GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 4 एक प्रश्न चार उत्तर

Official GSEB Solutions for Class 10 Hindi: Chapter 04 एक प्रश्न चार उत्तर

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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 04 एक प्रश्न चार उत्तर

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1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए !

 

Question 1. प्रत्येक नागरिक को पूर्णतः लगन एवं निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए ।
(अ) ईमानदारी
(ब) बेईमानी
(क) जल्दबाजी
(ड) धीरे-धीरे
Answer: (अ) ईमानदारी
In simple words: हर नागरिक को पूरी लगन और ईमानदारी से अपना काम करना चाहिए.

Exam Tip: हमेशा विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें, जो प्रश्न के अर्थ को सही ढंग से दर्शाता हो.

 

Question 2. वृद्ध ईसाई पादरी ने कहा
(अ) तुम बड़े आलसी हो
(ब) तुम भिखारी हो
(क) तुम ईमानदार बनो
(ड) तुम लोग अपने काम में गर्व नहीं लेते ।
Answer: (ड) तुम लोग अपने काम में गर्व नहीं लेते ।
In simple words: बूढ़े ईसाई पादरी ने कहा कि आप लोग अपने काम पर गर्व नहीं करते.

Exam Tip: चरित्रों द्वारा दिए गए बयानों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में आते हैं.

 

Question 3. भगवान की मूर्ति की स्थापना करने के बाद –
(अ) उनके कहे अनुसार चलना चाहिए ।
(ब) मूर्ति की पूजा करनी चाहिए ।
(क) प्रचार-प्रसार करना चाहिए ।
(ड) पुजारीजी के आदेश का पालन करना चाहिए ।
Answer: (अ) उनके कहे अनुसार चलना चाहिए ।
In simple words: भगवान की मूर्ति स्थापित करने के बाद, उनके वचनों के अनुसार ही जीवन जीना चाहिए.

Exam Tip: पाठ के मुख्य संदेशों और शिक्षाओं पर ध्यान दें, जो ऐसे प्रश्नों का आधार बनते हैं.

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. लेखक को किस बात की खब्त है ?
Answer: लेखक को यह बात खब्त है कि जब वे किसी से मित्रता करते हैं और उन्हें सहृदय पाते हैं, तो वे उनसे पूछ लेते हैं कि 'हमारा देश उन्नति क्यों नहीं कर रहा है?'.
In simple words: लेखक को यह जानने की बेचैनी रहती है कि हमारा देश क्यों प्रगति नहीं कर रहा, और वे अपने मित्रों से यह प्रश्न पूछते हैं.

Exam Tip: एक वाक्य के उत्तरों में मुख्य जानकारी को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें.

 

Question 2. कुटुंब व्यवस्था किस प्रकार नष्ट हो गई ?
Answer: हमारे देश में लोग खुद आगे रहना चाहते हैं और किसी को आगे बढ़ने नहीं देते, इस प्रकार उदारता के अभाव से कुटुंब व्यवस्था नष्ट हो गई.
In simple words: लोगों में स्वार्थ और उदारता की कमी के कारण परिवार की व्यवस्था बिगड़ गई है.

Exam Tip: सामाजिक समस्याओं से जुड़े प्रश्नों में कारणों और परिणामों को संक्षेप में बताएं.

 

Question 3. हम किसकी जय जयकार करते हैं ?
Answer: हमारे देश में बड़े-बड़े नेता हुए हैं, हम उनकी मूर्ति स्थापित करके उनकी जय-जयकार करते हैं.
In simple words: हम अपने बड़े नेताओं की मूर्तियाँ बनाकर उनकी प्रशंसा करते हैं.

Exam Tip: सीधे प्रश्न का सीधा और सटीक उत्तर दें, किसी भी अनावश्यक जानकारी से बचें.

 

Question 4. सच्चा देशभक्त कौन हैं ?
Answer: जो अपना कर्तव्य ठीक प्रकार से करता है, वह सच्चा देशभक्त है.
In simple words: जो व्यक्ति अपने काम को सही तरीके से करता है, वही सच्चा देशभक्त कहलाता है.

Exam Tip: देशभक्ति की परिभाषा से जुड़े प्रश्नों में क्रियात्मक योगदान पर बल दें.

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. हमारे देश में किस प्रकार जागृति आ सकती है ?
Answer: हमारे देश के लोग अपने काम पर गर्व नहीं करते और अपनी जिम्मेदारी भी नहीं समझते. वे श्रम का महत्व नहीं पहचानते और मेहनत से बचते हैं. गुणी लोग अपनी विद्या दूसरों को नहीं सिखाते. यदि इन कमियों को दूर कर दिया जाए, तो हमारे देश में जागृति आ सकती है.
In simple words: जब लोग अपने काम पर गर्व करेंगे, जिम्मेदारी समझेंगे, मेहनत करेंगे और अपनी विद्या बाँटेंगे, तब हमारे देश में सच्ची जागृति आएगी.

Exam Tip: ऐसे विस्तृत उत्तरों में, समस्या के विभिन्न पहलुओं को बताएं और फिर उनके संभावित समाधान प्रस्तुत करें.

 

Question 2. मनुष्य समाज को संगठित करने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?
Answer: मनुष्य-समाज को संगठित करने के लिए हमें अपने नेताओं द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलना चाहिए और उनके निर्देशों के अनुसार अपने जीवन को व्यवस्थित करना चाहिए. हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारा कार्यक्षेत्र चाहे छोटा हो या बड़ा, हम अपना हर काम ठीक से करें. इससे हमारा व्यक्तिगत जीवन व्यवस्थित होगा और इसके बाद मनुष्य-समाज अपने आप संगठित हो जाएगा.
In simple words: समाज को संगठित करने के लिए हमें नेताओं के मार्गदर्शन का पालन करना चाहिए, अपने सभी काम ईमानदारी से करने चाहिए, जिससे हमारा जीवन और फिर पूरा समाज सुव्यवस्थित हो सके.

Exam Tip: जब संगठन या सुधार के बारे में पूछा जाए, तो व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों दोनों का उल्लेख करें.

 

Question 3. 'तुम लोगों में उदारता नहीं है' – कथन का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Answer: यहाँ 'उदारता' का मतलब है किसी को आगे बढ़ने देना, उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना, और उसके विकास में बाधा न डालना. इसमें अपनी विशेष विद्या दूसरों को सिखाना और जरूरतमंदों को काम सीखने में मदद करना शामिल है. हमारे देश में यह उदारता नहीं होती, लोग दूसरों को आगे नहीं बढ़ने देते और खुद ही आगे रहना चाहते हैं. गुणी युवा अपनी योग्यता दिखाने का अवसर नहीं पाते और अपनी विद्या किसी को नहीं सिखाते, जो उनके साथ ही खत्म हो जाती है. इससे देश और समाज को बहुत नुकसान होता है और लोगों को सही अवसर नहीं मिल पाते.
In simple words: इस कथन का मतलब है कि हमारे देश के लोग दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देते, अपनी विद्या नहीं सिखाते और स्वार्थी होकर केवल अपना भला सोचते हैं, जिससे देश का विकास रुक जाता है.

Exam Tip: किसी कथन का आशय स्पष्ट करते समय, पहले उसका अर्थ समझाएं, फिर उदाहरणों से उसे पुष्ट करें, और अंत में उसके प्रभाव या परिणामों का उल्लेख करें.

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों के सविस्तार उत्तर लिखिए :

 

Question 1. ईसाई पादरी ने लेखक के प्रश्न का उत्तर किस प्रकार दिया ?
Answer: ईसाई पादरी लेखक के विदेशी मित्र थे. उन्होंने लेखक के प्रश्न के उत्तर में कहा कि 'तुम लोग अपने काम में गर्व नहीं लेते'. उन्होंने अपनी बात को साफ करते हुए कहा कि यहाँ के लोगों की कथनी और करनी में बहुत अंतर होता है. वे नौकरी के लिए आवेदन करते समय बढ़ा-चढ़ाकर बातें करते हैं और अपने मालिक की शुभकामना की प्रतिज्ञा भी करते हैं, लेकिन नौकरी मिलते ही वे अपनी जीविका को खराब समझने लगते हैं. वे अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर काम खराब करने के लिए योजनाएं बनाते हैं और मालिक को परेशान कर डालते हैं. अन्य देशों में लोग सामान्य शब्दों में नौकरी के लिए आवेदन देते हैं और जब उन्हें स्थान मिल जाता है, तो वे बड़ी लगन और निष्ठा से काम करते हैं. हमें इस बात पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.
In simple words: ईसाई पादरी ने बताया कि भारतीय लोग अपने काम पर गर्व नहीं करते. वे कथनी और करनी में फर्क रखते हैं, नौकरी के लिए आवेदन करते समय बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन काम मिलते ही बेईमानी करने लगते हैं.

Exam Tip: विस्तृत उत्तरों में, मुख्य बिंदुओं को अलग-अलग वाक्यों में बताएं और उन्हें स्पष्ट करने के लिए सहायक जानकारी दें.

 

Question 2. वृद्ध सरकारी कर्मचारी ने लेखक के प्रश्न का उत्तर किन-किन उदाहरणों से समझाया ?
Answer: वृद्ध सरकारी कर्मचारी, जो लेखक के मित्र थे, ने बताया कि देश की उन्नति न होने का कारण लोगों में जिम्मेदारी की कमी है. लोग दूसरों के प्रति अपने कर्तव्य नहीं जानते और किए गए काम को पूरा करना भूल गए हैं, इसलिए किसी को किसी पर विश्वास नहीं है. उन्होंने कई उदाहरण दिए: खाने की दावत में मेजबान को मेहमानों के समय पर आने पर भरोसा नहीं होता, और मेहमानों को भी समय पर खाना मिलने पर भरोसा नहीं होता. गृहस्थ को धोबी और दरजी पर कपड़े समय पर देने का विश्वास नहीं होता, और धोबी-दरजी को भी समय पर दाम मिलने का विश्वास नहीं होता. रेलगाड़ी में यात्री एक-दूसरे को स्थान देने या शांत रहने पर विश्वास नहीं करते. पैदल चलने वाले को आगे वाले व्यक्ति के छाते से आँख न फूटने पर विश्वास नहीं होता. आगे चलने वाले व्यक्ति को पीछे वाले के धक्का न देने पर विश्वास नहीं होता. किसी को किसी पर यह विश्वास नहीं कि कोई केले, नारंगी का छिलका या सुई, पिन आदि ऐसे नहीं छोड़ेगा जिससे दूसरों को कष्ट पहुंचे. यहाँ के लोग केवल अपनी तात्कालिक सुविधा देखते हैं और दूसरों के प्रति अपने कर्तव्यों का अनुभव नहीं करते.
In simple words: बूढ़े सरकारी कर्मचारी ने बताया कि जिम्मेदारी की कमी के कारण लोगों में एक-दूसरे पर विश्वास नहीं है. उन्होंने खाने की दावत, कपड़े देने, रेलगाड़ी यात्रा और सड़क पर चलने जैसे कई उदाहरण दिए, जहाँ लोग केवल अपनी सुविधा देखते हैं और दूसरों के प्रति अपने कर्तव्य भूल जाते हैं.

Exam Tip: जब उदाहरणों से समझाने के लिए कहा जाए, तो प्रत्येक उदाहरण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और बताएं कि वह मुख्य विचार को कैसे पुष्ट करता है.

 

Question 3. एक बड़ी वृद्धा स्त्री ने प्रश्न का उत्तर किस प्रकार दिया ?
Answer: एक बड़ी विदेशी महिला, जो लेखक के परिवार से बहुत प्रेम करती थी और 40 वर्ष तक देश की विभिन्न सेवाओं में रही थीं, उन्होंने लेखक के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि भारत के लोगों में उदारता नहीं है. इसलिए वे खुद ही आगे रहना चाहते हैं और दूसरों को आगे नहीं बढ़ने देते. हमारे देश में अनेक गुणी युवा हैं, पर उन्हें अपनी योग्यता दिखाने का अवसर नहीं मिलता. वे अपने गुण दूसरों को नहीं सिखाते और मरने के बाद उनका गुण व्यर्थ हो जाता है. यहाँ तक कि पिता भी अपने पुत्र को घर का काम नहीं सिखाते, जिससे कई परिवार नष्ट हो गए. देश में भी ऐसा ही है- बड़े, छोटों को काम नहीं सिखाते. इसका परिणाम यह होता है कि लोगों की प्रतिभा धरी की धरी रह जाती है और उसका उपयोग नहीं हो पाता. इस प्रकार अनेक आविष्कार, औषधियाँ और वैज्ञानिक ज्ञान लुप्त हो जाते हैं.
In simple words: एक वृद्ध विदेशी महिला ने बताया कि भारत के लोगों में उदारता की कमी है. वे दूसरों को आगे नहीं बढ़ने देते, जिससे गुणी युवाओं को मौका नहीं मिलता और उनका ज्ञान उनके साथ ही खत्म हो जाता है, जिससे देश को नुकसान होता है.

Exam Tip: प्रत्येक व्यक्ति के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें, उनकी मुख्य दलीलों और निष्कर्षों पर ध्यान केंद्रित करें.

 

Question 4. देश को कैसे नागरिकों की आवश्यकता है और क्यों ?
Answer: किसी भी देश की उन्नति उसके गुणी, परिश्रमी, निष्ठावान, जिम्मेदार, उदार तथा विवेकशील नागरिकों पर निर्भर करती है. हमारे देश को ऐसे सच्चे और ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता है, जिनकी कथनी और करनी में अंतर न हो. वे जो काम करें, उसे निष्ठापूर्वक संपन्न करें. साथ ही उन्हें दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी अहसास होना जरूरी है. प्रत्येक नागरिक को श्रम का महत्व समझना चाहिए और यह बात मानकर चलना चाहिए कि संसार में कठिन परिश्रम के बिना कभी किसी को कुछ नहीं मिलता है. संसार में जो भी बड़े हुए हैं, वे सब अथक परिश्रमी रहे हैं. देश को ऐसे अथक परिश्रमी नागरिकों की आवश्यकता है. इसके अलावा, नागरिकों में उदारता का गुण भी जरूरी है. उनमें युवाओं को आगे बढ़ाने की उदारता होनी चाहिए. वे लोगों को काम सीखने में मदद करें. लोग ऐसे हों, जो अपने गुण, अपनी कला लोगों को ऐसे ही कर्मठ और उदार नागरिकों की आवश्यकता है.
In simple words: देश को गुणी, मेहनती, ईमानदार, जिम्मेदार और उदार नागरिक चाहिए, जो अपनी कथनी-करनी में समानता रखें और दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करें. ऐसे नागरिक ही देश की उन्नति का आधार होते हैं.

Exam Tip: 'आवश्यकता और क्यों' वाले प्रश्नों में, पहले बताएं कि क्या आवश्यक है और फिर विस्तृत रूप से कारण समझाएं.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

 

Question 1. लेखक के पहले मित्र कौन थे?
Answer: लेखक के पहले मित्र वृद्ध ईसाई पादरी थे.
In simple words: लेखक के पहले मित्र एक बूढ़े ईसाई पादरी थे.

Exam Tip: प्रारंभिक जानकारी वाले प्रश्नों का उत्तर संक्षिप्त और सीधा दें.

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :

 

Question 1. ईसाई पादरी के अनुसार ...
(अ) हम ज्यों के त्यों पड़े हुए हैं।
(ब) हम लोग अपने काम में गर्व नहीं लेते।
(क) हम जिम्मेदारी नहीं समझते।
Answer: (ब) हम लोग अपने काम में गर्व नहीं लेते।
In simple words: ईसाई पादरी के अनुसार, हम अपने काम पर गर्व नहीं करते.

Exam Tip: वक्ता के दृष्टिकोण से संबंधित प्रश्नों के लिए, वक्ता के मुख्य संदेश को पहचानें.

 

Question 2. वृद्ध सरकारी कर्मचारी के अनुसार ..
(अ) हम लोग समय पर काम नहीं पूरा करते।
(ब) हम लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते।
(क) हम लोग समय का स्वास्थ्य नहीं समझते।
Answer: (ब) हम लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते।
In simple words: बूढ़े सरकारी कर्मचारी के अनुसार, हम अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझते.

Exam Tip: प्रत्येक वक्ता द्वारा दिए गए मुख्य बिंदुओं को याद रखना महत्वपूर्ण है.

 

Question 3. वृद्ध स्त्री के अनुसार ...
(अ) भारत के लोग बड़े आलसी है।
(ब) हम अपना धार्मिक आदर्श भूल गए हैं।
(क) भारत में लोग दूसरों को आगे नहीं बढ़ाते।
Answer: (क) भारत में लोग दूसरों को आगे नहीं बढ़ाते।
In simple words: वृद्ध स्त्री के अनुसार, भारत में लोग दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देते.

Exam Tip: विभिन्न चरित्रों के बयानों को अलग-अलग याद करें ताकि सही विकल्प का चयन किया जा सके.

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

 

Question 1. 'एक प्रश्नः चार उत्तर' पाठ के लेखक का नाम ............ है। (श्रीकांत, श्री प्रकाश)
Answer: 'एक प्रश्नः चार उत्तर' पाठ के लेखक का नाम श्री प्रकाश है.
In simple words: 'एक प्रश्नः चार उत्तर' पाठ को श्री प्रकाश ने लिखा है.

Exam Tip: लेखकों और उनकी रचनाओं के नाम याद रखें, क्योंकि वे सामान्य ज्ञान के प्रश्न के रूप में आ सकते हैं.

 

Question 2. प्रत्येक नागरिक को पूर्णतः लगन एवं निष्ठा के साथ ............ से काम करना चाहिए। (आलस, ईमानदारी)
Answer: प्रत्येक नागरिक को पूर्णतः लगन एवं निष्ठा के साथ ईमानदारी से काम करना चाहिए.
In simple words: हर नागरिक को पूरी लगन और ईमानदारी से काम करना चाहिए.

Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ के अनुसार सबसे उपयुक्त शब्द चुनें.

 

Question 3. ............ करनेवाला सच्चा देशभक्त है। (बलिदान, कर्तव्यपालन)
Answer: कर्तव्यपालन करनेवाला सच्चा देशभक्त है.
In simple words: अपना कर्तव्य पूरा करने वाला व्यक्ति सच्चा देशभक्त होता है.

Exam Tip: देशभक्ति की सही परिभाषा पर ध्यान दें, जो केवल बलिदान से ही नहीं, बल्कि कर्तव्यपालन से भी संबंधित है.

 

Question 4. व्यक्तिगत जीवन संगठित होने से ............ अपनेआप संगठित हो जाएगा। (विश्व, मनुष्य-समाज)
Answer: व्यक्तिगत जीवन संगठित होने से मनुष्य-समाज अपनेआप संगठित हो जाएगा.
In simple words: जब हर व्यक्ति का जीवन सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा समाज अपने आप संगठित हो जाएगा.

Exam Tip: व्यक्तिगत प्रयासों के बड़े सामाजिक प्रभाव को समझने पर जोर दें.

 

Question 5. पहले मित्र ............ हैं। (वृद्ध सज्जन, वृद्ध ईसाई पादरी)
Answer: पहले मित्र वृद्ध ईसाई पादरी हैं.
In simple words: लेखक के पहले मित्र एक बूढ़े ईसाई पादरी हैं.

Exam Tip: पाठ में वर्णित विभिन्न पात्रों और उनके परिचय को याद रखें.

 

Question 6. 'तुम लोग जिम्मेदारी नहीं समझते' यह वाक्य ............ ने कहा। (वृद्ध सरकारी कर्मचारी, वृद्ध सज्जन)
Answer: 'तुम लोग जिम्मेदारी नहीं समझते' यह वाक्य वृद्ध सरकारी कर्मचारी ने कहा.
In simple words: यह वाक्य बूढ़े सरकारी कर्मचारी ने कहा था.

Exam Tip: पाठ में दिए गए विशिष्ट कथनों और उनके कहने वाले पात्रों के बीच संबंध स्थापित करना सीखें.

 

Question 7. अपने काम में ............ लेना चाहिए। (अभिमान, गर्व)
Answer: अपने काम में गर्व लेना चाहिए.
In simple words: हमें अपने काम पर गर्व महसूस करना चाहिए.

Exam Tip: सही शब्द के चयन के लिए 'अभिमान' (नकारात्मक) और 'गर्व' (सकारात्मक) के बीच के अंतर को समझें.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. लेखक के पहले मित्र कौन थे?
A. वृद्ध ईसाई पादरी
B. वृद्ध सरकारी कर्मचारी
C. प्रोफेसर
D. वृद्ध स्त्री
Answer: A. वृद्ध ईसाई पादरी
In simple words: लेखक के पहले मित्र एक बूढ़े ईसाई पादरी थे.

Exam Tip: पाठ के मुख्य पात्रों और उनकी पहचान को हमेशा याद रखें.

 

Question 2. हम अपनी परंपरा क्यों भूल गए हैं?
A. अज्ञान के कारण
B. लंबी दासता के कारण
C. आलस्य के कारण
D. निरक्षरता के कारण
Answer: B. लंबी दासता के कारण
In simple words: हम अपनी परंपरा लंबी गुलामी के कारण भूल गए हैं.

Exam Tip: ऐतिहासिक या सामाजिक कारणों से संबंधित प्रश्नों में, पाठ में उल्लिखित सटीक कारण का चयन करें.

 

Question 3. 'हम अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते' यह वाक्य किसने कहा?
A. वृद्ध सरकारी कर्मचारी
B. वृद्ध ईसाई पादरी
C. एक स्त्री
D. बड़ी वृद्धा स्त्री
Answer: A. वृद्ध सरकारी कर्मचारी
In simple words: यह कथन बूढ़े सरकारी कर्मचारी ने कहा था.

Exam Tip: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कथनों को उनके कहने वाले पात्रों से जोड़ना सीखें.

 

Question 4. 'तुम लोगों में उदारता नहीं है।' यह वाक्य किसका है?
A. बद्ध सरकारी कर्मचारी
B. वृद्ध ईसाई पादरी
C. वृद्धा स्त्री
D. विचारक
Answer: C. वृद्धा स्त्री
In simple words: यह वाक्य एक बूढ़ी महिला ने कहा था.

Exam Tip: पाठ में मुख्य विचारों को व्यक्त करने वाले पात्रों की पहचान करना महत्वपूर्ण है.

 

व्याकरण

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. खब्त
2. मुल्क
3. निर्भर
4. उन्नति
5. उपयुक्त
6. दासता
7. समष्टि
8. मुसाफिर
9. अस्पृश्य
10. पितामही
11. आविष्कार
12. दत्तचित्त
13. इति श्री
Answer:
1. खब्त – धुन
2. मुल्क – देश
3. निर्भर – आधारित
4. उन्नति – प्रगति
5. उपयुक्त – योग्य
6. दासता – गुलामी
7. समष्टि – समाज
8. मुसाफिर – यात्री
9. अस्पृश्य – अछूत
10. पितामही – दादी
11. आविष्कार – खोज
12. दत्तचित्त – एकाग्र
13. इतिश्री – समाप्ति
In simple words: इन शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं, जैसे 'खब्त' का अर्थ 'धुन' है और 'मुल्क' का अर्थ 'देश' है.

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद रखने से शब्दावली बढ़ती है और भाषा का प्रयोग बेहतर होता है.

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. गृहस्थ \( \times \)
2. नौकर \( \times \)
3. वृद्ध \( \times \)
4. व्याकुल \( \times \)
5. विश्वास \( \times \)
6. प्रतिकूल \( \times \)
7. परिश्रम \( \times \)
8. साधारण \( \times \)
9. संकुचित \( \times \)
10. व्यक्तिगत \( \times \)
Answer:
1. गृहस्थ \( \times \) संन्यासी
2. नौकर \( \times \) मालिक
3. वृद्ध \( \times \) युवा
4. व्याकुल \( \times \) स्थिर
5. विश्वास \( \times \) अविश्वास
6. प्रतिकूल \( \times \) अनुकूल
7. परिश्रम \( \times \) आलस्य
8. साधारण \( \times \) असाधारण
9. संकुचित \( \times \) विस्तृत
10. व्यक्तिगत \( \times \) सामूहिक
In simple words: इन शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द बताए गए हैं, जैसे 'गृहस्थ' का उल्टा 'संन्यासी' है और 'नौकर' का 'मालिक' है.

Exam Tip: विलोम शब्दों का अभ्यास करने से शब्दों के अर्थ की गहरी समझ विकसित होती है और सही शब्द का चुनाव करने में मदद मिलती है.

 

निम्नलिखित संधि को जोड़िए:

 

Question 1.
1. उत् \( + \) नति \( = \)
2. निः \( + \) चित \( = \)
3. कमल \( + \) ईश \( = \)
4. अन् \( + \) अर्थ \( = \)
Answer:
1. उत् \( + \) नति \( = \) उन्नति
2. निः \( + \) चित \( = \) निश्चित
3. कमल \( + \) ईश \( = \) कमलेश
4. अन् \( + \) अर्थ \( = \) अनर्थ
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों को संधि के नियमों के अनुसार जोड़ा गया है, जिससे नए शब्द बने हैं जैसे 'उत्' और 'नति' मिलकर 'उन्नति' बनते हैं.

Exam Tip: संधि के नियमों को अच्छी तरह समझें, खासकर स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के विभिन्न प्रकारों को.

 

निम्नलिखित संधि को छोड़िए :

 

Question 1.
1. व्याख्यान
2. पर्याप्त
3. इत्यादि
4. षड्यंत्र
5. निश्चित
6. व्याकुल
7. सारांश
8. देशांतर
9. कमलेश
10. निराश्रय
11. अनर्थ
Answer:
1. व्याख्यान \( = \) वि \( + \) आख्यान
2. पर्याप्त \( = \) परि \( + \) आप्त
3. इत्यादि \( = \) इति \( + \) आदि
4. षड़यंत्र \( = \) षड़ \( + \) यंत्र
5. निश्चित \( = \) निः \( + \) चित
6. व्याकुल \( = \) वि \( + \) आकुल
7. सारांश \( = \) सार \( + \) अंश
8. देशांतर \( = \) देश \( + \) अंतर
9. कमलेश \( = \) कलम \( + \) ईश
10. निराश्रय \( = \) निः \( + \) आश्रय
11. अनर्थ \( = \) अन् \( + \) अर्थ
In simple words: यहाँ दिए गए संधि शब्दों को उनके मूल शब्दों में अलग किया गया है, जैसे 'व्याख्यान' को 'वि' और 'आख्यान' में बांटा गया है.

Exam Tip: संधि विच्छेद करते समय, यह सुनिश्चित करें कि अलग किए गए दोनों शब्द सार्थक हों और उनका अपना अर्थ हो.

 

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. किसी बात के लिए व्यापक सामूहिक प्रयत्न
2. पत्नी के साथ
3. लकड़ी से चीजें बनानेवाला
4. जो विश्वास के योग्य न हो
5. हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक
6. जितना जरुरी हो उतना
7. जीने का साधन
8. ईसाई धर्म का पुरोहित
9. किसी व्यक्ति के विरुद्ध साजिश करना
10. पिता की माता
11. बहुत बढ़ा-चढ़ा कर
Answer:
1. आंदोलन
2. सपत्नीक
3. बढ़ई
4. अविश्वसनीय
5. बही
6. पर्याप्त
7. जीविका
8. पादरी
9. षड्यंत्र
10. पितामही
11. अतिशयोक्तिपूर्ण
In simple words: यहाँ कई शब्दों वाले वाक्यों के लिए एक ही शब्द दिया गया है, जैसे 'किसी बात के लिए व्यापक सामूहिक प्रयत्न' को 'आंदोलन' कहते हैं.

Exam Tip: वाक्यांशों के लिए एक शब्द का अभ्यास करने से भाषा संक्षिप्त और प्रभावी बनती है.

 

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

 

Question 1.
1. नाक में दम करना
2. काया पलटना
3. इति श्री समझना
4. ज्यों को त्यों पड़े होना
5. षड्यंत्र रचना
6. बाध्य करना
Answer:
1. नाक में दम करना – बहुत परेशान करना
वाक्य : बच्चों ने दादी माँ की नाक में दम कर दिया.
2. काया पलटना – बहुत बड़ा परिवर्तन होना
वाक्य : सम्राट अशोक ने अपने नगर की काया पलट दी.
3. इति श्री समझना – अंत मान लेना
वाक्य : मोहन ने अपने कारोबार में आए बहुत बड़े नुकसान के कारण इति श्री मान लिया.
4. ज्यों को त्यों पड़े होना – उन्नति न होना
वाक्य : आलसी लोग ज्यों के त्यों पड़े रहते हैं.
5. षड्यंत्र रचना – बुरा करने के लिए प्रयत्न करना
वाक्य : दुश्मनों ने हमारे खिलाफ कई षड्यंत्र रचे पर वे नाकामयाब रहे.
6. बाध्य करना – मजबूर करना
वाक्य : माँ के बाध्य करने पर विजय पढ़ाई करने विदेश गया.
In simple words: यहाँ मुहावरों के अर्थ और वाक्य में प्रयोग करके उनका मतलब समझाया गया है, जैसे 'नाक में दम करना' का अर्थ 'बहुत परेशान करना' होता है.

Exam Tip: मुहावरों के अर्थ के साथ-साथ उनके वाक्य प्रयोग का भी अभ्यास करें ताकि आप उनका सही उपयोग सीख सकें.

 

निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1.
1. चाहना
2. चलना
3. खराब
4. अपना
5. पुरुष
6. मित्र
7. बहुत
8. गृहस्थ
9. नौकर
10. दुकानदार
11. भक्त
12. मिलाना
13. भारत
14. मेजबान
15. वृद्ध
16. मुसाफिर
17. बड़ा
18. उन्नत
19. शिष्ट
Answer:
1. चाहना – चाह
2. चलना – चाल
3. खराब – खराबी
4. अपना – अपनापन
5. पुरुष – पुरुषत्व
6. मित्र – मित्रता
7. बहुत – बहुतायत
8. गृहस्थ – गृहस्थी
9. नौकर - नौकरी
10. दुकानदार – दुकानदारी
11. भक्त – भक्ति
12. मिलाना – मिलावट
13. भारत – भारतीयता
14. मेजबान – मेजबानी
15. वृद्ध – वृद्धत्व
16. मुसाफिर – मुसाफिरी
17. बड़ा – बड़प्पन
18. उन्नत – उन्नति
19. शिष्ट – शिष्टता
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों की भाववाचक संज्ञा बनाई गई है, जो किसी भाव या गुण को दर्शाती है, जैसे 'चाहना' से 'चाह' और 'चलना' से 'चाल'.

Exam Tip: भाववाचक संज्ञा बनाने के लिए प्रत्ययों जैसे -ता, -त्व, -पन, -ई, -हट, -वट का प्रयोग सीखें.

 

निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1.
1. प्रचार
2. लिखना
3. भूलना
4. धोना
5. सीना
6. मूर्ति
7. दुकान
8. सेवा
9. आंदोलन
10. प्रेम
11. स्थापना
12. शिक्षा
Answer:
1. प्रचार – प्रचारक
2. लिखना – लेखक
3. भूलना – भुलक्कड़
4. धोना – धोबी
5. सीना – दर्जी
6. मूर्ति – मूर्तिकार
7. दुकान – दुकानदार
8. सेवा – सेवक
9. आंदोलन – आंदोलनकारी
10. प्रेम – प्रेमी
11. स्थापना – स्थापक
12. शिक्षा – शिक्षक
In simple words: यहाँ क्रिया करने वाले व्यक्ति को दर्शाने वाली संज्ञाएँ दी गई हैं, जैसे 'प्रचार' करने वाले को 'प्रचारक' और 'लिखने' वाले को 'लेखक' कहते हैं.

Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञाएँ अक्सर प्रत्यय जैसे -क, -हार, -वाला, -दार, -कारी के योग से बनती हैं, इन प्रत्ययों पर ध्यान दें.

 

निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :

 

Question 1.
1. निश्चय
2. व्यक्ति
3. संगठन
4. भारत
5. धर्म
6. गर्व
7. दिन
8. हृदय
Answer:
1. निश्चय – निश्चित
2. व्यक्ति – व्यक्तिगत
3. संगठन – संगठित
4. भारत – भारतीय
5. धर्म – धार्मिक
6. गर्व – गर्वित
7. दिन – दैनिक
8. हृदय – हार्दिक
In simple words: इन शब्दों से विशेषण बनाए गए हैं, जो किसी संज्ञा की विशेषता बताते हैं, जैसे 'निश्चय' से 'निश्चित' और 'व्यक्ति' से 'व्यक्तिगत'.

Exam Tip: विशेषण बनाने के लिए -इत, -इक, -ीय, -वान जैसे प्रत्ययों का उपयोग सीखें, जो संज्ञाओं को गुणों में बदलते हैं.

निम्नलिखित समास को पहचानिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के समास को पहचानिए:
1. शुभकामना
2. ईसाई-मत
3. आरंभशूर
4. आदरसत्कार
5. षड़यंत्र
6. सात-आठ
7. नवयुवक
8. कार्यक्षेत्र
9. मनुष्यसमाज
10. प्रार्थना-पत्र
11. दत्तचित्त

Answer:
1. शुभकामना - कर्मधारय समास
2. ईसाई-मत - तत्पुरुष समास
3. आरंभशूर - तत्पुरुष समास
4. आदरसत्कार - द्वन्द्व समास
5. षड़यंत्र - द्विगु समास
6. सात-आठ - द्वन्द्व समास
7. नवयुवक - कर्मधारय समास
8. कार्यक्षेत्र - तत्पुरुष समास
9. मनुष्यसमाज - तत्पुरुष समास
10. प्रार्थना-पत्र - तत्पुरुष समास
11. दत्तचित्त - बहुव्रीहि समास
In simple words: आपको दिए गए हर शब्द या वाक्यांश के लिए सही समास का प्रकार पहचानना है. समास दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया शब्द बनाने की प्रक्रिया है.

Exam Tip: समास के विभिन्न प्रकारों जैसे कर्मधारय, तत्पुरुष, द्वन्द्व, द्विगु और बहुव्रीहि की परिभाषाओं और उदाहरणों को याद रखें। इससे आपको उन्हें आसानी से पहचानने में मदद मिलेगी।

एक प्रश्न : चार उत्तर Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :

लेखक को यह प्रश्न हमेशा परेशान करता रहता है कि देश में कई विशेष पुरुष होने के बावजूद और बड़े-बड़े आंदोलन होने के बाद भी हमारा देश प्रगति क्यों नहीं कर रहा है। मौका मिलने पर वे यह प्रश्न अपने उन विदेशी मित्रों से भी पूछने में जरा भी नहीं हिचकिचाते, जिन्हें यहाँ रहते हुए देश के बारे में अच्छी जानकारी होती है। इस पाठ में यह सवाल उन्होंने अपने चार विदेशी दोस्तों से पूछा है। चारों सज्जनों ने इस प्रश्न का उत्तर अपने-अपने तरीके से दिया है। इसका मुख्य निष्कर्ष यह है कि देश तभी उन्नति कर सकता है जब सभी लोग पूरी ईमानदारी, लगन और निष्ठा के साथ अपना काम करें।

पाठ का सार :

लेखक का खब्त :

लेखक देश की हालत को लेकर परेशान हैं। उन्हें इस बात की चिंता है कि देश में कई खास पुरुष हैं और यहाँ कई बड़े-बड़े आंदोलन भी हुए हैं, फिर भी हमारा देश प्रगति क्यों नहीं कर पा रहा है? यह प्रश्न उन्हें लगातार परेशान करता रहता है। यही सवाल वे अपने उन विदेशी मित्रों से सही अवसर मिलने पर पूछ लेते हैं, जो यहाँ लंबे समय से रह रहे हैं और काफी अनुभवी हैं। अपने विदेशी दोस्तों से यह पूछना उनकी आदत बन गया है।

लेखक के पहले मित्र का मत :

लेखक ने सबसे पहले जिस विदेशी मित्र से यह सवाल पूछा, वे एक बूढ़े ईसाई पादरी थे। वे यहाँ लंबे समय से देश के गरीब लोगों की सामाजिक सेवा करते आ रहे थे। उन्होंने लेखक के प्रश्न के उत्तर में कहा कि यहाँ के लोगों को अपने काम पर गर्व नहीं है, इसलिए देश की प्रगति नहीं हो रही है। उनके अनुसार यहाँ के लोगों के कथनी और करनी में बहुत अंतर होता है।

वे उदाहरण के तौर पर नौकरियों के लिए आवेदन-पत्र भरने और नौकरी मिलने पर समूह बनाकर मालिक के साथ बुरा बर्ताव करने की बात बताते हैं। वे कहते हैं कि यहाँ के लोग आवेदन-पत्र में अपनी ईमानदारी और मालिक की शुभकामना का वादा करते हैं, पर नौकरी मिलते ही मालिक के खिलाफ साजिश रचने लगते हैं। दूसरे देशों में लोग इस तरह का व्यवहार नहीं करते। वे साधारण शब्दों में आवेदन-पत्र लिखते हैं और जगह मिलने पर कड़ी मेहनत से काम करते हैं।

लेखक की सहमति :

लेखक अपने पादरी मित्र की बात से सहमत हैं कि हमें अपने काम पर गर्व नहीं है। वे कहते हैं कि हमारे देश की परंपरा में अपने काम पर गर्व करने का आदेश है, पर हम उसे भूल गए हैं। इसका कारण है हमारी लंबी गुलामी। काम पर गर्व करने की परंपरा पर ही हमारे यहाँ का जातिभेद आधारित है। आज भी लोग विशेष त्योहारों पर अपने औजारों और बही-खातों की पूजा करते हैं। पर आज हम 'स्वधर्म निधन श्रेयः' (अपना कर्तव्य करते हुए मर जाना बेहतर है) का आदेश भूल गए हैं।

दूसरे मित्र का जवाब :

लेखक ने अपने प्रश्न का उत्तर जिन दूसरे विदेशी सज्जन से जानना चाहा, वे आई, सी. एस. (आई. ए. एस.) के सदस्य एक बूढ़े सरकारी कर्मचारी थे। उन्हें 30 साल से अधिक समय तक यहाँ रहने का अनुभव था। उन्होंने लेखक के प्रश्न के जवाब में कहा कि देश के उन्नति न करने का कारण यहाँ के लोगों का अपनी जिम्मेदारी न समझना है। मतलब कि किए गए काम को पूरा करने का गुण हम भूल गए हैं।

किसी को किसी पर विश्वास नहीं :

पहले सरकारी कर्मचारी के अनुसार अपनी जिम्मेदारी न समझने के कारण लोगों में अविश्वास की भावना पैदा हो गई है। किसी को यह भरोसा नहीं रहा है कि उसका काम समय पर पूरा होगा या काम करने पर उसे समय पर मजदूरी मिल पाएगी। किसी को किसी के व्यवहार पर भरोसा नहीं है। हर व्यक्ति अपनी सुविधा देखता है। दूसरों के दुख की किसी को परवाह नहीं है। यह सब अपनी जिम्मेदारी न समझने का परिणाम है।

तीसरे व्यक्ति का जवाब :

लेखक जिस तीसरे व्यक्ति से अपना प्रश्न पूछते हैं, वह सात-आठ साल से भारतीय बनकर भक्तिभाव से देश की सेवा कर रही महिला थी। उनके अनुसार देश के उन्नति न करने का कारण यहाँ के लोगों का आलसी होना है। कहने का मतलब यह है कि यहाँ के लोगों ने मेहनत का महत्व नहीं पहचाना। यहाँ के लोग कड़ी मेहनत पर विश्वास नहीं रखते। इसलिए यहाँ के लोग किसी भी क्षेत्र में सफल नहीं होते।

चौथे व्यक्ति का मत :

लेखक के प्रश्न का उत्तर देनेवाली यह व्यक्ति एक विश्व प्रसिद्ध बूढ़ी महिला थीं, जिन्होंने अपने 40 साल विभिन्न सेवाओं में यहाँ बिताए थे। उनके अनुसार देश की उन्नति न होने का कारण यहाँ के लोगों में उदारता की कमी है। लोगों में उदारता की भावना न होने के कारण लोग खुद ही आगे रहना चाहते हैं, दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देते। इसलिए कई योग्य वैज्ञानिक आविष्कार और कई दवाइयाँ खो गईं। कई गुणी लोगों ने अपने गुणों से दूसरों को अवगत नहीं कराया और अपने गुण अपने साथ लेकर ही स्वर्ग चले गए। कहने का अर्थ यह कि गुणी लोग युवा पीढ़ी को अपनी योग्यता दिखाने का अवसर नहीं देते।

लेखक का स्पष्टीकरण :

लेखक अपने इन चारों विदेशी मित्रों के जवाब को साफ करते हुए कहते हैं कि हम सही समय पर उचित काम न उठाकर अपने काम पर गर्व नहीं करते। उस काम को करने में दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अनुभव नहीं करते। हम अपने काम को ठीक से समझकर उसमें लीन होकर मेहनत के साथ उसे खुद नहीं करते। हम अपने गुण उदारता के साथ दूसरों को नहीं सिखाते। इसलिए हम खुद अपनी बर्बादी कर रहे हैं।

लेखक इस बात को और सरल तरीके से बताते हुए कहते हैं कि हम नागरिक कर्तव्यों और अधिकारों को भूल गए हैं। हम बड़े से बड़े नेता के कहे अनुसार नहीं चलते। उनके आदेशों के अनुसार अपने जीवन का संगठन नहीं करते। यही कारण है कि हम जहाँ थे, वहीं हैं। हमारा देश प्रगति नहीं कर रहा है।

एक प्रश्न : चार उत्तर शब्दार्थ :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए:
1. खब्त
2. सहृदय
3. संकोच
4. शिष्टता
5. बाध्य
6. पादरी
7. सपत्नीक
8. सत्कार
9. गर्व
10. अतिशयोक्ति
11. दरखास्त
12. विनय
13. प्रतिज्ञा
14. जीविका
15. षड्यंत्र
16. मान-मर्यादा
17. दासता
18. श्रेयस्कर
19. गवर्नमेंटी
20. समष्टि
21. मेजबान
22. तात्कालिक
23. अविश्वसनीय
24. अस्पृश्य
25. कायापलट
26. उदारता
27. लुप्त
28. प्रतिद्वंद्विता
29. बीभत्स
30. चित्त
31. व्याकुल
32. दत्तचित्त
33. संगठन
34. व्याख्यान
35. संकुचित
36. स्वतः

Answer:
1. खब्त - धुन
2. सहृदय - दयालु, कोमल मन वाला
3. संकोच - शर्म, हिचक
4. शिष्टता - भलमनसाहत
5. बाध्य - विवश
6. पादरी - ईसाई धर्म का पुरोहित
7. सपत्नीक - पत्नी सहित
8. सत्कार - (यहाँ अर्थ) सम्मान
9. गर्व - किसी काम के संबंध में खुशी की भावना
10. अतिशयोक्ति - बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात
11. दरखास्त - आवेदन
12. विनय - नम्रता, प्रार्थना
13. प्रतिज्ञा - प्रण, पक्का निश्चय
14. जीविका - जीवन जीने के लिए किया जाने वाला काम
15. षड्यंत्र - भीतरी चाल
16. मान-मर्यादा - सम्मान-सदाचार
17. दासता - गुलामी
18. श्रेयस्कर - उत्तम
19. गवर्नमेंटी - सरकारी
20. समष्टि - समूह
21. मेजबान - यजमान
22. तात्कालिक - तुरंत का
23. अविश्वसनीय - जिस पर विश्वास नहीं किया जा सके
24. अस्पृश्य - अछूत
25. कायापलट - बहुत बड़ा बदलाव
26. उदारता - उदार होने का भाव
27. लुप्त - गायब, अदृश्य
28. प्रतिद्वंद्विता - मुकाबला करने की भावना
29. बीभत्स - घृणित
30. चित्त - मन, हृदय
31. व्याकुल - परेशान
32. दत्तचित्त - किसी काम में खूब मन लगाना
33. संगठन - व्यवस्थित करने का काम
34. व्याख्यान - भाषण
35. संकुचित - तंग, छोटा
36. स्वतः - स्वयं, अपने आप
In simple words: शब्दार्थ का मतलब है शब्दों के अर्थ को जानना। यह किसी भी भाषा को बेहतर ढंग से समझने में बहुत मदद करता है।

Exam Tip: शब्दार्थ याद करते समय, प्रत्येक शब्द को एक वाक्य में प्रयोग करने का अभ्यास करें। इससे आपको उनके अर्थ और उपयोग को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

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