GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी

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Detailed Chapter 12 रानी GSEB Solutions for Class 9 Hindi

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Class 9 Hindi Chapter 12 रानी GSEB Solutions PDF

स्वाध्याय

 

1. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए :

 

Question 1. 'रानी' कौन-सी साहित्यिक विधा है?
Answer: रानी 'रेखाचित्र' नामक एक साहित्यिक शैली है।
In simple words: रानी एक 'रेखाचित्र' नामक लेखन शैली है, मतलब यह एक कहानी या जीवनी की तरह नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति या चीज़ का शब्दचित्र है।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 2. लेखिका ने रानी के अलावा और कौन-कौन से चरित्र लिए हैं?
Answer: महादेवी वर्मा ने रानी के अलावा रोजी (कुतिया) और निक्की (नेवला) जैसे अन्य पात्रों का उपयोग किया है।
In simple words: लेखिका ने कहानी में रानी के साथ रोजी नामक कुतिया और निक्की नामक नेवले को भी शामिल किया है।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 3. लड़कों ने स्मृतिपत्र में किस अन्याय की बात लिखी थी?
Answer: लड़कों ने स्मृतिपत्र में बताया था कि जिस प्रकार अंग्रेज बच्चों के पास छोटे घोड़े होते हैं, वैसा उनके पास न होना एक अनुचित बात है।
In simple words: लड़कों ने लिखा था कि अंग्रेज बच्चों के पास छोटे घोड़े हैं, और उनके पास ऐसा घोड़ा न होना उन्हें गलत लगता है।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के तीन-चार वाक्यों में उत्तर दीजिए :

 

Question 1. रानी के साथ मित्रता स्थापित करने के लिए कैसे प्रयास किए गए?
Answer: धीरे-धीरे बच्चों की रानी के प्रति अप्रसन्नता खत्म होने लगी। वे उसकी गर्दन में झूलने लगे। उसके कानों और अयाल में फूल लगाने लगे। बच्चे उसे बिस्कुट और मिठाइयां देने लगे।
In simple words: बच्चों ने रानी की गर्दन में झूलकर, उसके बालों में फूल लगाकर और उसे बिस्कुट-मिठाई खिलाकर दोस्ती की शुरुआत की।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 2. रानी की पीठ पर सवारी करने पर कौन-सी दुर्घटना घटित हुई? क्यों?
Answer: एक बार जब महादेवी रानी की बिना जीन वाली पीठ पर बैठी थीं, तभी उनके भाई ने अपने हाथ की छड़ी रानी के पैरों पर मार दी। इस घटना से रानी बहुत तेज भागने लगी। महादेवी खुद को ज्यादा समय तक नियंत्रित रख पाईं नहीं और नीचे गिर पड़ीं। छड़ी लगने से रानी के स्वाभिमान को आघात पहुँचा था, इसलिए वह भागने लगी।
In simple words: महादेवी के भाई ने रानी के पैरों पर छड़ी मार दी, जिससे रानी तेज भागने लगी और महादेवी गिर पड़ीं। रानी को अपने स्वाभिमान पर चोट लगी थी।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

3. शब्दसमूह के लिए एक-एक शब्द लिखिए :

 

Question 1. ज्ञान में वृद्धि करनेवाला
Answer: ज्ञानवर्धक
In simple words: जो कुछ नया सिखाता या जानकारी बढ़ाता है, उसे ज्ञानवर्धक कहते हैं।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

Question 2. बच्चे सरलता से कर सकें ऐसी प्रवृत्तियाँ
Answer: बालसुलभ प्रवृत्तियाँ
In simple words: वे काम जो बच्चे आसानी से कर पाते हैं, बालसुलभ गतिविधियाँ कहलाते हैं।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

Question 3. घोड़े पर बैठकर की जानेवाली सवारी
Answer: घुड़सवारी
In simple words: घोड़े की सवारी करना घुड़सवारी कहलाता है।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

4. विरुद्धार्थी शब्द दीजिए :

 

Question 1. विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) अपराधी
(ii) प्रसन्नता
(iii) दंड
Answer:
(i) निरपराधी
(ii) अप्रसन्नता
(iii) पुरस्कार
In simple words: किसी शब्द का उल्टा अर्थ वाला शब्द, विरुद्धार्थी शब्द कहलाता है, जैसे 'अपराधी' का उल्टा 'निरपराधी' होता है।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. महादेवी तथा उनके भाई-बहनों की क्या इच्छा थी? पिताजी ने उनकी इच्छा कैसे पूरी की?
Answer: महादेवी और उनके भाई-बहनों की घुड़सवारी करने की प्रबल आकांक्षा थी। कुछ दिनों बाद बच्चों को पता चला कि उनके बरामदे में एक छोटा-सा टट्ट लाया गया है और बाँधा गया है। उसकी मालिश, खिलाने-पिलाने और घुमाने-फिराने के लिए 'छुट्टन' नामक एक साईस भी तैनात किया गया है। यह टट्ट एक सुंदर तथा लुभावनी घोड़ी थी। बाद में सभी उसे 'ताजरानी' या सिर्फ 'रानी' पुकारने लगे। इस प्रकार पिताजी ने बच्चों की घुड़सवारी करने की इच्छा संतुष्ट की।
In simple words: महादेवी और उनके भाई-बहन घोड़े पर सवारी करना चाहते थे। उनके पिताजी ने उनके लिए एक छोटी, सुंदर घोड़ी खरीदी और उसका नाम 'रानी' या 'ताजरानी' रखा, साथ ही उसकी देखभाल के लिए एक साईस भी रखा।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 2. महादेवी ने रानी का कैसा शब्दचित्र खींचा है?
Answer: रानी हल्के चाकलेटी रंग की घोड़ी थी। उसका रंग इतना दमकदार था जिससे उस पर दृष्टि ठहर नहीं पाती थी। उसके खड़े कानों के बीच माथे पर अयाल का एक गुच्छा लटका रहता था। उसकी आँखें बड़ी, काली, साफ और स्पष्ट दिखती थीं। उसके नथुने और जीभ लाल, होंठ गुलाबी और दाँत सफेद थे। उसके मजबूत दाँत लोहे की लगाम चबाते रहने पर भी क्षतिग्रस्त नहीं होते थे। उसकी पीठ अधिक ऊँची थी। उसके पैर गठीले और शक्तिशाली थे। उसकी घनी पूँछ मोर के पंखों जैसी दिखती थी। इस प्रकार महादेवीजी ने रानी का बड़ा ही मनमोहक विवरण प्रस्तुत किया है।
In simple words: महादेवी ने रानी को हल्के चाकलेटी रंग की, चमकदार त्वचा वाली, बड़ी काली आँखों वाली, मजबूत दाँतों वाली और मोरपंख जैसी पूँछ वाली एक बहुत ही सुंदर और आकर्षक घोड़ी बताया है।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 3. रानी बच्चों के मनोरंजन का साधन किस प्रकार बन गई?
Answer: जब रानी आई, तब बच्चे कुछ दिनों तक उससे अप्रसन्न थे। किंतु धीरे-धीरे उनकी वह अप्रसन्नता खत्म हो गई। वे उसकी गर्दन में झूलने लगे। उसके कानों और अयाल में फूल लगाने लगे। वे उसे बिस्कुट और मिठाइयाँ देने लगे। धीरे-धीरे वे घोड़ी पर सवारी भी करने लगे। घोड़ी भी बच्चों से बहुत प्यार करने लगी। वह बच्चों को न देखती तो अशांत होकर पैर पटकने और हिनहिनाने लगती थी। इस प्रकार रानी के साथ दोस्ती स्थापित करने के लिए बच्चों द्वारा कई कोशिशें की गईं।
In simple words: रानी शुरू में बच्चों को पसंद नहीं आई, लेकिन धीरे-धीरे बच्चे उसकी गर्दन में झूलने लगे, फूल लगाने लगे, और बिस्कुट खिलाने लगे। रानी भी उनसे प्यार करने लगी, जिससे वह उनका मनोरंजन का माध्यम बन गई।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 4. रानी का पेट चीरने का प्रस्ताव क्यों विफल हो गया?
Answer: रानी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। नौकर रामा ने जानकारी दी कि अभी एक और बच्चा रानी के पेट में है। बच्चों को लगा कि अगर वे रानी का पेट चीरकर एक और बच्चा निकाल लें, तो सवारी में आसानी होगी। रानी महादेवी के पास रुक पाएगी और भाई-बहन दोनों छोटे घोड़ों पर बैठेंगे। यह विचार करके महादेवी का भाई एक दिन दोपहर को चाकू ले आया था। चाकू देखकर महादेवी साहस नहीं जुटा पाईं। पेट चीरने के बाद उसे सिलने का तरीका किसी को ज्ञात नहीं था। इसलिए रानी का पेट चीरने का प्रस्ताव सफल नहीं हो पाया।
In simple words: बच्चों को लगा कि रानी के पेट में एक और बच्चा है, तो उन्होंने पेट चीरने का विचार किया ताकि सवारी आसान हो। लेकिन चाकू देखकर महादेवी डर गईं, और पेट सिलने का तरीका पता न होने के कारण यह योजना छोड़ दी गई।

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Question 5. बच्चों को रानी के शिशु पर क्रोध क्यों आया?
Answer: बच्चे रानी से अत्यधिक प्यार करते थे। एक दिन वे सुबह उठे तो उन्हें दिखाई दिया कि एक घोड़े का बच्चा भी रानी के पास खड़ा है। बच्चों के पूछने पर नौकर रामा ने जानकारी दी कि वह बच्चा रानी के पेट में था। रानी जो दाना-चारा खाती थी, उसे यह बच्चा निगल जाता था और उसके पेट में सोता रहता था। यह जानकर बच्चों को बहुत गुस्सा आया। उन्हें लगा कि यह बच्चा तो किसी काम का नहीं है। यह कितनी अनुचित बात है कि वह रानी के पेट में रहकर सारा दाना-चारा चट कर जाता था। बेचारी रानी कितना काम करती है, उन्हें अपनी पीठ पर लादकर सवारी करवाती है और यह बच्चा मुफ्त में उसका खाया हुआ खाना पचा जाता था। यह सोचकर बच्चों को रानी के शिशु पर बहुत गुस्सा आया।
In simple words: बच्चों को गुस्सा आया क्योंकि रानी का बच्चा कुछ काम नहीं करता था, लेकिन रानी का सारा खाना खा जाता था और रानी की पीठ पर सवारी करने के बाद भी वह मुफ्त में सब कुछ खाता था।

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Question 6. रानी का चरित्र-चित्रण कीजिए। अथवा रानी की विशेषताओं पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: रानी एक छोटी, मनमोहक घोड़ी थी। उसका स्वभाव भी सीधा और प्रेम से भरा था। परिवार के बच्चे उसके साथ खुले दिल से खेलते थे। पालतू नेवला भी उसकी पूंछ से लटकता था। कुतिया (रोजी) भी उसकी पीठ पर चढ़ती-उतरती रहती थी। कभी कोई बच्चा उसे मार देता तो उसका आत्मसम्मान जाग जाता था, फिर भी वह शांत रहती थी। यदि कोई बच्चा उसकी पीठ पर से गिर जाता तो उसे बड़ा पछतावा होता था। उसकी समझदारी से सोने के खोए हुए कड़े मिल गए थे। अपने इन्हीं गुणों के कारण रानी ने पूरे परिवार का मन मोह लिया था।
In simple words: रानी एक प्यारी और सरल घोड़ी थी जो बच्चों से बहुत प्यार करती थी। वह धैर्यवान, समझदार थी, और पूरे परिवार का दिल जीत लिया था।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. गधे पर बैठे अंग्रेज बच्चों के बारे में रामा ने क्या बताया?
Answer: गधे पर बैठे अंग्रेज बच्चों के बारे में रामा ने जानकारी दी कि उन्हें विलायत में गधे पर बैठने की सजा मिली है। लेकिन विलायत में गधे उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए उन्हें भारत भेज दिया गया है।
In simple words: रामा ने कहा कि अंग्रेज बच्चों को उनके देश में गधे पर बैठने की सजा मिली थी, लेकिन वहाँ गधे न होने के कारण उन्हें भारत भेजा गया है।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 2. रानी के प्रति बच्चों का ईर्ष्या और रोष दयाभाव में क्यों बदल गया?
Answer: बच्चों ने कल्पना की कि ताजमहल जैसे महल की स्वामिनी होने पर भी रानी को वहाँ से हटा दिया गया है। यह विचार आते ही उनकी सभी जलन और गुस्सा दयाभाव में परिवर्तित हो गया।
In simple words: बच्चों ने सोचा कि रानी को उसके महल से निकाल दिया गया था, यह सोचकर उनकी जलन और गुस्सा दया में बदल गया।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 3. रानी के बच्चे को देखकर बच्चों को क्रोध क्यों आया?
Answer: रानी के बच्चे को देखकर बच्चों ने मान लिया कि वह कोई कार्य किए बिना रानी के पेट में सो रहा था। वह कुछ भी काम किए बिना रानी का दाना-चारा उपभोग करता रहता था।
In simple words: बच्चों को गुस्सा आया क्योंकि रानी का बच्चा कोई काम नहीं करता था और रानी का सारा खाना खाकर उसके पेट में सोता रहता था।

Exam Tip: पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए, प्रश्न के सभी हिस्सों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :

 

Question 1. सफेद टट्टुओं के बारे में रामा ने बच्चों से क्या बताया?
Answer: सफेद टट्टुओं के बारे में रामा ने बच्चों को जानकारी दी कि ये सफेद गधे हैं जिन पर अपराधियों को बिठाने की सजा दी जाती है।
In simple words: रामा ने कहा कि सफेद टट्टु वास्तव में गधे होते हैं और इन पर अपराधियों को सजा के तौर पर बिठाया जाता है।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 2. रानी अपनी नंगी पीठ पर अयाल पकड़कर बैठनेवाले बच्चों को कैसे संतुष्ट कर देती थी?
Answer: रानी अपनी बिना जीन वाली पीठ पर अयाल पकड़कर बैठनेवाले बच्चों को धीमी चाल से इधर-उधर घुमाकर खुश कर देती थी।
In simple words: रानी अपनी पीठ पर बैठे बच्चों को, जो उसके अयाल को पकड़े होते थे, धीमी चाल से घुमाकर खुश करती थी।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 3. महादेवी रानी पर कब बैठती थीं?
Answer: महादेवी रानी पर तीसरे पहर यानी संध्या के समय सवारी करती थीं।
In simple words: महादेवी रानी पर शाम के समय सवारी करती थीं।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 4. जन्मदिन पर नानी ने क्या भेजा?
Answer: जन्मदिन पर नानी ने शेर के मुँह वाले सोने के कड़े भेजे थे।
In simple words: नानी ने जन्मदिन पर शेर के मुँह वाले सोने के कंगन भेजे थे।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 5. रानी बच्चों को अपने पास कैसे बुलाती थी?
Answer: रानी पैर पटककर या हिनहिनाकर बच्चों को अपने पास आकर्षित करती थी।
In simple words: रानी अपने पैरों को पटककर या हिनहिनाकर बच्चों को अपने पास बुलाती थी।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, मुख्य जानकारी को सीधे और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

 

Question 1. सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
(i) रानी के साईस का नाम .................. था। (इन, छुट्टन)
(ii) रामा ने घोड़ी का नाम .................. बताया। (मेहतरानी, ताजरानी)
(iii) रानी के लिए बरामदा .................. बन गया था। (अस्तबल, महल)
(iv) सोने के कड़े .................. के कानों में पहना दिए। (महादेवी, ताजरानी)
(v) अपराधियों को .................. पर चढ़ाकर देश-निकाला दिया जाता था। (सफेद गधे, काले गधे)
Answer:
(i) छुट्टन
(ii) ताजरानी
(iii) अस्तबल
(iv) ताजरानी
(v) सफेद गधे
In simple words: आपको दिए गए विकल्पों में से सही शब्द चुनकर खाली जगह भरनी है, जिससे वाक्य पूरा हो जाए।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

निम्नलिखित विधान 'सही' है या 'गलत' यह बताइए:

 

Question 1. निम्नलिखित विधान 'सही' है या 'गलत' यह बताइए:
(i) टट्ट का नाम 'ताजरानी' था।
(ii) रानी हल्के चाकलेटी रंग की घोड़ी थी।
(iii) घोड़ी बच्चों से बड़ी नाखुश रहती थी।
(iv) किसी ने खड्डा खोदकर कड़े वहाँ छिपा दिए थे।
Answer:
(i) सही
(ii) सही
(iii) गलत
(iv) सही
In simple words: आपको दिए गए वाक्यों को पढ़कर बताना है कि वे सही हैं या गलत।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :
(i) बच्चों के लिए लाई गईं घोड़ी का नाम क्या था?
(ii) रानी की नंगी पीठ पर कौन बैठ गया?
(iii) सोने के कड़े किसके कानों में पहना दिए?
Answer:
(i) ताजरानी
(ii) महादेवी
(iii) ताजरानी के
In simple words: इन प्रश्नों का जवाब एक शब्द में देना है, जैसे घोड़ी का नाम 'ताजरानी' था।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :

 

Question 1. बच्चे रानी के प्रति सदय हो गए, क्योंकि ...
(a) वह घास नहीं खाती थी।
(b) वह हमेशा उदास रहती थी।
(c) उन्होंने कई कहानियों में रानी के सुख-दुःख के बारे में सुना था।
Answer: (c) उन्होंने कई कहानियों में रानी के सुख-दुःख के बारे में सुना था।
In simple words: बच्चों को रानी के प्रति दया इसलिए आई क्योंकि उन्होंने उसकी खुशी और दुख की कई कहानियाँ सुन रखी थीं।

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Question 2. पैरों पर संटी मारने से रानी भागने लगी, क्योंकि ...
(a) उसे बेहद पीड़ा हुई थी।
(b) उसके स्वाभिमान को चोट पहुंची थी।
(c) पैरों पर संटी मारने से सभी भागने लगते हैं।
Answer: (b) उसके स्वाभिमान को चोट पहुंची थी।
In simple words: रानी भागने लगी क्योंकि उसके पैरों पर छड़ी लगने से उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुँची थी।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

Question 3. अपनी पीठ पर से महादेवी के गिरने पर रानी ऐसे निश्चल खड़ी हो गईं, जैसे ....
(a) कुछ हुआ ही न हो।
(b) उसके पैर दौड़ना भूल गए हों।
(c) वह पश्चात्ताप की प्रतिमा हो।
Answer: (c) वह पश्चात्ताप की प्रतिमा हो।
In simple words: महादेवी के गिरने पर रानी बिना हिले-डुले खड़ी हो गई, मानो उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हो रहा हो।

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Question 4. महादेवी का भाई चाकू ले आया, क्योंकि ...
(a) रानी का पेट चीरकर उसमें से शिशु निकालना था।
(b) रानी को चाकू दिखाकर डराना था।
(c) उसे चाकू कहीं छिपाकर रखना था।
Answer: (a) रानी का पेट चीरकर उसमें से शिशु निकालना था।
In simple words: महादेवी का भाई चाकू इसलिए लाया क्योंकि वह रानी का पेट चीरकर उसके पेट से बच्चे को बाहर निकालना चाहता था।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. रानी के साईस का क्या नाम था?
(a) कुट्टन
(b) पुट्टन
(c) अट्टन
(d) छुट्टन
Answer: (d) छुट्टन
In simple words: रानी नामक घोड़ी की देखभाल करने वाले व्यक्ति का नाम छुट्टन था।

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Question 2. रामा ने घोड़ी का क्या नाम बताया?
(a) महारानी
(b) ताजरानी
(c) मेहतरानी
(d) अश्वरानी
Answer: (b) ताजरानी
In simple words: रामा ने बताया कि घोड़ी का असली नाम ताजरानी था।

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Question 3. रानी के लिए बरामदा क्या बन गया था?
(a) अस्तबल
(b) गोठ
(c) दरवा
(d) घर
Answer: (a) अस्तबल
In simple words: रानी को रखने के लिए घर का बरामदा ही अस्तबल बन गया था।

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Question 4. बच्चे रानी की पीठ पर ऐसे बैठते थे मानो ...
(a) हाथी पर सवार हों
(b) राजसिंहासन पर बैठे हों
(c) मयूर सिंहासन पर आसीन हों
(d) किसी गधे पर बैठे हों
Answer: (c) मयूर सिंहासन पर आसीन हों
In simple words: बच्चे रानी की पीठ पर ऐसे बैठते थे जैसे वे किसी शाही मयूर सिंहासन पर बैठे हों।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
(i) जिज्ञासा
(ii) आतंकित
(iii) रोष
(iv) अराजकता
(v) आरूढ़
(vi) बोध
(vii) दुल्की
(viii) आहत
(ix) वलय
(x) विस्मित
(xi) ईर्ष्या
(xii) समाधान
(xiii) आधिक्य
(xiv) सदय
(xv) पश्चात्ताप
Answer:
(i) उत्सुकता
(ii) भयभीत
(iii) क्रोध
(iv) अव्यवस्था
(v) सवार
(vi) ज्ञान
(vii) धीमी
(viii) घायल
(ix) छल्ला
(x) चकित
(xi) जलन
(xii) हल
(xiii) अधिकता
(xiv) दयालु
(xv) पछतावा
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द (पर्यायवाची) लिखने हैं।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
(i) नंगीपीठ
(ii) सदय
(iii) प्रत्यक्ष
(iv) स्मृति
(v) आरंभ
(vi) अधिक
Answer:
(i) जीनयुक्त पीठ
(ii) निर्दय
(iii) परोक्ष
(iv) विस्मृति
(v) अंत
(vi) कम
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द (विरोधी) लिखने हैं।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित शब्दों की सही वर्तनी लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों की सही वर्तनी लिखिए :
(i) भूजंग
(ii) वीष
(iii) उतेजीत
(iv) रणभुमी
(v) सीरमोर
(vi) पूण्यभुमी
(vii) प्रितिकर
(viii) राजगदी
(ix) कोशीश
(x) वीकसीत
(xi) वीदीत
(xii) महिंना
(xiii) चीठी<
(xiv) प्रतीकुल
(xv) शारिरीक
(xvi) आवीस्कार
Answer:
(i) भुजंग
(ii) विष
(iii) उत्तेजित
(iv) रणभूमि
(v) सिरमौर
(vi) पुण्यभूमि
(vii) प्रीतिकर
(viii) राजगद्दी
(ix) कोशिश
(x) विकसित
(xi) विदित
(xii) महीना
(xiii) चिट्ठी
(xiv) प्रतिकूल
(xv) शारीरिक
(xvi) आविष्कार
In simple words: यहाँ कुछ शब्द गलत तरीके से लिखे गए हैं; आपको उनकी सही वर्तनी (सही स्पेलिंग) लिखनी है।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :
(i) इन्हें गधों पर बैठकर प्रसन्नता से घूमते देखकर विश्वास करना कठिन था।
(ii) हम उस छोटे टट्ट से बहुत प्रभावित होकर आतंक का शिकार हुए।
(iii) अंत में उसने हमारी मित्रता प्राप्त ही कर ली।
(iv) हम उसे और अधिक आराम देने के उपाय सोचने लगे।
(v) ऐसी सवारी से हमारी विद्रोही प्रकृति कैसे संतुष्ट हो सकती थी।
Answer:
(i) प्रसन्नता
(ii) आतंक
(iii) मित्रता
(iv) आराम
(v) प्रकृति
In simple words: आपको हर वाक्य में से ऐसे शब्द ढूँढने हैं जो किसी भावना, अवस्था या गुण को बताते हैं, जैसे 'प्रसन्नता' या 'मित्रता'।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :
(i) वे उस छोटे घोड़े से आतंकित हुए।
(ii) ताजरानी हमारी अराजक प्रवृत्तियों के प्रभाव में आ गई।
(iii) अपनी विचित्रता के कारण एक घटना स्मरणीय बन गई।
(iv) एक विकट समस्या हमारे सामने आ गई।
Answer:
(i) आतंकित
(ii) अराजक
(iii) स्मरणीय
(iv) विकट
In simple words: आपको हर वाक्य में से ऐसे शब्द पहचानने हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, जैसे 'छोटे', 'अराजक', 'स्मरणीय' और 'विकट'।

Exam Tip: व्याकरण संबंधी प्रश्नों में, नियमों का पालन करें और शब्दों के अर्थ या संरचना को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
(i) घोड़ों का आवास
(ii) स्थान से छूटा हुआ
(iii) घोड़े की मालिश और खाने-पीने की देखभाल करनेवाला
(iv) जो दिखाई न दे
(v) आँखों के सामने
(vi) सिंह की आकृतिवाला आसन
(vii) घोड़े की गर्दन पर के बाल
Answer:
(i) अस्तबल
(ii) विस्थापित
(iii) साईस
(iv) अदृश्य
(v) प्रत्यक्ष
(vi) सिंहासन
(vii) अयाल
In simple words: आपको दिए गए वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखना है जो उनका पूरा अर्थ बता सके।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण है; विकल्पों को ध्यान से देखें और सही जानकारी चुनें।

 

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

 

देश-निकाला देना – देश से निकाल देना
Answer: वाक्य : देश-द्रोहियों को देश-निकाला देना चाहिए।
In simple words: 'देश-निकाला देना' का मतलब है किसी को अपने देश से बाहर भेज देना, जैसे देश-द्रोहियों के साथ किया जाता है।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

कान खींचना – सजा देना, चेतावनी देना
Answer: वाक्य : जल्दी काम पूरा करो नहीं तो तुम्हारे कान खींचूंगा।
In simple words: 'कान खींचना' का अर्थ है किसी को चेतावनी देना या हल्की सजा देना ताकि वह गलती न दोहराए।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

दृष्टि फिसलना – किसी चीज़ का बहुत चिकना और चमकदार होना
Answer: वाक्य : उसके रेशमी वस्त्रों पर दृष्टि पड़ते ही फिसल जाती थी।
In simple words: 'दृष्टि फिसलना' का मतलब है कि कोई चीज इतनी चिकनी या चमकदार है कि उस पर नजर ठहरती नहीं।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

विछौने पर पड़ा रहना – बीमार रहना
Answer: वाक्य : दादाजी कई दिनों से बिछौने पर पड़े हुए हैं।
In simple words: 'बिछौने पर पड़ा रहना' का अर्थ है लंबे समय से बीमार होकर बिस्तर पर रहना।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

आँसू आना – रो देना
Answer: वाक्य : माँ की याद आते ही उसकी आँखों में आंसू आ गए।
In simple words: 'आँसू आना' का मतलब है उदासी या भावना के कारण आँखों से पानी निकलना, यानी रोना।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

हृदय में स्थान पाना – प्रिय होना
Answer: वाक्य : अपनी वफ़ादारी के कारण टोनी ने हमारे हृदय में स्थान पा लिया है।
In simple words: 'हृदय में स्थान पाना' का अर्थ है किसी के लिए बहुत प्यारा और महत्वपूर्ण बन जाना।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

सिर हिलाना – स्वीकृति देना
Answer: वाक्य : मैंने बगीचे में चलने की बात की तो मित्र ने स्वीकृति में सिर हिलाया।
In simple words: 'सिर हिलाना' का मतलब है किसी बात पर अपनी सहमति या स्वीकृति देना।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

जवाब दे देना – अंत हो जाना
Answer: वाक्य : चढ़ाई बहुत ऊंची देखकर मेरी हिम्मत जवाब दे गई।
In simple words: 'जवाब दे देना' का अर्थ है किसी काम को करने की क्षमता या हिम्मत का खत्म हो जाना।

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग के लिए, मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट करें और ऐसा वाक्य बनाएँ जो उस अर्थ को दर्शाता हो।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
(i) संस्मरण
(ii) महादेवी
(iii) बावजूद
(iv) निरुत्तर
(v) विस्थापित
(vi) सदय
(vii) प्रस्तर
(viii) अव्यवस्था
(ix) स्वेच्छा
(x) आहत
(xi) विशेष
(xii) अभिमान
(xiii) दुर्घटना
(xiv) संतुष्ट
(xv) नाखुश
(xvi) निश्चल
(xvii) निरपराधी
Answer:
(i) सम् + स्मरण
(ii) महा + देवी
(iii) बा + वजूद
(iv) निः (निर) + उत्तर
(v) वि + स्थापित
(vi) स + दय
(vii) प्र + स्तर
(viii) अ + वि + अवस्था
(ix) स्व + इच्छा
(x) आ + हत
(xi) वि + शेष
(xii) अभि + मान
(xiii) दुः (दुस) + घटना
(xiv) सम् + तुष्ट
(xv) ना + खुश
(xvi) निः (निस) + चल
(xvii) निः (निर) + अपराधी
In simple words: आपको दिए गए शब्दों में से उपसर्ग (जो शब्द के शुरुआत में जुड़कर अर्थ बदलता है) को अलग करके लिखना है।

Exam Tip: उपसर्ग और प्रत्यय के प्रश्नों में, शब्द के मूल रूप और जुड़े हुए अंश को सही ढंग से अलग करें।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
प्रश्न 1.
1. संस्मरण
2. महादेवी
3. बावजूद
4. निरुत्तर
5. विस्थापित
6. सदय
7. प्रस्तर
8. अव्यवस्था
9. स्वेच्छा
10. आहत
11. विशेष
12. अभिमान
13. दुर्घटना
14. संतुष्ट
15. नाखुश
16. निश्चल
17. निरपराधी
18. अप्रसन्न
19. प्रत्यक्ष
20. निर्दय
21. परोक्ष
22. अदृश्य
23. आवास
24. सुलभ
25. पर्यावरण

Answer:
1. संस्मरण – सम् + स्मरण
2. महादेवी – महा + देवी
3. बावजूद – बा + वजूद
4. निरुत्तर – निः (निर) + उत्तर
5. विस्थापित – वि + स्थापित
6. सदय – स + दय (या)
7. प्रस्तर – प्र + स्तर
8. अव्यवस्था – अ+वि + अवस्था
9. स्वेच्छा – स्व + इच्छा
10. आहत – आ + हत
11. विशेष – वि + शेष
12. अभिमान – अभि + मान
13. दुर्घटना – दुः (दुस) + घटना
14. संतुष्ट – सम् + तुष्ट
15. नाखुश – ना + खुश
16. निश्चल – नि: (निस) + चल
17. निरपराधी – नि: (निर) + अपराधी
18. अप्रसन्न – अ + प्रसन्न
19. प्रत्यक्ष – प्रति + अक्ष
20. निर्दय – निः (निर) + दय
21. परोक्ष – पर + अक्ष
22. अदृश्य – अ + दृश्य
23. आवास – आ + वास
24. सुलभ – सु + लभ
25. पर्यावरण – परि + आवरण
In simple words: उपसर्गों को जानने के लिए, आपको शब्द के शुरुआती हिस्से को देखना होगा जो उसके मूल अर्थ को बदलता है. यह वह भाग होता है जो मूल शब्द से पहले जुड़ता है.

Exam Tip: उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं।

 

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :
प्रश्न 1.
1. लगाव
2. संबंधित
3. घोड़ी
4. लेखिका
5. कुतिया
6. सहृदयता
7. बचपन
8. चोकलेटी
9. खरीददार
10. सवारी
11. तेज़ी
12. आधिक्य
13. आतंकित
14. मौखिक
15. स्थापित
16. नाराज़गी
17. साहित्यिक
18. शानदार
19. मित्रता

Answer:
1. लगाव – लग + आव
2. संबंधित – संबंध + इत
3. घोड़ी – घोड़ा + ई
4. लेखिका – लेखक + इक(का)
5. कुतिया – कुत्ता + इया
6. सहृदयता – सहृदय + ता
7. बचपन – बच्चा + पन
8. चोकलेटी – चोकलेट + ई
9. खरीददार – खरीद + दार
10. सवारी – सवार + ई
11. तेज़ी – तेज + ई
12. आधिक्य – अधिक + य
13. आतंकित – आतंक + इत
14. मौखिक – मुख + इक
15. स्थापित – स्थापना + इत
16. नाराज़गी – नाराज़ + गी
17. साहित्यिक – साहित्य + इक
18. शानदार – शान + दार
19. मित्रता – मित्र + ता
In simple words: प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं और उसके अर्थ या व्याकरणिक रूप में बदलाव लाते हैं.

Exam Tip: प्रत्यय शब्द के अंत में लगने वाले शब्दांश होते हैं जो नए शब्द का निर्माण करते हैं, जबकि उपसर्ग शब्द के शुरुआत में लगते हैं।

रानी Summary in Gujarati

ગુજરાતી ભાવાર્થ :

ગધેડા પર સવાર અંગ્રેજ બાળકોને જોવાં લેખિકા મહાદેવી બાળપણમાં ઇન્દોરમાં રહેતાં હતાં. ત્યાં અંગ્રેજ બાળકોને ગધેડાં પર સવારી કરતાં જોઈને તેમને ખૂબ આશ્ચર્ય થતું. તેમણે સાંભળ્યું હતું કે ગધેડા પર અપરાધીઓને બેસાડવામાં આવે છે. ત્યારે તેમના નોકરી રામાએ તેમની શંકાનું સમાધાન કર્યું. તેણે કહ્યું કે તેમને વિલાયતમાં ગધેડા પર બેસાડવાની સજા કરીને ભારત મોકલવામાં આવ્યા છે.

ઘોડા પર બેસવાની ઇચ્છા મહાદેવી અને તેમના ભાઈ-બહેનોને પણ હતી. તેઓ કહેતા હતા કે અમને પણ ઘોડા પર બેસવાનો અધિકાર છે. અમે પણ ઘોડા પર બેસીશું.” પિતાજીએ પૂછ્યું, “શું સફેદ ટટ્ટુ પર બેસશો?" મહાદેવીએ કહ્યું, "સફેદ ટટ્ટુ તો ગધેડો હોય છે. તેના પર તો સજા પામનારા લોકો જ બેસે છે.”

રાની ધોડી આવી: બાળકોની માગણી અનુસાર રાની નામની ધોડીને લાવવામાં આવી, તેને માટે છુટ્ટન નામનો સાઇસ (ધોડાની દેખરેખ કરનાર) રાખ્યો, ધોડીને રાખવાની વ્યવસ્થા કરી. રાની ધોડીનું પૂરું નામ તાજરાની હતું. પહેલાં તાજરાનીને જોઈને બાળકોને બહુ ગમી નહિ; પરંતુ પછી રાની પ્રત્યે તેમને પ્રેમ થયો.

રાનીની સુંદરતા: રાની બહુ સુંદર ઘોડી હતી. તેના ચમકતા રંગ પર દૃષ્ટિ પડતાં જ સરકી જતી હતી. તેના ચૉકલેટી રંગની ઝૂલતી કેશવાળી, પારદર્શક આંખો, ઊજળા દાંત, લાલ જીભ, ગુલાબી હોઠ, મોરપીંછ જેવી પૂંછ અને સુગઠિત શરીર બધું જ આકર્ષક હતું.

રાની મિત્ર બની : બાળકો રાની સાથે હળીમળી ગયાં. તેઓ તેના શરીર પર રમતાં, બાઝતાં, ઝૂલતાં, એની કેશવાળીમાં ફૂલ ખોસતાં. રાની એમની મિત્ર બની ગઈ, તે પગ પછાડીને અને હણહણીને બાળકોને પોતાની પાસે બોલાવવા લાગી.

જીન વગેરે ખરીદીને ઘોડી પર સવારી કરવાની વ્યવસ્થા કરવામાં આવી. પરંતુ બાળકો તો મનનું ધાર્યું કરવા ઇચ્છતાં હતાં. તે સિવાય તેમને ચેન પડતું નહોતું.

મનનું ધાર્યું ભારે પડ્યું. એક દિવસ રાનીની ખુલ્લી પીઠ પર મહાદેવી બેઠાં. તેમસે રાનીની કેશવાળી પકડી હતી. રાની આવી રીતે બેસનારને ધીમી ચાલે આમતેમ ફેરવીને સંતુષ્ટ કરી દેતી, કારણ કે ઉપાડી પીઠ પર બેસનારાં બાળકોની કમજોરી તે જાણતી હતી. મહાદેવી, રાનીની પીઠ પર બેઠાં હતાં કે તેમના ભાઈએ પાતળી સોટી તેના પગ પર મારી, રાની ભડકી ગઈ અને વેગથી દોડવા લાગી. થોડીક વાર મહાદેવીએ પોતાની જાતને સાચવી; પરંતુ થોડીક વારમાં જ જમીન પર પડી ગયાં. પછી તો કેટલાક દિવસ સુધી તેમને પથારીમાં રહેવું પડ્યું. આમ છતાં, રાની પ્રત્યે મહાદેવજીની આત્મીયતામાં કશો ફરક પડ્યો નહિ.

સોનાનાં કડાં અને રાની : નાનીએ મહાદેવીને ભાઈના જન્મદિવસે સોનાનાં વાઘના મોઢિયાવાળાં કડાં મોકલ્યાં હતાં, બાળકોને રાની પ્રત્યે પ્રેમ હતો. તેમણે એ કડાં રાનીના કાનમાં પહેરાવી દીધાં. પછી બાળકો એમને ભૂલી ગયાં. કડાં ન દેખાતાં સાંજે પૂછપરછ થઈ; પરંતુ કડાં ક્યાંય મળ્યાં નહિ.

એકાએક બાબુજીનું ધ્યાન રાની તરફ ગયું. તે પોતાના કાન પગની ખરીથી ખણતી હતી અને હણહણાટ કરતી હતી. બાબુજીએ ત્યાંની માટી હટાવવાનો આદેશ આપ્યો. ત્યાંથી કડાં મળી ગયાં. કોઈએ ખાડો ખોદીને કડાં ત્યાં છુપાવી દીધાં હતાં.

આ નાનકડો જીવ ક્યાં હતો? : રાનીએ એક શિશુને જન્મ આપ્યો. બાળકોએ પૂછયું, “આ ક્યાં હતો” રામાએ કહ્યું કે આ જીવ રાનીના પેટમાં હતો. દાણા અને ચારો ખાઈને સૂઈ રહ્યો હતો. ભાઈએ પૂછયું, “બીજો પણ છે?” રામાએ હા પાડી. હવે તો અબોધ – મહાદેવીને ચીડ ચડવા લાગી. આ નાનકડો જીવ કંઈ કામ-ધામ કરતો નથી અને ચારો ખાઈને પડ્યો રહે છે.

એક વિચિત્ર પ્રસ્તાવ : બાલિકા મહાદેવીના ભાઈએ સૂચન કર્યું કે ચાકૂથી રાનીનું પેટ ચીરીને અંદર રહેલા જીવને બહાર કાઢી લઈએ. શાક કાપવાનું ચાકુ લાવવામાં આવ્યું, પરંતુ મહાદેવીની હિંમત ન ચાલી.

એક બીજી સમસ્યા પર તેમનું ધ્યાન ગયું. પેટ ચીરી નાખ્યા પછી ફરીથી તે કેવી રીતે સીવીશું? સોય-દોરાથી કામ ચાલશે નહિ. રામા પાસેથી મોઢે સોયો મળશે નહિ. એટલે એ સૂચનનો અમલ ન થયો. રાનીનું શિશુ મોટું થતાં સૌ તેની સાથે રમવા લાગ્યાં અને પેટમાં રહેલા બીજા જીવની વાત તેઓ ભૂલી ગયાં.

रानी Summary in English

To see British children riding a donkey: The writer was living in Indor in her childhood. She was surprised to see British children riding a donkey. She had heard that criminals were sat on a donkey. Her servant Rama clarified her doubt. He said that they were sent to India after they were sentenced to ride a donkey in Britain.

Desire to ride a horse: Mahadevi and other children in the house said, "We have also a right to ride a horse. We will ride a horse.” Father asked, "Will you ride a white horse?" Mahadevi said, “The white horse is a donkey. Only criminals ride the white horse.”

The Rani mare came: According to the children's demand, the mare named Rani was brought. For taking care of her, the keeper named Chhuttan was kept. Arrangements to keep the mare were made. The full name of the mare Rani was Tajrani. In the beginning, the children did not like Tajrani, but afterward, love for Rani was developed.

Beauty of Rani: Rani was a very beautiful mare. Her shining color attracted much. Her swinging chocolate color mane, transparent eyes, white teeth, red tongue, pink lips, tail like peacock's feather, and well-shaped body – everything was attractive.

Rani became a friend: The children got used to Rani. They would play, embrace, swing on her body, and thrust flowers in her mane. Rani became their friend. She would call the children to her by striking down her legs and by neighing. Arrangements were made to ride the mare by purchasing Jin, etc. But the children wanted to do as they wished.

It became terrible to do as their wish: One day Mahadevi sat on the open back of Rani. She held the mane. Rani would satisfy the rider by walking slowly because she knew the weakness of the children sitting on the open back.

While Mahadevi was sitting on Rani's open back, her brother whipped her leg. Rani feared and began to run fast. Mahadevi controlled herself for some time, but then she fell down on the ground. Then she had to take bed-rest for some days. Even though Mahadevi's intimacy for Rani did not lessen.

Gold rings and Rani: The grandmother sent gold rings, shaped like a tiger's mouth, to Mahadevi on her brother's birthday. The children had love for Rani. They wore the rings in Rani's ears. Then they forgot the gold rings. When they did not see the gold rings, they asked everyone, but they did not find gold rings anywhere.

Suddenly, Babuji's attention was drawn to Rani. She was scratching her ear with the hoof of her leg and neighing. Babuji ordered to remove the soil. They found rings from there. Somebody had hidden the rings there, digging the ground.

Where was the small animal?: Rani gave birth to a baby. The children asked, “Where was this?" Rama said that the animal was in Rani's stomach. It was sleeping there, eating grain and grass. Brother asked, “Is there another animal too? Rama said 'Yes'. Now the unknown Mahadevi was annoyed that the small animal does not do any work and lies down eating grass.

A strange proposal: Balika Mahadevi's brother suggested tearing Rani's stomach and taking out the animal which is there in the stomach. The knife for cutting vegetables was brought, but Mahadevi could not do so.

They thought about the other problem. How to sew again after tearing the stomach? It cannot be sewed by a needle and a string. They would not get a big needle from Rama. So they could not put the proposal into practice.

As Rani's child grew older, they began to play with it and forgot the other animal which was in the stomach.

रानी Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :

महादेवी वर्मा को पशु-पक्षियों से गहरा लगाव था। उन्होंने उनसे संबंधित बड़े दिलचस्प और मार्मिक संस्मरण लिखे है। प्रस्तुत संस्मरण एक घोड़ी का है। उसका नाम रानी था। लेखिका को बचपन में उससे बहुत प्यार था। लेखिका रानी के साथ निक्की (नेवला) और रोजी (कुतिया) को भी नहीं भूली हैं। महादेवीजी की सहदयता पाठक का दिल छू लेती है।

पाठ का सार :

गधे पर सवार अंग्रेज बच्चों को देखना : लेखिका महादेवी बचपन में इन्दौर में रहती थीं। वहाँ अंग्रेज बच्चों को गधे की सवारी करते देखकर उनको बहुत अचरज हुआ। उन्होंने सुना था कि गधे पर अपराधियों को बैठाए जाते हैं। तब उनके नौकर रामा ने उनकी शंका का समाधान किया। उसने कहा कि इन्हें विलायत में गधे पर बैठाने का दंड देकर भारत भेजा गया है।

घोड़े पर बैठने की इच्छा : महादेवी और घर के दूसरे बच्चों ने कहा, घोड़े पर बैठने का अधिकार हमें भी है। हम भी घोड़े पर बैठेंगे। पिताजी ने पूछा, क्या सफेद टट्टु पर बैठोगे? महादेवी ने कहा, सफेद टट्टु तो गधा होता है। उस पर तो दंड पानेवाले ही बैठते हैं।

रानी घोड़ी आई : बच्चों की मांग पर रानी नाम की घोड़ी आ गई। उसके लिए छुट्टन नामक साईस रखा गया। घोड़ी के रखरखाव का प्रबंध किया गया। रानी घोड़ी का पूरा नाम ताजरानी था। पहले तो ताजरानी को देखकर बच्चों को कुछ अधिक अच्छा न लगा, किंतु फिर रानी के प्रति उनकी सहानुभूति हो गई।

रानी का सौंदर्य : रानी बहुत सुंदर घोड़ी थी। उसके चमकदार रंग पर दृष्टि पड़ते ही फिसल जाती थी। उसका चाकलेटी रंग, झूलता अयाल, पारदर्शी जैसी आँखें, उजले दाँत, लाल जीभ, गुलाबी होंठ, मोरछल-सी पूंछ और गठा हुआ शरीर सबकुछ आकर्षक था।

रानी मित्र बनी : बच्चे रानी से हिलमिल गए। वे उसके शरीर पर खेलते, लिपटते, झूलते, उसके अयाल में फूल खोंसते। रानी उनकी मित्र बन गई। वह पैर पटककर या हिनहिनाकर बच्चों को अपने पास बुलाने लगी।

जीन आदि खरीदकर घोड़ी पर सवारी करने का इंतजाम किया गया। किंतु बच्चे तो मनमानी करना चाहते थे। मनमानी किए बिना उन्हें संतोष नहीं होता था।

मनमानी भारी पड़ी : एक दिन रानी की नंगी पीठ पर महादेवी बैठी। वे रानी का अयाल पकड़े थी। रानी इस तरह सवारी करनेवालों को दुल्की चाल से इधर-उधर घुमाकर संतुष्ट कर देती थी, क्योंकि वह नंगी पीठ पर बैठनेवाले बच्चों की कमजोरी जानती थी। नन्हीं महादेवी रानी की पीठ पर ही थीं कि उनके भाई ने अपने हाथ की पतली संटी (छड़ी) रानी के पैरों पर मार दी। बस फिर क्या था, रानी भड़क गई और तेजी से भागने लगी। कुछ देर तक महादेवी ने खुद को संभाला, किंतु जल्दी ही जमीन पर गिर पड़ीं। फिर तो कई दिनों तक उन्हें बिछौने पर रहना पड़ा। किंतु इसके बावजूद रानी के प्रति महादेवी की आत्मीयता में कमी नहीं आई।

सोने के कड़े और रानी : नानी ने महादेवी के भाई के जन्मदिन पर शेर के मुंहवाले सोने के कड़े भेजे थे। बच्चों को रानी से प्रेम था। वे गए और वे कड़े रानी के कानों में पहना दिए। फिर बच्चे सबकुछ भूल गए। कड़े न देखकर शाम को पूछताछ हुई। किंतु कड़ों का कहीं पता न चला।

एकाएक बाबूजी (महादेवी के पिताजी) का ध्यान रानी की ओर गया। वह अपने कान को खुरों से खोदती और हिनहिना रही थी। बाबूजी ने वहाँ की मिट्टी हटाने का आदेश दिया। वहीं से कड़े मिल गए। किसी ने खड्डा खोदकर कड़े वहाँ छिपा दिए थे।

यह छोटा जीव कहाँ था? : रानी ने एक शिशु को जन्म दिया था। बच्चों ने पूछा, "यह कहाँ था?” रामा ने बताया कि यह जीव रानी के पेट में दाना-चारा खाकर सो रहा था। भाई ने पूछा, "और भी है?" रामा ने स्वीकृति में सिर हिलाया। अब तो अबोध महादेवी को खीझ होने लगी – यह छोटे जीव कुछ काम-धाम करते नहीं और चारा खाकर पेट में लेटे रहते हैं।

वह विचित्र प्रस्ताव : बालिका महादेवी के भाई ने सुझाव दिया कि चाकू से रानी का पेट चीरकर अंदर रहे जीव को बाहर निकाल लिया जाए। परंतु शाक काटने का चाकू लाया, तो महादेवी का साहस नहीं हुआ।

एक समस्या की ओर उनका ध्यान गया। पेट चीर डालने पर वह कैसे सिला जाएगा? सुई-डोरा से काम चलेगा नहीं। रामा के पास से बड़ा सूजा मिलना असंभव है। इसलिए वह सुझाव व्यवहार में न लाया जा सका। शिशु बड़ा होने पर सब उसके साथ खेलने लगे और पेट में रहे जीव के प्रति उनका क्रोध शांत हो गया।

रानी शब्दार्थ :

1. आधिक्य – अधिकता।

2. ज्ञानवर्धन करना – ज्ञान बढ़ाना, जानकारी देना।

3. जिज्ञासा – जानने की इच्छा।

4. समाधान – हल निकालना, उत्तर।

5. विलायत – इंग्लैंड।

6. मौखिक – जबानी।

7. स्मृतिपत्र – याद दिलाना।

8. ठेलमठेल – भीड़भाड़, धक्का-मुक्की।

9. अजसस्रोत – सदा बहनेवाला प्रवाह।

10. साईस – घोड़े की देखभाल करनेवाला।

11. आतंकित – भयभीत।

12. गाथा – कहानी।

13. सदय – दयालु।

14. ईर्ष्या – जलन ।

15. रोष – क्रोध ।

16. करुणा – दया।

17. अयाल – घोडे के गर्दन पर के बाल।

18. पारदर्शी – जिसके आर-पार देखा जा सके।

19. क्षत-विक्षत – घायल।

20. मोरछल – मोर की पूंछ से बना झाडू।

21. अराजकता – अव्यवस्था।

22. स्वेच्छया – अपनी इच्छा से।

23. विस्थापित – अपने स्थान से हटाया हुया।

24. आरूढ़ – सवार।

25. बोध – ज्ञान।

26. मयूर सिंहासन – मोर के आकार का सिंहासन।

27. दुल्की – धीमी ।

28. आहत – घायल।

29. स्मति – याद ।

30. संकल्प – दृढ़ निश्चय।

31. प्रस्तर-प्रतिमा – पत्थर की मूर्ति।

32. पश्चात्ताप – पछतावा।

33. वलय – कंकण, छल्ला।

34. विस्मित – चकित।

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FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest GSEB curriculum.

Are the Hindi GSEB solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 12 रानी in printable PDF format for offline study on any device.