग्रेजी बालक ने शेखर को चुप जब उसने देखा तो अपना नाम कहा और प्रश्न किया – क्या तुम स्कूल में पढ़ते हो?
In simple words: जब शेखर चुप था, तो अंग्रेजी बालक ने अपना नाम बताया और पूछा कि क्या वह स्कूल जाता है।

Exam Tip: बातचीत-आधारित सवालों में, पात्रों के सटीक संवाद को प्रस्तुत करने पर ध्यान दें।

 

2. दो-तीन वाक्य में उत्तर दीजिए :

 

Question 1. घर के सदस्य बाहर गए तब शेखर ने क्या किया?
Answer: घर के सदस्य जब बाहर चले गए, तब शेखर ने घर के सभी कमरों में से विदेशी कपड़े इकट्ठे करके नीचे एक खुली जगह में मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी।
In simple words: जब परिवार बाहर था, शेखर ने सभी विदेशी कपड़े इकट्ठा किए और उन्हें मिट्टी के तेल से जला दिया।

Exam Tip: घटनाओं के क्रम का वर्णन करें, यह बताते हुए कि चरित्र ने क्या किया और कैसे किया।

 

Question 2. शेखर के नाटक का विषय क्या था?
Answer: शेखर के मन में एक स्वाधीन लोकतंत्र भारत की तस्वीर थी जिसके राष्ट्रपति महात्मा गांधी थे। उसमें कताई, बुनाई जैसी गांधीजी की प्रवृत्तियाँ और असहयोग आंदोलन शामिल था। यह सपना ही उसके नाटक की मुख्य गतिविधि में भी प्रकट होता था।
In simple words: शेखर के नाटक का विषय एक स्वतंत्र भारत था, जहाँ गांधीजी राष्ट्रपति थे और गांधीवादी आदर्श, जैसे कि कताई और असहयोग आंदोलन, शामिल थे।

Exam Tip: नाटक के मुख्य विषयों और प्रेरणाओं को संक्षेप में बताएं।

 

Question 3. अंग्रेजी बालक के प्रश्न का उत्तर शेखर ने क्यों नहीं दिया?
Answer: अंग्रेजी बालक के स्वर में घमंड था। वह अपनी अंग्रेजी का प्रदर्शन करना चाहता था। शेखर को उसका प्रश्न खराब और अपमानजनक महसूस हुआ। इसी वजह से उसने अंग्रेजी बालक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया।
In simple words: शेखर ने अंग्रेजी बालक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया क्योंकि उसे बालक के प्रश्न का लहजा घमंड भरा और अपमानजनक लगा।

Exam Tip: पात्र के मन की स्थिति और उसके कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 4. पिता ने क्रुद्ध स्वर में शेखर को क्या कहा?
Answer: शेखर ने अंग्रेजी बालक के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। पिता नहीं चाहते थे कि वह बालक शेखर को अंग्रेजी से अनभिज्ञ समझे। इस कारण उन्होंने क्रुद्ध स्वर में शेखर से कहा, "उत्तर क्यों नहीं दिया? क्या तुम्हारा मुंह टूट गया है?"
In simple words: शेखर के पिता नहीं चाहते थे कि वह अंग्रेजी न जानने वाला लगे, इसलिए उन्होंने गुस्से में पूछा, "उत्तर क्यों नहीं दिया? क्या तुम्हारा मुंह टूट गया है?"

Exam Tip: पात्रों के बीच के संवादों को सटीक रूप से प्रस्तुत करें, खासकर जब उनमें क्रोध जैसी भावनाएं हों।

 

Question 5. शेखर उत्तर न देने में कैसे बच गया?
Answer: शेखर अंग्रेजी बालक के प्रश्नों के उत्तर में बिल्कुल खामोश था। पिता इस बारे में शेखर से उसके चुप रहने का कारण जानना चाहते थे। पर तभी ट्रेन आ गई और शेखर उत्तर देने से छूट गया।
In simple words: शेखर चुप था और उसके पिता कारण जानना चाहते थे, लेकिन तभी ट्रेन आ गई और शेखर को जवाब देने से राहत मिल गई।

Exam Tip: आकस्मिक घटनाओं का उल्लेख करें जो कथानक को आगे बढ़ाती हैं या पात्रों को किसी स्थिति से बचाती हैं।

 

Question 6. घर आकर पिता ने माँ से क्या कहा? क्यों?
Answer: बाँकीपुर स्टेशन पर शेखर ने बालक के अंग्रेजी प्रश्नों के उत्तर न देकर खामोश रहा था। इससे पिता को गुस्सा भी आया और दुःख भी हुआ था। घर आकर उन्होंने शेखर की मां से बताया, "हमारे – लड़के कमज़ोर हैं। किसीके सामने उनका बोल ही नहीं खुलता।"
In simple words: शेखर के जवाब न देने से निराश होकर, पिता ने घर आकर माँ से कहा कि उनके लड़के कमजोर हैं और किसी के सामने बोल नहीं पाते।

Exam Tip: पात्रों की प्रतिक्रियाओं और उनके पीछे के कारणों का स्पष्टीकरण दें।

 

3. सविस्तार उत्तर लिखिए :

 

Question 1. शेखर के मन में विदेशी वस्तुओं के प्रति घृणा क्यों हो गई थी?
Answer: महात्मा गांधी ने देश में असहयोग आंदोलन आरंभ किया था। चारों तरफ स्वदेशी का माहौल बनने लगा था। शेखर के मन पर इसका बहुत असर हुआ था। वह गांधीजी के प्रति अत्यधिक विश्वास रखता था। गांधीजी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का जोर देते थे। विदेशी वस्तुएं देश की पराधीनता की चिह्न बन गई थी। इसलिए शेखर के मन में भी विदेशी वस्तुओं के प्रति घृणा हो गई थी।
In simple words: महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया था, जिससे स्वदेशी का माहौल बन गया। शेखर गांधीजी पर बहुत विश्वास करता था, जो स्वदेशी पर जोर देते थे। चूंकि विदेशी वस्तुएं गुलामी का प्रतीक थीं, शेखर को उनसे नफरत हो गई।

Exam Tip: कारणों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करें, जैसे कि राजनीतिक आंदोलन, व्यक्तिगत विश्वास और राष्ट्रीय प्रतीक, जो पात्र की भावनाओं को आकार देते हैं।

 

Question 2. शेखर के घर में अंग्रेजी भाषा के प्रति गहरा प्रभाव था-ऐसा हम कैसे कह सकते हैं.?
Answer: शेखर के पिता और भाई घर में अंग्रेजी में बातचीत करते थे। पिता शेखर को भी भाइयों के साथ अंग्रेजी में बातचीत करने के लिए उत्साहित करते थे। शेखर भी बचपन से अंग्रेजी बोलता था। शेखर की पहली दाई ईसाई थी और अंग्रेजी बात करती थी। उसका पहला गुरु भी एक अमेरिकन मिशनरी था, जो दिनभर अंग्रेजी बोलता था। शेखर को ऐसा महसूस होता था कि जैसे अंग्रेजी ही उसके परिवार की मातृभाषा हो। परिवार में अंग्रेजी का ऐसा चलन देखने के बाद हम कह सकते हैं कि शेखर के घर में अंग्रेजी भाषा का बहुत असर था।
In simple words: शेखर के परिवार में अंग्रेजी का गहरा प्रभाव था क्योंकि उसके पिता और भाई अंग्रेजी बोलते थे, उसे भी बचपन से अंग्रेजी बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था, और उसके पहले गुरु और दाई भी अंग्रेजी भाषी थे।

Exam Tip: परिवार के वातावरण और चरित्र की परवरिश के विस्तृत उदाहरण प्रदान करें ताकि किसी विशेष संस्कृति या भाषा के प्रभाव को दर्शाया जा सके।

 

Question 3. शेखर का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer: शेखर एक संवेदनशील मन वाला युवा है। गांधीजी के असहयोग आंदोलन का उस पर बहुत अधिक असर हुआ है। स्वदेशी की हवा से प्रभावित होकर उसे विदेशी वस्तुओं से नफरत हो जाती है। वह अपने घर के विदेशी वस्त्रों को खुशी से जला देता है। वह अंग्रेजी माध्यम का विद्यार्थी है, पर अंग्रेजी को विदेशी भाषा समझकर उससे नफरत करता है और हिन्दी पढ़ने में दिलचस्पी लेता है। वह अंग्रेजी बालक के अंग्रेजी में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर नहीं देता। पिता द्वारा बुद्ध कहलाना स्वीकार कर लेता है, पर अंग्रेजी बोलना उसे पसंद नहीं करता। इस प्रकार शेखर गांधी युग का एक पसंदीदा बाल चरित्र है।
In simple words: शेखर एक संवेदनशील, देशभक्त युवा है जो गांधीजी के असहयोग आंदोलन से बहुत प्रभावित है। वह विदेशी चीजों से नफरत करता है, उन्हें जला देता है और हिंदी में रुचि लेता है। वह अपने पिता के गुस्सा होने पर भी अंग्रेजी बालक को जवाब नहीं देता, जिससे वह गांधीवादी विचारधारा का एक प्रतीक बनता है।

Exam Tip: चरित्र-चित्रण में, चरित्र की प्रमुख विशेषताओं, विश्वासों और कार्यों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करें, यह दर्शाते हुए कि वे कहानी में कैसे व्यक्त होते हैं।

 

Question 4. शेखर ने नाटक लिखना कब आरंभ किया? क्यों?
Answer: शेखर असहयोग और स्वदेशी आंदोलनों से बहुत अधिक प्रभावित हुआ था। उसे विदेशी वस्तुओं से नफरत हो गई थी। अंग्रेजी भाषा से भी वह बहुत अधिक नापसंद करने लगा था। परिवार के नियंत्रण की वजह से वह सक्रियता से किसी आंदोलन में भाग नहीं ले सकता था। ऐसी स्थिति में उसने नाटक लिखना आरंभ किया। शेखर को गांधीजी के प्रति अपनी बहुत अधिक आस्था दिखानी थी। साथ ही उसे अपने हिन्दी-ज्ञान को भी प्रदर्शित करना था। इसलिए अपनी भावनाओं को दिखाने के लिए शेखर ने नाटक लिखना आरंभ किया।
In simple words: शेखर ने असहयोग और स्वदेशी आंदोलनों से प्रभावित होकर नाटक लिखना शुरू किया। वह विदेशी वस्तुओं और अंग्रेजी से नफरत करता था लेकिन परिवार के प्रतिबंधों के कारण सक्रिय रूप से भाग नहीं ले सकता था। इसलिए, अपनी देशभक्ति और गांधीजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए उसने नाटक लिखना शुरू किया।

Exam Tip: किसी कार्य के पीछे के उद्देश्य को स्पष्ट रूप से बताएं और उन परिस्थितियों का वर्णन करें जिनके कारण चरित्र ने उस कार्य को किया।

 

4. विलोम शब्द लिखिए :

 

Question 1.
(i) सहयोग
(ii) विदेशी
(iii) बाहर
(iv) दुश्मन
(v) अंकुश
Answer:
(i) असहयोग
(ii) स्वदेशी
(iii) भीतर
(iv) दोस्त
(v) निरंकुशता
In simple words: ऊपर दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द ये हैं: सहयोग का उल्टा असहयोग, विदेशी का स्वदेशी, बाहर का भीतर, दुश्मन का दोस्त, और अंकुश का निरंकुशता।

Exam Tip: विलोम शब्दों के उत्तर में, सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शब्द का सही विपरीत शब्द सूचीबद्ध हो।

 

5. समानार्थी शब्द लिखिए :

 

Question 1.
(i) अनुमति
(ii) कष्ट
(iii) निरंतर
(iv) आज़ाद
Answer:
(i) आज्ञा
(ii) तकलीफ
(iii) लगातार
(iv) स्वतंत्र
In simple words: इन शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द इस प्रकार हैं: अनुमति का आज्ञा, कष्ट का तकलीफ, निरंतर का लगातार, और आज़ाद का स्वतंत्र।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों के उत्तर में, प्रत्येक शब्द का सही समानार्थी शब्द स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

6. मुहावरे का अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:

 

Question 1. मुंह काला होना
Answer: मुंह काला होना – अपमानित होना
वाक्य : बुरे कर्म करोगे तो मुंह काला होगा ही।
In simple words: 'मुंह काला होना' का मतलब है शर्मिंदा होना। अगर आप गलत काम करते हैं, तो आपको शर्मिंदगी ज़रूर उठानी पड़ेगी।

Exam Tip: मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट रूप से बताएं और उसे एक ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जो उसका सही मतलब दर्शाता हो।

 

Question 2. बाध्य होना
Answer: बाध्य होना – मजबूर होना
वाक्य : बालक की जिद के सामने माँ को मजबूर होकर उसे खिलौना देना पड़ा।
In simple words: 'बाध्य होना' का मतलब है किसी काम को करने के लिए मजबूर होना। माँ को बच्चे की जिद के कारण खिलौना देना पड़ा।

Exam Tip: मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट रूप से बताएं और उसे एक ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जो उसका सही मतलब दर्शाता हो।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. असहयोग आंदोलन की लहर में बहकर शेखर ने क्या किया?
Answer: असहयोग आंदोलन की लहर में बहकर शेखर ने विदेशी कपड़े निकालकर रख दिए। जो कुछ मोटे देशी कपड़े थे, उन्हें ही पहनता था। उसने घूमना-मिलना भी छोड़ दिया, क्योंकि उसके लायक देशी कपड़े उसके पास नहीं थे।
In simple words: शेखर ने असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर विदेशी कपड़े पहनना छोड़ दिया और केवल मोटे देशी कपड़े पहने। देशी कपड़ों की कमी के कारण उसने बाहर जाना भी बंद कर दिया।

Exam Tip: आंदोलन के प्रति शेखर की प्रतिक्रियाओं का वर्णन करें, जिसमें उसके पहनावे और सामाजिक आदतों में बदलाव शामिल हों।

 

Question 2. शेखर को अंग्रेजी भाषा से घृणा क्यों हो गई?
Answer: शेखर के मन में विदेशी वस्तुओं के प्रति घृणा हो गई थी। अंग्रेजी भी विदेशी भाषा थी। इसलिए उसे अंग्रेजी भाषा से घृणा हो गई।
In simple words: शेखर को विदेशी चीजों से नफरत थी, और चूंकि अंग्रेजी एक विदेशी भाषा थी, उसे उससे भी नफरत हो गई।

Exam Tip: शेखर की भावनाओं के कारण और उसके विदेशी वस्तुओं के प्रति सामान्य दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।

 

Question 3. शेखर को अंग्रेजी मातृभाषा क्यों लगने लगी थी?
Answer: शेखर ने समझा कि यदि मातृभाषा वह है जो हम सबसे पहले सिखाई जाती है, तब तो अंग्रेजी ही उसकी मातृभाषा है। उसके घर में अंग्रेजी ही बातचीत की जाती थी। वह भी बचपन से अंग्रेजी बोलता था। इसलिए शेखर को अंग्रेजी मातृभाषा जैसी लगने लगी थी।
In simple words: शेखर को लगा कि अगर मातृभाषा वह है जो पहले सीखी जाती है, तो अंग्रेजी उसकी मातृभाषा है क्योंकि उसके घर में हमेशा अंग्रेजी बोली जाती थी और वह बचपन से ही इसे बोलता था।

Exam Tip: शेखर के तर्क को स्पष्ट रूप से समझाएं कि कैसे पारिवारिक वातावरण और प्रारंभिक शिक्षा ने उसे अंग्रेजी को अपनी मातृभाषा मानने पर मजबूर किया।

 

Question 4. शेखर ने राष्ट्रीय नाटक लिखना क्यों प्रारंभ किया?
Answer: शेखर अपने हिन्दी-ज्ञान को प्रमाणित करना चाहता था। इसीके साथ उसे गांधीजी के प्रति अपनी आस्था और देशप्रेम भी दिखाना था। इन्हीं वजहों से उसने राष्ट्रीय नाटक लिखना प्रारंभ किया।
In simple words: शेखर ने राष्ट्रीय नाटक लिखना शुरू किया क्योंकि वह अपने हिंदी ज्ञान को सिद्ध करना और गांधीजी के प्रति अपनी श्रद्धा तथा राष्ट्रभक्ति दिखाना चाहता था।

Exam Tip: शेखर के बहुआयामी उद्देश्यों पर ध्यान दें, जिसमें व्यक्तिगत प्रदर्शन, वैचारिक प्रतिबद्धता और कलात्मक अभिव्यक्ति शामिल हैं।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

 

Question 1. शेखर किस लहर में बह गया?
Answer: शेखर असहयोग आंदोलन की लहर में शामिल हो गया।
In simple words: शेखर असहयोग आंदोलन में शामिल हो गया था।

Exam Tip: सीधे सवाल का सीधा जवाब दें, जिसमें कोई अतिरिक्त जानकारी न हो।

 

Question 2. शेखर ने बचपन में कौन-सा नाटक देखा था?
Answer: शेखर ने बचपन में 'सत्यवादी हरिश्चन्द्र' नाटक देखा था।
In simple words: बचपन में शेखर ने 'सत्यवादी हरिश्चन्द्र' नाटक देखा था।

Exam Tip: यदि किसी विशिष्ट कलाकृति के बारे में पूछा जाए, तो उसका नाम बिल्कुल सही लिखें।

 

Question 3. शेखर ने आग में क्या जलाया?
Answer: शेखर ने आग में घर के सभी विदेशी कपड़े जला डाले।
In simple words: शेखर ने घर के सारे विदेशी कपड़े आग में जला दिए।

Exam Tip: 'क्या' पूछे जाने पर, सीधे वस्तु का नाम बताएं।

 

Question 4. शेखर को किसे 'माँ' कहना स्वीकार न था?
Answer: अंग्रेजी जैसी विदेशी भाषा को माँ कहना शेखर को मंजूर नहीं था।
In simple words: शेखर अंग्रेजी जैसी विदेशी भाषा को अपनी माँ मानना पसंद नहीं करता था।

Exam Tip: चरित्र के विशिष्ट नापसंद को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 5. शेखर के नाटक के अंतिम दृश्य में क्या दिखाया गया था?
Answer: शेखर के नाटक के अंतिम दृश्य में स्वाधीन और बाधारहित भारत प्रदर्शित किया गया था।
In simple words: नाटक के आखिर में एक स्वतंत्र और बाधाओं से मुक्त भारत को दर्शाया गया था।

Exam Tip: नाटक के अंतिम दृश्य के मुख्य विषय या परिणाम का वर्णन करें।

 

Question 6. शेखर की कौन-सी बात उसके पिता को बुरी लगी?
Answer: शेखर ने अंग्रेजी बालक के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। यह बात उसके पिता को खराब लगी।
In simple words: शेखर ने अंग्रेजी लड़के के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया, जिससे उसके पिता नाराज़ हो गए।

Exam Tip: पिता की नाराज़गी के सीधे कारण का वर्णन करें।

 

Question 7. पिता ने शेखर के कान क्यों पकड़े?
Answer: पिता ने शेखर के कान पकड़े थे, क्योंकि अंग्रेजी बालक के प्रश्नों के उत्तर नहीं दिया था और शेखर पूरी तरह खामोश था।
In simple words: पिता ने शेखर के कान पकड़े क्योंकि वह अंग्रेजी बालक के सवालों का जवाब दिए बिना पूरी तरह चुप रहा।

Exam Tip: शारीरिक दंड के पीछे के विशिष्ट कारण को बताएं।

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

 

Question 1.
(i) शेखर का बचपन ____ विचारों से अभिभूत था। (नेक, क्रान्तिकारी)
(ii) शेखर की पहली आया ____ थी और अंग्रेजी ही बोलती थी। (ईसाई, नेपाली)
(iii) शेखर के घर में ____ वस्तुओं का उपयोग होता था। (विदेशी, स्वदेशी)
(iv) ____ की एक लहर आई और देश उसमें बह गया। (सहयोग, असहयोग)
(v) गांधी का ____ दुश्मन का मुंह हो काला! (प्रभुत्व, बोलबाला)
Answer:
(i) क्रान्तिकारी
(ii) ईसाई
(iii) विदेशी
(iv) असहयोग
(v) बोलबाला
In simple words: शेखर का बचपन क्रांतिकारी विचारों से भरा था। उसकी पहली दाई ईसाई थी जो अंग्रेजी बोलती थी। उसके घर में विदेशी चीजों का इस्तेमाल होता था। असहयोग की लहर आई और देश उसमें शामिल हो गया। गांधीजी का बोलबाला था, और दुश्मन का मुंह काला हो गया!

Exam Tip: रिक्त स्थान भरने के लिए दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।

 

निम्नलिखित विधान 'सही' है या 'गलत' यह बताइए:

 

Question 1.
(i) शेखर ने विदेशी वस्त्र पहनना छोड़ दिया।
(ii) शेखर ने घर के सब स्वदेशी कपड़ों को आग लगा दी।
(iii) विदेशी वस्त्र जला देने पर शेखर को मां के थप्पड़ खाने पड़े।
(iv) शेखर ने पूरी लगन से हिन्दी पढ़ना शुरू कर दिया।
(v) पिता ने कहा, 'हमारे लड़के सब बुद्ध नहीं हैं।'
Answer:
(i) सही
(ii) गलत
(iii) सही
(iv) सही
(v) गलत
In simple words: शेखर ने विदेशी कपड़े पहनना बंद कर दिया था। उसने सारे स्वदेशी कपड़े नहीं जलाए थे। विदेशी कपड़े जलाने के बाद उसे अपनी माँ से थप्पड़ पड़े। उसने लगन से हिंदी पढ़ना शुरू कर दिया था। पिता ने कहा था, 'हमारे लड़के सब बुद्ध हैं।'

Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और कहानी के आधार पर उसकी सत्यता या असत्यता का निर्धारण करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :

 

Question 1.
(i) शेखर के घर में कैसी वस्तुओं का उपयोग होता था?
(ii) शेखर ने विदेशी कपड़ों का क्या किया?
(iii) शेखर ने अपने नाटक की प्रतिलिपि कहाँ छिपा ली?
Answer:
(i) विदेशी वस्तुओं का
(ii) जला दिए
(iii) अपनी पुस्तकों के नीचे
In simple words: शेखर के घर में विदेशी वस्तुएं इस्तेमाल होती थीं। उसने विदेशी कपड़े जला दिए थे। उसने अपने नाटक की नकल अपनी किताबों के नीचे छिपा ली थी।

Exam Tip: उत्तर को बिल्कुल एक शब्द या संक्षिप्त वाक्यांश में दें, बिना किसी अतिरिक्त विस्तार के।

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :

 

Question 1. शेखर ने अंग्रेजी बालक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया, क्योंकि ...
(अ) वह प्रश्न को समझ नहीं पाया।
(ब) उसे वह बुरा और अपमानजनक लगा।
(क) उसे अंग्रेजों से नफ़रत थी।
Answer: (ब) उसे वह बुरा और अपमानजनक लगा।
In simple words: शेखर ने अंग्रेजी बालक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया क्योंकि उसे यह प्रश्न खराब और अपमानजनक महसूस हुआ।

Exam Tip: सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करें जो कथन को तार्किक रूप से पूरा करता हो।

 

Question 2. शेखर ने दीयों से तेल लेकर विदेशी कपड़े जलाए, क्योंकि ...
(अ) तेल का पौपा नौकरों के कब्जे में था।
(ब) घर में और तेल नहीं था।
(क) दीयों में जरूरत से ज्यादा तेल था।
Answer: (अ) तेल का पौपा नौकरों के कब्जे में था।
In simple words: शेखर ने दीपों से तेल लेकर विदेशी कपड़े जलाए क्योंकि तेल का ड्रम नौकरों के पास था।

Exam Tip: घटना के पीछे के विशिष्ट कारण की पहचान करें जो दिए गए विकल्पों में सबसे सटीक हो।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. देश किसमें बह गया?
(a) बदलाव की आंधी में
(b) परिवर्तन की हवा में
(c) भारतमाता के आँसुओं में
(d) असहयोग की लहर में
Answer: (d) असहयोग की लहर में
In simple words: देश असहयोग आंदोलन के प्रवाह में शामिल हो गया था।

Exam Tip: किसी आंदोलन या विचार के संदर्भ में 'बह जाना' का अर्थ उसकी धारा में शामिल होना होता है।

 

Question 2. शेखर का पहला गुरु कौन था?
(a) एक ईसाई पादरी
(b) एक अमेरिकन मिशनरी
(c) एक ब्रिटिश प्रोफेसर
(d) एक रिटायर्ड जर्मन
Answer: (b) एक अमेरिकन मिशनरी
In simple words: शेखर का पहला शिक्षक एक अमेरिकी मिशनरी था।

Exam Tip: चरित्र के व्यक्तिगत इतिहास से संबंधित विशिष्ट तथ्यों को याद रखें।

 

Question 3. शेखर नहीं चाहता कि वह ...
(a) एक विदेशी भाषा को स्वदेशी माने।
(b) ईसाई पादरी को गुरु माने।
(c) घर में भी विदेशी वस्त्र पहने।
(d) एक विदेशी भाषा को 'माँ' कहे।
Answer: (d) एक विदेशी भाषा को 'माँ' कहे।
In simple words: शेखर नहीं चाहता था कि वह किसी विदेशी भाषा को अपनी माँ के समान माने।

Exam Tip: चरित्र के प्रमुख विचारों और नापसंदों को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 4. शेखर के कल्पित भारत के राष्ट्रपति कौन थे?
(a) गांधी
(b) सुभाष
(c) नेहरू
(d) चंद्रशेखर आजाद
Answer: (a) गांधी
In simple words: शेखर के काल्पनिक भारत के राष्ट्रपति गांधी थे।

Exam Tip: चरित्र की कल्पनाओं में प्रमुख हस्तियों की भूमिका को याद रखें।

 

Question 5. दौरे पर जाते समय पिता-पुत्र कहाँ रुके?
(a) भोपाल स्टेशन
(b) ग्वालियर स्टेशन
(c) बाँकीपुर स्टेशन
(d) आगरा स्टेशन
Answer: (c) बाँकीपुर स्टेशन
In simple words: यात्रा के दौरान पिता और पुत्र बाँकीपुर स्टेशन पर ठहरे।

Exam Tip: यात्रा के विवरण और स्थानों को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 6. शेखर असहयोग की लहर में बह नहीं पाया, क्योंकि ...
(a) उसे पढ़ाई भी करनी थी।
(b) वह लहर उसके पास तक नहीं आई।
(c) उसे घर से अनुमति नहीं थी।
(d) उसकी पहुंच से बाहर था।
Answer: (c) उसे घर से अनुमति नहीं थी।
In simple words: शेखर असहयोग आंदोलन में शामिल नहीं हो सका क्योंकि उसे अपने घर से अनुमति नहीं मिली थी।

Exam Tip: चरित्र के कार्यों या निष्क्रियता के पीछे के व्यक्तिगत बाधाओं या कारणों को पहचानें।

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1.
(i) समवेत
(ii) चेष्टा
(iii) आहलाद
(iv) आतंक
(v) गुस्ताखी
(vi) अनवरत
(vii) शैशव
(viii) अंकुश
(ix) घृणा
(x) अवसर
(xi) पुलकित
(xii) प्रभुत्व
(xiii) स्थूल
(xiv) तनिक
Answer:
(i) सामूहिक
(ii) प्रयत्न
(iii) प्रसन्नता
(iv) भय
(v) अशिष्टता
(vi) लगातार
(vii) बचपन
(viii) नियंत्रण
(ix) नफरत
(x) मौका
(xi) प्रसन्न
(xii) अधिकार
(xiii) मोटा
(xiv) थोड़ा
In simple words: इन शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द हैं: समवेत - सामूहिक, चेष्टा - प्रयत्न, आहलाद - प्रसन्नता, आतंक - भय, गुस्ताखी - अशिष्टता, अनवरत - लगातार, शैशव - बचपन, अंकुश - नियंत्रण, घृणा - नफरत, अवसर - मौका, पुलकित - प्रसन्न, प्रभुत्व - अधिकार, स्थूल - मोटा, तनिक - थोड़ा।

Exam Tip: प्रत्येक शब्द के लिए सबसे सटीक और सामान्य रूप से स्वीकृत पर्यायवाची शब्द का प्रयोग करें।

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1. सम्मुख
Answer: विमुख
In simple words: 'सम्मुख' का विपरीत शब्द 'विमुख' है।

Exam Tip: शब्दों के अर्थों पर ध्यान दें ताकि उनके सही विलोम शब्द का चुनाव कर सकें।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :

 

Question 1.
(i) शेखर का बचपन क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित था।
(ii) शेखर के मन में विदेशी के प्रति घृणा हो गई।
(iii) पिता की उपस्थिति में वह बातें करते झिझकता था।
(iv) उसे लिखने में विशेष कठिनाई नहीं हुई।
(v) उसने प्यार से उस लड़के की ओर देखा।
Answer:
(i) बचपन
(ii) घृणा
(iii) उपस्थिति
(iv) कठिनाई
(v) प्यार
In simple words: इन वाक्यों में भाववाचक संज्ञाएँ हैं: बचपन, घृणा, उपस्थिति, कठिनाई और प्यार। ये शब्द भावनाओं या अवस्थाओं को दर्शाते हैं।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएँ ऐसी संज्ञाएँ होती हैं जो किसी गुण, भाव, दशा या क्रिया के व्यापार का बोध कराती हैं।

 

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

 

Question 1. घणा होना
Answer: घृणा होना – नफरत होना
वाक्य : पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।
In simple words: 'घृणा होना' का मतलब है नफरत करना। वाक्य में, हमें बुरे कामों से नफरत करनी चाहिए, न कि बुरे काम करने वाले व्यक्ति से।

Exam Tip: मुहावरे का सटीक अर्थ बताएं और एक उदाहरण वाक्य दें जो उस अर्थ को स्पष्ट करे।

 

Question 2. बाध्य होना
Answer: बाध्य होना – विवश होना
वाक्य : बालक की जिद के सामने माँ को विवश होकर उसे खिलौना दिलाना पड़ा।
In simple words: 'बाध्य होना' का मतलब है मजबूर होना। बच्चे की जिद के कारण माँ को मजबूर होकर उसे खिलौना देना पड़ा।

Exam Tip: मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और वाक्य में उसके प्रयोग को सही ढंग से दर्शाएं।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :

 

Question 1.
(i) परित्याग
(ii) स्वदेशी
(iii) असहयोग
(iv) अंतर्गत
(v) प्रतिलिपि
(vi) विदेशी
(vii) स्वाधीन
(viii) प्रतिभा
(ix) विवश
(x) अपार
(xi) प्रमाण
(xii) समावेश
(xiii) समाविष्ट
(xiv) अनभिज्ञ
(xv) सुभाष
(xvi) अनुमति
(xvii) अशिष्ट
(xviii) विमुख
(xix) प्रतिक्रिया
(xx) विद्रोह
Answer:
(i) परित्याग – परि + त्याग
(ii) स्वदेशी – स्व + देशी
(iii) असहयोग – अ + सह + योग
(iv) अंतर्गत – अंत: + गत
(v) प्रतिलिपि – प्रति + लिपि
(vi) विदेशी – वि + देशी
(vii) स्वाधीन – स्व + आधीन
(viii) प्रतिभा – प्रति + भा
(ix) विवश – वि + वश
(x) अपार – अ + पार
(xi) प्रमाण – प्र + मान
(xii) समावेश – सम् + आवेश
(xiii) समाविष्ट – सम् + आविष्ट
(xiv) अनभिज्ञ – अन् + अभि + ज्ञ
(xv) सुभाष – सु + भाष
(xvi) अनुमति – अनु + मति
(xvii) अशिष्ट – अ + शिष्ट
(xviii) विमुख – वि + मुख
(xix) प्रतिक्रिया – प्रति + क्रिया
(xx) विद्रोह – वि + द्रोह
In simple words: यहाँ शब्दों के उपसर्गों को अलग किया गया है: परित्याग (परि), स्वदेशी (स्व), असहयोग (अ), अंतर्गत (अंत:), प्रतिलिपि (प्रति), विदेशी (वि), स्वाधीन (स्व), प्रतिभा (प्रति), विवश (वि), अपार (अ), प्रमाण (प्र), समावेश (सम्), समाविष्ट (सम्), अनभिज्ञ (अन्), सुभाष (सु), अनुमति (अनु), अशिष्ट (अ), विमुख (वि), प्रतिक्रिया (प्रति), और विद्रोह (वि)।

Exam Tip: उपसर्गों को पहचानते समय शब्द के मूल अर्थ और उपसर्ग के अर्थ को समझें।

 

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :

 

Question 1.
(i) स्वदेशी
(ii) बहिष्कार
(iii) राष्ट्रीय
(iv) दैनिक
(v) क्रोधित
(vi) सामूहिक
(vii) उत्साहित
(viii) प्रभुत्व
(ix) पुलकित
(x) बाधाहीन
(xi) अंग्रेजी
(xii) प्रमाणित
(xiii) बुनाई
(xiv) अंतिम
(xv) प्रसन्नता
(xvi) अशिष्टता
(xvii) बचपन
(xviii) नौकरानी
(xix) अध्यापिका
(xx) कठिनाई
Answer:
(i) स्वदेशी – स्वदेश + ई
(ii) बहिष्कार – बहिः + कार
(iii) राष्ट्रीय – राष्ट्र + ईय
(iv) दैनिक – दिन + इक
(v) क्रोधित – क्रोध + इत
(vi) सामूहिक – समूह + इक
(vii) उत्साहित – उत्साह + इत
(viii) प्रभुत्व – प्रभु + त्व
(ix) पुलकित – पुलक + इत
(x) बाधाहीन – बाधा + हीन
(xi) अंग्रेजी – अंग्रेज + ई
(xii) प्रमाणित – प्रमाण + इत
(xiii) बुनाई – बुनना + ई
(xiv) अंतिम – अंत + इम
(xv) प्रसन्नता – प्रसन्न + ता
(xvi) अशिष्टता – अशिष्ट + ता
(xvii) बचपन – बच्चा + पन
(xviii) नौकरानी – नौकर + आनी
(xix) अध्यापिका – अध्यापक + इका
(xx) कठिनाई – कठिन + आई
In simple words: यहाँ शब्दों के प्रत्ययों को अलग किया गया है: स्वदेशी (ई), बहिष्कार (कार), राष्ट्रीय (ईय), दैनिक (इक), क्रोधित (इत), सामूहिक (इक), उत्साहित (इत), प्रभुत्व (त्व), पुलकित (इत), बाधाहीन (हीन), अंग्रेजी (ई), प्रमाणित (इत), बुनाई (ई), अंतिम (इम), प्रसन्नता (ता), अशिष्टता (ता), बचपन (पन), नौकरानी (आनी), अध्यापिका (इका), और कठिनाई (आई)।

Exam Tip: प्रत्ययों को पहचानते समय मूल शब्द को अलग करें और देखें कि कौन सा शब्दांश अंत में जुड़कर नया अर्थ बना रहा है।

क्रान्तिकारी शेखर का बचपन Summary in Gujarati

શેખરના મનમાં વિદેશી વસ્તુઓનો બહિષ્કાર કરવાની ધૂન સવાર હતી. શેખરે વિદેશી વસ્ત્રો પહેરવાનું છોડી દીધું. પોતાની પાસે દેશી કપડાં ઓછા હતાં, તેથી તેણે બહાર ફરવાનું પણ બંધ કરી દીધું. બપોરે તે ઘરની બારી પાસે ઊભો રહીને બહાર બોલાતાં સૂત્રો સાંભળતો હતો. 'ગાંધીજીની બોલબાલા, દુશ્મનનું મોટું કાળું' – આ સૂત્ર તે પણ દોહરાવતો હતો.

ઘરનો અંકુશ: શેખરના ઘરમાં સૌ વિદેશી વસ્તુઓનો ઉપયોગ કરતા હતા. તેમને સ્વદેશી વસ્તુઓ પ્રત્યે જરા પણ રુચિ નહોતી. આનાથી વિપરીત શેખરને વિદેશી વસ્તુઓ પ્રત્યે સખત નફરત હતી, પરંતુ તે પોતાની નફરત ખુલ્લેઆમ પ્રગટ કરી શકતો નહોતો. સ્વદેશી આંદોલનમાં ભાગ લેવાની તેને છૂટ પણ ન હતી.

ઘરનાં વિદેશી વસ્ત્રોની હોળી: એક દિવસ ઘરના સૌ સભ્યો બહાર ગયા હતા. મા ઉપરના માળે બેઠી હતી. શેખરને તક મળી ગઈ. તેણે ઘરનાં વિદેશી વસ્ત્રો એક જગ્યાએ ભેગાં કર્યાં અને ઘરમાં રાતે બળતા દીવાનું ઘાસતેલ લાવીને બધાં કપડાં સળગાવી દીધાં. આને લીધે તેને માના તમાચા ખાવા પડ્યા.

અંગ્રેજી ભાષા પ્રત્યે ઘૃણા: શેખરના મનમાં અંગ્રેજી ભાષા પ્રત્યે ઘણી નફરત જાગી હતી. તે અંગ્રેજી માધ્યમની સ્કૂલમાં ભણતો હતો. તેની પહેલી આયા ખ્રિસ્તી હતી. તેના પહેલા ગુરુ આખો દિવસ અંગ્રેજીનું શિક્ષણ આપ્યા કરતા હતા. ઘરમાં પણ પરિવારના સભ્યો અંગ્રેજી બોલતા હતા. તેના પિતા ઈચ્છતા હતા કે તે ઘરમાં ભાઈઓ સાથે અંગ્રેજીમાં વાતચીત કરે, પરંતુ શેખરને એ પસંદ નહોતું કે વિદેશી ભાષા તેની માતૃભાષા બની જાય. તેણે પૂરી કાળજીથી હિંદી ભણવાનું શરૂ કરી દીધું. રાષ્ટ્રીય નાટક લખવું: શેખરને કોઈ પણ રીતે પોતાની રાષ્ટ્રભક્તિ અને ગાંધીજી પ્રત્યે શ્રદ્ધા વ્યક્ત કરવી હતી. એ માટે તેણે રાષ્ટ્રીય નાટક લખવાનું શરૂ કર્યું. બાળપણમાં તેણે "સત્યવાદી હરિશ્ચંદ્ર" નાટક જોયું હતું.

એ રૂપરેખા પર એનું આ નાટક હતું. તેમાં સ્વાધીન લોકતંત્ર ભારત બતાવવામાં આવ્યું હતું, જેના રાષ્ટ્રપતિ મહાત્મા ગાંધી હતા. ગાંધીજી દ્વારા પ્રેરિત કાંતવું, વણવું, અંગ્રેજી ભાષાનો બહિષ્કાર વગેરે બધી જ બાબતો તેમાં બતાવવામાં આવી હતી. નાટકની નકલ કરીને પોતાનાં પુસ્તકોની વચ્ચે તેને સંતાડીને મૂકી દીધી.

બાંકીપુર સ્ટેશન પરની ઘટના: શેખરના પિતા શેખર સાથે એક દિવસના પ્રવાસે જઈ રહ્યા હતા. ત્યાં વેઇટિંગ રૂમની બહાર એક છોકરો શેખરની પાસે આવ્યો. તેણે સારો સૂટ અને અંગ્રેજી ટોપી પહેર્યા હતા. તેણે અંગ્રેજીમાં શેખરનું નામ પૂછ્યું, શેખર ચૂપ રહ્યો. તે છોકરાએ ફરીથી અંગ્રેજીમાં વાત કરવા માંડી પણ શેખરે તિરસ્કારથી તેના તરફ જોયું પણ કંઈ ઉત્તર ન આપ્યો.

પિતા ક્રોધિત થયા: શેખર ચૂપ રહ્યો તે તેના પિતાને ગમ્યું નહિ. તેમણે ક્રોધિત સ્વરે અંગ્રેજીમાં કહ્યું, ‘ઉત્તર કેમ નથી આપતો?" તે છોકરો હસીને આગળ ચાલ્યો ગયો. વેઇટિંગ રૂમમાં આવીને પિતાએ શેખરને જવાબ ન આપવાનું કારણ પૂછ્યું. એટલામાં ટ્રેન આવી ગઈ અને શેખર ઉત્તર આપવામાંથી બચી ગયો. પિતાની રિમાર્ક: બીજે દિવસે પિતાએ ઘરમાં માને કહ્યું, ‘આપણા છોકરા સાવ બુદ્ધ છે. કોઈની સાથે બોલી શકતા નથી.’ શેખરે આ સાંભળી લીધું.

क्रान्तिकारी शेखर का बचपन Summary in English

Strong addiction to reject foreign countries things in Shekhar's mind: Shekhar gave up wearing foreign country's clothes. He had only a few native clothes, so he stopped going out.

He used to stand near the window of the house and hear the slogans which were uttered outside. He repeated the slogan: (Gandhiji's good fortune, enemy's bad fortune) 'Gandhijini bolbala, dushmananu modhu kalu'.

Control of the house: Everyone in Shekhar's house used foreign country's things. They had no liking to use native things. On the contrary, Shekhar had a strong dislike towards the foreign country's things. But he could not openly oppose his dislike. He was not allowed to take part in the 'Swadeshi movement'.

A bonfire of foreign clothes in the house: One day, all the members of the house had gone out. Mother was sitting upstairs. Shekhar got a chance. He collected all the foreign clothes in his house and burnt them using kerosene from the lamp. He had to face slaps from his mother.

Dislike for English language: Shekhar had a great dislike for the English language in his mind. He was studying in an English medium school. His first nurse was a Christian. His first teacher always gave him English education.

The family members in the house also spoke English. His father wished that he spoke English with his brothers. But Shekhar did not like a foreign language becoming his mother tongue. He began to learn Hindi carefully.

To write a national play: Shekhar wanted to express his patriotism and faith towards Gandhiji in any way. So, he began to write a national play. He had seen the play 'Satyavadi Harishchandra'. His play was based on this outline.

In his play, India was shown as democratic, with Gandhiji as its president. Good things that Gandhiji encouraged, like spinning, weaving, and dislike of the English language, were shown in the play. He had hidden the copy of the play among his books.

Incident at Bankipur railway station: Shekhar's father was going out on a picnic with Shekhar. A boy came to Shekhar outside the waiting room. He had on a nice suit and an English cap. He asked Shekhar his name in English, but Shekhar was quiet. The boy again began to talk in English, but Shekhar did not say anything and showed his dislike.

Father became angry: Shekhar was quiet. His father did not like that. He asked angrily in English, 'Why do you not answer him?' The boy laughed and went away. Father asked Shekhar the reason for not answering the boy after coming into the waiting room. Meanwhile, the train arrived, and Shekhar was saved from having to answer his father.

Father's remark: The next day, father told his mother in the house, 'Our sons are quite dull. They can't talk to anybody'. Shekhar heard it.

क्रान्तिकारी शेखर का बचपन Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :

सन 1940 में गांधीजी ने देश में असहयोग आंदोलन आरंभ किया। स्वदेशी आंदोलन भी इसीका एक हिस्सा था। इसके अंतर्गत सभी विदेशी वस्तुओं का परित्याग करना था। इस पाठ के नायक शेखर पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा। इस पाठ में उसीको प्रस्तुत किया गया है।

पाठ का सार :

शेखर पर विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का भूत सवार होना : शेखर ने विदेशी वस्त्र पहनना छोड़ दिया। पास में देशी कपड़े कम होने से उसने बाहर घूमना भी छोड़ दिया। दोपहर को वह घर में खिड़की के पास खड़ा हो जाता और बाहर लगाए गए नारे सुनता। 'गांधीजी का बोलबाला। दुश्मन का मुंह हो काला।' इस नारे को वह भी दुहराता।

घर के अंकुश : शेखर के घर में सब विदेशी वस्तुओं का उपयोग करते थे। उन्हें स्वदेशी वस्तुओं से किसी तरह का लगाव नहीं था। इसके विपरीत शेखर को विदेशी वस्तुओं से सख्त नफरत थी। लेकिन वह अपनी नफरत खुलकर प्रकट नहीं कर सकता था। स्वदेशी आंदोलन में भाग लेने की भी उसे छूट नहीं थी।

घर के विदेशी वस्त्रों की होली : एक दिन घर के सब लोग बाहर गए थे। मां ऊपर कोठे में बैठी हुई थी। शेखर को मौका मिला। उसने घर के विदेशी वस्त्र एक जगह जमा किए। घर में रात को जलनेवाले दीयों का मिट्टी का तेल लाकर सारे कपड़े जला दिए। बाद में इसके लिए उसको माँ के थप्पड़ खाने पड़े।

अंग्रेजी भाषा से घृणा : शेखर के मन में अंग्रेजी भाषा के प्रति घृणा का भाव पैदा हुआ। वह अंग्रेजी माध्यमवाले स्कूल में पढ़ता था उसकी पहली आया ईसाई थी। उसका पहला गुरु दिनभर अंग्रेजी की शिक्षा दिया करता था। घर में भी लोग अंग्रेजी ही बोलते थे। उसके पिता चाहते थे कि वह घर में भाइयों से अंग्रेजी में बातचीत किया करे। पर शेखर को यह पसंद नहीं था कि विदेशी भाषा उसकी मातृभाषा बन जाए। उसने पूरी लगन से हिन्दी पढ़ना शुरू कर दिया।

राष्ट्रीय नाटक लिखना : शेखर को किसी तरह अपनी राष्ट्रभक्ति और गांधीजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करनी थी। इसके लिए उसने राष्ट्रीय नाटक लिखना शुरू किया। बचपन में उसने 'सत्यवादी हरिश्चन्द्र' नाटक देखा था। उसी ढांचे पर उसका यह नाटक था। इसमें स्वाधीन लोकतंत्र भारत दिखाया गया था। जिसके राष्ट्रपति महात्मा गांधी थे। गांधीजी प्रेरित सारी बातें, कताई, बुनाई, विदेशी भाषा का बहिष्कार आदि भी दिखाई गई थी। नाटक की प्रतिलिपि लिखकर शेखर ने उसे अपनी पुस्तकों के बीच छिपाकर रख दी।

बांकीपुर स्टेशन पर की घटना : शेखर के पिता शेखर के साथ एक दिन के दौरे पर कहाँ जा रहे थे। वहाँ वेटिंग रूम के बाहर एक लड़का शेखर के पास आया। वह अच्छा-सा सूट और अंग्रेजी टोपी पहने हुए था। उसने अंग्रेजी में शेखर का नाम पूछा। शेखर चुप रहा। उस लड़के ने फिर अंग्रेजी में बात करनी चाही, पर शेखर ने घृणा से उसकी ओर देखा, कोई उत्तर नहीं दिया।

पिता का क्रोधित होना : शेखर की चुप्पी उसके पिता को बुरी लगी। उन्होंने क्रुद्ध स्वर में अंग्रेजी में कहा, 'जवाब क्यों नहीं देते?' वह लड़का मुस्कराकर आगे बढ़ गया। वेटिंग रूम में आकर पिता ने शेखर से जवाब न देने का कारण पूछा। तभी ट्रेन आ गई और शेखर जवाब देने से बच गया।

पिता का रिमार्क : दुसरे दिन पिता ने घर में मां से कहा- हमारे लड़के सब बद्ध हैं। किसीके सामने उनका बोल नहीं निकलता। शेखर ने सुन लिया।

क्रान्तिकारी शेखर का बचपन शब्दार्थ :

1. असहयोग - सहयोग न देना, गांधीजी का एक आंदोलन।

2. चेष्टा - प्रयत्न।

3. खेना - नाव को पानी में आगे ले जाना।

4. समवेत - सामूहिक।

5. बोलबाला होना - अति प्रसिद्ध होना।

6. पुलकित - प्रसन्न।

7. अनुमति - इजाजत।

8. अंकुश - नियंत्रण।

9. प्रेरित करना - उत्साहित करना।

10. भभकना - भड़कना।

11. आहलाद - प्रसन्नता, आनंद।

12. घृणा - नफरत।

13. प्रभुत्व - अधिकार।

14. आतंक - भय।

15. शैशव - बचपन।

16. लगन से - पूरे मन से, चाव से।

17. प्रमाणित करना - साबित करना।

18. अनवरत - लगातार।

19. प्रतिभा - तेजस्वी बुद्धि।

20. स्थूल - मोटा।

21. बाधाहीन - बिना किसी रुकावट के।

22. दौरा - निरीक्षण के लिए जाना।

23. उन्मुख होना - सामने होना।

24. तनिक - थोड़ा, जरा।

25. रोब - प्रभाव।

26. गुस्ताखी - बेअदबी, अशिष्टता।

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