GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 बूढ़ी काकी

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Detailed Chapter 02 बूढ़ी काकी GSEB Solutions for Class 10 Hindi

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Class 10 Hindi Chapter 02 बूढ़ी काकी GSEB Solutions PDF

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. बूढ़ी काकी के भतीजे का क्या नाम था ?
(a) धनीराम
(b) पं. बुद्धिराम
(c) सुखराम
(d) दुःखराम
Answer: (b) पं. बुद्धिराम
In simple words: बूढ़ी काकी के भतीजे का नाम पं. बुद्धिराम था, जो उनकी संपत्ति का मालिक बन गया था।

Exam Tip: चरित्रों के नाम और उनके रिश्तों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे कहानी के मुख्य पात्र हों।

 

Question 2. रूपा किसकी पत्नी थी ?
(a) धनीराम
(b) मनीराम
(c) हनीराम
(d) पं. बुद्धिराम
Answer: (d) पं. बुद्धिराम
In simple words: रूपा पं. बुद्धिराम की पत्नी थी, जो बूढ़ी काकी के भतीजे थे।

Exam Tip: कहानी के मुख्य रिश्तों को समझना पात्रों की भूमिका और उनके कार्यों को समझने में सहायता करता है।

 

Question 3. किसने अपने हिस्से की पूड़ियाँ काकी के लिए बचाकर रखी थी ?
(a) रूपा
(b) बुद्धिराम
(c) लाडली
(d) श्यामा
Answer: (c) लाडली
In simple words: लाडली ने बूढ़ी काकी के लिए अपनी पूड़ियाँ बचाकर रखी थीं, क्योंकि उसे काकी के प्रति दया थी।

Exam Tip: कहानी में दयालु और सहायक पात्रों को पहचानें, क्योंकि वे अक्सर महत्वपूर्ण संदेश देते हैं।

 

Question 4. बूढ़ी काकी को पत्तलों पर से जूठी पूड़ी के टुकड़े खाता देखकर कौन सन्न रह गया ?
(a) रूपा
(b) बुद्धिराम
(c) लाडली
(d) श्यामा
Answer: (a) रूपा
In simple words: रूपा ने बूढ़ी काकी को जूठी पत्तलों से पूड़ी के टुकड़े खाते देखा और यह दृश्य देखकर वह पूरी तरह से स्तब्ध रह गई।

Exam Tip: कहानी के मोड़ और पात्रों के भावनात्मक बदलाव को ध्यान में रखें, क्योंकि यह उनके विकास को दर्शाते हैं।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. बूढी काकी कैसे रोती थी ?
Answer: बूढ़ी काकी बहुत जोर-जोर से, गला फाड़-फाड़कर रोती थी।
In simple words: बूढ़ी काकी जोर से और चिल्लाकर रोती थीं।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, सीधा और सटीक जवाब दें, जो प्रश्न में पूछे गए मुख्य बिंदु पर केंद्रित हो।

 

Question 2. बुद्धिराम के घर किस उत्सव में पूड़ियाँ बन रही थी ?
Answer: बुद्धिराम के बड़े लड़के मुखराम के तिलक का उत्सव चल रहा था, इसलिए उनके घर में पूड़ियाँ तैयार हो रही थीं।
In simple words: बुद्धिराम के घर पर उनके बड़े बेटे मुखराम के तिलक समारोह के लिए पूड़ियाँ बनाई जा रही थीं।

Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण प्रसंगों और घटनाओं को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर प्रश्नों का आधार बनते हैं।

 

Question 3. बूढ़ी काकी को कहाँ पर बैठा देखकर रूपा क्रोधित हो गई ?
Answer: रूपा ने बूढ़ी काकी को कड़ाह के पास बैठा देखा, जहाँ पूड़ियाँ तली जा रही थीं, और यह देखकर वह बहुत क्रोधित हो गई।
In simple words: रूपा तब गुस्सा हो गई जब उसने बूढ़ी काकी को पूड़ियाँ तलने वाले कड़ाहे के पास बैठा देखा।

Exam Tip: पात्रों की प्रतिक्रियाओं और उनके गुस्से या निराशा के कारणों को समझना कहानी के भावनात्मक पक्ष को उजागर करता है।

 

Question 4. किस खुशी में लाडली को नींद आ रही थी ?
Answer: लाडली को बूढ़ी काकी को पूड़ियाँ देने की खुशी महसूस हो रही थी, और इसी खुशी के कारण उसे नींद आने लगी थी।
In simple words: लाडली बूढ़ी काकी को पूड़ियाँ देने की खुशी में सो रही थी।

Exam Tip: छोटे बच्चों के भावनात्मक पहलुओं को कहानी में कैसे दर्शाया गया है, इस पर ध्यान दें।

 

Question 5. उत्सव के दिन बूढ़ी काकी किसके डर से नहीं रो रही थी ?
Answer: उत्सव के दिन बूढ़ी काकी इस बात के डर से नहीं रो रही थी कि कहीं उनके रोने से कोई अपशकुन न हो जाए।
In simple words: त्योहार के दिन बूढ़ी काकी अपशकुन होने के डर से नहीं रोईं।

Exam Tip: भारतीय संस्कृति में शुभ-अशुभ के विचारों के प्रभाव को समझें जैसा कि कहानी में दर्शाया गया है।

 

Question 6. बुढापे में बूढी काकी की समस्त इच्छाओं का केन्द्र कौन-सी इन्द्रिय थी ?
Answer: बुढ़ापे में बूढ़ी काकी की सभी इच्छाओं का मुख्य केंद्र उनकी स्वादेन्द्रिय, यानी जीभ थी।
In simple words: बुढ़ापे में बूढ़ी काकी की सबसे बड़ी इच्छा स्वाद से जुड़ी थी।

Exam Tip: कहानी में बूढ़ी काकी की अवस्था और उनकी भूख की तीव्र इच्छा को रेखांकित करें।

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. बूढ़ी काकी कब रोती थी ?
Answer: बूढ़ी काकी को जीभ के स्वाद के अतिरिक्त और कोई खास इच्छा बाकी नहीं थी। जब भी परिवार के सदस्य उनकी मर्जी के खिलाफ कोई काम करते, भोजन का समय बदल जाता, या खाने की मात्रा कम मिलती, या बाजार से कोई स्वादिष्ट चीज आती और उन्हें नहीं मिलती, तो वे रोना शुरू कर देती थीं।
In simple words: बूढ़ी काकी तब रोती थीं जब उनकी इच्छा के विरुद्ध काम होता था, खाने का समय बदल जाता था, या उन्हें कम भोजन मिलता था, या स्वादिष्ट चीजें उन्हें नहीं मिलती थीं।

Exam Tip: बूढ़ी काकी के रोने के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं, जो उनकी दयनीय स्थिति को उजागर करते हैं।

 

Question 2. लड़के बूढ़ी काकी को कैसे सताते थे ?
Answer: लड़के अक्सर बूढ़ी काकी को परेशान करते थे। लड़कों में से कुछ उन्हें चुटकी काटकर भाग जाते थे, जबकि कुछ उन पर पानी की कुल्ली कर देते थे। इस तरह वे सभी बूढ़ी काकी को सताया करते थे।
In simple words: लड़के बूढ़ी काकी को चुटकी काटकर या उन पर पानी थूककर परेशान करते थे।

Exam Tip: कहानी में दिखाए गए बच्चों के व्यवहार और बूढ़ी काकी के प्रति उनके उपेक्षा भाव को स्पष्ट करें।

 

Question 3. बूढ़ी काकी की कल्पना में पूड़ियों की कैसी तसवीर नाचने लगी ?
Answer: बूढ़ी काकी को पूड़ियों और मसालों की सुगंध से बेचैनी हो रही थी। उनकी कल्पना में लाल-लाल, फूली-फूली और बहुत मुलायम पूड़ियाँ दिखाई देने लगी थीं। वे उनकी कल्पना में एक आकर्षक तस्वीर बना रही थीं।
In simple words: बूढ़ी काकी पूड़ियों और मसालों की खुशबू से बेचैन थीं। उनके मन में लाल, फूली हुई और नरम पूड़ियों की कल्पना आने लगी।

Exam Tip: बूढ़ी काकी की भूख और उनकी कल्पना का वर्णन करें, जो उनकी आंतरिक इच्छाओं को दर्शाता है।

 

Question 4. थाली में भोजन सजाकर बूढ़ी काकी को खिलाते समय रूपा ने क्या कहा ?
Answer: बूढ़ी काकी को जूठी पत्तलों से पूड़ियों के टुकड़े खाते देखकर रूपा को बहुत पछतावा हुआ। उसने थाली में भोजन सजाया और बूढ़ी काकी के सामने रखा। फिर उसने कहा, "काकी, उठो, भोजन कर लो। मुझसे आज एक बड़ी गलती हो गई है, उसे बुरा मत मानना। भगवान से प्रार्थना कर दो कि वे मेरे अपराध को माफ कर दें।"
In simple words: जब रूपा ने बूढ़ी काकी को जूठी पत्तलों पर खाना खाते देखा तो उसे बहुत दुख हुआ। उसने उन्हें खाना परोसा और अपने किए की माफी मांगते हुए भगवान से क्षमा करने की प्रार्थना करने को कहा।

Exam Tip: रूपा के पश्चाताप के शब्दों को सटीक रूप से प्रस्तुत करें, क्योंकि वे उसके चरित्र में बदलाव को दर्शाते हैं।

 

Question 5. बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी की संपत्ति कैसे हथिया ली थी ?
Answer: बूढ़ी काकी के परिवार में उनके भतीजे बुद्धिराम के अलावा कोई और सदस्य नहीं था। बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी से कई बड़े-बड़े वादे किए और उन्हें तरह-तरह के सपने दिखाए। बूढ़ी काकी उसके बहकावे में आ गईं। इस प्रकार बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी की सारी संपत्ति धोखे से अपने नाम कर ली।
In simple words: बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी को मीठी बातें और झूठे सपने दिखाकर उनकी सारी संपत्ति अपने नाम करवा ली, क्योंकि काकी के पास बुद्धिराम के सिवा कोई नहीं था।

Exam Tip: बुद्धिराम द्वारा संपत्ति हथियाने की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से बताएं, जो उसके स्वार्थी स्वभाव को दिखाता है।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. क्या देखकर रूपा को पश्चाताप हुआ ? क्यों ?
Answer: रूपा के बड़े लड़के के तिलक समारोह में मेहमानों और अन्य लोगों को पूड़ियाँ, कचौड़ियाँ और मसालेदार सब्जियाँ परोसी गई थीं। सभी लोग खा-पीकर सो गए, लेकिन बूढ़ी काकी को किसी ने भी खाने के लिए नहीं पूछा। रात को जब रूपा की नींद खुली, तो उसने जो दृश्य देखा, उससे उसका मन बहुत दुखी हो गया। भूख से व्याकुल बूढ़ी काकी जूठी पत्तलों से पूड़ियों के टुकड़े चुन-चुनकर खा रही थीं। यह देखकर उसे अपनी गलती पर बहुत गहरा पश्चाताप हुआ। उसने सोचा कि जिस व्यक्ति की संपत्ति से उसे हर साल दो सौ रुपए की आय होती है, उसके साथ उसने ऐसा बुरा बर्ताव क्यों किया।
In simple words: रूपा को तब बहुत पश्चाताप हुआ जब उसने आधी रात को बूढ़ी काकी को मेहमानों की जूठी पत्तलों से पूड़ियों के टुकड़े चुनकर खाते देखा। उसे दुख हुआ क्योंकि काकी की संपत्ति से उसे अच्छी आय होती थी, फिर भी उसने काकी के साथ इतना बुरा व्यवहार किया था।

Exam Tip: रूपा के पश्चाताप के कारण और उसकी आंतरिक भावनाओं का विस्तार से वर्णन करें, जो कहानी के नैतिक संदेश को पुष्ट करता है।

 

Question 2. रूपा और बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी के प्रति कब अमानुषिक व्यवहार किया और क्यों ?
Answer: रूपा और बुद्धिराम के बड़े बेटे के तिलक समारोह में पूड़ियाँ, कचौड़ियाँ और मसालेदार सब्जियाँ बन रही थीं। घी और मसालों की मोहक सुगंध चारों ओर फैल रही थी, जिससे बूढ़ी काकी बहुत बेचैन हो गईं। वे रेंगते-रेंगते पूड़ियाँ तलने वाले कड़ाह के पास पहुंच गईं। यह देखकर रूपा बहुत क्रोधित हो गई और उसने काकी को दोनों हाथों से झटककर बुरी तरह अपमानित किया। इसके बाद, बूढ़ी काकी भोजन की आशा में फिर से आंगन में सरकती हुई आईं, लेकिन मेहमान तब तक भोजन कर रहे थे। इस पर बुद्धिराम गुस्से से भर गया। उसने काकी के दोनों हाथ पकड़े, घसीटते हुए उन्हें उनकी कोठरी में बंद कर दिया। इस प्रकार रूपा और बुद्धिराम ने इन दो अवसरों पर बूढ़ी काकी के प्रति अमानवीय व्यवहार किया।
In simple words: रूपा और बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी के प्रति दो बार अमानवीय व्यवहार किया। पहली बार जब काकी पूड़ियाँ तलने वाले कड़ाहे के पास पहुँचीं तो रूपा ने उन्हें अपमानित किया। दूसरी बार जब काकी भोजन की उम्मीद में आंगन में आईं तो बुद्धिराम ने उन्हें पकड़कर कोठरी में बंद कर दिया। यह सब उनकी भूख और मेहमानों के सामने अपनी इज्जत बनाए रखने के कारण हुआ।

Exam Tip: उन विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख करें जिनमें रूपा और बुद्धिराम ने बूढ़ी काकी के प्रति अमानवीय व्यवहार किया, साथ ही उनके कारणों को भी स्पष्ट करें।

 

Question 3. खाने के बारे में बूढ़ी काकी के मन में कैसे-कैसे मंसूबे बँधे ?
Answer: बूढ़ी काकी की कल्पना में पूड़ियों की सुंदर तस्वीर नाच रही थी। उन्होंने सोचा कि पूड़ियाँ लाल-लाल, फूली-फूली और बहुत नरम होंगी। कचौड़ियों से अजवाइन और इलायची की खुशबू आ रही होगी। उन्होंने खाने के बारे में कई योजनाएँ बनाईं। वे सोचती थीं कि पहले सब्जी के साथ पूड़ियाँ खाऊँगी, फिर दही और शक्कर के साथ। कचौड़ियाँ रायते के साथ बहुत स्वादिष्ट लगेंगी। वे कहती थीं कि चाहे कोई बुरा माने या भला, वे मांग-मांगकर खाएंगी। लोग शायद यह कहेंगे कि इन्हें खाने-पीने का कोई विचार नहीं है। वे कहती थीं कि लोग कुछ भी कहें, इतने दिनों के बाद पूड़ियाँ मिल रही हैं, तो थोड़ा सा जूठा करके थोड़ी ही उठ जाऊँगी। इस तरह बूढ़ी काकी के मन में खाने के बारे में कई विचार उमड़ रहे थे।
In simple words: बूढ़ी काकी के मन में पूड़ियों की खुशबू और कल्पना से कई विचार आए। उन्होंने सोचा कि वे पूड़ियाँ लाल, फूली हुई और नरम होंगी। उन्होंने तय किया कि पहले वे सब्जी, फिर दही-शक्कर, और रायते के साथ कचौड़ियाँ खाएंगी, चाहे लोग कुछ भी कहें, क्योंकि उन्हें इतने दिनों बाद खाने को मिल रहा था।

Exam Tip: बूढ़ी काकी की भूख से उपजी कल्पनाओं और खाने के प्रति उनकी तीव्र इच्छा को विस्तार से लिखें।

 

Question 4. 'बुढ़ापा तृष्णारोग का अंतिम समय है' लेखक ने ऐसा क्यों कहा है ?
Answer: अपने जीवन में मनुष्य की कई तरह की इच्छाएँ होती हैं। बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था और प्रौढ़ावस्था तक मनुष्य को अपनी इच्छाओं को जल्द पूरा करने की इतनी चिंता नहीं होती जितनी वृद्धावस्था में होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बुढ़ापे में मनुष्य के जीवन के गिने-चुने साल ही शेष रह जाते हैं। वह जीवन के बचे हुए वर्षों में अपनी इच्छाओं को हर हाल में पूरा करने का प्रयास करता है। इसके लिए उसे भले-बुरे, मान-अपमान की जरा भी परवाह नहीं होती। इसलिए लेखक ने कहा है कि बुढ़ापा तृष्णारोग का आखिरी समय है।
In simple words: लेखक ने कहा है कि बुढ़ापा तृष्णारोग का अंतिम समय है क्योंकि बुढ़ापे में व्यक्ति की इच्छाएँ बहुत बढ़ जाती हैं। उनके पास जीवन के गिने-चुने साल ही बचते हैं, इसलिए वे अपनी हर इच्छा को पूरा करने के लिए मान-अपमान की चिंता नहीं करते।

Exam Tip: बुढ़ापे में बढ़ती इच्छाओं और मान-अपमान की परवाह न करने के कारणों को स्पष्ट करें, जैसा कि लेखक ने वर्णित किया है।

 

5. आशय स्पष्ट कीजिए:

 

Question 1. बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है ।
Answer: कहा जाता है कि बुढ़ापा बचपन का ही एक रूप होता है। वृद्धावस्था में मनुष्य की हरकतें बच्चों जैसी हो जाती हैं। बुढ़ापे में मनुष्य के शरीर के सभी अंग कमजोर हो जाते हैं और उन्हें बच्चों की तरह दूसरों के सहारे की आवश्यकता होती है। दिमाग भी कमजोर हो जाता है और याददाश्त बच्चों जैसी हो जाती है। दाँत गिर जाते हैं और मनुष्य का मुँह बच्चों की तरह पोपला हो जाता है। बच्चों की तरह वृद्धों को भी मान-अपमान की कोई परवाह नहीं होती। जैसे बच्चों की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता, वैसे ही वृद्धों की बातों पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। उनकी इच्छाओं और अनिच्छाओं का भी कोई विशेष महत्व नहीं होता। वृद्धावस्था और बचपन की अधिकांश बातों में समानता देखने को मिलती है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि, बुढ़ापा अक्सर बचपन का ही पुनरागमन होता है।
In simple words: बुढ़ापे को अक्सर बचपन का दूसरा रूप कहा जाता है। इस अवस्था में शरीर और दिमाग दोनों कमजोर हो जाते हैं, व्यक्ति को दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ती है, और मान-अपमान का भी ध्यान नहीं रहता, ठीक वैसे ही जैसे बचपन में होता है।

Exam Tip: बुढ़ापे और बचपन के बीच की समानता को विस्तार से बताएं, जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 2. लड़कों का बूढ़ों से स्वाभाविक विद्वेष होता ही है।
Answer: लड़कों और बूढ़ों के बीच पीढ़ियों का एक बड़ा अंतर होता है। हर बात के संबंध में दोनों की सोच में भिन्नता होना स्वाभाविक है। अधिकांश वृद्ध किसी भी बात को अपने तरीके से सोचते हैं और उसके बारे में अपनी एक निश्चित धारणा बनाए रखते हैं। वे हर बात को अपने इसी मापदंड पर कसने का प्रयास करते हैं। जबकि, नई पीढ़ी के लड़कों की सोच नए तरीके की होती है। इसलिए दोनों के विचारों में टकराव होना एक सामान्य बात है। इस अर्थ में लड़कों और बूढ़ों में एक स्वाभाविक विद्वेष होता ही है।
In simple words: लड़कों और बूढ़ों के बीच हमेशा पीढ़ीगत अंतर होता है। बूढ़े अपनी पुरानी सोच पर अड़े रहते हैं, जबकि युवा नई सोच रखते हैं, जिससे विचारों में टकराव होना सामान्य है, और इसी कारण उनमें स्वाभाविक मतभेद दिखाई देता है।

Exam Tip: पीढ़ीगत अंतर के कारण लड़कों और बूढ़ों के बीच होने वाले स्वाभाविक टकराव का विश्लेषण करें।

 

6. सूचनानुसार उत्तर लिखिए :

 

Question 1. समानार्थी शब्द दीजिए :
1. दीनता - ...........
2. वाटिका – ...........
Answer:
1. दीनता – दरिद्रता
2. वाटिका – उद्यान
In simple words: 'दीनता' का मतलब गरीबी है और 'वाटिका' का मतलब बगीचा है।

Exam Tip: समानार्थी शब्दों को याद करते समय, उनके मूल अर्थ और उपयोग को समझें।

 

Question 2. विरुद्धार्थी शब्द दीजिए :
1. प्रतिकूल -
2. सज्जन -
3. अनुराग -
4. सुलभ -
5. अपशकुन -
6. दीर्घाहार -
7. निर्लज्जता -
8. अपरिमित –
Answer:
1. प्रतिकूल × अनुकूल
2. सज्जन × दुर्जन
3. अनुराग × विराग
4. सुलभ × दुर्लभ
5. अपशकुन × शकुन
6. दीर्घाहार × अल्पाहार
7. निर्लज्जता × लज्जा
8. अपरिमित × परिमित
In simple words: विपरीत अर्थ वाले शब्दों को समझना भाषा की पकड़ मजबूत करता है।

Exam Tip: विरुद्धार्थी शब्द युग्मों को याद करते समय, दोनों शब्दों के अर्थ को समझें ताकि उन्हें सही ढंग से पहचान सकें।

 

Question 3. शब्दसमूह के लिए एक शब्द दीजिए :
1. जहाँ घटना बनी है वह जगह
2. जीभ का स्वाद
3. भूख से आतुर
4. धीरज की परीक्षा लेनेवाली
Answer:
1. जहाँ घटना बनी है वह जगह – घटनास्थल
2. जीभ का स्वाद – रसास्वाद
3. भूख से आतुर – क्षुधातुर
4. धीरज की परीक्षा लेनेवाली – धैर्य परीक्षक
In simple words: कई शब्दों के समूह को एक शब्द में कहने से भाषा सरल और प्रभावी बनती है।

Exam Tip: शब्द-समूह के लिए एक शब्द का प्रयोग करते समय, अर्थ की सटीकता पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 4. मुहावरों के अर्थ बताकर वाक्य-प्रयोग कीजिए :
1. सब्जबाग दिखाना –
2. आपे से बाहर होना –
3. उबल पड़ना –
4. छाती पर सवार होना –
5. नाक कटवाना –
6. बेसिर पैर की बात –
7. हृदय सन्न रह जाना –
8. मुँह बाए फिरना –
9. कलेजे में हूक-सी उठना –
10. रोटियों के लाले पड़ना –
11. आग हो जाना –
12. जवाब दे चुकना –
13. कलेजा पसीजना –
Answer:
1. सब्जबाग दिखाना – बड़े-बड़े झूठे वादे करना
वाक्य : लोगों को ठगनेवाले धूर्त पहले उन्हें तरह-तरह के सब्जबाग दिखाते हैं।
2. आपे से बाहर होना – अत्यंत क्रोधित होना
वाक्य : पुत्र की स्कूल में अनुपस्थिति देखकर पिताजी आपे से बाहर हो गए।
3. उबल पड़ना – क्रोधित होना
वाक्य : नौकर चोरी करते हुए पकड़ा गया, तो सेठ उस पर उबल पड़े।
4. छाती पर सवार होना – सामने अड़े रहना
वाक्य : उसका झगड़ालू बेटा घर से अलग होकर भी उसके घर के सामने ही रहता है। मानो, छाती पर सवार हो गया है।
5. नाक कटवाना – इज्जत खोना
वाक्य : अपने ही गाँव में चोरी करके उसने अपनी नाक कटवाई।
6. बेसिर-पैर की बात – असंबद्ध बात
वाक्य : महेश की बात में आदि होता है, न अंत। वह हमेशा बेसिर-पैर की बात ही करता है।
7. हृदय सन्न रह जाना – घोर आश्चर्य में डूब जाना
वाक्य : बूढ़ी काकी को जूठी पत्तलों से खाना खाते देखकर रूपा का हृदय सन्न रह गया।
8. मुंह बाए फिरना – बेकार की हालत में घूमना
वाक्य : स्नातक होने के बाद भी वह कुछ काम-धंधा नहीं करता है, मुंह बाए फिरता है।
9. कलेजे में हूक-सी उठना – मन में दुःख होना
वाक्य : पड़ोसी की पुत्री की कराह सुनकर रामूचाचा के कलेजे में हूक-सी उठी।
10. रोटियों के लाले पड़ना – रोटियों के लिए बहुत तरसना
वाक्य : अपनी जायदाद भतीजे के नाम करने के बाद बूढी काकी को रोटियों के लाले पड़ने लगे।
11. आग हो जाना – अत्यंत क्रोधित होना
वाक्य : मेहमानों से पहले खाने चली आई बूढ़ी काकी को देख रूपा आग हो गई।
12. जवाब दे चुकना – निष्क्रिय होना, छोड़ देना
वाक्य : बूढ़ी काकी की उम्र के हिसाब से उसके हाथ-पैर जवाब दे चुके थे।
13. कलेजा पसीजना – दया आना
वाक्य : बूढ़ी काकी को जूठी पत्तलों से पूड़ियों के टुकड़े खाती हुई देखकर रूपा का कलेजा पसीज गया।
In simple words: मुहावरे भाषा को प्रभावी बनाते हैं। हर मुहावरे का एक विशेष अर्थ होता है और उसे सही वाक्य में उपयोग करने से बात स्पष्ट हो जाती है।

Exam Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करने के बाद, एक ऐसा वाक्य प्रयोग करें जो उसके अर्थ को पूरी तरह से दर्शाता हो।

 

प्रश्न 5. संधि-विच्छेद कीजिए :

 

Question 1. संधि-विच्छेद कीजिए :
1. परमानंद –
2. परमात्मा -
3. अर्धागिनी -
4. स्वार्थानुकूलता –
5. सहानुभूति –
6. रसास्वादन -
7. व्याकुल -
8. हार -
9. प्रतीक्षा -
10. कण्ठावरुद्ध -
11. क्षुधातुर -
12. कालान्तर -
13. रक्षागार -
14. सज्जन -
15. सदिच्छाएँ -
16. पुनरागमन -
17. दुर्गति -
18. सम्मुख -
Answer:
1. परमानंद = परम + आनंद
2. परमात्मा = परम + आत्मा
3. अर्धांगिनी = अर्ध + अंगिनी
4. स्वार्थानुकूलता = स्वार्थ + अनुकूलता
5. सहानुभूति = सह + अनुभूति
6. रसास्वादन = रस + आस्वादन
7. व्याकुल = वि + आकुल
8. दीर्घावहार = दीर्घ + आहार (Note: 'हार' seems to be a typo in the question, 'दीर्घाहार' is a more common word for 'long meal', the answer assumes 'दीर्घाहार')
9. प्रतीक्षा = प्रति + ईक्षा
10. कण्ठावरुद्ध = कंठ + अवरुद्ध
11. क्षुधातुर = क्षुधा + आतुर
12. कालान्तर = काल + अन्तर
13. रक्षागार = रक्षा + अगार
14. सज्जन = सत् + जन
15. सदिच्छाएँ = सत् + इच्छाएं
16. पुनरागमन = पुनः + आगमन
17. दुर्गति = दुः + गति
18. सम्मुख = सम् + मुख
In simple words: संधि-विच्छेद शब्दों को उनके मूल भागों में विभाजित करना है, जिससे उनके अर्थ और निर्माण को आसानी से समझा जा सके।

Exam Tip: संधि-विच्छेद करते समय, संस्कृत व्याकरण के नियमों को ध्यान में रखें, विशेष रूप से स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के नियमों को।

 

प्रश्न 6. विग्रह करके समास का नाम लिखिए :

 

Question 1. विग्रह करके समास का नाम लिखिए :
1. क्षुधातुर
2. सदिच्छाएँ
3. क्षुधावर्धक
4. रसास्वादन
Answer:
1. क्षुधातुर - क्षुधा से आतुर (तत्पुरुष समास)
2. सदिच्छाएँ - सत् है जो इच्छाएँ (कर्मधारय समास)
3. क्षुधावर्धक - क्षुधा को बढ़ाने वाला (तत्पुरुष समास, उपपद)
4. रसास्वादन - रस का आस्वादन (तत्पुरुष समास, संबंध तत्पुरुष)
In simple words: समास विग्रह शब्दों को अलग करके उनके बीच के संबंध को दर्शाता है, और समास का नाम उस संबंध के प्रकार को बताता है।

Exam Tip: समास विग्रह करते समय, प्रत्येक पद के अर्थ और उनके संयोजन से बनने वाले नए अर्थ पर ध्यान दें। विभिन्न समास के नियमों को समझकर आप सही नाम पहचान सकते हैं।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में लिखिए :

 

Question 1. रूपा की आँख खुलने पर उसने क्या देखा? :
Answer: रूपा की आँखें खुलने पर उसने देखा कि लाड़ली जूठे पत्तलों के पास चुपचाप खड़ी थी और बूढ़ी काकी पत्तलों पर से पूड़ियों के टुकड़े उठा-उठाकर खा रही थीं।
In simple words: रूपा ने देखा कि लाड़ली जूठे पत्तलों के पास खड़ी है और बूढ़ी काकी पत्तलों से पूड़ियों के टुकड़े उठाकर खा रही हैं।

Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण दृश्यों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर पात्रों के कार्यों और भावनाओं को उजागर करते हैं।

 

Question 2. कौन-सा दृश्य देखकर रूपा का हृदय सन्न हो गया?
Answer: बूढ़ी काकी को जूठे पत्तों पर से पूड़ियों के टुकड़े उठाते हुए खाते देखकर रूपा का हृदय पूरी तरह से स्तब्ध हो गया।
In simple words: रूपा का दिल तब सन्न रह गया जब उसने बूढ़ी काकी को जूठे पत्तों से पूड़ियों के टुकड़े खाते देखा।

Exam Tip: उन घटनाओं को पहचानें जो पात्रों में भावनात्मक बदलाव लाती हैं, ये कहानी के मुख्य मोड़ होते हैं।

 

Question 3. बूढ़ी काकी कैसे खाना खा रही थी?
Answer: बूढ़ी काकी भोले-भाले बच्चों की तरह सभी अपमान और तिरस्कार भूलकर खाना खा रही थीं, जैसे बच्चे मिठाई पाकर सब कुछ भूल जाते हैं।
In simple words: बूढ़ी काकी अपमान भूलकर, मासूम बच्चों की तरह खाना खा रही थीं।

Exam Tip: बूढ़ी काकी की दयनीय स्थिति और उनकी भूख की तीव्रता को उजागर करें।

 

Question 4. लाड़ली की पूडियों का काकी पर क्या असर हुआ?
Answer: जैसे थोड़ी-सी वर्षा ठंडक की जगह गर्मी पैदा कर देती है, वैसे ही इन थोड़ी-सी पूड़ियों ने काकी की भूख और खाने की इच्छा को और भी अधिक उत्तेजित कर दिया था।
In simple words: लाड़ली की दी हुई पूड़ियाँ खाने से काकी की भूख और खाने की इच्छा और भी ज्यादा बढ़ गई।

Exam Tip: घटनाओं के प्रभावों को स्पष्ट करें, खासकर जब वे किसी पात्र की स्थिति को और बढ़ाती हों।

 

Question 5. बुद्धिराम के संपूर्ण परिवार में काकी से किसे अनुराग था?
Answer: बुद्धिराम के पूरे परिवार में बूढ़ी काकी से केवल बुद्धिराम की छोटी बेटी लाड़ली को ही प्रेम था।
In simple words: बुद्धिराम के परिवार में बूढ़ी काकी से केवल उनकी छोटी बेटी लाड़ली को ही प्यार था।

Exam Tip: कहानी में सहानुभूति और प्रेम दर्शाने वाले पात्रों को पहचानें, वे अक्सर महत्वपूर्ण मानवीय मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए:

 

Question 1. बुद्धिराम के घर पूड़ियाँ बन रही थी, क्योंकि ...
(a) लड़के मुखराम के तिलक का उत्सव था।
(b) लड़के मुखराम की शादी हो रही थी।
(c) लाडली का जन्मदिन था।
Answer: (a) लड़के मुखराम के तिलक का उत्सव था।
In simple words: बुद्धिराम के घर पूड़ियाँ इसलिए बन रही थीं क्योंकि उनके बेटे मुखराम का तिलक समारोह था।

Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाक्रम और उनके कारणों को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 2. घी और मसालों की सुगंध ने ...
(a) बूढ़ी काकी को संतुष्ट किया।
(b) बूढ़ी काकी को बेचैन कर दिया था।
(c) बूढ़ी काकी को रुला रही थी।
Answer: (b) बूढ़ी काकी को बेचैन कर दिया था।
In simple words: घी और मसालों की खुशबू ने बूढ़ी काकी को बहुत परेशान कर दिया था।

Exam Tip: पात्रों पर बाहरी कारकों के भावनात्मक प्रभाव को समझें।

 

Question 3. बुढ़ापा तृष्णा रोग का अंतिम समय है, ...
(a) जब संपूर्ण इच्छाएं एक ही केंद्र पर आ लगती है।
(b) जब शरीर दुर्बल होने लगता है।
(c) जब अपने भी मुंह मोड़ने लगते हैं।
Answer: (a) जब संपूर्ण इच्छाएँ एक ही केंद्र पर आ लगती है।
In simple words: बुढ़ापे को तृष्णा रोग का अंतिम समय कहा गया है क्योंकि इस अवस्था में सारी इच्छाएँ एक ही चीज़ पर केंद्रित हो जाती हैं।

Exam Tip: लेखक के कथन के पीछे के गहरे अर्थ को समझें और उसे सही विकल्प से जोड़ें।

 

Question 4. थोड़ी पूड़ियों ने काकी की क्षुधा और इच्छा को और ...
(a) प्रताड़ित कर दिया था।
(b) उत्तेजित कर दिया था।
(c) शांत कर दिया था।
Answer: (b) उत्तेजित कर दिया था।
In simple words: थोड़ी पूड़ियों ने काकी की भूख और खाने की इच्छा को और अधिक बढ़ा दिया था।

Exam Tip: किसी कार्य के अनपेक्षित परिणाम पर ध्यान दें, जो कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकता है।

 

Question 5. काकी के लिए बात प्रसिद्ध थी कि वह खाने के लिए रोती है, अतएव ...
(a) उसकी भूख पर कोई ध्यान नहीं देता था।
(b) उसके बुलावे पर कोई नहीं जाता था।
(c) उनके संताप और आर्तनाद पर कोई ध्यान नहीं देता था।
Answer: (c) उनके संताप और आर्तनाद पर कोई ध्यान नहीं देता था।
In simple words: काकी के लिए यह मशहूर था कि वह खाने के लिए रोती है, इसलिए उसके दुख और चिल्लाने पर कोई ध्यान नहीं देता था।

Exam Tip: पात्रों के बारे में समाज की धारणाओं और उनके वास्तविक जीवन पर उनके प्रभावों को समझें।

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

 

Question 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
1. बूढ़ी काकी में ......... की चेष्टा शेष बची थी। (स्पर्श, स्वाद)
2. बुद्धिराम बूढ़ी काकी का ......... था। (भांजा, भतीजा)
3. बूढ़ी काकी को ......... बैचेन करती थी। (भूख, निंद्रा)
4. बुढ़ापा ......... रोग का अंतिम समय है। (तृष्णा, निद्रा)
5. ......... ने अपने हिस्से की पूड़ियाँ काकी के लिए बचाकर रखी थी। (रूपा, लाइली)
6. रूपा ......... की पत्नी थी। (पं. जीवराम, पं. बुद्धिराम)
7. बूढ़ी काकी को ......... की सुगंध बैचेन कर रही थी। (घी और मसालों, हलवे)
8. बुढ़ापा बहुधा ......... का पुनरागमन है। (जवानी, बचपन)
Answer:
1. स्वाद
2. भतीजा
3. भूख
4. तृष्णा
5. लाडली
6. पं. बुद्धिराम
7. घी और मसालों
8. बचपन
In simple words: खाली स्थानों को सही शब्द से भरना, कहानी की घटनाओं और पात्रों की विशेषताओं को याद रखने में मदद करता है।

Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, कहानी के प्रसंग और पात्रों के गुणों को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

 

Question 1. लाड़ली बड़ी काकी पूड़ियाँ देना चाहती थी, परंतु उसे किसका डर सता रहा था।
(a) माँ का
(b) चाची का
(c) भैया का
(d) भाभी का
Answer: (a) माँ का
In simple words: लाड़ली बूढ़ी काकी को पूड़ियाँ देना चाहती थी, लेकिन उसे अपनी माँ का डर था।

Exam Tip: कहानी में पात्रों के भीतर के संघर्षों और उनके डर को पहचानें, क्योंकि ये उनके कार्यों को प्रभावित करते हैं।

 

Question 2. बूढ़ी काकी की कल्पना में लाल-लाल फूली पूड़ियाँ क्या कर रही थी?
(a) नाच रही थी
(b) सिरदर्द
(c) इनकार
(d) दंड दे रही थी
Answer: (a) नाच रही थी
In simple words: बूढ़ी काकी की कल्पना में लाल और फूली हुई पूड़ियाँ नाच रही थीं, जो उनकी तीव्र भूख को दर्शाती हैं।

Exam Tip: पात्रों की कल्पनाओं और आंतरिक भावनाओं का वर्णन करते समय, उनके प्रतीकात्मक अर्थ को भी समझने का प्रयास करें।

 

Question 3. बुद्धिराम की बेटी लाड़ली काकी के लिए कौन-सा कवच थी?
(a) भावना का
(b) सुरक्षा का
(c) भक्ति का
(d) दिए गए में से एक भी नहीं
Answer: (b) सुरक्षा का
In simple words: बुद्धिराम की बेटी लाड़ली बूढ़ी काकी के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह थी, जो उन्हें कुछ हद तक बचाए रखती थी।

Exam Tip: कहानी में सहायक पात्रों की भूमिका को पहचानें और वे कैसे मुख्य पात्रों को प्रभावित करते हैं।

 

Question 4. क्रोधित बुद्धिराम ने काकी को कहाँ पटक दिया?
(a) मैदान में
(b) कमरे में
(c) रसोई घर में
(d) अंधेरी कोठरी में
Answer: (d) अंधेरी कोठरी में
In simple words: गुस्से में बुद्धिराम ने काकी को घसीटकर एक अंधेरी कोठरी में बंद कर दिया था।

Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण और कठोर दृश्यों को याद रखें, क्योंकि वे पात्रों के क्रूर व्यवहार को दर्शाते हैं।

 

Question 5. लड़कों और बूढ़ों के बीच पीढ़ियों का स्वाभाविक रूप से क्या होता है?
(a) भाव
(b) स्वार्थ
(c) विद्रोह
(d) विद्वेष
Answer: (d) विद्वेष
In simple words: लड़कों और बूढ़ों के बीच पीढ़ियों के अंतर के कारण स्वाभाविक रूप से मतभेद और दुश्मनी होती है।

Exam Tip: पीढ़ीगत संघर्ष और उनके परिणामों को कहानी के संदर्भ में समझें।

 

Question 6. “परमात्मा से प्रार्थना कर दो कि वे मेरा अपराध क्षमा कर दें।” यह वाक्य कौन कहता है?
(a) बूढ़ी काकी
(b) लाड़ली
(c) रूपा
(d) पं. बुद्धिराम
Answer: (c) रूपा
In simple words: यह वाक्य रूपा कहती है, जब उसे अपने व्यवहार पर पश्चाताप होता है और वह भगवान से माफी मांगती है।

Exam Tip: कहानी के संवादों को याद रखें और पहचानें कि कौन सा वाक्य किस पात्र ने कहा है, खासकर महत्वपूर्ण भावनात्मक क्षणों में।

 

व्याकरण

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1. पर्यायवाची शब्द लिखिए :
1. इच्छा -
2. नेत्र –
3. वर्षा -
4. भूल -
5. स्वादिष्ट –
Answer:
1. इच्छा – अभिलाषा
2. नेत्र – आँख
3. वर्षा – बारिश
4. भूल – गलती
5. स्वादिष्ट – जायकेदार
In simple words: पर्यायवाची शब्द एक ही अर्थ वाले अलग-अलग शब्द होते हैं, जो भाषा को अधिक विविध बनाते हैं।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद करते समय, उनके सूक्ष्म अंतर और विभिन्न संदर्भों में उनके उपयोग पर भी ध्यान दें।

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
1. मजेदार -
2. न्याय -
3. नींद -
4. मेहमान -
5. विरोध -
Answer:
1. मजेदार - बेमजा
2. न्याय - अन्याय
3. नींद - अनिद्रा
4. मेहमान - यजमान
5. विरोध - समर्थन
In simple words: To find the opposite words, identify the contrasting meaning for each term. For instance, 'मजेदार' (fun) becomes 'बेमजा' (boring), and 'न्याय' (justice) transforms into 'अन्याय' (injustice).

Exam Tip: Practicing with different types of words can help you quickly identify their correct antonyms, which is important for vocabulary-based questions.

निम्नलिखित संधि को जोडिए :

 

Question 1. निम्नलिखित संधि को जोडिए :
1. वि + आकुल
2. सत् + जन
Answer:
1. वि + आकुल = व्याकुल
2. सत् + जन = सज्जन
In simple words: Combine the given parts to form a complete word through the process of 'sandhi'. For example, 'वि' plus 'आकुल' makes 'व्याकुल', and 'सत्' plus 'जन' forms 'सज्जन'.

Exam Tip: Learn the rules of 'sandhi' (word joining) to accurately combine word parts and understand the resulting words.

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
1. जिसे खूब लाइप्यार मिलता है
2. दया के योग्य
3. देवताओं का निवासस्थान
4. दुबारा आना
5. जिसमें धीरज नहीं है वह
6. निराशा से भरा हुआ
Answer:
1. लाडला
2. दयनीय
3. स्वर्ग
4. पुनरागमन
5. अधीर
6. निराशामय
In simple words: For each group of words, provide a single word that captures its meaning. For example, 'one who gets much love' is 'laadla' (beloved), and 'worthy of kindness' is 'dayaneeya' (pitiable).

Exam Tip: Understanding the precise meaning of phrases is key to finding the most appropriate single word for them.

निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
1. गलत -
2. बेचैन -
3. बूढा -
4. कठिन -
5. सिसकना -
6. प्रसिद्ध -
7. झुझलाना -
8. उत्तेजित -
9. जूठा -
10. गुदगुदाना -
Answer:
1. गलत - गलती
2. बेचैन - बेचैनी
3. बूढा - बुढ़ापा
4. कठिन - कठिनाई
5. सिसकना - सिसकी
6. प्रसिद्ध - प्रसिद्धि
7. झझलाना - झुंझलाहट
8. उत्तेजित - उत्तेजना
9. जूठा - जूठन
10. गुदगुदाना - गुदगुदी
In simple words: For each word, transform it into its abstract noun form. For example, 'galat' (wrong) becomes 'galti' (mistake), and 'bechain' (restless) transforms into 'bechaini' (restlessness).

Exam Tip: Abstract nouns often express qualities, states, or actions, and their formation usually involves specific suffixes.

निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
1. शहनाई -
2. धुलाई -
3. लेखन -
4. रक्षा -
5. बजाना -
6. निर्णय -
Answer:
1. शहनाई - शहनाईवादक
2. धुलाई - धोबी
3. लेखन - लेखक
4. रक्षा - रक्षक
5. बजाना - बजैया
6. निर्णय - निर्णायक
In simple words: Change each word into a noun that describes the doer of the action. For instance, 'shehnai' (a musical instrument) becomes 'shehnai-vaadak' (shehnai player), and 'dhulai' (washing) transforms into 'dhobi' (washerman).

Exam Tip: Understanding the root verb and common suffixes for agents or doers can help in forming these nouns correctly.

निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :
1. रोना -
2. सज्जन -
3. लुभाना -
4. उड़ाना -
5. स्वार्थ -
Answer:
1. रोना - रुआंसा
2. सज्जन - सज्जनता
3. लुभाना - लुभावना
4. उड़ाना - उड़ाऊ
5. स्वार्थ - स्वार्थी
In simple words: Convert each word into its adjective form. For example, 'rona' (to cry) becomes 'ruaansa' (tearful), and 'lubhaana' (to entice) transforms into 'lubhaavana' (attractive).

Exam Tip: Adjectival forms describe qualities or characteristics. Pay attention to how verbs and nouns can be modified to create adjectives.

निम्नलिखित समास को पहचानिए :

 

Question 1. निम्नलिखित समास को पहचानिए :
1. सब्जबाग
2. स्वादेंद्रिय
3. रक्षागार
4. कंठावरुद्ध
5. लंबे-चौड़े
6. प्रतिकूल
Answer:
1. कर्मधारय
2. तत्पुरुष
3. तत्पुरुष
4. तत्पुरुष
5. कर्मधारय
6. अव्ययीभाव
In simple words: Identify the type of compound word (samās) for each given term. For instance, 'sabzbaag' (green garden) is a Karmadhāraya samās, and 'svādēndriya' (sense of taste) is a Tatpuruṣa samās.

Exam Tip: Understanding the structure and meaning of the combined words is crucial for correctly identifying the type of compound word.

बूढ़ी काकी Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :

'बूढ़ी काकी' उन लाचार और दुखी लोगों की कहानी है, जिन्हें हालात के कारण अपनी चीजें दूसरों को देनी पड़ती हैं और फिर उनकी दया पर जीना पड़ता है। बूढ़ी काकी के पति और युवा बेटों की मौत के बाद, वह अपने इकलौते भतीजे के वादों पर भरोसा करके अपनी सारी संपत्ति उसके नाम कर देती है। लेकिन कुछ समय बाद, उसे भरपेट खाना मिलना भी मुश्किल हो जाता है।

पाठ का सार :

बूढ़ी काकी : बूढ़ी काकी का पहले एक भरा-पूरा परिवार था। लेकिन पति और युवा बेटों की मौत के कारण वह अब बिलकुल अकेली हो गई थी। मजबूरी में, वह अपने परिवार में बचे हुए इकलौते भतीजे बुद्धिराम को अपनी पूरी संपत्ति लिख देती है। इसके बाद, वह बुद्धिराम और उसकी पत्नी रूपा की मदद पर निर्भर रहने लगती है।

बूढ़ी काकी का दुःख : बूढ़ी काकी को भरपेट भोजन न मिलने का दुख था। जब खाना समय पर नहीं मिलता था या खाने की मात्रा कम होती थी, तो वे जोर-जोर से रोती थीं। वे तब भी रोती थीं, जब बच्चे उन्हें चिढ़ाने के लिए अक्सर उनकी चुटकी काटते या उन पर पानी थूक देते थे। लेकिन उनके इस रोने पर कोई ध्यान नहीं देता था।

काकी से अनुराग : बुद्धिराम के परिवार में यदि काकी से किसी को थोड़ा लगाव था, तो वह बुद्धिराम की बेटी 'लाडली' थी। बूढ़ी काकी लाडली के लिए सुरक्षा का काम करती थीं। लाडली अपने दोनों भाइयों के डर के बिना अपने हिस्से की खाने की चीजें बूढ़ी काकी की सुरक्षा में आराम से खा लेती थी। इस कारण, लाडली काकी का काफी ख्याल रखती थी।

सुखराम का तिलक : बुद्धिराम के बेटे सुखराम का तिलक समारोह था। इस मौके पर पूड़ियाँ, कचौड़ियाँ और मसालेदार सब्जियां बनाई जा रही थीं। इन सबकी खुशबू बूढ़ी काकी को अपनी कोठरी में बेचैन कर रही थी। उन्हें लग रहा था कि शायद मेहमानों ने खाना खा लिया होगा और उनके लिए कोई भोजन नहीं आया। यह सोचकर उन्हें रोना आ गया, लेकिन वे अपना मन मारकर चुप रह गईं, क्योंकि शुभ अवसर पर रोना अच्छा नहीं माना जाता।

बूढ़ी काकी कड़ाह के पास : बूढ़ी काकी की कल्पना में लाल-लाल, फूली हुई पूड़ियाँ तैरने लगती हैं। वे धीरे-धीरे रेंगते हुए उस कड़ाह के पास पहुँच जाती हैं, जहाँ पूड़ियाँ बन रही थीं। लेकिन तभी रूपा की नज़र उन पर पड़ जाती है और वह बहुत गुस्से में आ जाती है। वह तुरंत काकी पर झपटती है और उन्हें बहुत कठोरता से डांटती है।

बूढ़ी काकी का पश्चात्ताप : बूढ़ी काकी चुप हो जाती हैं और कुछ नहीं कहतीं। वे रेंगते हुए अपनी कोठरी में वापस चली जाती हैं। अब वे अपनी हड़बड़ी पर परेशान होती हैं। वे रूपा की डांट को सही मानती हैं और अपने कार्य पर पछतावा करती हैं। वे तय करती हैं कि जब तक कोई उन्हें नहीं बुलाएगा, वे बाहर नहीं निकलेंगी। लेकिन कुछ देर बाद वे खुद को रोक नहीं पाईं। वे फिर रेंगते हुए आँगन में पहुँच जाती हैं। वे देखती हैं कि मेहमान अभी भी भोजन कर रहे हैं।

बुद्धिराम का क्रोध : बुद्धिराम बूढ़ी काकी को आया देखकर बहुत गुस्से में भर जाता है। वह तेजी से आता है और बूढ़ी काकी के दोनों हाथ पकड़कर उन्हें घसीटते हुए अंधेरी कोठरी में फेंक देता है। अब बुद्धिराम और उसकी पत्नी रूपा बूढ़ी काकी को सज़ा देने का निर्णय लेते हैं।

'लाड़ली' की चिंता : बुलाए गए मेहमानों, घर के सदस्यों, बच्चों, धोबी और नाई-सबने खाना खा लिया था, लेकिन किसी ने भी बूढ़ी काकी को खाने के लिए नहीं पूछा। लाडली इससे बहुत दुखी होती है। उसने अपने हिस्से की पूड़ियाँ बूढ़ी काकी को खिलाने के लिए बचाकर रखी हैं। वह इन्हें बूढ़ी काकी को देना चाहती है, लेकिन अपनी माँ के डर से उनके पास नहीं जा रही थी।

लाडली और बूढ़ी काकी: बूढ़ी काकी इंतज़ार करते-करते थक हार गई थीं। शर्मिंदगी के मारे उनका गला भर गया था, पर डर के कारण वे रो नहीं पा रही थीं। जब सब सो गए, तो लाडली बूढ़ी काकी के पास गई। उसने बूढ़ी काकी से बताया कि वह अपने हिस्से की पूड़ियाँ लाई है और उन्हें खा लें। यह सुनकर बूढ़ी काकी पूड़ियों पर टूट पड़ी और पाँच मिनट में सारी पूड़ियाँ खा लीं। उन्होंने लाडली से कहा कि वह अपनी माँ से और पूड़ियाँ माँगे। लेकिन माँ के डर से लाडली ने मना कर दिया।

पूड़ियों के जूठे टुकड़े : बूढ़ी काकी खुद को रोक नहीं पातीं। वे लाडली का हाथ पकड़कर उस जगह पहुँच जाती हैं, जहाँ जूठे पत्तल पड़े थे। वे वहीं बैठ जाती हैं और उन पत्तलों से पूड़ियों के बचे हुए टुकड़े और दूसरे व्यंजन चुन-चुनकर तारीफ करते हुए खाने लगती हैं।

दिल दहलाने वाला दृश्य : तभी सोई हुई रूपा की नींद खुल जाती है। वह लाडली को अपने पास नहीं पाती। वह उठकर जाती है और देखती है कि लाडली जूठे पत्तलों के पास खड़ी है, और बूढ़ी काकी पत्तलों से पूड़ियों के बचे हुए टुकड़े चुन-चुनकर खा रही हैं। यह दिल दहला देने वाला दृश्य देखकर रूपा एकदम हैरान रह जाती है। दया और डर से उसकी आँखें भर आती हैं। उसे लगता है कि वह कितनी निर्दयी है। वह मन ही मन अपनी इस बड़ी गलती के लिए माफी मांगती है।

बूढ़ी काकी के लिए भोजन : रूपा एक दीया जलाती है। वह भंडार का दरवाजा खोलती है। एक थाली में सभी तरह के पकवान सजाती है। वह बूढ़ी काकी को वहाँ से उठाती है और खाने की थाली उनके पास रखकर उनसे भोजन करने को कहती है। वह बूढ़ी काकी से अपनी गलती के लिए बुरा न मानने और भगवान से इस अपराध के लिए माफ़ी माँगने की प्रार्थना करती है।

बूढ़ी काकी की शुभकामनाएँ : बूढ़ी काकी मासूम बच्चों की तरह सारा अपमान भूलकर खाना खाने लगती हैं। उनके मन के हर कोने से रूपा के लिए सच्ची शुभकामनाएँ निकल रही थीं।

शब्दार्थ :

  • पुनरागमन - वापस आना।
  • प्रतिकूल - विरुद्ध।
  • सब्जबाग - झूठे सपने।
  • विद्वेष - विरोध, वैर।
  • संताप - मानसिक कष्ट, दुःख।
  • आर्तनाद - दुःखभरी चीख।
  • रक्षागार - सुरक्षित स्थान।
  • लोलुपता - लोभ ।
  • स्वार्थानुकूलता - स्वार्थ अनुकूल होना।
  • आरोपण - स्थापित करना।
  • विस्मयपूर्ण - आश्चर्यभरे।
  • रसास्वाद - आनंद।
  • अपशकुन - बुरा शकुन।
  • उकडू - घुटने मोड़कर तलवों के बल बैठने की मुद्रा।
  • कुड़ना - मन-ही-मन दुःख करना।
  • पश्चात्ताप - पछतावा।
  • तिलमिलाना - विकल होना।
  • निर्लज्जता - बेशर्मी।
  • दीनता - कष्टपूर्ण दशा, बुरी हालत।
  • करुणा - दया।
  • अधीर - बेचैन, व्याकुल।
  • ग्लानि - मन में होनेवाला खेद।
  • क्षुधा - भूख ।
  • खुर्चन - बची-खुची चीज (खुरचकर निकाली गई वस्तु)।
  • अभिप्राय - मतलब।
  • तृष्णा - प्यास, लोभ।
  • स्वादेंद्रियाँ - स्वाद का आनंद लेनेवाली इंद्रियाँ।
  • सत्यानाश - संपूर्ण विनाश।
  • स्वार्थपरता- खुदगर्जी।
  • कंठावरुद्ध - गला भर आना।
  • सदिच्छाएँ - आशीर्वाद।

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