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Detailed Chapter 10 अंदाज अपना अपना GSEB Solutions for Class 7 Hindi
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Class 7 Hindi Chapter 10 अंदाज अपना अपना GSEB Solutions PDF
GSEB Solutions Class 7 Hindi अंदाज अपना-अपना Textbook Questions and Answers
Question 1. नन्हें मुन्ने बच्चो! ऐसा क्यों हुआ होगा? वे समझ नहीं पाए। आप बड़े अक्लमंद है, आप ही उन्हें बताइए।
Answer: भावेशभाई के घर की हालत देखकर लगता है कि ...
• बाहर जोर की आँधी आई होगी।
• वेंटिलेशन से हवा के साथ धूल भी घर में आई होगी।
• भूकंप का हल्का झटका आया होगा।
• खिड़की खुली रह गई होगी।
• दरवाजा खुला रह गया होगा।
• चोर आया होगा और जल्दबाजी में कुछ चुराकर चला गया होगा।
• बड़े चूहों ने अंदर घुसकर शरारत की होगी।
In simple words: भावेशभाई का घर देखकर लगता है कि या तो बहुत तेज आँधी आई, भूकंप आया, खिड़की-दरवाजा खुला रह गया, या चोर घुसा था, या बड़े चूहों ने घर में शरारत की होगी।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में विभिन्न संभावनाओं पर विचार करें और प्रत्येक संभावना के लिए एक संक्षिप्त कारण दें।
Question 2. मेरे समझदार दोस्त, अब आप ही बताइए कि ऐसा क्यों हुआ होगा?
Answer: हीरलबहन के मटके में पानी नहीं आया, क्योंकि ...
• नल में पानी बंद हो गया होगा।
• मटके में दरार होगी।
• मटके के पेंदे में छेद होगा।
• मटका ठीक नल के नीचे नहीं रखा होगा।
• मटके पर गलती से ढक्कन रख दिया होगा।
• मटका उल्टा रखा होगा।
In simple words: हीरलबहन के मटके में पानी नहीं आया क्योंकि शायद नल बंद था, मटके में दरार थी, छेद था, या मटका गलत जगह या उल्टा रखा गया था।
Exam Tip: किसी भी समस्या के संभावित कारणों की एक सूची तैयार करें, यह दर्शाते हुए कि आप विभिन्न कोणों से सोच सकते हैं।
Question 3. मेरे भोले-भोले भेजाबाज दोस्त! ऐसा कैसे हुआ होगा? आप ही बताइए।
Answer: सेजल के पहले गमले का पौधा नहीं बढ़ा, क्योंकि ...
• वह गमले का पौधा प्लास्टिक का या नकली होगा।
• उसमें पानी की कमी रही होगी।
• उसे जरूरी हवा और प्रकाश नहीं मिले होंगे।
• किसीने पौधे को काट दिया होगा।
• पौधे के गमले से मिट्टी निकाल दी गई होगी।
• गमले में उचित खाद नहीं डाली होगी।
In simple words: सेजल का पौधा इसलिए नहीं बढ़ा क्योंकि वह नकली हो सकता है, उसे पर्याप्त पानी, हवा या धूप नहीं मिली होगी, या किसी ने उसे काट दिया या उसकी मिट्टी-खाद निकाल दी होगी।
Exam Tip: पेड़-पौधों के विकास के लिए आवश्यक बुनियादी चीजों को ध्यान में रखें और उनसे जुड़ी कमियों को संभावित कारण के रूप में बताएँ।
Question 4. अब आप हमें बताइए कि आप कहाँ-कहाँ जाएँगे और क्या-क्या करेंगे।
Answer: जादुई चश्मा पहनकर मैं ...
• हलवाई की दुकान में जाकर मनचाही मिठाई खाऊँगा।
• मुफ्त में फिल्म या नाटक देख आऊँगा।
• मुफ्त में जादू के खेल देख आऊँगा।
• फुलवारी से फूल तोड़ लाऊँगा।
• पेड़ पर बैठकर फल तोड़-तोड़कर खाऊँगा।
• पड़ोसी के घर की चीजें इधर-से-उधर रखकर उन्हें डराऊँगा।
In simple words: जादुई चश्मा पहनकर मैं बिना पैसे दिए मिठाई खाऊँगा, फिल्में देखूँगा, जादू देखूँगा, फूल तोड़ूँगा, पेड़ पर बैठकर फल खाऊँगा और पड़ोसियों को डराऊँगा।
Exam Tip: ऐसे कल्पनाशील उत्तरों में अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि आपके कार्य मजेदार और हानिरहित हों।
Question 5. मेरे परिन्दे दोस्त! अब बताइए कि आप कहाँ-कहाँ जाएँगे और क्या-क्या देखेंगे?
Answer: उड़ने के लिए पंख मिल जाने पर ...
• मैं आसमान में बादल के पास जाकर उन्हें देखूँगा।
• मैं पक्षियों से मित्रता करूँगा।
• मैं पक्षियों के साथ उड़ने की शर्त लगाऊँगा।
• मैं उड़कर बाजार से चीजें ले आऊँगा।
• मैं पेड़ों पर बैठकर फल तोड़कर खाऊँगा।
• मैं पहाड़ों पर जाकर आनंद मनाऊँगा।
• मैं दूर रहनेवाले मित्रों के घर जल्दी पहुँच जाऊँगा।
• मैं जंगल में जाकर शेरों तथा बाघों को नजदीक से देखूंगा।
In simple words: पंख मिलने पर मैं बादलों के पास जाऊँगा, पक्षियों से दोस्ती करूँगा, बाजार से चीजें लाऊँगा, फल खाऊँगा, पहाड़ों पर आनंद मनाऊँगा और मित्रों से मिलने जाऊँगा।
Exam Tip: ऐसे काल्पनिक परिदृश्यों में उन सभी गतिविधियों को शामिल करें जो उड़ने की क्षमता के साथ संभव होंगी।
मैं क्यों मानू ?
Question 1. कुछ विज्ञापन में प्रकाशित खास विधानों को गौर से पढ़िए और उस पर वाद-विवाद कीजिए।
Answer:
(1) अब नए पैक में!
हम खरीदेंगे क्योंकि ...
• नया पैक आकर्षक है।
• नया पैक टिकाऊ है।
• वस्तु का दाम भी पहले से कम है।
• वस्तु की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
(2) शौक बड़ी चीज़ है!
• मुझे अच्छे खाने, कपड़े पहनने और खेलने का शौक है।
• शौक पूरा करने के लिए मैं पैसों की परवाह नहीं करता।
• शौक जिंदादिल आदमी की पहचान है।
• शौक पूरा करने के लिए मैं दूर भी जा सकता हूँ।
• शौक पूरा करने में ही तो जिंदगी का मजा है।
(3) पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें !
• इस्तेमाल करने पर ही तो विश्वास होगा।
• विश्वास होगा तो ही अच्छी बिक्री होगी।
• अच्छी बिक्री होगी तो ही इस विज्ञापन का लाभ मिलेगा।
(4) यहाँ पेट्रोल ही नहीं, विश्वास भी मिलता है !
• आजकल हर चीज मिलावटी होती है।
• यहाँ पेट्रोल में मिलावट नहीं की जाती।
(5) हम सिर्फ गहने ही नहीं बनाते, रिश्ते भी बनाते हैं !
• एक ही जगह गहने बनवाने से एक-दूसरे से अच्छी जान-पहचान हो जाती है।
• परस्पर विश्वास बढ़ता है।
• पैसों के लेन-देन में सहूलियत रहती है।
• गहरी मित्रता भी हो सकती है।
(6) पकाते हैं रसोई, परोसते हैं प्यार !
• हम स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन के लिए वहाँ जाते हैं।
• एक बार खाकर तो देखिए हमारे यहाँ का रुचिकर भोजन।
• भोजन के स्वाद के साथ हमारी आत्मीयता का भी अनुभव करें।
• हमारे यहाँ हर व्यंजन मिलेगा, वह प्यार के रस से भीगा होगा।
In simple words: विज्ञापनों में कही गई बातों पर सोचें। नया पैक आकर्षक, सस्ता और बेहतर क्वालिटी का होता है। शौक पूरा करने में पैसा नहीं देखा जाता। किसी भी चीज पर विश्वास इस्तेमाल करने के बाद ही होता है। शुद्ध पेट्रोल विश्वास दिलाता है। गहने बनाने वाले रिश्ते भी बनाते हैं, जिससे पहचान, विश्वास और मित्रता बढ़ती है। प्यार से बना भोजन स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर होता है।
Exam Tip: विज्ञापनों की भाषा का विश्लेषण करते समय, उनके छिपे हुए अर्थ और ग्राहकों को लुभाने के तरीकों पर ध्यान दें।
Question 2. अंदाज अपना-अपना मेरे होनहार दोस्त! अब आप भाषा की पृष्ठभूमि पर कुछ खेल खेलनेवाले हैं। उदाहरण देखते जाइए और खेलते रहिए : शब्द सीढ़ियाँ पूर्ण कीजिए
Answer:
(1) भा-र-त
मा
शा-ली-न
सी
ब-हा-दु-र
स
ना-ता-ल
ड़
का-ज-ल
ग
न-ग-र
(2) स्व-तं-त्र-ता
जा-मु-न
म
क-स-र-त
ल
ब-त-ख
ब
र-ब-ड़
In simple words: शब्द सीढ़ियाँ दिए गए शब्दों का उपयोग करके बनाई गई हैं। प्रत्येक चरण में एक नया शब्द बनता है, जिसमें पिछले शब्द के कुछ अक्षर शामिल होते हैं।
Exam Tip: शब्द सीढ़ियाँ हल करते समय, प्रत्येक पंक्ति को ध्यान से देखें और अक्षरों के सही क्रम का पालन करके शब्दों को पूरा करें।
Question 3. दिए गए वर्गों का उपयोग कर, शब्द बनाइए : वर्णों - म र क न य उदाहरण : मकान, नया, नामुमकिन
Answer: रकम, नमन, नमक, कमर, यमन, नरक, नयन।
In simple words: दिए गए अक्षरों का उपयोग करके सार्थक शब्द बनाए गए हैं, जैसे रकम, नमन, नमक आदि।
Exam Tip: अक्षरों से शब्द बनाते समय, सभी संभावित संयोजनों पर विचार करें और सुनिश्चित करें कि बनाए गए सभी शब्द अर्थपूर्ण हों।
Question 4. दिए गए शब्द में से एक-एक शब्द हटाते जाइए और सार्थक शब्द बनाइए और उसका अर्थ लिखिए : उदाहरण : भूचाल – भूकंप भूल – खामी, गलती भू - भूमि (1) दोराहा (2) आराम (3) भारत (4) विवाद
Answer:
(1) दोराहा – जहाँ दो राहे मिलती हैं
दोहा – एक छंद
दो – एक संख्या
(2) आराम – विश्राम
आरा – लकड़ी काटने का औजार
राम – अयोध्या के राजा
(3) भारत – देश
भात – पका हुआ चावल
रत - लीन
(4) विवाद – झगड़ा
वाद – मत
In simple words: दिए गए शब्दों में से एक-एक अक्षर हटाने से नए सार्थक शब्द बनते हैं, जिनके अर्थ अलग-अलग होते हैं।
Exam Tip: शब्दों में से अक्षर हटाते समय, प्रत्येक बार एक अक्षर हटाने के बाद नए शब्द का अर्थ भी लिखें।
Question 5. दिए गए वाक्य में से शब्द चुनकर, नए वाक्य बनाइए : काजल ने देखा कि बिल्ली कुर्सी के नीचे बैठकर रोटी खा रही है। उदाहरण : (1) बिल्ली कुर्सी के नीचे है। (2) काजल नीचे बैठकर रोटी खा रही है।
Answer:
(1) काजल कुर्सी के नीचे है।
(2) काजल रोटी खा रही है।
(3) काजल ने देखा बिल्ली रोटी खा रही है।
(4) काजल ने देखा कि बिल्ली है।
(5) काजल ने देखा कि कुर्सी है।
(6) काजल नीचे बैठ रही है।
In simple words: दिए गए वाक्य के शब्दों का उपयोग करके छोटे और सरल नए वाक्य बनाए गए हैं, जो वाक्य के विभिन्न हिस्सों को उजागर करते हैं।
Exam Tip: वाक्य से शब्द चुनते समय, ध्यान दें कि नए वाक्य व्याकरणिक रूप से सही और अर्थपूर्ण हों।
Question 6. निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और रेखांकित शब्दों का लिंग बदलकर परिच्छेद फिर से लिखिए : लड़के ने कहा, "मैं तुम्हें अपने बचपन की घटना सुनाता हूँ। एक बार मैं जोश में आ गया और एक हिरन का कान तोड़ दिया। फिर घोड़ी की पूँछ इतनी जोर से खींची की उखड़ गई। बाद में मैंने मोर की गरदन मरोड़ दी और शेर का मुँह खोलकर उसके दाँत तोड़ दिए। आपको यकीन नहीं होता? घटना बिलकुल सच है। आगे सुनिए आपको विश्वास हो जाएगा। मैंने जैसे ही हाथी की सूंड पर हाथ रखा कि दुकानदार ने मुझे दो थप्पड़ मारे और हाथ खींचकर मुझे खिलौने की दुकान से बहार निकाल दिया।”
Answer: लड़की ने कहा, "मैं तुम्हें अपने बचपन की घटना सुनाती हूँ। एक बार मैं जोश में आ गई और एक हिरनी का कान तोड़ दिया। फिर घोड़े की पूंछ इतनी जोर से खींची कि उखड़ गई। बाद में मैंने मोरनी की गरदन मरोड़ दी और शेरनी का मुँह खोलकर उसके दाँत तोड़ दिए। आपको यकीन नहीं होता? घटना बिलकुल सच है। आगे सुनिए, आपको विश्वास हो जाएगा। मैंने जैसे ही हथिनी की सूंड़ पर हाथ रखा कि दुकानदार ने मुझे दो थप्पड़ मारे और हाथ खींचकर मुझे खिलौने की दुकान से बाहर निकाल दिया।"
In simple words: दिए गए अनुच्छेद में लिंग बदलने के बाद, 'लड़के' को 'लड़की', 'हिरन' को 'हिरनी', 'घोड़ी' को 'घोड़े', 'मोर' को 'मोरनी', 'शेर' को 'शेरनी' और 'हाथी' को 'हथिनी' में बदल दिया गया है।
Exam Tip: लिंग परिवर्तन करते समय, न केवल संज्ञाओं पर ध्यान दें बल्कि क्रियाओं और विशेषणों पर भी ध्यान दें जो संज्ञा के लिंग के अनुसार बदल सकते हैं।
अंदाज अपना-अपना योग्यता विस्तार
Question 1. एक व्यक्ति एक संत के पास गया। उसने संत से पूछा, "मैं परमात्मा के किस स्वरूप का स्मरण करूँ? बताइए।” संत ने उसे नाम न देकर, निम्नलिखित पहेली कही। आप बताइए कि संत ने किसका स्मरण करने को कहा होगा? अजा सहेली ता रिपु, उस जननी भरथार। उस पुत्र के मित्र को, भज ले बारबार । [अजा – बकरी, रिपु – शत्रु, भरथार – पति]
Answer: इस पहेली में अजा (बकरी) की सहेली (भेड़) का दुश्मन (गाड़ एक प्रकार की वनस्पति) की जननी (धरती) का पति (इन्द्रदेव) का पुत्र (अर्जुन) के मित्र (श्रीकृष्ण) को बार-बार भजने की बात कही गई है।
In simple words: इस पहेली में संत ने श्रीकृष्ण का स्मरण करने को कहा है, जो कि पहेली में दिए गए संकेतों जैसे 'बकरी की सहेली का दुश्मन', 'धरती का पति का पुत्र' के मित्र हैं।
Exam Tip: पहेलियों को हल करते समय, प्रत्येक संकेत को अलग-अलग तोड़कर उसका अर्थ समझें और फिर उन्हें एक साथ जोड़कर अंतिम उत्तर पर पहुँचें।
Question 2. टी.वी. पर प्रदर्शित विज्ञापन आदि देखिए और उसके खास विधानों पर अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए :
Answer:
टीवी पर जब कोई लोकप्रिय और मनोरंजक कार्यक्रम पेश किया जाता है तब बीच-बीच में बार-बार विज्ञापन दिखाए जाते हैं। विज्ञापन में प्रभावशाली, सूचक विधान तेज़ आवाज में पेश किए जाते हैं और इस तरह इन विधानों का तात्पर्य हमारे मन पर लाद दिया जाता है।
बार-बार तेज़ आवाज में ऐसे विधान सुनकर कार्यक्रम में रसक्षति होती है, पर इनसे बचना असंभव है, क्योंकि यह व्यवसाय का सजीव तरीका है।
In simple words: टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन तेज आवाज में होते हैं और हमारे मन पर असर डालते हैं। ये कार्यक्रम का मजा खराब करते हैं, लेकिन व्यापार के लिए जरूरी हैं।
Exam Tip: टीवी विज्ञापनों का विश्लेषण करते समय, उनकी भाषा, प्रस्तुति, और दर्शकों पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान दें।
Question 3. 'यदि आप गाँव के सरपंच बने तो...!' विषय पर अपने साथियों से चर्चा कीजिए एवं लिखिए।
Answer:
(कुछ लड़के एक पेड़ के नीचे बैठे हुए)
गोपाल – दीपक, यहाँ बैठकर क्या सोच रहे थे?
मैं – सोच रहा था कि हमारे गाँव की हालत कब सुधरेगी? दिन-पर-दिन गाँव का चेहरा बदसूरत होता जा रहा है।
प्रताप – यदि तुम्हें गाँव का सरपंच बना दिया जाए तो तुम इस चेहरे को खूबसूरत कैसे बनाओगे?
मैं – सबसे पहले तो मैं गाँव की टूटी-फूटी सड़कों को सुधारूँगा। मैं पक्की सड़कें बनवाऊँगा। इस समय गाँव में सिर्फ दो कुएँ हैं। एक-एक कुएँ पर कितनी भीड़ लगती है। मैं तीन नए कुएँ खुदवाऊँगा। कम-से-कम पाँच कुएँ तो गाँव में होने ही चाहिए।
प्रताप – क्या तुम शिक्षा पर ध्यान नहीं दोगे? गाँव के बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे गाँव जाना पड़ता है।
मैं – सरपंच बनने पर मैं हाईस्कूल तक की शिक्षा की व्यवस्था गाँव में ही करवाऊँगा। इसके अलावा एक दवाखाना भी खुलवाऊँगा। गाँव के राममंदिर का पुनर्निर्माण होगा। उसमें एक बड़ा हॉल होगा, जिसमें कम-से-कम तीन सौ व्यक्ति बैठ सकते हों।
गोपाल – फिर तो मैं रोज मंदिर जाकर तुम्हें सरपंच बनाने के लिए प्रार्थना करूँगा।
मैं – अरे, हमारे गाँव का नाम सुंदरगंज है। इसे सुंदर बनाना हमारा कर्तव्य है।
यदि आप गाँव के सरपंच होते तो:
यदि मैं अपने गाँव का सरपंच होता तो मेरे गाँव की यह हालत न होती जो आज है। आज गाँव में न अच्छी सड़कें हैं, न जल-आपूर्ति की उचित व्यवस्था है। न स्कूल है, न दवाखाना। गाँववालों को अपनी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी करने के लिए निकट के शहर जाना पड़ता है।
यदि मैं गाँव का सरपंच होता तो गाँव को शहर से जोड़नेवाली सड़क पक्की बनवाता। गाँव में कुओं की जगह नल-कूपों द्वारा स्वच्छ जल की आपूर्ति करता। गाँव में हाईस्कूल तक की शिक्षा की व्यवस्था होती। ग्रामपंचायत की ओर से एक दवाखाना होता। गाँव के भवानी मंदिर का अब तक पुनर्निर्माण हो गया होता। सचमुच, यदि मैं अपने गाँव का सरपंच होता, तो अपने गाँव को एक आदर्श गाँव में बदल देता।
In simple words: सरपंच बनने पर मैं गाँव की सड़कें ठीक करूँगा, पानी की व्यवस्था सुधारूँगा, स्कूल और अस्पताल बनवाऊँगा, और मंदिर का पुनर्निर्माण करूँगा ताकि गाँव सुंदर और आत्मनिर्भर बन सके।
Exam Tip: ऐसे विस्तृत प्रश्नों में, अपने विचारों को तार्किक क्रम में प्रस्तुत करें और विभिन्न क्षेत्रों (शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा) को कवर करें।
अंदाज अपना-अपना प्रवृत्तियाँ
Question 1. 1. 'दिमागी दौड़' में दिए गए जैसे दो प्रसंगों का वर्णन अपने सहपाठियों के समक्ष कीजिए।
Answer:
(i) एक बार मैं अपनी गणित की किताब भूल गया था और परीक्षा शुरू होने वाली थी। मैंने जल्दी से एक दोस्त से किताब माँगी और कुछ महत्वपूर्ण सूत्र दोहरा लिए।
(ii) स्कूल जाते समय मुझे एक घायल पक्षी मिला। मैंने उसे उठाया, पानी पिलाया और एक सुरक्षित जगह पर रख दिया। मुझे देर हो गई, लेकिन मुझे खुशी थी कि मैंने एक जीव की मदद की।
In simple words: दो ऐसे किस्से बताएं जिसमें आपने दिमाग लगाकर या अचानक किसी चुनौती का सामना किया हो, जैसे परीक्षा में किताब भूलना या घायल पक्षी की मदद करना।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, अपने वास्तविक जीवन के अनुभवों को सरल और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करें।
Question 2. 2. 'तर्क की लगाम, कल्पना के घोड़े' में दिए गए प्रसंगों के समान एक प्रसंग का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer:
एक बार मैं अपने गाँव में मेले में गया था। वहाँ एक जादूगर अपना खेल दिखा रहा था। मैंने सोचा कि काश मैं भी हवा में उड़ सकता और सभी को आश्चर्यचकित कर सकता। फिर मैंने कल्पना की कि मैं एक चिड़िया बन गया हूँ और आसमान में उड़ रहा हूँ, ऊपर से अपने गाँव को देख रहा हूँ। यह एक अद्भुत अनुभव था, भले ही वह सिर्फ मेरी कल्पना में ही था।
In simple words: एक बार मेले में जादूगर को देखकर मैंने कल्पना की कि मैं एक चिड़िया बनकर हवा में उड़ रहा हूँ और अपने गाँव को ऊपर से देख रहा हूँ।
Exam Tip: ऐसे वर्णनात्मक प्रश्नों में, अपनी कल्पना का उपयोग करें और विवरणों को जीवंत बनाने के लिए संवेदी शब्दों का प्रयोग करें।
Hindi Digest Std 7 GSEB अंदाज अपना-अपना Important Questions and Answers
पूरे दिन की पढ़ाई और खेल-कूद के बाद रात को आपकी आँख लग गई। नींद में आपने एक सपना देखा। आप घूमते-घूमते बहुत दूर निकल गए। आप नदी-पहाड़ों के अद्भुत सौंदर्य में लीन हो गए। आपको पता भी न चला और आप चलते-चलते जंगल में पहुंच गए। यकायक आपके सामने एक शेर आ गया। शेर को देखकर आपको होश आया। आप घबरा गए। मारे डर के आँखें बंद कर दीं। आपने ईश्वर को याद किया और कहा, "काश ! मेरे पास पंछी की तरह पंख होते ...!" तभी चमत्कार हुआ और आप के हाथ की जगह पंख उग आए। आप उड़कर वापस घर आए। आप बड़े खुश थे-जान भी बची और पंख भी मिल गए। सपना टूटा। आपने नींद से आँखें खोली। आपने पाया कि आपको हकीकत में हाथों की जगह पँख मिल गए हैं।
इस बार आपको मजेदार और अनोखी कसौटी होनेवाली है। एक बड़ा जहाज आपको निर्जन द्वीप पर ले जानेवाला है। वहाँ केवल मिट्टी, कंकड़-पत्थर, पहाड़ और समुद्री पानी ही है।
Question 1. मेरे बुद्धिमान दोस्त ! वहाँ एक हफ्ते तक सुख-चैन से रहने के लिए आप अपने साथ क्या-क्या ले जाएंगे-सूची बनाइए।
Answer:
द्वीप पर सुख-चैन से रहने के लिए हम अपने साथ ...
• काफी कपड़े ले जाएँगे।
• खाने के लिए बिस्किट, पोपकोर्न, सेव आदि सूखे खाद्य पदार्थ ले जाएँगे।
• बादाम, काजू, अंजीर, फल आदि मेवा ले जाएँगे।
• एक स्टोव भी ले जाएँगे। उस पर खाना बनाने के लिए हम कूकर, आटा, दाल, चावल, मसाले आदि ले जाएँगे।
• एक हफ्ते तक चले उतना पीने का पानी भी ले जाएँगे।
• हम क्रिकेट का सामान, कैरम, शतरंज, फुटबॉल और टेनिस खेलने की स्टिक तथा बॉल ले जाएँगे।
• पढ़ने के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें ले जाएंगे।
• एक कॉपी ले जाएँगे जिसमें उस द्वीप पर मिलनेवाली वनस्पतियों, वहाँ के पक्षियों, प्राणियों के बारे में प्राप्त जानकारी लिखेंगे।
• रक्षा के लिए छोटी बंदूक भी ले जाएँगे।
In simple words: निर्जन द्वीप पर एक हफ्ते रहने के लिए हमें कपड़े, सूखे खाद्य पदार्थ (बिस्कुट, मेवे), स्टोव के साथ खाना बनाने का सामान (कूकर, आटा, दाल), पीने का पानी, मनोरंजन के लिए खेल का सामान और पढ़ाई के लिए किताबें, कॉपी और रक्षा के लिए छोटी बंदूक ले जानी होगी।
Exam Tip: ऐसे सूची-आधारित प्रश्नों में, सभी आवश्यक वस्तुओं को श्रेणियों (जैसे भोजन, कपड़े, मनोरंजन) में व्यवस्थित करें ताकि कोई भी महत्वपूर्ण वस्तु छूट न जाए।
अंदाज अपना-अपना Summary in Gujarati
પોતપોતાનું અનુમાન
બુદ્ધિની દોટ
ભાવેશભાઈ વકીલ છે. તેઓ પોતાની પત્ની લીના અને પુત્ર વ્રજની સાથે સુરતમાં રહે છે. નાનો પરિવાર, સુખનો આધાર હોય છે. તેમનું જીવન ખુશખુશાલ હતું. એક વાર દિવાળીની રજાઓમાં તેઓ ત્રણેય અંબાજી ગયાં. ચાર દિવસ પછી પાછાં આવીને જોયું તો ચમકી ગયાં.
તેમણે જોયું કે ઘરની બહાર જે બગીચો છે તેનાં વૃક્ષ અને છોડવાઓનાં કેટલાંય ફૂલ – પાંદડાં ખરી પડ્યાં હતાં. ઘરમાં અંદર જઈને જોયું તો આખો ઓરડો ધૂળથી ખરાબ થઈ ગયો હતો. દીવાલ પરના લીના અને વ્રજના ફોટા પણ નીચે પડી ગયા હતા અને તૂટી ગયા હતા.
નાનાં બાળકો, આમ શા માટે થયું હશે? તેઓ સમજી શક્યા નહિ. તમે તો ખૂબ બુદ્ધિશાળી છો. તમે જ તેમને કહો.
પરેશભાઈ ખેડૂત છે. એમની પત્ની હીરલબેન નર્સ છે. એક દિવસ વહેલી સવારે હીરલબેને પાણીના નળ નીચે ઉતાવળમાં એક માટલું મૂક્યું. પછી નળ ચાલુ કર્યો અને રસોડામાં ચા બનાવવા ચાલ્યાં ગયાં. ચા બનાવીને પછી જ્યારે પાછા આવીને જોયું તો માટલું ખાલી હતું. તેમાં પાણી નહોતું. હીરલબેન પોતાની જાત પર હસવા લાગ્યાં.
મારા સમજુ મિત્રો, હવે તમે જ કહો કે આમ કેમ થયું હશે?
સેજલ બે કૂંડાં લાવ્યો. તેમાં તુલસીના છોડ હતા. બંને છોડની લંબાઈ, પહોળાઈ અને ઊંચાઈ એકસરખી હતી. એક મહિના પછી બીજા કૂંડાનો છોડ વધી ગયો; જ્યારે પહેલા કંડાનો છોડ હજુ પણ તેટલો જ હતો, જેટલો એક મહિના પહેલા.
મારા ભલાભોળા ભેજાબાજ મિત્રો! આમ કેવી રીતે થયું હશે? તમે જ કહો.
તર્કની લગામ – કલ્પનાના ઘોડા
તમે સાઇકલ પર સ્કૂલે જઈ રહ્યા છો. રસ્તામાં જોયું તો એક માણસ હાથ હલાવીને તમને થોભી જવા ઇશારો કરી રહ્યો છે. તમે થોભી ગયા. તેણે કહ્યું કે બાજુના ગામમાં મારે જવું ખૂબ જરૂરી છે. તમે તે માણસને સાઈકલ પર બેસાડ્યો અને પાસેના ગામે પહોંચાડ્યો.
ત્યાં જઈને તમને ખબર પડી કે ત્યાં એક જાદુગરનો કાર્યક્રમ થવાનો છે અને તે માણસ તેનો મદદગાર છે. તે માણસે તમને જાદુના ખેલ જોવાની વિનંતી કરી, પરંતુ સ્કૂલે પહોંચતાં મોડું થઈ જશે, એમ વિચારીને તમે ના પાડી દીધી. તે માણસે બધી વાત જાદુગરને કહી.
જાદુગરે ખુશ થઈને તમને એક “ચમત્કારી ચશ્માં′ આપ્યાં અને કહ્યું કે આ પહેર્યા પછી જોઈ શકીશ અને કંઈપણ કરી શકીશ, તને કોઈ નહિ જોઈ શકે. આની અસર એક અઠવાડિયા સુધી રહેશે।
તમે ચશ્માં લઈને પાછા પોતાના ગામની સ્કૂલમાં આવ્યા. ત્યાંથી ઘેર ગયા. બીજે દિવસે નાહી-ધોઈને દર્પણની સામે તમે ચશ્માં પહેર્યા. દર્પણમાં જોયું તો ખરેખર તમે ગાયબ થઈ ગયા હતા।
અને શું શું કરશો?
આખા દિવસનાં ભણતર અને રમતગમત પછી રાત્રે તમને ઊંઘ આવી ગઈ. ઊંઘમાં તમે એક સ્વગ્ન જોયું. તમે ફરતાં-ફરતાં ખૂબ દૂર નીકળી ગયા. તમે નદી-પર્વતોના અદ્ભુત સૌંદર્યમાં લીન થઈ ગયા. તમને ખબર પણ ન પડી અને તમે ચાલતાં-ચાલતાં જંગલમાં પહોંચી ગયા.
એકાએક તમારી સામે એક સિંહ આવી પહોંચ્યો. સિંહને જોઈને તમને ભાન થયું. તમે ગભરાઈ ગયા. ભયના માર્યા આંખો મીંચી દીધી. તમે ઈશ્વરનું સ્મરણ કર્યું અને કહ્યું, “અરે! મારી પાસે પક્ષીની જેમ પાંખો હોય તો...!” ત્યારે ચમત્કાર થયો અને તમારા હાથની જગ્યાએ પાંખ ઊગી નીકળી।
તમે ઊડીને ઘરે પાછા આવી ગયા. તમે ખૂબ ખુશ હતા – જીવ પણ બચી ગયો અને પાંખો પણ મળી ગઈ. સ્વ. ખંડિત થયું. તમે ઊંઘમાંથી આંખો ખોલી. તમે જાણ્યું કે તમને હકીકતમાં હાથની જગ્યાએ પાંખો મળી ગઈ છે.
अंदाज अपना – अपना विषय – प्रवेश
किसी भी विषय के संबंध में तर्कपूर्ण सोचना या चिंतन करना, मनन करते हुए अपनी बात को प्रगट करना तार्किक चिंतन कहलाता है। तार्किक चिंतन वैज्ञानिक अभिगम पर आधारित व्यक्ति की सोच-विचार करने की मानसिक प्रक्रिया है।
इस मुक्त चिंतन में व्यक्ति अपने जीवन के अनुभव, मान्यताएँ और दृष्टिकोण का उपयोग जानकारी का पृथक्करण करने के लिए करता है और जानकारी की सत्यता तक पहुँचकर निर्णय करता है।
प्रस्तुत इकाई में तार्किक चिंतन के बहु-आयामी सोच का विकास-विस्तार हो, ऐसे वैविध्यपूर्ण अभ्यास रखे गए हैं।
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