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पाठ के साथ
Question 1. नेहरू जी भारत की चर्चा कब और किससे करते थे ?
Answer: आजादी से पहले, नेहरू जी बड़ी-बड़ी सभाओं और सम्मेलनों में जाकर किसानों की सभा में भारत के बारे में बातें करते थे। वे किसानों को बताते थे कि हिन्दुस्तान नाम इस देश के संस्थापक भरत के नाम से आया है। भारत शब्द संस्कृत भाषा का है। यह देश कई राज्यों में बंटा होने के बाद भी एक है। वे किसानों को अंग्रेजों के शिकंजे से मुक्त होने के लिए भी उत्साहित करते थे।
In simple words: नेहरू जी आजादी से पहले किसानों की सभाओं में भारत के बारे में बात करते थे। वे उन्हें बताते थे कि देश भरत के नाम पर है और अंग्रेजों से मुक्त होने के लिए प्रेरित करते थे।
Exam Tip: जब भी किसी नेता के संदेश या उद्देश्य के बारे में पूछा जाए, तो उसके मुख्य विचारों और श्रोताओं पर उसके प्रभाव का उल्लेख करें।
Question 2. नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे ?
Answer: नेहरू जी भारत के सभी किसानों से बार-बार निम्नलिखित प्रश्न पूछते थे-
(क) वे भारत माता की जय से क्या समझते हैं ?
(ख) यह भारत माता कौन है ?
(ग) यह धरती कौन-सी है जिसे वे भारत माता कहते हैं - गाँव की, जिले की, सूबे की या पूरे हिंदुस्तान की ?
In simple words: नेहरू जी किसानों से बार-बार पूछते थे कि वे 'भारत माता की जय' से क्या समझते हैं, भारत माता कौन हैं और वह कौन-सी धरती है जिसे वे भारत माता मानते हैं।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय, सभी उप-भागों को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से लिखें, जैसा कि प्रश्न में पूछा गया है।
Question 3. दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए क्यों आसान था ?
Answer: नेहरू जी कांग्रेस के एक सक्रिय नेता थे। उन्होंने देश और विदेश में भ्रमण किया था। वे अपने भाषणों में किसानों को दुनिया भर की जानकारी दिया करते थे। उनके लिए दुनिया के बारे में कुछ कहना, समझाना या जानकारी देना सरल था, क्योंकि भारत के किसान हमारे पौराणिक महाकाव्यों, पुराण कथाओं आदि से परिचित थे। कई लोगों ने तो देश के चारों कोनों में स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा भी की थी। कुछ सिपाहियों ने प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लिया था, और कुछ लोगों ने विदेशों में नौकरियां की थी। 1930 में जो आर्थिक मंदी आई थी, इसलिए भी उन्हें दूसरे देशों के बारे में जानकारी प्राप्त थी। इसलिए किसानों को यह सब बताना आसान था।
In simple words: नेहरू जी के लिए किसानों को दुनिया के बारे में बताना आसान था क्योंकि वह स्वयं अनुभवी थे और किसान भी पौराणिक कथाओं, तीर्थ यात्राओं या विदेशों में काम करने के कारण दुनिया के बारे में कुछ ज्ञान रखते थे।
Exam Tip: जब किसी घटना के कारणों का उल्लेख करें, तो सभी संभावित कारकों को शामिल करें, जैसे व्यक्तिगत अनुभव, शिक्षा और ऐतिहासिक घटनाएँ।
Question 4. किसान सामान्यत: भारत माता का क्या अर्थ लेते थे ?
Answer: किसान सामान्यतः 'भारत माता' का मतलब धरती से समझते थे। नेहरू जी ने उन्हें समझाया कि उनके गाँव, जिले, नदियाँ, पहाड़, जंगल, खेत और करोड़ों भारतीय सभी मिलकर भारतमाता हैं।
In simple words: किसान भारत माता का अर्थ केवल धरती से समझते थे, लेकिन नेहरू जी ने बताया कि यह सभी भारतीय और देश के सभी प्राकृतिक तत्व हैं।
Exam Tip: किसी अवधारणा की व्याख्या करते समय, पारंपरिक समझ के साथ-साथ सही या व्यापक अर्थ भी बताएँ।
Question 5. भारत माता के प्रति नेहरू जी की क्या अवधारणा है ?
Answer: भारत माता के प्रति नेहरू जी ने अपनी सहज, सरल और सटीक अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा कि यहाँ की धरती, पहाड़, जंगल, खेत-खलिहान आदि के साथ-साथ इस देश के करोड़ों-करोड़ों लोग भी भारतमाता हैं।
In simple words: नेहरू जी के लिए भारत माता का अर्थ सिर्फ धरती, पहाड़ और जंगल नहीं, बल्कि देश में रहने वाले करोड़ों लोग भी थे।
Exam Tip: अवधारणा संबंधी प्रश्नों के लिए, मुख्य विचार को स्पष्ट और सीधे तौर पर प्रस्तुत करें, उसके बाद एक संक्षिप्त व्याख्या दें।
Question 6. आजादी से पूर्व किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था ?
Answer: आजादी से पहले देश का किसान कई तरह की समस्याओं से घिरा हुआ था। जैसे कि - गरीबी के कारण पूंजीपतियों, जमींदारों और महाजनों द्वारा मनमाने ढंग से उनका आर्थिक शोषण किया जाता था। कड़े लगान और ऊँचे ब्याज के कारण ये आर्थिक रूप से बहुत परेशान थे। पुलिस का अत्याचार चरम सीमा पर था और विदेशी शासन का जोर-जुल्म और अत्याचार भी बहुत अधिक था।
In simple words: आजादी से पहले किसान गरीबी, पूंजीपतियों और जमींदारों के शोषण, ऊँचे लगान, पुलिस अत्याचार और विदेशी शासन के जुल्म जैसी कई समस्याओं का सामना करते थे।
Exam Tip: जब किसी ऐतिहासिक स्थिति की समस्याओं का वर्णन करें, तो आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं को शामिल करें।
पाठ के आस-पास
Question 1. आज़ादी से पहले भारत-निर्माण को लेकर नेहरू के क्या सपने थे ? क्या आज़ादी के बाद वे साकार हुए ? चर्चा कीजिए।
Answer: आजादी से पहले, पं. नेहरू ने भारत के निर्माण को लेकर कई सपने देखे थे। जैसे कि - देश से गरीबी दूर करना, युवाओं को रोजगार देना, किसानों को जमींदारों और महाजनों के शोषण से मुक्त कराना, कल-कारखानों का विकास और औद्योगिक क्रांति लाना, तकनीकी शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना, हरित क्रांति लाना, सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाना, सामाजिक समरसता बढ़ाना और साक्षरता अभियान चलाना आदि। पं. नेहरू के ये सपने आजादी के बाद पूरी तरह से साकार नहीं हुए, क्योंकि राजनीतिक दाँव-पेंच, भ्रष्टाचार, बढ़ती जनसंख्या, सीमित साधन और सरकारी अनिच्छा जैसे कारणों से उनके सपने पूरी तरह से पूरे नहीं हो सके।
In simple words: नेहरू जी ने आजादी से पहले गरीबी मिटाने, रोजगार देने, किसानों को मुक्त करने, उद्योग बढ़ाने और शिक्षा फैलाने के कई सपने देखे थे, लेकिन भ्रष्टाचार, जनसंख्या और सरकारी इच्छाशक्ति की कमी के कारण वे पूरी तरह से पूरे नहीं हो पाए।
Exam Tip: किसी योजना की सफलता या असफलता का मूल्यांकन करते समय, मूल उद्देश्यों और बाधाओं दोनों का उल्लेख करें जो उन्हें पूरा होने से रोकते हैं।
Question 2. भारत के विकास को लेकर आप क्या सपने देखते हैं ?
Answer: भारत के विकास को लेकर मैं कई सपने देखता हूँ। जैसे कि - देश में सामाजिक समरसता बढ़े, जातिगत भेदभाव खत्म हो, रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से कोई भी वंचित न रहे। शिक्षा का इतना प्रचार-प्रसार हो कि कोई भी अशिक्षित न रहे। देश में गरीबी दूर हो, हर हाथ को काम मिले - कोई बेकार न रहे, औद्योगिक विकास हो, किसानों की हालत सुधरे, खेती का विकास हो, तकनीकी विकास हो, आपसी भाईचारा और शांति का माहौल स्थापित हो।
In simple words: मैं भारत में सामाजिक समानता, सभी के लिए बुनियादी ज़रूरतें, पूरी शिक्षा, गरीबी मुक्त समाज, पूर्ण रोजगार, औद्योगिक और कृषि विकास, और शांतिपूर्ण माहौल देखना चाहता हूँ।
Exam Tip: भविष्य की कल्पना करते समय, व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलावों को शामिल करें।
Question 3. आपकी दृष्टि में भारतमाता और हिंदुस्तान की क्या संकल्पना है ? बताइए।
Answer: मेरी दृष्टि में भारतमाता और हिन्दुस्तान की संकल्पना एक जैसी है। भारतमाता और हिन्दुस्तान का मतलब भारत की भौगोलिक सीमा - उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूर्व से लेकर पश्चिम तक फैला हुआ भारतवर्ष है, जिसमें उसकी नदियाँ, पहाड़, पठार, खेत-खलिहान, वन-उपवन, सभ्यता-संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान, वेश-भूषा और यहाँ के करोड़ों निवासी ही सही मायने में भारतवर्ष और हिन्दुस्तान हैं।
In simple words: मेरी राय में भारतमाता और हिन्दुस्तान एक ही हैं, जिसमें देश की धरती, नदियाँ, पहाड़, जंगल और यहाँ रहने वाले करोड़ों लोग शामिल हैं, जो हमारी संस्कृति और पहचान बनाते हैं।
Exam Tip: किसी अवधारणा को परिभाषित करते समय, उसके भौतिक, सांस्कृतिक और मानवीय तत्वों को स्पष्ट रूप से शामिल करें।
Question 4. वर्तमान समय में किसानों की स्थिति किस सीमा तक बदली है ? चर्चा कर लिखिए।
Answer: वर्तमान समय में किसानों की स्थिति पूरी तरह से नहीं बदली है, मगर पहले की तुलना में बहुत कुछ बदलाव आया है। 'जोते उसकी जमीन' जैसे कानून की वजह से किसान अपने खेतों के मालिक बने हैं। उन्हें किसी को लगान नहीं देना पड़ता। बीज खरीदने के लिए सरकारी सहायता मिलती है। अत्यधिक वर्षा या सूखे के समय सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा भी मिलता है। फसलों की खरीदी के लिए सरकार न्यूनतम मूल्य तय करती है। बुवाई से कटाई तक के सारे साधनों - श्रेष्ठ बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयाँ, बिजली, ट्रैक्टर और अन्य साधनों पर सरकार बहुत मात्रा में सब्सिडी देती है, कभी-कभी ऋण भी माफ कर देती है। किसान आज खेती के साथ-साथ कुटीर उद्योग, पशुपालन, मत्स्य उद्योग, दूध उत्पादन जैसे काम भी करता है। लेकिन किसानों की खुशहाली के लिए अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।
In simple words: किसानों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है; वे अपनी जमीन के मालिक हैं, उन्हें सरकारी मदद और मुआवजा मिलता है, और वे विभिन्न कार्य करते हैं, लेकिन अभी भी पूरी तरह से खुशहाल नहीं हैं।
Exam Tip: जब किसी विषय पर चर्चा करें, तो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करें और निष्कर्ष में आगे सुधार की संभावना का उल्लेख करें।
Question 5. आजादी से पूर्व अनेक नारे प्रचलित थे। किन्हीं दस नारों का संकलन करें और संदर्भ भी लिखें।
Answer:
• वंदे मातरम् – बंकिमचंद्र चटर्जी – आजादी के समय क्रांतिकारियों का मंत्र था।
• तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा – सुभाषचंद्र बोस – सशस्त्र क्रांति का आह्वान था।
• इन्कलाब जिंदाबाद – क्रांति को बढ़ावा देने हेतु यह नारा दिया गया था।
• अंग्रेजों भारत छोड़ो – देश की आजादी के लिए यह नारा दिया गया था।
• करों या मरो – महात्मा गाँधी – भारत छोड़ो आंदोलन का हिस्सा था।
• स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है – तिलक – अंग्रेजों के खिलाफ एक बिगुल था।
• दिल्ली चलो – सुभाषचंद्र बोस – अंग्रेजों को सत्ता से बाहर करने के लिए कहा गया था।
• साइमन वापस जाओ – लाला लाजपत राय – साइमन कमीशन का बहिष्कार करने के लिए था।
• हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान – प्रताप नारायण मिश्र – राष्ट्रीय एकता हेतु यह नारा दिया गया था।
• स्वदेशी अपनाओ – एनी बेसेंट – विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के लिए था।
In simple words: आजादी से पहले, 'वंदे मातरम्' क्रांतिकारियों का मंत्र था, 'तुम मुझे खून दो' सुभाषचंद्र बोस का आह्वान था, 'इन्कलाब जिंदाबाद' क्रांति के लिए था, 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' आजादी के लिए था, 'करों या मरो' भारत छोड़ो आंदोलन का हिस्सा था, 'स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' तिलक का नारा था, 'दिल्ली चलो' सत्ता से अंग्रेजों को हटाने के लिए था, 'साइमन वापस जाओ' साइमन कमीशन के खिलाफ था, 'हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान' राष्ट्रीय एकता के लिए था, और 'स्वदेशी अपनाओ' विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए था।
Exam Tip: महत्वपूर्ण नारों का उल्लेख करते समय, उनके प्रवर्तक और जिस संदर्भ में वे बोले गए थे, उसे भी अवश्य बताएँ।
भाषा की बात
Question 1. नीचे दिए गए शब्दों का पाठ के संदर्भ में अर्थ लिखिए। दक्खिन, पश्चिम, यक-साँ, एक-जुज, ढढ्ढे
Answer:
• दक्खिन – दक्षिणी प्रांत, जैसे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश।
• पच्छिम – पश्चिमी प्रांत, जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान।
• यक-साँ – एक जैसा, समान।
• एक-जुज – एक अंश या हिस्सा।
• ढढे – बोड़ा, एक प्रकार का फल।
In simple words: 'दक्खिन' मतलब दक्षिणी राज्य, 'पच्छिम' मतलब पश्चिमी राज्य, 'यक-साँ' मतलब एक जैसा, 'एक-जुज' मतलब एक छोटा सा हिस्सा, और 'ढढे' मतलब बोड़ा।
Exam Tip: शब्दों के अर्थ लिखते समय, उन्हें उस संदर्भ से जोड़ें जिसमें उनका उपयोग किया गया है, और आवश्यकतानुसार उदाहरण भी दें।
Question 2. नीचे दिए गए संज्ञा शब्दों के विशेषण रुप लिखिए। आजादी, चमक, हिन्दुस्तान, विदेश, सरकार, यात्रा, पुराण, भारत
Answer:
• आज़ादी – आजाद
• चमक – चमकीला
• हिंदुस्तान – हिन्दुस्तानी
• विदेश – विदेशी
• सरकार – सरकारी
• यात्रा – यात्री
• पुराण – पौराणिक
• भारत – भारतीय
In simple words: 'आजादी' से 'आजाद', 'चमक' से 'चमकीला', 'हिंदुस्तान' से 'हिंदुस्तानी', 'विदेश' से 'विदेशी', 'सरकार' से 'सरकारी', 'यात्रा' से 'यात्री', 'पुराण' से 'पौराणिक', और 'भारत' से 'भारतीय' विशेषण बनते हैं।
Exam Tip: संज्ञा शब्दों को विशेषण में बदलते समय, ध्यान रखें कि विशेषण संज्ञा के गुणों या विशेषताओं को बताता है।
Hindi Digest Std 11 GSEB भारत माता Important Questions And Answers
पाठ के साथ
Question 1. लेखक किसानों को हिंदुस्तान की एकता बताना जरूरी समझता है, क्यों ?
Answer: लेखक किसानों को हिंदुस्तान की एकता बताना जरूरी मानता है, क्योंकि लेखक का मानना है कि अधिकतर किसान गाँवों में रहते हैं और गाँव के लोगों की सोच सीमित होती है। वे हिंदुस्तान का सही मतलब नहीं समझते थे। इसलिए पं. नेहरू उन्हें अखंड भारत की परिभाषा सरल शब्दों में समझाते थे। वे उन्हें यह भी बताते थे कि इस देश के सारे किसान जिस समस्या से जूझ रहे हैं, भारतमाता का मतलब इस देश की करोड़ों-करोड़ जनता है।
In simple words: लेखक किसानों को भारत की एकता समझाना ज़रूरी समझते थे क्योंकि वे गाँव में रहते थे और उनकी सोच सीमित थी। नेहरू जी उन्हें बताते थे कि देश के सभी किसान और उनकी समस्याएँ भारतमाता का ही हिस्सा हैं।
Exam Tip: किसी व्यक्ति या समूह को किसी विशेष जानकारी की आवश्यकता क्यों है, इसका कारण बताते समय, उनकी पृष्ठभूमि और ज्ञान के स्तर पर विचार करें।
Question 2. लेखक के विचारों में 'भारत माता की जय' का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'भारत माता की जय' का सार्थक, सटीक और सीधा अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि 'भारत माता' का अर्थ इस देश के करोड़ों लोग हैं और 'भारत माता की जय' का अर्थ इस देश के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय है। लेखक की सारगर्भित शैली और विराट राष्ट्रप्रेम स्वाभाविक रूप से प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं।
In simple words: लेखक के अनुसार, 'भारत माता की जय' का मतलब इस देश के सभी करोड़ों लोगों की जय है। यह नारा देश के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।
Exam Tip: किसी अवधारणा के अर्थ को स्पष्ट करते समय, उसके प्रतीकात्मक महत्व और उस समूह पर उसके प्रभाव का वर्णन करें जिसके लिए यह है।
Question 3. 'भारत माता' पाठ का केन्द्रीय भाव स्पष्ट कीजिए।
Answer: यह पाठ पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी गई 'हिन्दुस्तान की कहानी' का पाँचवाँ अध्याय है। इस पाठ में पं. नेहरू ने बताया है कि भारतवर्ष एक विशाल देश है, जो कई प्रांतों में बंटा होने के बाद भी एक है। 'अनेकता में एकता' भारत की खासियत है। सभी प्रांतों के लोग आपस में भावनात्मक एकता से जुड़े हुए हैं।
In simple words: 'भारत माता' पाठ का मुख्य विचार यह है कि भारत एक विशाल देश है, जो कई प्रांतों में बंटा होने के बावजूद 'अनेकता में एकता' की विशेषता रखता है और सभी लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।
Exam Tip: पाठ के केंद्रीय भाव को संक्षेप में बताते समय, मुख्य संदेश और पाठ के मुख्य तर्क को उजागर करें।
Question 4. ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में लेखक के भाषणों का विषय भिन्न रहता था। क्यों ?
Answer: लेखक कांग्रेस के सक्रिय नेता थे। वे देशभर में घूमा करते थे, जगह-जगह पर अपने भाषण देते थे। वे गाँवों में अलग प्रकार का भाषण देते थे। शहरी इलाकों में उनके भाषणों का विषय अलग होता था। उनका मानना था कि शहरी और ग्रामीण लोगों की समस्याएँ भिन्न हैं। शिक्षा और समझदारी का दायरा भी दोनों का भिन्न है, अतः उनके भाषणों का विषय भी भिन्न रहता था। शहर में लोग अधिक पढ़े-लिखे और समझदार होते थे। इसलिए वहाँ लेखक अपने भाषणों में विकास या स्वतंत्रता जैसी बातें करते थे। ग्रामीण इलाके में पं. नेहरू उन्हें विदेशों के उदाहरण देते, उन्हें भारत माता का अर्थ बताते, देश की एकता और अखंडता की बातें करते तथा उन्हें यह भी समझाने का प्रयास करते कि आप इस देश का ही एक हिस्सा हैं, आपसे ही हिन्दुस्तान बना है।
In simple words: लेखक के भाषणों का विषय ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलग-अलग होता था क्योंकि वे समझते थे कि दोनों की समस्याएँ, शिक्षा और समझ का स्तर भिन्न होता है, इसलिए वे श्रोताओं के अनुसार अपने संदेश को बदलते थे।
Exam Tip: किसी वक्ता की रणनीति या अनुकूलनशीलता का विश्लेषण करते समय, श्रोताओं की विशेषताओं और संदेश के इच्छित प्रभाव पर विचार करें।
एक-दो बाक्यों में उत्तर दीजिए।
Question 1. जवाहरलाल नेहरू का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
Answer: जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद (उ. प्र.) के एक संपन्न परिवार में हुआ था।
In simple words: जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर, 1889 को इलाहाबाद में हुआ था।
Exam Tip: जब जन्मतिथि या स्थान जैसे सीधे प्रश्न पूछे जाएँ, तो सटीक जानकारी दें।
Question 2. जवाहरलाल नेहरू के पिता का क्या नाम था ?
Answer: जवाहरलाल नेहरू के पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था।
In simple words: जवाहरलाल नेहरू के पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था।
Exam Tip: व्यक्तियों से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से लिखें।
Question 3. नेहरू की प्रारंभिक तथा उच्च शिक्षा कहाँ पर हुई थी ?
Answer: नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर तथा उच्च शिक्षा इंग्लैंड में हैरो तथा कैम्ब्रिज में हुई थी।
In simple words: नेहरू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर पर और उच्च शिक्षा इंग्लैंड के हैरो और कैम्ब्रिज में प्राप्त की थी।
Exam Tip: किसी व्यक्ति की शिक्षा के बारे में बताते समय, प्रारंभिक और उच्च शिक्षा दोनों के स्थानों का उल्लेख करें।
Question 4. नेहरू के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात् नेहरू जी ने देश के विकास के लिए क्या-क्या किया ?
Answer: प्रधानमंत्री बनने के बाद, नेहरू जी ने देश के विकास के लिए कई योजनाएँ बनाईं, जिनमें आर्थिक और औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर साहित्य, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्र भी शामिल थे।
In simple words: प्रधानमंत्री बनने के बाद, नेहरू जी ने देश के विकास के लिए आर्थिक, औद्योगिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में कई योजनाएँ बनाईं।
Exam Tip: किसी नेता की उपलब्धियों का वर्णन करते समय, विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदानों को संक्षेप में सूचीबद्ध करें।
Question 5. नेहरू अपनी बातचीत में किन-किन देशों के कशमकशों का जिक्र करते थे ?
Answer: नेहरू अपनी बातचीत में चीन, स्पेन, अबीसिनिया, मध्य यूरोप, मिस्र और पश्चिमी एशिया में होने वाले संघर्षों का जिक्र करते थे।
In simple words: नेहरू अपनी बातचीत में चीन, स्पेन, अबीसिनिया, मध्य यूरोप, मिस्र और पश्चिमी एशिया के संघर्षों का उल्लेख करते थे।
Exam Tip: जब किसी व्यक्ति द्वारा उल्लेखित देशों या घटनाओं की सूची दें, तो नाम सटीक रखें।
Question 6. नेहरू के पिता पेशे से क्या थे ?
Answer: नेहरू के पिता पेशे से इलाहाबाद के बहुत बड़े वकील थे।
In simple words: नेहरू के पिता इलाहाबाद में एक बड़े वकील थे।
Exam Tip: पेशे या पदवी जैसे सीधे तथ्यों के लिए, स्पष्ट और सटीक उत्तर दें।
Question 7. जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु कब हुई ?
Answer: जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु 27 मई, सन् 1964 ई. को हुई।
In simple words: जवाहरलाल नेहरू का निधन 27 मई, 1964 को हुआ था।
Exam Tip: ऐतिहासिक तिथियों को सटीक रूप से याद रखें और लिखें।
Question 8. जवाहरलाल नेहरू का विवाह कब और किसके साथ हुआ था ?
Answer: जवाहरलाल नेहरू का विवाह ई. सन् 1916 में श्रीमती कमलादेवी के साथ हुआ था।
In simple words: जवाहरलाल नेहरू का विवाह 1916 में श्रीमती कमलादेवी से हुआ था।
Exam Tip: महत्वपूर्ण जीवन घटनाओं के लिए, सटीक तिथि और संबंधित व्यक्ति का नाम लिखें।
योग्य विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
Question 1. जवाहरलाल नेहरू की माता का नाम ............ था।
(A) स्वरूपरानी
(B) कस्तुरबा
(C) विमलादेवी
(D) विजयीदेवी
Answer: (A) स्वरूपरानी
In simple words: जवाहरलाल नेहरू की माता का नाम स्वरूपरानी था।
Exam Tip: प्रमुख व्यक्तित्वों के पारिवारिक विवरण जैसे माता-पिता का नाम याद रखें।
Question 2. जवाहरलाल नेहरू की पत्नी का नाम ............ था।
(A) सुसमा
(B) कमला
(C) पूनम
(D) सोनम
Answer: (B) कमलादेवी
In simple words: जवाहरलाल नेहरू की पत्नी का नाम कमलादेवी था।
Exam Tip: महत्वपूर्ण लोगों से जुड़े व्यक्तियों के नाम याद रखने का प्रयास करें।
Question 3. नेहरू जी ............ पक्ष में शामिल होकर उनके महान और प्रमुख नेता बने।
(A) बहुजन समाजवादी पार्टी
(B) आमआदमी पार्टी
(C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
(D) भाजपा
Answer: (C) कांग्रेस
In simple words: नेहरू जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और उसके प्रमुख नेता बने।
Exam Tip: नेताओं के राजनीतिक दल या संगठनों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 4. जवाहरलाल नेहरू जी को बच्चे ............ कहकर बुलाते थे।
(A) नेहरू गुरुजी
(B) नेहरू मास्टरजी
(C) नेहरू चाचाजी
(D) नेहरू मुंशीजी
Answer: (C) चाचा नेहरू
In simple words: बच्चे जवाहरलाल नेहरू को 'चाचा नेहरू' कहकर बुलाते थे।
Exam Tip: महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के उपनाम या लोकप्रिय संबोधन याद रखें।
Question 5. नेहरू ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वशांति और ............. के सिद्धांतों का प्रचार किया।
(A) सत्य
(B) अहिंसा
(C) पंचशील
(D) गांधी
Answer: (C) पंचशील
In simple words: नेहरू ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वशांति और पंचशील के सिद्धांतों का प्रचार किया।
Exam Tip: अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में भारत के महत्वपूर्ण योगदानों और सिद्धांतों को जानें।
Question 6. जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को.............. के रूप में मनाया जाता है।
(A) बालदिवस
(B) योगदिवस
(C) खेलदिवस
(D) पर्यावरण दिवस
Answer: (A) बालदिवस
In simple words: जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बालदिवस के रूप में मनाया जाता है।
Exam Tip: भारत में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय दिनों और वे किसके जन्मदिन से जुड़े हैं, इसे याद रखें।
ससंदर्भ व्याख्या कीजिए।
Question 1. 'भारत माता दरअसल यही करोड़ों लोग हैं, और 'भारत माता की जय' से मतलब हुआ इन लोगों की जय का।'
Answer: संदर्भ : यह गद्यांश पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित 'हिन्दुस्तान की कहानी' के पाँचवें अध्याय से लिया गया है। यह कथन पंडित नेहरू ने किसानों को भारतमाता का मतलब समझाते हुए कहा है।
व्याख्या : इस गद्यांश में पं. नेहरू ने 'भारतमाता' और 'भारत माता की जय' का मतलब बहुत सहज, सरल और सटीक रूप में प्रस्तुत किया है। पं. नेहरू जब देश के विभिन्न राज्यों में जनता के बीच जाते थे तब जनता उनके अभिवादन में नारे लगाती - 'भारत माता की जय'। तब पं. नेहरू उन्हें इस नारे का मतलब पूछते थे। सही उत्तर न मिलने पर वे इस नारे का मतलब स्पष्ट करते हुए कहते कि - 'भारत माता' का मतलब इस देश के करोड़ों - करोड़ लोग हैं और 'भारत माता की जय' का मतलब इस देश के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय है।
विशेष :
• 'भारत माता' शब्द की व्यापक संकल्पना स्पष्ट हुई है।
• लेखक की देशप्रेम की भावना प्रस्तुत हुई है।
• भाषा सहज-सरल है।
In simple words: नेहरू जी ने किसानों को समझाया कि 'भारत माता' का अर्थ केवल धरती नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोग हैं, और 'भारत माता की जय' का मतलब इन सभी लोगों की विजय है। यह पाठ भारत के प्रति लेखक के गहरे प्रेम को दर्शाता है।
Exam Tip: संदर्भ व्याख्या करते समय, पाठ के स्रोत, मुख्य संदेश और उसकी भाषागत विशेषताओं का उल्लेख करें।
अपठित गद्यांश
आदमी जैसा है, वैसा ही न रहे, वह बदले, यह चिंता केवल आधुनिक साहित्य की ही नहीं है। प्राचीन साहित्य में भी वह रही, मध्यकालीन साहित्य में भी मिलती है - पुराने यूनान-रोम में भी और भारतीय साहित्य में भी थी। मनुष्य को बदलने के दो रूप हो सकते हैं। एक तो यह कि जैसा भी हमारा जीवन चल रहा है, जो भी हमारी दृष्टि है, अनुभव की हमारी प्रणाली है, अपने अनुभवों को मूल्यवत्ता देने की, अपनी अनुभूति को महान बनाने की जो भी हमारी क्षमता है उसे अगर हम भीतर से बदल दें तो मनुष्य बदल जाएगा। यही चिंता अक्सर साहित्य में व्यक्त हुई है। किंतु फ्रांसीसी क्रांति का एक और असर हुआ, उससे ऐसा लगा कि यह जो मनुष्य को भीतर से बदलने का हमारा प्रयास रहा है, वह अधूरा चला गया कि बारंबार प्रयास करने के बावजूद भी मनुष्य नहीं बदला - या कि कुछ लोग केवल भीतर से बदल जाते हैं बाकी लोग नहीं, बदलते।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
Question 1. साहित्य में कौन-सी चिंता सार्वकालिक तथा सार्वत्रिक है ? समझाइए।
Answer: साहित्य में यह चिंता सार्वकालिक तथा सार्वत्रिक है कि मनुष्य जैसा है वैसा ही न रहे, बल्कि उसमें सार्थक परिवर्तन हो। यह चिंता प्राचीन, मध्यकालीन तथा आधुनिक तीनों कालों के साहित्य में देखी जा सकती है। इसलिए यह सार्वकालिक है। साथ ही यह चिंता केवल पूर्वी देशों (भारत) की ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों (रोम) की भी रही है, अतः यह सार्वत्रिक है।
In simple words: साहित्य में हमेशा यह चिंता रही है कि मनुष्य को बेहतर बनने के लिए बदलना चाहिए। यह चिंता हर समय और हर जगह, पूरब और पश्चिम दोनों के साहित्य में मिलती है।
Exam Tip: अवधारणा संबंधी प्रश्नों के उत्तर देते समय, उस अवधारणा की व्यापकता और ऐतिहासिक निरंतरता को स्पष्ट करें।
Question 2. आदमी जैसा है, वैसा ही न रहे, इस चिंता का क्या तात्पर्य है ?
Answer: मूलतः आदमी भी मूलतः प्राणी ही है, किन्तु साहित्य की चिंता यह है कि उसके प्राणीसुलभ गुणों का मानवता की दृष्टि से सबसे उपयोगी रूपांतरण हो, उसमें जीवनमूल्यों तथा नैतिक मानदंड विकसित हों, ताकि वह सामाजिक प्राणी बने, केवल सामान्य प्राणी न रहे।
In simple words: 'आदमी जैसा है, वैसा ही न रहे' का मतलब है कि इंसान को सिर्फ एक प्राणी बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपनी मानवीय खूबियों को बेहतर बनाना चाहिए और जीवन के अच्छे मूल्यों को अपनाकर एक सामाजिक व्यक्ति बनना चाहिए।
Exam Tip: किसी वाक्यांश का तात्पर्य स्पष्ट करते समय, उसके निहितार्थों और गहरे अर्थों को विस्तार से समझाएँ।
Question 3. मनुष्य भीतर से कब बदल जाएगा ?
Answer: यदि हम जैसा हमारा जीवन चल रहा है, जो भी हमारी जीवन दृष्टि है, जो भी हमारे अनुभव की प्रणालियाँ हैं, अपने अनुभवों को मूल्यवान बनाने तथा अपनी अनुभूति को महान बनाने की जो हमारी क्षमता है, उन्हें बदल दें तो मनुष्य भीतर से भी बदल जाएगा।
In simple words: मनुष्य भीतर से तभी बदलेगा जब वह अपने जीवन के तरीकों, विचारों और अनुभवों को अधिक मूल्यवान बनाने की अपनी क्षमता को बदल देगा।
Exam Tip: जब 'कब' से संबंधित प्रश्न हो, तो परिवर्तन के लिए आवश्यक शर्तों या क्रियाओं का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 4. फ्रांसीसी क्रांति से हमें मनुष्य के परिवर्तन के विषय में क्या पता चला ?
Answer: फ्रांसीसी क्रांति से हमें ऐसा लगा कि मनुष्य को भीतर से बदलने का हमारा प्रयास अधूरा रह गया। बार-बार कोशिशों के बावजूद केवल कुछ लोग अंदर से बदले, बाकी लोग नहीं। अतः परिवर्तन सार्वव्यापी नहीं बन सका।
In simple words: फ्रांसीसी क्रांति ने दिखाया कि मनुष्य को भीतर से बदलने की हमारी कोशिशें पूरी नहीं हुईं; कई कोशिशों के बाद भी, केवल कुछ लोग ही बदले, जिससे यह पता चला कि बदलाव हर जगह नहीं फैला।
Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं से प्राप्त सीखों को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।
Question 5. 'अक्सर' के लिए तत्सम शब्द बताइए।
Answer: 'अक्सर' के लिए तत्सम हिन्दी शब्द प्रायः या बहुधा है।
In simple words: 'अक्सर' का तत्सम शब्द 'प्रायः' या 'बहुधा' है।
Exam Tip: तत्सम शब्द लिखते समय, हिंदी में उनके शुद्ध और मूल संस्कृत रूपों का प्रयोग करें।
Question 6. यूनान-रोम में कौन-सा समास है, विग्रह करके बताइए।
Answer: यूनान-रोम यूनान तथा रोम सहित अन्य पश्चिमी देश - यह एक द्वंद्व समास का उदाहरण है।
In simple words: 'यूनान-रोम' एक द्वंद्व समास है, जिसका मतलब 'यूनान और रोम' या उनसे जुड़े पश्चिमी देश है।
Exam Tip: समास पहचानते समय, उसके विग्रह को भी स्पष्ट करें ताकि उसकी प्रकृति साफ हो सके।
भारत माता Summary In Hindi
लेखक परिचय :
जीवन परिचय : जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 में इलाहाबाद के एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता मोतीलाल नेहरू तथा इनकी माता स्वरूपरानी नेहरू थीं। उनके पिता इलाहाबाद के बड़े वकील थे। नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर तथा उच्च शिक्षा इंग्लैंड में हैरो तथा कैम्ब्रिज में ट्रिनिटी कॉलेज में हुई। वहीं से वकालत की पढ़ाई की लेकिन नेहरू पर गांधी जी का बहुत प्रभाव पड़ा। उनकी पुकार पर वे पढ़ाई छोड़कर आजादी की लड़ाई में जुट गए। आगे चलकर सन् 1929 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष बने और पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की। नेहरू का झुकाव समाजवाद की ओर भी रहा। जवाहरलाल नेहरु भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने और स्वतंत्रता के पहले और बाद में भारतीय राजनीति के मुख्य केंद्रबिंदु थे। ये महात्मा गांधी के सहायक के तौर पर भारतीय स्वतंत्रता अभियान के मुख्य नेता थे जो अंत तक भारत को स्वतंत्र बनाने के लिए लड़ते रहे और स्वतंत्रता के बाद भी अपनी मृत्यु तक देश की सेवा की। उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता माना जाता था। पंडित होने के कारण उन्हें पंडित नेहरू भी कहा जाता था। जबकि बच्चों से उनके लगाव के कारण बच्चे उन्हें 'चाचा नेहरू' के नाम से जानते थे। चाचा नेहरू के जन्मदिन को बालदिवस के रूप में मनाया जाता है।
रचनाएँ –
नेहरूजी उच्च कोटि के लेखक भी थे। उन्होंने अंग्रेजी में लिखा। इनकी रचनाओं का हिंदी सहित कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है। इनकी रचनाएँ निम्नलिखित हैं - मेरी कहानी (आत्मकथा), विश्व इतिहास की झलक, हिन्दुस्तान की कहानी, पिता के पत्र 1-पुत्री के नाम, (हिन्दी अनुवाद) हिंदुस्तान की समस्याएँ, स्वाधीनता और उसके बाद राष्ट्रपिता, भारत की बुनियादी एकता, लड़खड़ाती दुनिया आदि (लेखों और भाषणों का संग्रह)। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने। उन्होंने देश के सर्वागीण विकास के लिए कई योजनाएँ बनाईं। वे शांति, अहिंसा और मानवता के अग्रदूत थे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वशांति और पंचशील के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें सदैव याद किया जायेगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन सन् 1964 में हुआ था। यह पाठ पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित 'हिन्दुस्तान की कहानी' का पाँचवाँ अध्याय है। इस पाठ में पं. नेहरू ने बताया है कि भारत वर्ष एक विशाल देश है, जो कई प्रांतों में बंटा होकर भी एक है। 'अनेकता में एकता' भारत की विशेषता है। सभी प्रांतों के लोग आपस में भावनात्मक एकता से जुड़े हुए हैं। लेखक ने अपने देश-विदेश के दौरों का हवाला देकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। जिसमें "भारत माता" और "भारत माता की जय" का सार्थक, सटीक और सचोट अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है, कि 'भारत माता' का अर्थ इस देश के करोड़ों लोग और 'भारत माता की जय' का अर्थ इस देश के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय है। लेखक की सारगर्भित शैली और विराट राष्ट्रप्रेम स्वाभाविक रूप से प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं।
पाठ का सारांश :
पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित 'हिन्दुस्तान की कहानी' का पाँचवाँ अध्याय है। इस पाठ में पं. नेहरू ने बताया है कि भारतवर्ष एक विशाल देश है, जो कई प्रांतों में बंटा होकर भी एक है। 'अनेकता में एकता' भारत की विशेषता है। पं. नेहरू अपने भाषणों में हिन्दुस्तान की एकता और अखंडता के बारे में बताते हुए कहते हैं कि देश का एक हिस्सा दूसरे से अलग होते हुए भी हिन्दुस्तान एक था। स्वराज्य का भी जिक्र करते थे। पं. नेहरू देश के भिन्न-भिन्न भू-भागों में यात्रा करते थे तब सभा सम्मेलनों में देश के किसान उनसे एक जैसे सवाल पूछते थे, क्योंकि देश के सारे किसानों की समस्याएँ एक-सी थीं। वे कई देशों की यात्राओं का जिक्र भी करते थे। अमरिका की तरक्की, सन् 30 के बाद की आर्थिक मंदी आदि का जिक्र भी करते थे। दूसरे मुल्कों के बारे में वे जो हवाला देते थे, लोग यहाँ की स्थितियों को आसानी से समझ जाते थे। लेखक जब किसी बड़े समारोह में जाते थे, वहाँ के लोग उनके स्वागत में 'भारत माता की जय !' का नारा लगाते थे। तब लेखक उनसे पूछ बैठते थे कि यह भारत माता कौन है, जिसकी आप जय चाहते हैं। कुछ किसान भारत माता का आशय धरती से जोड़ते थे, तो कोई अपने-अपने गाँव, जिला, प्रांत यह सारे हिन्दुस्तान की धरती से जोड़ता था। आखिर में लेखक स्वयं 'भारत माता' और 'भारत माता की जय' का सार्थक, सटीक और सीधा अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है, कि 'भारत माता' का अर्थ इस देश के करोड़ों लोग हैं और 'भारत माता की जय' का अर्थ इस देश के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय है। लेखक की सारगर्भित शैली और विराट राष्ट्रप्रेम स्वाभाविक रूप से प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं।
शब्दार्थ :
- अकसर - प्रायः
- संस्थापन – स्थापना करनेवाला
- गिजा – खुराक
- महदूद – सीमित
- यक-साँ – एकसमान
- धुर – और परे
- महाजन – ब्याज पर धन देनेवाले
- सूद – ब्याज
- हासिल – प्राप्त
- अचरज – हैरानी
- मंदी - व्यापार में कमी
- हवाले - संदर्भ
- जवाब न बन पाना – उत्तर न दे पाना
- सूबा – प्रदेश
- आँखों में चमक आना – खुशी मिलना
- जुज़ – खंड, भाग, अंश
- दरअसल – वास्तव में
- जलसा – समारोह
- सयाने – समझदार
- नजरिया – सोचने का तरीका, दृष्टिकोण
- मसला – मुद्दा, समस्या
- स्वराज्य – अपना शासन
- शिकंजा – कसनेवाला औजार
- लगान – खेती की जमीन पर बुवाई का कर
- जुल्म – अत्याचार
- कशमकश – ऊहापोह, पशोपेश
- तब्दीली – बदलाव
- मुल्क – देश
- ताज्जुब - हैरानी, आश्चर्य
- किसानी – खेती
- अजीज – प्रिय
- ढड्ढे – बोझ
- हट्टे-कट्टे – हष्ट-पुष्ट, स्वस्थ, मज़बूत कद-काठीवाला
- धावा – आक्रमण, हमला
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