Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Hindi Chapter 04 विदाई संभाषण
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अभ्यास
Question 1. शिवशंभु की दो गायों की कहानी के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है ?
Answer: शिवशंभु की दो गायों की कहानी से लेखक यह दिखाना चाहते हैं कि भारत में अलग होते समय एक पवित्र, बहुत शुद्ध और कोमल भावना होती है। जुदा होने पर लोग दुखी हो जाते हैं। यह भावना सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों में भी देखने को मिलती है। इसलिए बलशाली गाय कमजोर गाय को मारती थी और उसे गिरा देती थी, फिर भी जब मारने वाली गाय को पुरोहित को दे दिया गया, तो कमजोर गाय ने घास-चारा को छुआ तक नहीं।
In simple words: लेखक शिवशंभु की गायों की कहानी से बताते हैं कि बिछड़ने पर सभी को दुख होता है, चाहे वह इंसान हों या जानवर।
Exam Tip: कहानी के नैतिक पहलू को स्पष्ट करते हुए पात्रों के माध्यम से व्यक्त विचारों को विस्तार से बताएं।
Question 2. ‘प्रजा के छेद न करने की प्रार्थना पर आपने जरा भी ध्यान नहीं दिया’ – यहाँ किस ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया गया है ?
Answer: यहाँ बंग-भंग (बंगाल विभाजन) की ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है। लॉर्ड कर्जन ने क्रांतिकारी घटनाओं को रोकने के लिए चालाकी से बंगाल का विभाजन कर दिया। पूर्वी और पश्चिमी बंगाल की जनता ने बहुत विरोध किया और प्रार्थना की, परंतु लॉर्ड कर्जन ने अपनी जिद्द नहीं छोड़ी।
In simple words: यह बात बंगाल के विभाजन की घटना के बारे में है, जहाँ लॉर्ड कर्जन ने लोगों की बात नहीं सुनी और बंगाल को दो हिस्सों में बाँट दिया।
Exam Tip: प्रश्न में उल्लिखित घटना का संदर्भ दें और उसके ऐतिहासिक विवरण को संक्षेप में बताएं।
Question 3. कर्जन को इस्तीफा क्यों देना पड़ गया ?
Answer: कर्जन को निम्नलिखित कारणों से इस्तीफा देना पड़ा:
लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के कारण भारतीय उनके विरुद्ध खड़े हो गए और भारत में अशांति फैल गई। लॉर्ड कर्जन का बहुत विरोध हुआ। लॉर्ड कर्जन एक फौजी अफसर को अपनी पसंद के पद पर रखना चाहते थे, पर ब्रिटिश सरकार ने उनकी बात नहीं मानी, इसलिए उन्होंने गुस्से में इस्तीफा दे दिया।
In simple words: लॉर्ड कर्जन को बंगाल विभाजन के विरोध और ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी बात न माने जाने के कारण इस्तीफा देना पड़ा।
Exam Tip: इस्तीफे के मुख्य कारणों को बिंदुओं में स्पष्ट करें ताकि उत्तर संक्षिप्त और सटीक रहे।
Question 4. विचारिए तो क्या शान आपकी इस देश में थी और अब क्या हो गयी। कितने ऊँचे होकर आप कितने नीचे गिरे ! आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रस्तुत पंक्तियाँ बालमुकुंद गुप्त द्वारा लिखित शिवशंभु के चिट्ठे के 'विदाई-संभाषण' से ली गई हैं। इसमें लॉर्ड कर्जन को भारत में जितना सम्मान और शान-शौकत भोगने को मिली, वैसी किसी अन्य शासक को नहीं मिली। राजा के दाहिनी ओर कर्जन और उसकी लेडी को सोने की कुर्सी पर बैठाया जाता था। सभी रईस उन्हें सलाम करते थे। राजा एक इशारे पर हाजिर हो जाते थे। जुलूस में सबसे ऊँचा हाथी और सबसे आगे होता था। हौदा, चेवट, छत्र सबसे बढ़-चढ़कर थे। इनके एक इशारे पर देश के धनी लोग हाथ बांधे खड़े रहते थे। ईश्वर और महाराज एडवर्ड के बाद इस देश में इन्हीं का एक दर्जा था, परंतु इस्तीफा देने के बाद सब कुछ खत्म हो गया। लॉर्ड कर्जन की सिफारिश पर एक आदमी भी नहीं रखा गया। जिद्द के कारण इतना सारा वैभव नष्ट हो गया। इस प्रकार कहा गया कि आप सोचिए तो क्या शान आपकी इस देश में थी और अब क्या हो गई। कितने ऊँचे होकर आप कितने नीचे गिरे।
In simple words: लेखक लॉर्ड कर्जन को याद दिलाते हैं कि भारत में उनकी बहुत इज्जत थी, लेकिन अपनी जिद्द के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा और उनकी सारी शान खत्म हो गई।
Exam Tip: पंक्तियों का अर्थ समझाते हुए लॉर्ड कर्जन के पद और उसके पतन के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
Question 5. 'आपके और यहाँ के निवासियों के बीच में कोई तीसरी शक्ति और भी है' – यहाँ तीसरी शक्ति किसे कहा गया है ?
Answer: आपके और यहाँ के निवासियों के बीच तीसरी शक्ति ब्रिटिश सरकार है, जो लॉर्ड कर्जन और भारत के निवासियों को नियंत्रित कर रही है। जिसके सामने भारत के निवासियों की बात तो अलग, लॉर्ड कर्जन भी लाचार हैं। उस शक्ति के सामने किसी की भी नहीं चलती है। दोनों की स्थिति एक जैसी है।
In simple words: यहाँ तीसरी शक्ति ब्रिटिश सरकार को कहा गया है, जो लॉर्ड कर्जन और भारतीय लोगों, दोनों को अपने नियंत्रण में रखती है।
Exam Tip: तीसरी शक्ति को पहचानें और उसके प्रभाव को संक्षेप में स्पष्ट करें।
पाठ के आस-पास :
Question 1. पाठ का यह अंश शिवशंभु के चिट्ठे से लिया गया है। शिवशंभु नाम की चर्चा पाठ में भी हुई है। बालमुकुन्द गुप्त ने इस नाम का उपयोग क्यों किया होगा ?
Answer: भारत के लोगों को ब्रिटिश शासक का विरोध करने की स्वतंत्रता नहीं थी। इसलिए बालमुकुन्द गुप्त ने शिवशंभु नामक एक काल्पनिक पात्र का सहारा लेकर शासन की कमियाँ उजागर करने की तरकीब निकाली। शिवशंभु हमेशा भाँग के नशे में मस्त रहता था तथा सबके सामने सच्ची-सच्ची बातें कहता था और ब्रिटिश शासन की धज्जियाँ उड़ाता था, जो शिवशंभु के चिट्ठे के नाम से जनता तक पहुँचता था। इस प्रकार गुप्तजी ने शिवशंभु नाम के पात्र से ब्रिटिश शासन का विरोध किया।
In simple words: बालमुकुंद गुप्त ने शिवशंभु नाम का उपयोग ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए किया क्योंकि सीधी आलोचना की अनुमति नहीं थी।
Exam Tip: लेखक के पात्र चुनने के पीछे के कारण और उसके प्रतीकात्मक महत्व को स्पष्ट करें।
Question 2. ‘नादिर से भी बढ़कर आपकी जिद है’ – कर्जन के संदर्भ में क्या आपको यह बात सही लगती है ? पक्ष या विपक्ष में तर्क दीजिए।
Answer: हाँ, हमें यह बात सही लगती है क्योंकि नादिरशाह ने दिल्ली में कत्लेआम करवाया था। परंतु आसिफ जाह के तलवार गले में डालकर प्रार्थना करने पर उसने कत्लेआम उसी समय रोक दिया। परंतु लॉर्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन की जिद्द की थी। आठ करोड़ जनता ने प्रार्थना की, फिर भी उसने अपनी जिद्द नहीं छोड़ी। इस प्रकार लॉर्ड कर्जन की जिद्द नादिर से भी बढ़कर है।
In simple words: हाँ, यह बात सही है क्योंकि लॉर्ड कर्जन ने नादिरशाह से भी ज़्यादा जिद्द दिखाई, क्योंकि नादिरशाह ने प्रार्थना पर कत्लेआम रोक दिया था, पर कर्जन ने बंगाल विभाजन की जिद्द नहीं छोड़ी।
Exam Tip: अपने तर्क को ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ पुष्ट करें और दोनों शासकों की तुलना स्पष्ट रूप से करें।
Question 3. क्या आँख बंद करके मनमाने हुक्म चलाना और किसी की कुछ न सुनने का नाम ही शासन है ? इन पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए शासन क्या है ? इस पर चर्चा कीजिए।
Answer: शासन का अर्थ है - अच्छी व्यवस्था या प्रबंध। शासन व्यवस्था में शासक और प्रजा दोनों की भागीदारी होती है। प्रजा को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार होता है। शासन का अपनी प्रजा के प्रति कर्तव्य होता है कि उसका विकास करे, उसे सुख-सुविधा दे। इसी प्रकार जनता का भी अपने शासन के प्रति कर्तव्य होता है कि उसे उसकी व्यवस्था में सहयोग दे।
परंतु इस पाठ में लॉर्ड कर्जन शासक हैं। वह भारतीय प्रजा की अनसुनी करके शासन चलाता है। उसने प्रजा को दुःख ही दिया है। जितनी भी योजनाएँ या कार्य किए जाते हैं, वे ब्रिटिश हित में ही होते हैं। उन्होंने आठ करोड़ की प्रजा की बात की अनसुनी करके बंगाल विभाजन की जिद्द की। इस प्रकार पाठ में जनता तो व्यवस्था से विमुख है।
In simple words: शासन का मतलब है अच्छी व्यवस्था, जहाँ शासक और प्रजा दोनों मिलकर काम करें और एक-दूसरे की बात सुनें। कर्जन का शासन ऐसा नहीं था, वह सिर्फ अपनी जिद्द चलाता था।
Exam Tip: शासन की सही परिभाषा दें और फिर लॉर्ड कर्जन के शासन की तुलना करके अपना मत स्पष्ट करें।
Question 4. इस पाठ में आए अलिफ लैला, अलहदीन, अबुल हसन और बगदाद के खलीफा के बारे में सूचना एकत्रित कर कक्षा में चर्चा कीजिए।
Answer: इस प्रश्न के उत्तर के लिए विद्यार्थी स्वयं यह गतिविधि करेंगे। इसमें शिक्षक का सहयोग ले सकते हैं।
In simple words: छात्र इस प्रश्न का उत्तर खुद ढूँढेंगे और कक्षा में चर्चा करेंगे, शिक्षक इसमें मदद कर सकते हैं।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के लिए, यदि स्वयं गतिविधि करनी हो, तो स्पष्ट रूप से लिखें कि विद्यार्थी को क्या करना है और किसकी मदद लेनी है।
गौर करने की बात :
क. इससे आपका जाना भी परंपरा की चाल से कुछ अलग नहीं है। तथापि आपके शासनकाल का नाटक घोर दुखांत है, और अधिक आश्चर्य की बात यह है कि दर्शक तो क्या, स्वयं सूत्रधार भी नहीं जानता था कि उसने जो खेल सुखांत समझकर खेलना आरम्भ किया था, वह दुखांत हो जायेगा।
सूचना : प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से विद्यार्थी स्वयं विचार करें और शिक्षा (सीख) लेने का प्रयत्न करें।
जैसे : लॉर्ड कर्जन को भारत का दो बार वायसराय बनाया गया। भारत की प्रजा को इतना कष्ट, इतना दुःख दिया कि भारत के निवासी कभी भी यह नहीं चाहते थे कि वे आएँ।
उन्होंने यहाँ आकर ऐसी नीति-योजनाएँ बनाईं, जिससे ब्रिटिश शासन को लाभ हुआ और भारतीय प्रजा को दुःख हुआ। जिसने लार्ड कर्जन को इतनी शानो-शौकत दी, इतना सम्मान दिया, उसने क्या दिया? दुःख, बंग विभाजन की जिद्द। प्रजा की एक भी नहीं सुनी। इस अहंकार में थे कि हम यहाँ से नहीं जाएँगे। परंतु परिणाम क्या आया? जिसके (ब्रिटिशों) के लिए काम किया, उसी ने उनकी एक भी नहीं सुनी। उनके आदमी को नौकरी पर नहीं रखा।
गुस्से में इस्तीफा दे दिया। उसे ब्रिटिश सरकार ने स्वीकार भी कर लिया। इस प्रकार समय के साथ सब कुछ बदल जाता है। इसलिए हमें अपने कर्तव्य को भूलना नहीं चाहिए। क्योंकि अंत तो सब का होना है। इसलिए अहंकार, मद, सत्ता को त्याग देना चाहिए।
In simple words: लॉर्ड कर्जन को भारत में बहुत मान मिला, पर उन्होंने लोगों को दुख ही दिया। अंत में उन्हें खुद इस्तीफा देना पड़ा। यह दिखाता है कि सत्ता और अहंकार को छोड़ देना चाहिए, क्योंकि सब कुछ बदल जाता है।
Exam Tip: किसी भी कथन को स्पष्ट करने के लिए, उसके मुख्य विचार और संबंधित उदाहरणों का उपयोग करें।
ख. यहाँ की प्रजा ने आपकी जिद्द का फल यहीं देख लिया। उसने देख लिया कि आपकी जिस जिद्द ने इस देश की प्रजा को पीड़ित किया, आपको भी उसने कम पीड़ा न दी, यहाँ तक कि आप स्वयं उसका शिकार हुए।
सूचना : प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से विद्यार्थी स्वयं विचार करें और शिक्षा (सीख) लेने का प्रयत्न करें।
उदाहरणस्वरुप : मनुष्य को उसके कर्मों का फल यहीं मिल जाता है। अच्छे हों या बुरे। लॉर्ड कर्जन ने अपनी जिद्द के कारण बंगाल विभाजन का विचार किया। जिससे यहाँ की प्रजा को दुःख हुआ। आक्रोशित प्रजा के कारण अशांति फैल गई। जिस जिद्द के कारण यहाँ की प्रजा पीड़ित हुई, उसी जिद्द ने आपको भी वायसराय के पद से हटवा दिया। अपने जाल में अपने ही फँस गए। इस प्रकार हमें यहाँ सीख लेना चाहिए कि दूसरों के लिए कुआँ खोदनेवाला खुद उसमें गिर सकता है।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने अपनी जिद्द से लोगों को दुख दिया, और उसी जिद्द के कारण उन्हें खुद भी परेशानी उठानी पड़ी और उन्हें पद से हटा दिया गया। इससे यह सीख मिलती है कि दूसरों को नुकसान पहुँचाने वाले खुद मुसीबत में फँसते हैं।
Exam Tip: उदाहरण और उसके निहितार्थ को स्पष्ट रूप से जोड़ें, और उससे मिलने वाली सीख को बताएं।
भाषा की बात :
Question 1. वे दिन-रात यही मनाते थे कि जल्द श्रीमान यहाँ से पधारें। सामान्य तौर पर आने के लिए पधारे शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ पधारे शब्द का क्या अर्थ है ?
Answer: यहाँ 'पधारें' शब्द का अर्थ है - सिधारें या जाएँ (विदा हों)। इसे आने के बजाय जाने के रूप में उपयोग किया गया है।
In simple words: यहाँ 'पधारें' का मतलब है 'जाना' या 'विदा होना', जबकि आमतौर पर यह 'आने' के लिए इस्तेमाल होता है।
Exam Tip: शब्द के सामान्य और विशेष अर्थ में अंतर को स्पष्ट करें और उसके प्रयोग का कारण बताएं।
Question 2. पाठ में से कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं, जिनमें भाषा का विशिष्ट प्रयोग (भारतेंदु युगीन हिंदी) हुआ है। उन्हें सामान्य हिन्दी में लिखिए –
(क) आगे भी इस देश में जो प्रधान शासक आए, अंत को उनको जाना पड़ा।
(ख) आप किस को आए थे और क्या कर चले ?
(ग) उनका रखाया एक आदमी नौकर न था।
(घ) पर आशीर्वाद करता हूँ कि तू फिर उठे और अपने प्राचीन गौरव और यश को फिर से लाभ करे।
Answer:
(क) पहले भी इस देश में जो मुख्य शासक हुए, उन्हें अंत में जाना पड़ा।
(ख) आप किसलिए आए थे और क्या करके चले ?
(ग) उनके रखवाने से एक आदमी नौकर न रखा गया।
(घ) पर आशीर्वाद देता हूँ कि तू फिर उठे और अपने पुराने गौरव और यश को फिर से प्राप्त करे।
In simple words: दिए गए भारतेंदु युगीन वाक्यों को आधुनिक हिंदी में बदला गया है, जहाँ 'प्रधान शासक' को 'मुख्य शासक', 'किस को' को 'किसलिए', 'रखाया' को 'रखवाने से', और 'प्राप्त करे' को 'लाभ करे' किया गया है।
Exam Tip: विशिष्ट प्रयोग वाले शब्दों या वाक्यांशों को पहचानें और उन्हें सामान्य हिंदी के समतुल्य शब्दों से बदलें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए :
Question 1. 'बिछुड़न के समय बड़ा करुणोत्पादक होता है।' समझाइए।
Answer: बिछुड़न के समय मनुष्य निर्मल, पवित्र और बहुत कोमल हो जाता है। यह समय ऐसा होता है कि आपसे घृणा-नफरत करनेवाले भी प्रेम करने लगते हैं। इसे बालमुकुन्द गुप्त ने लॉर्ड कर्जन के विदाई-संभाषण में व्यक्त किया है। भारतीय प्रजा लॉर्ड कर्जन के आगमन से खुश नहीं थी। उसकी इच्छा थी कि वह कब चले जाएँ। लॉर्ड कर्जन ने भी भारतीय निवासियों को दुख देने में कोई कमी नहीं की।
उनकी एक बात भी नहीं सुनी थी। परंतु लॉर्ड कर्जन ने जब इस्तीफा दे दिया तो वे यहाँ से जाने लगे, तब यहाँ के लोग दुखी हो गए। लेखक ने स्पष्ट किया है कि हमारी संस्कृति कृतज्ञता की संस्कृति है। मनुष्य तो छोड़ो, यहाँ के पशु-पक्षियों में भी यह भाव है। और इसे स्पष्ट करने के लिए शिवशंभु के दो बैलों की कथा सुनाते हैं। जिसमें बलशाली बैल दुर्बल बैल को गिरा देता है। वह दुखी है, परंतु बलशाली बैल को पुरोहित को दे देने पर दुर्बल बैल दुखी हो जाता है। वह उस दिन चारे का तिनका भी नहीं छूता है। अर्थात् हमारी संस्कृति में यह है कि बिछुड़न के समय यहाँ पशु-पक्षी भी सब कुछ भूलकर निर्मल, पवित्र और कोमल होकर दिखाई देते हैं। इसी प्रकार लॉर्ड कर्जन ने इस देश के निवासियों को दुःख, पीड़ा, परेशानियाँ ही दीं। परंतु वही प्रजा लॉर्ड कर्जन के जाने पर दुखी हो जाती है। इस प्रकार बिछुड़न का समय बहुत करुणोत्पादक होता है।
In simple words: बिछड़ने का समय बहुत दुख भरा होता है, जब लोग शांत और कोमल हो जाते हैं। लेखक लॉर्ड कर्जन के उदाहरण से बताते हैं कि चाहे लोग पहले किसी को पसंद न करते हों, बिछड़ने पर उन्हें दुख होता ही है, जैसा कि शिवशंभु की गायों की कहानी में भी दिखता है।
Exam Tip: उत्तर में बिछुड़न के भावनात्मक प्रभाव को उदाहरणों (मनुष्य और पशु-पक्षी) के साथ स्पष्ट करें, और लॉर्ड कर्जन के संदर्भ को भी जोड़ें।
Question 2. 'परदे के पीछे एक और ही लीलामय की लीला हो रही है, यह उसे खबर नहीं !' से क्या आशय है ?
Answer: बालमुकुंद गुप्त द्वारा लिखित शिवशंभु के चिट्ठे का अंश 'विदाई संभाषण' की यहाँ पंक्तियाँ दी गई हैं। जिसमें तीसरी शक्ति की महत्ता को स्थापित किया गया है। जब लॉर्ड कर्जन ने भारत में आकर शानो-शौकत से शासन किया। लेकिन भारत में अशांति और कौंसिल में गैरकानूनी कानून पास करते और कनवोकेशन अभिभाषण देते समय बुद्धि का दिवाला निकाल दिया। परिणामस्वरूप उन्हें भारत से इस्तीफा देना पड़ा जब वे वापस जा रहे थे। तब लेखक लॉर्ड कर्जन के विदाई संभाषण में उन्हें संबोधित करते हुए कहते हैं कि आप जा रहे हैं, इसमें नया कुछ नहीं है। आगे भी इस देश में जो मुख्य शासक आए, अंत में उनको जाना पड़ा। परंतु यह तो परंपरा है। परंतु आपके शासन काल का नाटक घोर दुखांत है। और आश्चर्य इस बात का है कि दर्शक तो क्या, स्वयं सूत्रधार भी नहीं जानता था कि उसने जो खेल सुखांत समझकर खेलना आरंभ किया था, वह दुखांत हो जाएगा। जिसके आरंभ में सुख था, मध्य में बहुत सुख था, उसका अंत ऐसे घोर दुःख के साथ कैसे हुआ ? आह! घमंडी खिलाड़ी समझता है कि दूसरों को अपनी लीला दिखाता हूँ। परंतु परदे के पीछे एक और ही लीला हो रही है, यह उसे पता नहीं। अर्थात् मनुष्य इतना अज्ञानी है कि उसे लगता है कि सब कुछ करने वाला मैं ही हूँ। परंतु करने वाला तो कोई दूसरा ही है, जिसकी खबर किसी को भी नहीं है।
In simple words: इस पंक्ति का मतलब है कि इंसान सोचता है कि वह सब कुछ नियंत्रित कर रहा है, लेकिन असली शक्ति किसी और के हाथ में है। लॉर्ड कर्जन ने सोचा कि वह सब कुछ कर सकते हैं, पर अंत में उन्हें खुद ही इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि पर्दे के पीछे कोई और शक्ति काम कर रही थी।
Exam Tip: 'तीसरी शक्ति' के विचार को स्पष्ट करें और इसे लॉर्ड कर्जन के अनुभव से जोड़कर बताएं कि मनुष्य की सीमाएँ क्या हैं।
Question 3. लॉर्ड कर्जन ने बंबई में उतरकर क्या इरादे जाहिर किये थे ?
Answer: लॉर्ड कर्जन भारत में वायसराय के रूप में 1899 से 1904 तथा 1904 से 1905 तक दो बार रहे। उन्होंने बंबई में उतरते ही अपने इरादे जाहिर किए कि यहाँ से जाते समय भारत वर्ष को ऐसा कर जाऊँगा कि मेरे बाद आनेवाले बड़े लाटों को वर्षों तक कुछ करना न पड़ेगा, वे कितने ही वर्षों सुख की नींद सोते रहेंगे।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने बंबई में उतरकर कहा था कि वह भारत में इतना काम कर देंगे कि उनके बाद आने वाले वायसरायों को कई सालों तक कोई काम नहीं करना पड़ेगा, वे आराम से रह सकेंगे।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन के आरंभिक इरादों को स्पष्ट और संक्षेप में बताएं।
Question 4. लॉर्ड कर्जन अपने बाद के लाटों के लिए क्या छोडकर गए ?
Answer: लॉर्ड कर्जन ने कहा था कि मैं भारत को ऐसा करके जाऊँगा कि मेरे बाद आनेवाले बड़े लाटों को वर्षों तक कुछ भी नहीं करना पड़ेगा, वे कितने वर्षों तक सुख की नींद सोते रहेंगे। किंतु बात उलटी हुई। स्वयं को इस बार बेचैनी उठानी पड़ी। लॉर्ड कर्जन के कारण देश में अशांति फैल गई। जिससे उनके आने के बाद वाले लाटों की भूख हराम हो गई। लेखक कर्जन को सम्बोधित करते हुए कहता है कि बिस्तर गरम राख पर रखा है और भारतवासियों को गरम तवे पर पानी की बूंदों की भाँति नचाया है। जिसे आपको और आपके बाद आनेवालों को भोगना पड़ेगा।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने यह सोचकर गए थे कि वह अपने बाद के शासकों के लिए सब आसान कर देंगे, पर उनकी नीतियों से देश में अशांति फैल गई और उनके उत्तराधिकारियों को भी इन्हीं समस्याओं का सामना करना पड़ा।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन के वादों और वास्तविक परिणामों के बीच के विरोधाभास को उजागर करें।
Question 5. लॉर्ड कर्जन की भारत में शान-शौकत का वर्णन कीजिए।
Answer: लॉर्ड कर्जन की भारत में बड़ी शान थी। अलिफ लैला के अलहदीन ने चिराग रगड़कर और अबुलहसन ने बगदाद के खलीफा की गद्दी पर आँख खोलकर वह शान न देखी, वह शान दिल्ली दरबार में लॉर्ड कर्जन की थी। उनकी और उनकी लेडी की कुर्सी सोने की थी। राजा के छोटे भाई और उनकी पत्नी की कुर्सी चाँदी की थी। भाई से ज्यादा लॉर्ड कर्जन की पूछ थी। इस देश के सभी रईस कर्जन को पहले सलाम ठोकते थे। जुलूस में सबसे ऊँचा हाथी और सबसे आगे होता था। हौदा, चेवट, छत्र आदि सबसे बढ़-चढ़कर थे। सारांश यह है कि ईश्वर और महाराज एडवर्ड के बाद इस देश में लॉर्ड कर्जन का ही दर्जा था।
In simple words: लॉर्ड कर्जन की भारत में बहुत ज़्यादा शान-शौकत थी, इतनी कि अलिफ लैला की कहानियों में भी ऐसी शान नहीं थी। दिल्ली दरबार में उनकी कुर्सी सोने की और रईस उन्हें पहले सलाम करते थे। जुलूस में उनका हाथी सबसे आगे रहता था।
Exam Tip: शान-शौकत के विवरण को विभिन्न पहलुओं (कुर्सी, सम्मान, जुलूस) के साथ विस्तार से बताएं।
Question 6. लेखक ने लॉर्ड कर्जन को शासक का प्रजा के प्रति क्या कर्तव्य बताये हैं ?
Answer: बालमुकुंद गुप्त हिंदी के प्रसिद्ध देशभक्त रचनाकार हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं में शासन व्यवस्था की बात की है। जिसमें शासक के क्या कर्तव्य हैं, उन्हें स्पष्ट किया है। इस पाठ में भी वे लॉर्ड कर्जन के माध्यम से शासक के कर्तव्य बोध को याद दिलाते हुए उलाहना देते हुए कहते हैं माइ लॉर्ड, एक बार अपने कामों की ओर ध्यान दीजिए। आप किस काम को आए थे और क्या कर चले। शासक का प्रजा के प्रति कुछ तो कर्तव्य होता है, यह बात आप निश्चित मानते होंगे। सो कृपा करके बतलाइए, क्या कर्तव्य आप इस देश की प्रजा के साथ पालन कर चले। क्या आँख बंद करके मनमाने हुक्म चलाना और किसी की कुछ न सुनने का नाम ही शासन है ? क्या प्रजा की बात पर कभी कान न देना और उसको दबाकर उसकी मर्जी के विरुद्ध जिद्द से सब काम किए चले जाना ही शासन कहलाता है ? एक काम तो ऐसा बतलाइए, जिसमें आपने जिद्द छोड़कर प्रजा की बात पर ध्यान दिया हो। आप तो कैसर और जार से भी ज्यादा जिद्दी हैं। आप तो नादिरशाह से भी अधिक हिंसक हैं। जो एक शासन व्यवस्था का हिस्सा नहीं हो सकता। शासन तो प्रजा की इच्छा से प्रजा की भलाई के लिए कार्य करता है। आपने जिसके लिए किया, उन्हीं ने आपको हटा दिया। इस प्रकार आपने शासन का कर्तव्य नहीं निभाया। परिणाम यह हुआ कि आप भी दुखी और प्रजा भी दुखी। क्या आप सुलतान की तरह आप भारत के ऋण को स्वीकार करेंगे ? और क्षमा याचना करेंगे ? लेकिन आप में यह उदारता कहाँ ?
In simple words: लेखक ने बताया कि शासक का कर्तव्य है कि वह प्रजा की भलाई करे, उनकी बात सुने, और जिद्द छोड़कर न्यायपूर्ण शासन चलाए। लॉर्ड कर्जन ने ऐसा नहीं किया, जिससे उन्हें और प्रजा, दोनों को दुख हुआ।
Exam Tip: शासक के कर्तव्यों को स्पष्ट रूप से बताएं और लॉर्ड कर्जन के संदर्भ में उनके उल्लंघन को समझाएं।
Question 7. नर सुलतान नाम के राजकुमार का परिचय दीजिए।
Answer: भारत में प्रजा नर सुलतान नाम के राजकुमार के गीत गाती है। जिसमें सुलतान बुरे दिनों में नरवर गढ़ में रहकर समय व्यतीत किया। वहाँ उसने चौकीदारी से लेकर ऊँचे पद पर भी काम किया। जिस दिन घोड़े पर सवार होकर वह उस नगर से विदा हुआ, नगर-द्वार से बाहर आकर उस नगर को जिस रीति से उसने अभिवादन किया वह अनुकरणीय है। उसने कहा – 'प्यारे नरवर गढ़ ! मेरा प्रणाम ले ! आज मैं तुझसे जुदा होता हूँ। तू मेरा अन्नदाता है। अपनी विपद के दिन मैंने तुझमें काटे हैं। तेरे ऋण का बदला मैं गरीब सिपाही नहीं दे सकता। भाई नरवर गढ़। यदि मैंने जानबूझकर एक दिन भी अपनी सेवा में चूक की हो, यहाँ की प्रजा की शुभ चिंता न की हो, यहाँ की स्त्रियों को माता और बहन की दृष्टि से न देखा हो, तो मेरा प्रणाम न ले, नहीं तो प्रसन्न होकर एक बार मेरा प्रणाम ले और मुझे जाने की आज्ञा दे।' इस प्रकार नर सुलतान अपनी उस भूमि के प्रति कृतज्ञता दिखाता है जिसने उसे विपद के समय में सहारा दिया। उसका ऋण स्वीकार किया। उसे प्रणाम किया। अर्थात् ऐसे गुण शासक में होना चाहिए, जो लॉर्ड कर्जन में नहीं हैं।
In simple words: नर सुलतान एक राजकुमार थे जिन्होंने बुरे समय में नरवर गढ़ में रहकर चौकीदारी से लेकर ऊँचे पदों तक काम किया। उन्होंने जाते समय नगर को कृतज्ञतापूर्वक प्रणाम किया और उसकी सेवा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की, जो लॉर्ड कर्जन जैसे शासकों में नहीं थी।
Exam Tip: नर सुलतान के चरित्र की विशेषताओं और उनके व्यवहार को विस्तार से बताएं, साथ ही उन्हें लॉर्ड कर्जन के विपरीत कैसे दिखाया गया है, यह भी स्पष्ट करें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए।
Question 1. शिवशंभु की दो गायों की क्या कथा है ?
Answer: शिवशंभु की दो गायें थीं, उनमें से एक बलवान और दूसरी कमजोर थी। बलवान गाय कभी-कभी अपने सींगों की टक्कर से दूसरी कमजोर गाय को गिरा देती थी। एक दिन टक्कर मारने वाली गाय पुरोहित को दे दी गई। देखा, कमजोर गाय उसके चले जाने से प्रसन्न नहीं हुई, उलटे उस दिन वह भूखी खड़ी रही, चारा छुआ तक नहीं।
In simple words: शिवशंभु की दो गायों में से बलवान गाय कमजोर को मारती थी। जब बलवान गाय चली गई, तो कमजोर गाय दुखी हुई और उसने चारा नहीं खाया।
Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों और उनके कार्यों को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 2. लॉर्ड कर्जन की शान किससे भी अधिक थी ?
Answer: लॉर्ड कर्जन की शान अलिफ लैला के अलहदीन ने चिराग रगड़कर और अबुलहसन ने बगदाद के खलीफा की गद्दी पर आँख खोलकर वह शान न देखी जो वह लॉर्ड कर्जन ने देखी।
In simple words: लॉर्ड कर्जन की शान अलिफ लैला के अलहदीन और बगदाद के खलीफा से भी ज़्यादा थी।
Exam Tip: तुलनात्मक संदर्भों का उपयोग करके लॉर्ड कर्जन की शान को प्रभावी ढंग से व्यक्त करें।
Question 3. अंत में लॉर्ड कर्जन को दिवालिया क्यों होना पड़ा ?
Answer: लेखक लॉर्ड कर्जन को संबोधित करते हुए कहता है कि आप बहुत धीर-गंभीर और प्रसिद्ध थे। उस सारी धीरता-गंभीरता का आपने इस बार कौंसिल में गैरकानूनी कानून पास करते और कनवोकेशन वक्तृता देते समय दिवाला निकाल दिया। यह दिवाला तो इस देश में हुआ। उधर विलायत में आपके बार-बार इस्तीफा देने की धमकी ने यह उजागर कर दिया कि जड़ हिल गई है। और वहाँ भी कर्जन का दिवालिया होना पड़ा।
In simple words: लॉर्ड कर्जन को अपनी धीरता-गंभीरता के बावजूद कौंसिल में गैरकानूनी कानून पास करने और बार-बार इस्तीफा देने की धमकी के कारण दिवालिया होना पड़ा।
Exam Tip: दिवालिया होने के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं और आंतरिक तथा बाहरी प्रभावों का जिक्र करें।
Question 4. नादिरशाह ने कत्लेआम क्यों रोक दिया ?
Answer: नादिरशाह जब दिल्ली में कत्लेआम कर रहा था, तब आसिफ़जाह द्वारा तलवार गले में डालकर और कत्ल न करने की प्रार्थना करने पर उसने कत्लेआम उसी दम (समय) रोक दिया।
In simple words: नादिरशाह ने आसिफ़जाह की प्रार्थना पर, जब उसने तलवार गले पर रखी, तो कत्लेआम रोक दिया।
Exam Tip: कत्लेआम रोकने के पीछे के विशिष्ट कारण को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 5. कैसर का परिचय दीजिए।
Answer: 'कैसर' रोमन तानाशाह जूलियस सीज़र के नाम से बना शब्द है, जो जर्मन तानाशाह शासकों (962 से 1876 तक) के लिए प्रयोग होता था।
In simple words: कैसर एक शब्द है जो रोमन तानाशाह जूलियस सीज़र के नाम से आया है, और यह जर्मन तानाशाह शासकों के लिए इस्तेमाल होता था।
Exam Tip: कैसर शब्द की उत्पत्ति और उसके ऐतिहासिक उपयोग को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 6. ज़ार का परिचय दीजिए।
Answer: 'ज़ार' जूलियस सीज़र से बना शब्द है जो विशेष रूप से रूस के तानाशाह शासकों (16वीं सदी से 1917 तक) के लिए प्रयुक्त होता था। इस शब्द का पहली बार बुल्गेरियाई शासक (913 में) के लिए प्रयोग हुआ था।
In simple words: ज़ार शब्द जूलियस सीज़र से निकला है, और यह मुख्य रूप से रूस के तानाशाह शासकों के लिए इस्तेमाल होता था, पहली बार बुल्गेरियाई शासकों ने इसका उपयोग किया था।
Exam Tip: ज़ार शब्द की उत्पत्ति, उसके उपयोग और प्रथम प्रयोग के संदर्भ को बताएं।
Question 7. नादिरशाह कौन था ?
Answer: (1688-1747) नादिरशाह 1736 से 1747 तक ईरान के शाह रहे। अपने तानाशाही स्वभाव के कारण 'नेपोलियन ऑफ पर्शिया' के नाम से भी जाने जाते थे। पानीपत के तीसरे युद्ध में अहमदशाह अब्दाली को नादिरशाह ने ही आक्रमण के लिए भेजा था।
In simple words: नादिरशाह (1688-1747) ईरान का शाह था, जिसे 'नेपोलियन ऑफ पर्शिया' भी कहते थे, और उसने अहमदशाह अब्दाली को पानीपत के तीसरे युद्ध के लिए भेजा था।
Exam Tip: नादिरशाह का समयकाल, पदवी और उसके महत्वपूर्ण ऐतिहासिक योगदान को संक्षेप में बताएं।
निम्नलिखित का संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
Question 1. 'अधिक आश्चर्य की बात यह है कि दर्शक तो क्या, खयं सूत्रधार भी नहीं जानता था।'
Answer: संदर्भ : प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक के "विदाई-संभाषण' नामक पाठ से लिया गया है, जिसके लेखक बालमुकुन्द गुप्त हैं। इन पंक्तियों में लॉर्ड कर्जन की स्थिति का वर्णन किया गया है।
व्याख्या : लॉर्ड कर्जन के इस्तीफे के कारण उन्हें भारत छोड़कर जाना पड़ता है। तब विदाई संभाषण में लेखक कहता है कि आपका जाना कोई आश्चर्य नहीं है। क्योंकि जाना तो सभी को है। परंतु अधिक आश्चर्य इस बात का है कि लॉर्ड कर्जन की बनाई गई दुनिया में वही अनजान है। इसलिए कहा गया है कि आपका जाना परंपरा की चाल है। परंतु आपका जाना शासनकाल का नाटक घोर दुखांत है। और अधिक आश्चर्य इस बात का है कि दर्शक तो क्या, स्वयं सूत्रधार भी नहीं जानता था कि खेल सुखांत समझकर खेलना आरंभ किया था, वह दुखांत हो जाएगा।
In simple words: यह बात लॉर्ड कर्जन के बारे में है, जिन्हें इस्तीफा देने के बाद भारत छोड़ना पड़ा। लेखक कहते हैं कि उन्हें जाना ही था, पर सबसे हैरानी की बात यह है कि कर्जन को खुद नहीं पता था कि उनके शासन का अंत दुखद होगा, जबकि उन्होंने इसे अच्छा सोचा था।
Exam Tip: संदर्भ के साथ व्याख्या करते समय, कथन के गहरे अर्थ को सरल शब्दों में व्यक्त करें और लॉर्ड कर्जन के जीवन से उसका संबंध स्थापित करें।
Question 2. 'यहाँ की प्रजा ने आपकी जिद्द का फल यहीं देख लिया। उसने देख लिया कि आपकी जिस जिद्द ने इस देश की प्रजा को पीड़ित किया, आपको भी उसने कम पीड़ा न दी, यहाँ तक कि आप स्वयं उसका शिकार हुए।'
Answer: संदर्भ : प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक के 'शिवशंभु के चिट्टे' में से 'विदाई-संभाषण' नामक पाठ से लिया गया है। जिसके लेखक बालमुकुंद गुप्त हैं। लार्ड कर्जन के पतन के कारण पर प्रकाश डाला गया है।
व्याख्या : बालमुकुंद गुप्त का 'शिवशंभु के चिट्टे' एक प्रसिद्ध व्यंग्य है। जिसमें लॉर्ड कर्जन की स्थिति का वर्णन किया गया है। लेखक ने स्पष्ट किया है कि लॉर्ड कर्जन ने अपने शासन में भारतीय प्रजा को बहुत दुःख दिया, पीड़ित किया। एक भी बात न सुनी। बंगाल विभाजन की जिद्द की। लेकिन अपने ही जाल में ऐसे फँसा कि उसके मनपसंद का एक अफसर भी नहीं रखा। गुस्से में इस्तीफा दे दिया। ब्रिटिश सरकार ने उसे स्वीकार भी कर लिया। यह उसकी ही जिद्द थी। परिणामस्वरूप लॉर्ड कर्जन की जिद्द का फल प्रजा ने यहीं देख लिया। जिस जिद्द (बंगाल विभाजन) ने देश की प्रजा को पीड़ित किया, उसी जिद्द (अफसर को नियुक्त करवाना) ने उसे कम पीडा न दी और खुद भी उसका शिकार हुआ।
In simple words: लेखक बताता है कि लॉर्ड कर्जन की जिद्द (बंगाल विभाजन और अफसर की नियुक्ति) ने भारतीय प्रजा को बहुत दुख पहुँचाया, पर अंत में उसी जिद्द के कारण उन्हें खुद भी पीड़ा सहनी पड़ी और वे अपने पद से हट गए।
Exam Tip: व्याख्या में जिद्द के परिणामों को प्रजा और लॉर्ड कर्जन दोनों के संदर्भ में स्पष्ट करें और इसे एक व्यंग्यपूर्ण कथन के रूप में प्रस्तुत करें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो वाक्य में लिखिए :
Question 1. 'विदाई-संभाषण' यह किस रचना का अंश है ?
Answer: “विदाई-संभाषण' “शिवशंभु के चिट्ठे' का एक अंश है।
In simple words: 'विदाई-संभाषण' 'शिवशंभु के चिट्ठे' का एक भाग है।
Exam Tip: रचना के शीर्षक और उसके मुख्य अंश के बीच संबंध को सीधे बताएं।
Question 2. 'शिवशंभु के चिट्ठ' रचना की विधा कौन सी है ?
Answer: "शिवशंभु के चिट्ठे' रचना की विधा व्यंग्य है।
In simple words: 'शिवशंभु के चिट्ठे' एक व्यंग्य रचना है।
Exam Tip: साहित्यिक विधा को सीधे और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. किसकी विदाई-संभाषण है ?
Answer: यह वाइसराय लॉर्ड कर्जन की विदाई-संभाषण है।
In simple words: यह भाषण वाइसराय लॉर्ड कर्जन की विदाई के समय का है।
Exam Tip: विदाई-संभाषण के मुख्य व्यक्ति का नाम स्पष्ट करें।
Question 4. लॉर्ड कर्जन का कार्यकाल बताइए।
Answer: लॉर्ड कर्जन का कार्यकाल 1899 से 1904 और 1904 से 1905 तक भारत के वायसराय रहे।
In simple words: लॉर्ड कर्जन 1899 से 1905 तक भारत के वायसराय थे, जिसमें दो कार्यकाल शामिल हैं।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन के वायसराय के रूप में कार्यकाल की सही समय-सीमा बताएं।
Question 5. बिछुड़न कैसी होती है ?
Answer: बिछुड़न का समय बहुत करुणोत्पादक होता है।
In simple words: बिछड़ने का समय बहुत दुख भरा होता है।
Exam Tip: बिछुड़न के मुख्य भावनात्मक प्रभाव को एक वाक्य में बताएं।
Question 6. बिछुड़न के समय मनुष्य कैसा हो जाता है ?
Answer: बिछुड़न के समय मनुष्य बड़ा पवित्र, बड़ा निर्मल और बड़ा कोमल हो जाता है।
In simple words: बिछड़ने पर इंसान पवित्र, शुद्ध और कोमल हो जाता है।
Exam Tip: मनुष्य की भावनात्मक स्थिति को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 7. बिछुड़न के समय क्या छूट जाता है और किसका आविर्भाव हो जाता है ?
Answer: बिछुड़न के समय वैरभाव छूट जाता है और शांत रस का आविर्भाव होता है।
In simple words: बिछड़ने पर दुश्मनी खत्म हो जाती है और शांति की भावना आती है।
Exam Tip: बिछुड़न के दौरान होने वाले भावनात्मक बदलावों को स्पष्ट करें।
Question 8. दीन ब्राह्मण को क्या सौभाग्य नहीं मिला ?
Answer: दीन ब्राह्मण को माइलॉर्ड का देश (इंग्लैंड) देखने का सौभाग्य नहीं मिला।
In simple words: गरीब ब्राह्मण इंग्लैंड देखने नहीं जा सका।
Exam Tip: प्रश्न के अनुसार सीधे उत्तर दें।
Question 9. भारत में बिछुड़ते समय किस-किस को दुःखी देखा ?
Answer: भारत में बिछुड़ते समय मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी दुखी होते हैं।
In simple words: भारत में बिछड़ने पर इंसान और जानवर, दोनों दुखी होते हैं।
Exam Tip: बिछुड़न से प्रभावित होने वाले जीवों की सूची दें।
Question 10. बलवान गाय किसे दे दी ?
Answer: बलवान गाय पुरोहित को दे दी गई।
In simple words: मजबूत गाय पुरोहित को दे दी गई थी।
Exam Tip: कहानी के विवरण के अनुसार सटीक जानकारी दें।
Question 11. लॉर्ड कर्जन के शासनकाल का नाटक कैसा हुआ ?
Answer: लॉर्ड कर्जन के शासनकाल का नाटक दुखांत हुआ।
In simple words: लॉर्ड कर्जन का शासनकाल एक दुखद नाटक जैसा था।
Exam Tip: शासनकाल की प्रकृति को संक्षेप में बताएं।
Question 12. लॉर्ड कर्जन और भारत के निवासियों के बीच तीसरी शक्ति कौन-सी है ?
Answer: लॉर्ड कर्जन और भारत के निवासियों के बीच तीसरी शक्ति ब्रिटिश सरकार है।
In simple words: ब्रिटिश सरकार लॉर्ड कर्जन और भारतीय लोगों के बीच तीसरी शक्ति थी।
Exam Tip: तीसरी शक्ति का नाम स्पष्ट करें।
Question 13. लॉर्ड कर्जन भारत में कहाँ उतरा ?
Answer: लॉर्ड कर्जन भारत के बंबई (मुंबई) में उतरा।
In simple words: लॉर्ड कर्जन मुंबई में भारत आया था।
Exam Tip: सटीक स्थान का उल्लेख करें।
Question 14. लॉर्ड कर्जन ने भारतवासियों को किस प्रकार नचाया ?
Answer: लॉर्ड कर्जन ने भारतवासियों को गरम तवे पर पानी की बूंदों की भाँति नचाया।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने भारतवासियों को गरम तवे पर पानी की बूंदों की तरह तड़पाया।
Exam Tip: तुलनात्मक भाषा का उपयोग करके लॉर्ड कर्जन के व्यवहार का वर्णन करें।
Question 15. लॉर्ड कर्जन और उसकी लेडी की कुर्सी किसकी बनी थी ?
Answer: लॉर्ड कर्जन और उसकी लेडी की कुर्सी सोने की थी।
In simple words: लॉर्ड कर्जन और उनकी पत्नी की कुर्सियाँ सोने की बनी थीं।
Exam Tip: कुर्सी की सामग्री का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 16. लॉर्ड कर्जन ने किसके सामने पटखनी खाई ?
Answer: लॉर्ड कर्जन ने जंगी लाट के सामने पटखनी खाई।
In simple words: लॉर्ड कर्जन को जंगी लाट के सामने हार माननी पड़ी।
Exam Tip: 'पटखनी खाने' का अर्थ स्पष्ट करें और उस व्यक्ति का नाम बताएं जिसके सामने ऐसा हुआ।
Question 17. लॉर्ड कर्जन किसके लिए प्रसिद्ध थे ?
Answer: लॉर्ड कर्जन धीर-गंभीरता के लिए प्रसिद्ध थे।
In simple words: लॉर्ड कर्जन अपनी शांत और गंभीर प्रकृति के लिए जाने जाते थे।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन की मुख्य विशेषता को बताएं।
Question 18. लॉर्ड कर्जन का कब दिवाला निकाल दिया ?
Answer: लॉर्ड कर्जन ने अपनी धीरता-गंभीरता का कौंसिल में बेकानूनी कानून पास करते और कनवोकेशन अभिभाषण देते समय दिवाला निकाल दिया।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने कौंसिल में गलत कानून पास करके और भाषण देते समय अपनी सारी गंभीरता और प्रतिष्ठा खो दी।
Exam Tip: 'दिवाला निकलने' का संदर्भ और कारण स्पष्ट करें।
Question 19. हाकिम किसकी ताल पर नाचते थे ?
Answer: हाकिम लॉर्ड कर्जन की ताल पर नाचते थे।
In simple words: अधिकारी लॉर्ड कर्जन के इशारों पर काम करते थे।
Exam Tip: हाकिमों के नियंत्रित होने का स्रोत बताएं।
Question 20. लॉर्ड कर्जन की कृपा से किसे बड़े-बड़े अधिकारी बना दिये ?
Answer: लॉर्ड कर्जन की कृपा से मिट्ठी-काठ के खिलौने बड़े-बड़े पदाधिकारी बना दिये।
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने अपनी शक्ति से कमजोर और अयोग्य लोगों को भी बड़े अधिकारी बना दिया।
Exam Tip: 'मिट्ठी-काठ के खिलौने' मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करें और इसके प्रभाव को बताएं।
Question 21. लॉर्ड कर्जन के इशारे से क्या हो गया ?
Answer: लॉर्ड कर्जन के इशारे से देश की शिक्षा पायमाल हो गई और स्वाधीनता उड़ गई।
In simple words: लॉर्ड कर्जन के आदेशों से देश की शिक्षा बर्बाद हो गई और आज़ादी छिन गई।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन के इशारों के दो मुख्य नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख करें।
Question 22. इच्छित पद पर कौन नियुक्त न हो सका ?
Answer: फौजी अफसर उनके इच्छित पद पर नियुक्त न हो सका।
In simple words: वह फौजी अफसर जिसे लॉर्ड कर्जन चाहते थे, उसे अपनी पसंद के पद पर नहीं रखा जा सका।
Exam Tip: उस व्यक्ति की पहचान बताएं जिसे मनचाहा पद नहीं मिला।
Question 23. कौन-कौन से शासक भी प्रजा की बात सुन लेते थे ?
Answer: कैसर और जार शासक भी प्रजा की बात सुन लेते थे।
In simple words: कैसर और जार जैसे शासक भी अपनी प्रजा की बातें सुनते थे।
Exam Tip: उन शासकों के नाम बताएं जो प्रजा की बात सुनते थे।
Question 24. नादिरशाह के सामने किसने तलवार गले में डालकर प्रार्थना की ?
Answer: नादिरशाह के सामने आसिफ़जाह ने तलवार गले में डालकर प्रार्थना की।
In simple words: आसिफ़जाह ने नादिरशाह के सामने तलवार गले पर रखकर प्रार्थना की थी।
Exam Tip: प्रार्थना करने वाले व्यक्ति का नाम स्पष्ट करें।
Question 25. लॉर्ड कर्जन की जिद्द किससे बढ़कर है ?
Answer: लॉर्ड कर्जन की जिद्द नादिर से बढ़कर है।
In simple words: लॉर्ड कर्जन की जिद्द नादिरशाह से भी ज़्यादा थी।
Exam Tip: लॉर्ड कर्जन की जिद्द की तुलनात्मक श्रेष्ठता को बताएं।
Question 1. विदाई-संभाषण पाठ के लेखक ........... हैं।
(a) बालमुकुंद गुप्त
(b) प्रेमचंद
(c) शेखर जोशी
(d) महावीर प्रसाद
Answer: (a) बालमुकुंद गुप्त
In simple words: 'विदाई-संभाषण' नामक पाठ को लिखने वाले बालमुकुंद गुप्त हैं।
Exam Tip: लेखकों और उनकी रचनाओं को हमेशा याद रखें; यह सीधे प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Question 2. किसके शासन का अंत हो गया ?
(a) लॉर्ड जोर्ज
(b) लॉर्ड कर्जन
(c) वायसराय
(d) वाइस पंचम
Answer: (b) लॉर्ड कर्जन
In simple words: लॉर्ड कर्जन का शासनकाल समाप्त हो गया था।
Exam Tip: पाठ के मुख्य विषय और केंद्रीय पात्र को पहचानना महत्वपूर्ण है, जैसे यहाँ लॉर्ड कर्जन।
Question 3. बिछुड़न-समय बड़ा ...........
(a) हर्षोल्लास का होता है।
(b) प्रसन्नता का होता है।
(c) करुणोत्पादक का होता है।
(d) तटस्थ होता है।
Answer: (c) करुणोत्पादक का होता है।
In simple words: किसी से बिछड़ने का समय बहुत दुख भरा होता है।
Exam Tip: बिछुड़न के भावनात्मक प्रभाव को व्यक्त करने वाले सही विशेषण को चुनें।
Question 4. बिछुड़न के समय किस रस का आविर्भाव होता है ?
(a) शांत रस
(b) वीर रस
(c) हास्य रस
(d) करुण रस
Answer: (a) शांत रस
In simple words: जब लोग अलग होते हैं, तो शांति का भाव उत्पन्न होता है।
Exam Tip: साहित्यिक रसों और उनके विभिन्न भावनात्मक प्रभावों को समझें, विशेष रूप से वियोग के संदर्भ में।
Question 5. शिवशंभु की कितनी गायें थी ?
(a) एक
(b) तीन
(c) चार
(d) दो
Answer: (d) दो
In simple words: शिवशंभु के पास दो गायें थीं।
Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों और उनकी संख्या जैसे विशिष्ट विवरणों को याद रखें।
Question 6. टक्कर मारनेवाली गाय किसे दे दी ?
(a) पंडित को
(b) पुरोहित को
(c) पुजारी को
(d) माता को
Answer: (b) पुरोहित को
In simple words: वह गाय जो मारती थी, उसे पुरोहित को दे दिया गया था।
Exam Tip: कहानी में घटनाओं के क्रम और पात्रों के बीच के संबंधों को याद रखें।
Question 7. कौन-सी गाय भूखी खड़ी रही ?
(a) काली गाय
(b) सफेद गाय
(c) बलयाली गाय
(d) दुर्बल गाय
Answer: (d) दुर्बल गाय
In simple words: कमजोर गाय कुछ खाए बिना खड़ी रही।
Exam Tip: कहानी के विभिन्न किरदारों की विशेषताओं और उनके साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखें।
Question 8. आगे भी इस देश में जो प्रधान शासक आए, अंत में उनको ....
(a) जाना पड़ा
(b) भागना पड़ा
(c) आना पड़ा
(d) मरना पड़ा
Answer: (a) जाना पड़ा
In simple words: इस देश में पहले जो भी शासक आए, उन्हें आखिर में वापस जाना पड़ा था।
Exam Tip: ऐतिहासिक संदर्भों और उनके पाठ के निहितार्थों को समझें।
Question 9. लॉर्ड कर्जन के शासनकाल का नाटक घोर ....
(a) सुखांत है।
(b) दुखांत है।
(c) मध्यम है।
(d) निम्नतम है।
Answer: (b) दुखांत है।
In simple words: लॉर्ड कर्जन के शासन का अंत बहुत दुख भरा था।
Exam Tip: पाठ में व्यक्त लेखक के विचारों और विशेषणों पर ध्यान दें, विशेष रूप से महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन करते समय।
Question 10. लॉर्ड कर्जन भारत में कहाँ उतरे ?
(a) दिल्ली
(b) चैन्नई
(c) कंडला
(d) मुंबई
Answer: (d) मुंबई
In simple words: लॉर्ड कर्जन भारत में मुंबई शहर में उतरे थे।
Exam Tip: महत्वपूर्ण स्थानों और घटनाओं से जुड़े विवरणों को याद रखना परीक्षा में मदद करता है।
Question 11. इस बार आपने अपना ........... गरम राख पर रखा है।
(a) बिस्तरा
(b) हाथ
(c) पैर
(d) शरीर
Answer: (a) बिस्तरा
In simple words: इस बार आपने अपना बिस्तरा गरम राख पर रखा है, यानी आपको आराम नहीं मिला।
Exam Tip: मुहावरों और प्रतीकात्मक भाषा को समझें, क्योंकि वे अक्सर गहरा अर्थ व्यक्त करते हैं।
Question 12. महाराज के छोटे भाई और उनकी पत्नी की कुर्सी किसकी थी ?
(a) लकड़ी की
(b) सोने की
(c) चांदी की
(d) पीतल की
Answer: (c) चांदी की
In simple words: महाराज के छोटे भाई और उनकी पत्नी के लिए चांदी की कुर्सी थी।
Exam Tip: पाठ में वर्णित विभिन्न लोगों की स्थिति दर्शाने वाले विवरणों को याद रखें।
Question 13. राजा-महाराजा डोरी हिलाने से सामने हाथ बाँधे ...........
(a) भागे जाते थे।
(b) हाजिर होते थे।
(c) बैठ जाते थे।
(d) खड़े हो जाते थे।
Answer: (b) हाजिर होते थे।
In simple words: राजा-महाराजा डोरी हिलाने पर सामने हाथ बांधकर उपस्थित हो जाते थे।
Exam Tip: तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था और शासकों के प्रति लोगों के सम्मान को दर्शाने वाले वाक्यों पर ध्यान दें।
Question 14. जिस प्रकार आपको बहुत ऊँचे चढ़कर .....
(a) कूदना
(b) मरना
(c) गिरना
(d) सोना
Answer: (c) गिरना
In simple words: जिस तरह आप बहुत ऊँचे पद पर चढ़े, उसी तरह आपको गिरना भी पड़ा।
Exam Tip: मुहावरों के अर्थ को समझें, जैसे "ऊँचे चढ़कर गिरना" का अर्थ है शक्ति खोना या अपमानित होना।
Question 15. 'माइ लॉर्ड' जिस प्रजा में ऐसे ........... के गीत गाया जाता है।
(a) राजा
(b) मंत्री
(c) वायसराय
(d) राजकुमार
Answer: (d) राजकुमार
In simple words: उस प्रजा में राजकुमार के गीत गाए जाते हैं, न कि लॉर्ड के।
Exam Tip: पाठ के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखें जो शासकों और लोकगीतों के बीच के संबंध को उजागर करता है।
Question 16. शासक......... के प्रति कुछ कर्तव्य होता है।
(a) देश
(b) प्रजा
(c) विदेश
(d) प्रदेश
Answer: (b) प्रजा
In simple words: शासक का अपनी प्रजा के प्रति कुछ जिम्मेदारियाँ होती हैं।
Exam Tip: शासन के सिद्धांतों और नागरिकों के प्रति शासक की भूमिका को समझें।
Question 17. दिल्ली में किसने कत्लेआम किया ?
(a) आसिफजाह
(b) जार
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) नादिरशाह
Answer: (d) नादिरशाह
In simple words: नादिरशाह ने दिल्ली में भारी नरसंहार किया था।
Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों को याद रखें, जैसा कि पाठ में उल्लेख किया गया है।
Question 18. लॉर्ड कर्जन ने किसके विभाजन की जिद की ?
(a) भारत
(b) बंगाल
(c) पाकिस्तान
(d) ईरान
Answer: (b) बंगाल
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने बंगाल को बांटने की अपनी बात पर ज़ोर दिया।
Exam Tip: प्रमुख ऐतिहासिक निर्णयों और उनके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे लॉर्ड कर्जन का बंगाल विभाजन का निर्णय।
Question 19. कितनी करोड़ प्रजा के गिड़गिड़ाकर विच्छेद न करने की प्रार्थना पर ध्यान नहीं दिया ?
(a) आठ
(b) दस
(c) बारह
(d) तीस
Answer: (a) आठ
In simple words: लॉर्ड कर्जन ने आठ करोड़ लोगों की अलग न करने की विनती को नहीं सुना।
Exam Tip: पाठ में बताए गए संख्यात्मक विवरणों और उनके महत्व पर ध्यान दें।
Question 20. दुख का समय भी एक दिन निकल जायेगा, इसी से सब दुःखों को झेलकर ......... सहकर भी जीती है।
(a) स्वतंत्रता
(b) कष्ट
(c) पराधीनता
(d) आनंद
Answer: (c) पराधीनता
In simple words: प्रजा अपनी पराधीनता को सहकर भी जीती है, इस उम्मीद में कि दुख का समय बीत जाएगा।
Exam Tip: खाली स्थान भरने वाले प्रश्नों में वाक्य के अर्थ को पूरा करने वाले सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।
Question 21. दीन प्रजा की........... अपने साथ ले जा सके, इसका बड़ा दुःख है।
(a) श्रद्धा-भक्ति
(b) दान-पुण्य
(c) प्रेम-लोभ
(d) लाभ-हानि
Answer: (a) श्रद्धा-भक्ति
In simple words: यह दुख की बात है कि गरीब प्रजा अपनी श्रद्धा-भक्ति को अपने साथ नहीं ले जा सकती।
Exam Tip: वाक्य के संदर्भ को समझकर सही भावनात्मक या नैतिक अवधारणा का चयन करें।
Question 22. सुलतान ने ........... नाम के एक स्थान में काटे थे।
(a) कुम्भल गढ़
(b) माधो गढ़
(c) नरवर गढ़
(d) जगमल गढ़
Answer: (c) नरवर गढ़
In simple words: सुलतान ने अपने जीवन के कुछ दिन नरवर गढ़ नामक जगह पर बिताए थे।
Exam Tip: कहानी के विशिष्ट भौगोलिक स्थानों और उनसे जुड़े पात्रों को याद रखें।
Question 23. नरवर गढ़ में चौकीदारी से लेकर उसे एक ........... तक काम करना पड़ा।
(a) नीचे पद
(b) ऊँचे पद
(c) मध्यम पद
(d) चौकीदार
Answer: (b) ऊँचे पद
In simple words: नरवर गढ़ में उसे चौकीदारी से लेकर ऊँचे पद तक काम करना पड़ा।
Exam Tip: किसी पात्र के अनुभवों या यात्रा का वर्णन करने वाले विवरणों पर ध्यान दें।
Question 24. तेरे ऋण का बदला मैं गरीब.................. नहीं दे सकता।
(a) सिपाही
(b) चौकीदार
(c) ब्राह्मण
(d) आदमी
Answer: (a) सिपाही
In simple words: मैं एक गरीब सिपाही हूँ, इसलिए तुम्हारे ऋण का भुगतान नहीं कर सकता।
Exam Tip: संवादों के माध्यम से पात्रों की स्थिति और भावनाओं को समझें।
Question 25. 'माइ लॉर्ड' जिस प्रजा में ऐसे ........... के गीत गाया जाता है।
(a) राजा
(b) मंत्री
(c) वायसराय
(d) राजकुमार
Answer: (d) राजकुमार
In simple words: उस प्रजा में राजकुमार के गीत गाए जाते हैं, न कि लॉर्ड के।
Exam Tip: पाठ के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखें जो शासकों और लोकगीतों के बीच के संबंध को उजागर करता है।
Question 26. जब तक मेरे हाथ में शक्ति थी तेरी. ........... की इच्छा मेरे जी में न थी।
(a) बुराई
(b) भलाई
(c) अच्छाई
(d) विकास
Answer: (b) भलाई
In simple words: जब तक मेरे पास शक्ति थी, तब तक मेरी इच्छा तुम्हारी भलाई करने की नहीं थी।
Exam Tip: पाठ में दिए गए संवादों के माध्यम से पात्रों के आंतरिक विचारों और पछतावे को समझें।
Question 27. लॉर्ड कर्जन का वायसराय का भारत में कुल समय कितना था ?
(a) 1880 से 1904
(b) 1899 से 1905 तक
(c) 1905 से 1950
(d) 1901 से 1947
Answer: (b) 1899 से 1905 तक
In simple words: लॉर्ड कर्जन 1899 से 1905 तक भारत के वायसराय रहे।
Exam Tip: ऐतिहासिक आंकड़ों और उनसे जुड़ी समय-सीमाओं को याद रखें।
Question 28. आप दाहिने थे, वह बाएँ, आप प्रथम थे, वह............
(a) तीसरे
(b) दूसरे
(c) चौथे
(d) पहले
Answer: (b) दूसरे
In simple words: आप दाहिने थे, वह बाएँ, आप प्रथम थे, और वह दूसरे थे।
Exam Tip: तुलनात्मक वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए सही क्रमवाचक संख्या का चुनाव करें।
Question 29. गुप्तजी की आरंभिक शिक्षा ........... में हुई।
(a) उर्दू
(b) हिंदी
(c) अंग्रेजी
(d) संस्कृत
Answer: (a) उर्दू
In simple words: बालमुकुंद गुप्त ने अपनी शुरुआती शिक्षा उर्दू भाषा में पूरी की थी।
Exam Tip: जीवनी संबंधी प्रश्नों में, लेखक की प्रारंभिक शिक्षा और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी महत्वपूर्ण होती है।
Question 30. बालमुकुंद गुप्त जी का जन्म किस राज्य में हुआ था ?
(a) गुजरात
(b) पंजाब
(c) हरियाणा
(d) मध्य प्रदेश
Answer: (d) हरियाणा
In simple words: बालमुकुंद गुप्त जी का जन्म हरियाणा राज्य में हुआ था।
Exam Tip: लेखकों की जीवनी से जुड़े प्रमुख तथ्य, जैसे जन्म स्थान, परीक्षा के लिए आवश्यक हैं।
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए :
- शासन – सत्ता
- रात – रजनी
- पानी – जल
- महाराज – सम्राट
- स्वाधीनता – स्वतंत्रता
- हुक्म – आदेश, आज्ञा
- आँख – नयन, नेत्र
- दिन – दिवस, दिवा
- सूर्य – सूरज, भास्कर
- संसार – दुनिया, विश्व
- हर्ष – खुशी, प्रसन्नता
- प्रजा – जनता, रियाया
- धीर – धैर्य, धीरज
- घृणा – नफरत, विद्वेष
- निकट – पास, नजदीक
- जुदा – अलग, भिन्न
- लाभ – मुनाफा, फायदा
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
- अंत × आरम्भ
- देश × विदेश
- करुणा × हर्ष
- दुःख × सुख
- उदास × प्रसन्न
- कठिन × सरल
- सुखांत × दुखांत
- अशांति × शांति
- बिछुड़न × मिलन
- वैर × मित्रता
- नीचे × ऊँचे
- त्याग × स्वीकार
- चढ़कर × उतरकर
निम्नलिखित शब्दसमूह का एक शब्द लिखिए।
- जिसके हाथ में संचालन की बागडोर हो = सूत्रधार, संचालक
- जिसका अंत दुःखद हो = दुखांत
- जिसका अंत सुखद हो = सुखांत
- अभिनय करनेवाला = अभिनेता
- हमेशा रहनेवाला = चिरस्थायी
- शासन करनेवाला = शासक
निम्नलिखित शब्दों का सन्धि-विच्छेद कीजिए।
- करुणोत्पादक = करुण + उत्पादक
- दुखांत = दुख + अंत
- मनोबल = मनः + बल
- नमस्ते = नमः + ते
- नीरोग = निः + रोग
- स्वागत = सु + आगत
- दुर्बल = दुः + बल
- सुखांत = सुख + अंत
- आशीर्वाद = आशिः + वाद
- निष्फल = निः + फल
- प्रत्येक = प्रति + एक
- निश्चय = निः + चय
निम्नलिखित शब्दों का विग्रह करके समास लिखिए।
- देशवासी = देश के वासी (तत्पुरुष समास)
- घुड़सवार = घोड़े पर सवार (तत्पुरुष समास)
- देशनिकाला = देश से निकाला (तत्पुरुष समास)
- बिछडन-समय = बिछुड़न का समय (तत्पुरुष समास)
- पशु-पक्षी = पशु और पक्षी (द्वन्द्व समास)
- आपबीती = अपन आप पर बीती (तत्पुरुष समास)
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग जोड़कर नया शब्द बनाइए।
- संभव = अ + संभव = असंभव
- शांति = अ + शांति = अशांति
- कानूनी = गैर + कानूनी = गैरकानूनी
- राजा = महा + राजा = महाराजा
- दशा = अव + दशा = अवदशा
- दौलत = ब + दौलत = बदौलत
- स्थायी = चिर + स्थायी = चिरस्थायी
निम्नलिखित शब्दों का भाववाचक संज्ञा बनाइए।
- पराधीन = पराधीनता
- ब्राह्मण = ब्राह्मणत्व
- उदास = उदासी
- कमजोर = कमजोरी
- प्रसन्न = प्रसन्नता
- चौकीदार = चौकीदारी
- विपद = विपदा
- माता = मातृत्व
- भला = भलाई
- उदार = उदारता
निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय जोड़कर नया शब्द बनाइए।
- निकट = निकट + ता = निकटता
- लूट = लूट + एरा = लुटेरा
- भला = भला + ई = भलाई
- देन = देन + दार = देनदार
- सूत्र + धार = सूत्रधार
- सुख = सुख + अंत = सुखांत
- दुःख = दुःख + अंत = दुखांत
- समझ = समझ + कर = समझकर
निम्नलिखित शब्दों का लिंग बदलिए :
- महाराज × महारानी
- भाई × बहन
- पति × पत्नी
- ब्राह्मण × ब्राह्मणी
- लॉर्ड × लेडी
- राजकुमार × राजकुमारी
- राजा × रानी
- चौकीदार × चौकीदारिन
- पुरुष घोड़ा × घोड़ी
- नट × नटी, नटनी, नट्टिन
- महोदय × महोदया
- श्रीमान × श्रीमती
निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलिए :
- खिलौने × खिलौना
- इशारे × इशारा
- निवासी × निवासियों
- भारतवासी × भारतवासियों
- ब्राह्मण × ब्राह्मणा
- बूँद × बूंदों
- हाकिम × हाकिमों
- निवासी × निवासी
- नौकर × नौकरों
- कामों × काम
अपठित गद्य
नीचे दिए गए गयखंड को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
आज सुबह ही बात हो रही थी। किसी ने कहा, 'अब विनोबाजी किसान - जैसे दिखते हैं।' तो दूसरे ने कहा, 'लेकिन जब तक उनकी धोती सफेद है, तब तक वे पूरे किसान नहीं हैं। इस कथन में एक दंश था। खेती और स्वच्छ धोती की अदावत है, इस धारणा में देश है। जो अपने को ऊपर की श्रेणीवाला समझते हैं उनको यह कहते हैं, हमारे कपड़े बिलकुल बगले के पर जैसे सफेद होते हैं।
लेकिन उनका यह सफाई का अभिमान मिथ्या और कृत्रिम है। उनके शरीर के डॉक्टरी जाँच - मैं मानसिक जाँच की तो बात ही छोड़ देता हूँ - की जाय और हमारे परिश्रम करनेवाले मजदूरों के शरीर की भी जाँच की जाय और दोनों परीक्षाओं की रिपोर्ट डॉक्टर पेश करे तो कह दे कि कौन ज्यादा साफ है। हम लोटा मलते हैं तो बाहर से। उसमें अपना मुँह देख लीजिए।
लेकिन अंदर से मलने की हमें जरूरत ही नहीं जान पड़ती। हमारे लिए अंदर की कीमत ही नहीं होती। हमारी स्वच्छता केवल बाहरी और दिखावही होती है। हमें शंका होती है कि खेत की मिट्टी में काम करनेवाला किसान कैसे साफ़ रह सकता है। लेकिन मिट्टी में या खेत में काम करनेवाले किसान के कपड़े पर जो मिट्टी का रंग लगता है वह मैल नहीं है।
सफेद कमीज के बदले किसी ने लाल कमीज पहन लिया तो उसे रंगीन कपड़ा समझते हैं। वैसे ही मिट्टी का भी एक प्रकार का रंग होता है। रंग और मैल में काफी फर्क है। मैल में जंतु होते हैं, पसीना होता है, उसकी बदबू आती है। मृत्तिका तो 'पुण्यगंधा' होती है। गीता में लिखा है - 'पुण्योगंधः पृथिव्यांच'।
मिट्टी का शरीर है, मिट्टी में ही मिलनेवाला है, उसी मिट्टी का रंग किसान के कपड़े पर है। तब वह मैला कैसे ? लेकिन हमको तो बिलकुल सफेद, कपास जितना सफेद होता है उससे भी बढ़कर सफेद, कपड़े पहिनने की आदत पड़ गई है। मानो 'व्हाइट वाश' ही किया है। उसे हम सफेद कहते हैं। हमारी भाषा विकृत हो गई है।
Question 1. सुननेवाले व्यक्ति के कथन में क्या दंश था ?
Answer: सुनने वाले व्यक्ति के बयान में यह चोट थी कि पहले इंसान ने विनोबा भावे को किसान कहा था, जबकि उनकी धोती एकदम सफेद थी। यह बात बिल्कुल सच है कि किसान की धोती कभी भी पूरी तरह सफेद नहीं हो सकती, उस पर हमेशा मिट्टी का रंग चढ़ा ही रहता है।
In simple words: दूसरे व्यक्ति ने कहा कि विनोबा भावे किसान नहीं हो सकते, क्योंकि उनकी धोती सफेद है, जबकि असली किसान की धोती पर मिट्टी का रंग होना चाहिए। यह उनके कथन का कटु सत्य था।
Exam Tip: पाठ में दिए गए संवादों के गहरे अर्थ और व्यंग्य को समझने का प्रयास करें।
Question 2. 'खेती और स्वच्छ धोती की अदावत है' का आशय समझाइए।
Answer: लेखक के कथन का यह अर्थ है कि खेती करने वाले किसान की धोती कभी भी एकदम बगुल पंख जैसी स्वच्छ नहीं रह सकती। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसान को खेत में काम करना पड़ता है। इसी वजह से स्वच्छ कपड़े और खेती के बीच मानो दुश्मनी जैसी स्थिति है।
In simple words: खेती करने वाले किसान के कपड़े साफ नहीं रह सकते क्योंकि उन्हें मिट्टी में काम करना पड़ता है, इसलिए साफ धोती और खेती एक-दूसरे के विपरीत हैं।
Exam Tip: मुहावरेदार वाक्यांशों का अर्थ स्पष्ट रूप से बताएं और पाठ के संदर्भ में उनका विश्लेषण करें।
Question 3. अपने को ऊपरी श्रेणीवाला समझनेवालों के स्वच्छता का अभिमान मिथ्या और कृत्रिम कैसे है ?
Answer: अपने को ऊपरी वर्ग का मानने वाले लोग सोचते हैं कि उनके कपड़े एकदम सफेद और चमकदार होते हैं, जो बाहरी सफाई दिखाते हैं। लेकिन यह स्वच्छता केवल दिखावा है और बनावटी होती है। असली सफाई तो मेहनत करने वाले लोगों के भीतर होती है, जो बाहरी रूप से साफ दिखने की परवाह नहीं करते।
In simple words: उच्च वर्ग के लोग अपनी बाहरी स्वच्छता को ही असली मानते हैं, जबकि वह दिखावा और बनावटी होती है, क्योंकि असली स्वच्छता आंतरिक होती है।
Exam Tip: पाठ से साक्ष्य का उपयोग करके अवधारणाओं को समझाएं, और अपने शब्दों में सार प्रस्तुत करें।
Question 4. लेखक ने मिट्टी लगे किसान कपड़े की महिमा का गान किस प्रकार किया है ?
Answer: लेखक ने गीता से उदाहरण देकर मिट्टी को 'पुण्यगंधा' बताया है। उनका कहना है कि यह शरीर मिट्टी का ही है और अंत में मिट्टी में ही मिल जाएगा। किसान के कपड़ों पर इसी मिट्टी का रंग होता है, इसलिए वह गंदगी नहीं है। यह एक तरह का रंग है जो मिट्टी से आता है। मिट्टी के रंग को गंदगी समझने वाले लोगों के दिमाग पर 'व्हाइट वाश' हो गया है।
In simple words: लेखक ने गीता के उदाहरण से मिट्टी को 'पवित्र' बताया और कहा कि किसान के कपड़े पर लगा मिट्टी का रंग असल में गंदगी नहीं बल्कि प्राकृतिक है।
Exam Tip: साहित्यिक संदर्भों और दार्शनिक विचारों का उल्लेख करके अपने उत्तर को मजबूत करें।
Question 5. बदबू में शामिल उपसर्ग को पहचानकर उससे दो नए शब्द बनाकर लिखिए।
Answer: 'बदबू' शब्द में 'बद' उपसर्ग है। 'बद' से बने दो नए शब्द बदनाम और बदमाश हैं।
In simple words: 'बदबू' शब्द में 'बद' उपसर्ग जुड़ा है। 'बद' उपसर्ग से बदनाम और बदमाश जैसे शब्द बनाए जा सकते हैं।
Exam Tip: उपसर्गों की पहचान करें और यह दिखाएं कि उनका उपयोग कैसे नए शब्द बनाने के लिए किया जा सकता है।
Question 6. विकृत का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
Answer: विकृत – अन्य भाषाओं के प्रभाव से भाषा विकृत हो सकती है।
In simple words: विकृत शब्द का उपयोग: "दूसरी भाषाओं के असर से हमारी भाषा में बदलाव आ सकता है।"
Exam Tip: दिए गए शब्द का अर्थ समझने के लिए एक स्पष्ट और प्रासंगिक वाक्य का प्रयोग करें।
विदाई-संभाषण Summary in Hindi
बालमुकुंद गुप्त का जन्म 14 नवंबर, 1865 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गुड़ियानी गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम लाला पूरणमल था। उन्होंने अपना पूरा जीवन पढ़ाई, लेखन और संपादन में बिताया तथा जीवन भर स्वतंत्रता की लौ जगाए रखी।
उर्दू और फारसी की शुरुआती शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 1886 में पंजाब विश्वविद्यालय से मिडिल परीक्षा एक निजी परीक्षार्थी के रूप में पास की। छात्र जीवन से ही उन्होंने उर्दू पत्रों में लेख लिखने शुरू कर दिए थे। झज्जर (जिला रोहतक) के 'रिफाहे आम' अखबार और मथुरा के 'मथुरा समाचार' उर्दू मासिक पत्रों में पंडित दीनदयाल शर्मा के सहयोगी रहने के बाद, 1886 में चुनार उर्दू अखबार 'अखबारे चुनार' के दो साल तक संपादक रहे।
1888-1889 ईस्वी में उन्होंने लाहौर के उर्दू पत्र 'कोहेनूर' का संपादन किया। वे उर्दू के महत्वपूर्ण लेखकों में शामिल थे। 1889 में, वे काला काँकर (अवध) के हिंदी दैनिक 'हिंदोस्थान' के सहयोगी संपादक बने। यहीं पर उन्हें अपना साहित्यिक गुरु स्वीकार किया। सरकार के विरुद्ध लिखने के कारण उन्हें वहां से हटना पड़ा।
शब्द-छाव :
- चिरस्थायी – हमेशा रहनेवाला, टिकाऊ
- करुणोत्पादक – करुणा (दुःख) उत्पन्न करनेवाला
- दुखित – पीड़ित, जिसे कष्ट हो
- विषाद – दुःख, उदास
- आविर्भाव – प्रकट होना
- दुखांत – जिसका अंत दुःखद हो
- सूत्रधार – जिसके हाथ में संचालन की बागडोर हो
- सुखांत – जिसका अंत सुखद हो
- लीलामय – नाटकीय
- सारांश – निष्कर्ष, निचोड़
- पटखनी – चित कर देना, गिरा देना
- तिलांजलि – त्याग देना
- पायामाल – दुर्दशाग्रस्त, नष्ट
- आरह – आरा, अदना – छोटा-सा, हेय
- विच्छेद – टूटना, ताब – सामर्थ्य
- काल – समय
- बिछुड़न – अलग होना, जुदा होना
- प्रसन्न – खुश, हर्ष
- निर्मल – स्वच्छ, पवित्र
- दीन – गरीब
- उदास – दुःखी
- बलशाली – शक्तिशाली
- दुर्बल - कमजोर
- बरंच - फिर भी
- दशा - स्थिति
- अंदाज – अनुमान, कल्पना
- दर्शक – देखनेवाला
- बंबई – वर्तमान मुंबई
- इरादे – इच्छा
- धीरता – धैर्य
- विलायत – विदेश
- दिवालिया – बड़ा नुकसान होना, पायामाल
- हुक्म – आदेश
- कैसर – रोमन तानाशाह जूलियस सीज़र के नाम से बना शब्द जो तानाशाह जर्मन शासकों के लिए उपयोग होता था
- जार – यह भी जूलियस सीज़र से बना शब्द है जो खास तौर पर रूस के तानाशाह शासकों के लिए इस्तेमाल होता था। यह शब्द पहली बार बुल्गेरियाई शासक के लिए प्रयोग हुआ था, नादिरशाह – शाह थे।
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
- शासन – सत्ता
- सरकार रात – रजनी
- रात्रि पानी – जल
- नीर महाराज – सम्राट
- राजा स्वाधीनता – स्वतंत्रता
- आजादी हुक्म – आदेश, आज्ञा
- आँख – नयन, नेत्र
- दिन – दिवस, दिवा
- सूर्य – सूरज, भास्कर
- संसार – दुनिया, विश्व
- हर्ष – खुशी, प्रसन्नता
- प्रजा – जनता, रियाया
- धीर – धैर्य, धीरज
- घृणा – नफरत, विद्वेष
- निकट – पास, नजदीक
- जुदा – अलग, भिन्न
- लाभ – मुनाफा, फायदा
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
- अंत × आरम्भ
- देश × विदेश
- करुणा × हर्ष
- दुःख × सुख
- उदास × प्रसन्न
- कठिन × सरल
- सुखांत × दुखांत
- अशांति × शांति
- बिछुड़न × मिलन
- वैर × मित्रता
- स्वदेश × परदेश
निम्नलिखित शब्दसमूह का एक शब्द लिखिए।
- जिसके हाथ में संचालन की जिम्मेदारी हो = सूत्रधार, संचालक
- जिसका अंत दुखद होता है = दुखांत
- जिसका अंत सुखद होता है = सुखांत
- अभिनय करने वाला = अभिनेता
- हमेशा रहने वाला = चिरस्थायी
- शासन करने वाला = शासक
निम्नलिखित शब्दों का सन्धि-विच्छेद कीजिए।
- करुणोत्पादक = करुण + उत्पादक
- दुखांत = दुख + अंत
- मनोबल = मनः + बल
- नमस्ते = नमः + ते
- नीरोग = निः + रोग
- स्वागत = सु + आगत
- दुर्बल = दुः + बल
- सुखांत = सुख + अंत
- आशीर्वाद = आशिः + वाद
- निष्फल = निः + फल
- प्रत्येक = प्रति + एक
- निश्चय = निः + चय
निम्नलिखित शब्दों का विग्रह करके समास लिखिए।
- देशवासी = देश में रहने वाले (तत्पुरुष समास)
- घुड़सवार = घोड़े की सवारी करने वाला (तत्पुरुष समास)
- देशनिकाला = देश से बाहर निकाला गया (तत्पुरुष समास)
- बिछुड़न-समय = अलग होने का समय (तत्पुरुष समास)
- पशु-पक्षी = पशु और पक्षी (द्वंद्व समास)
- आपबाता = अपने ऊपर बीती हुई बात (तत्पुरुष समास)
- नगर-द्वार = नगर का मुख्य द्वार (तत्पुरुष समास)
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग जोड़कर नया शब्द बनाइए।
- संभव = अ + संभव = असंभव
- शांति = अ + शांति = अशांति
- कानूनी = गैर + कानूनी = गैरकानूनी
- राजा = महा + राजा = महाराजा
- दशा = अव + दशा = अवदशा
- दौलत = ब + दौलत = बदौलत
- स्थायी = चिर + स्थायी = चिरस्थायी
निम्नलिखित शब्दों का भाववाचक संज्ञा बनाइए।
- पराधीन = पराधीनता
- ब्राह्मण = ब्राह्मणत्व
- उदास = उदासी
- कमजोर = कमजोरी
- प्रसन्न = प्रसन्नता
- चौकीदार = चौकीदारी
- विपद = विपदा माता
- माता = मातृत्व
- भला = भलाई
- उदार = उदारता
निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय जोड़कर नया शब्द बनाइए।
- निकट = निकट + ता = निकटता
- लूट = लूट + एरा = लुटेरा
- भला = भला + ई = भलाई
- देन = देन + दार = देनदार
- सूत्र + धार = सूत्रधार
- सुख = सुख + अंत = सुखांत
- दुःख = दुःख + अंत = दुखांत
- समझ = समझ + कर = समझकर
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