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Detailed Chapter 12 आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार RBSE Solutions for Class 6 Social Science
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Class 6 Social Science Chapter 12 आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार RBSE Solutions PDF
प्रश्न 1. नगरीय स्थानीय निकाय क्या है और इनके कार्य क्या हैं?
Answer: नगरीय स्थानीय निकाय शहरी क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को कहते हैं. इसका मतलब यह है कि ये सबसे बड़े अधिकारी के तहत काम नहीं करते. इन स्थानीय निकायों के मुख्य कार्य हैं अपने क्षेत्र का प्रबंधन करना और सामने आने वाली समस्याओं को हल करना. ये निकाय स्थानीय बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, पानी और सफाई की देखभाल करते हैं. यह सुनिश्चित करता है कि समुदाय की जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जाए.
In simple words: नगरीय स्थानीय निकाय शहरी इलाकों में स्थानीय सरकार का हिस्सा होते हैं. इनका काम अपने इलाके को संभालना और वहाँ की समस्याएँ सुलझाना है.
🎯 Exam Tip: जब आप नगरीय स्थानीय निकाय के कार्यों का उल्लेख करें, तो बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं पर ध्यान दें.
प्रश्न 2. नगरीय स्थानीय निकाय सरकार और लोकतंत्र में क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Answer: शहरी इलाकों में अलग-अलग नगरीय स्थानीय निकाय विकेन्द्रीकृत शासन चलाते हैं. ये निकाय नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले कई काम करते हैं. ये लोगों को अपने फैसले खुद लेने और प्रशासन में भाग लेने में मदद करते हैं. यह सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करता है, जहाँ हर व्यक्ति की राय मायने रखती है और स्थानीय स्तर पर निर्णय लिए जाते हैं.
In simple words: नगरीय स्थानीय निकाय शहरों में सरकार के कामों को लोगों तक पहुँचाते हैं और नागरिकों को अपने क्षेत्र के मामलों में भाग लेने का मौका देते हैं.
🎯 Exam Tip: लोकतंत्र और स्थानीय शासन के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए लिखें, खासकर "सहभागी लोकतंत्र" शब्द का प्रयोग करें.
प्रश्न 1. एक गाँव या कस्बे की तुलना में कोलकाता, चेन्नई या मुंबई जैसे नगर क्यों अधिक जटिल और विविध हैं?
Answer: गाँव या कस्बे की तुलना में कोलकाता, चेन्नई या मुंबई जैसे बड़े शहर ज़्यादा जटिल और विविध होते हैं क्योंकि:
1. ये शहर बहुत व्यस्त और भीड़-भाड़ वाले होते हैं.
2. इन शहरों में हर जगह ऊँची इमारतें मिलती हैं.
3. यहाँ बहुत सारे लोग हमेशा आते-जाते रहते हैं, इसलिए यहाँ बहुत शोरगुल होता है.
4. इन शहरों के लोग ज़्यादा आत्मनिर्भर होते हैं. वे अक्सर अपने पड़ोसियों के बारे में भी नहीं जानते हैं, जो गाँव से अलग है.
5. इन शहरों में सामुदायिक भावना की कमी होती है. हाँ, किसी संकट के समय थोड़ी बहुत सामुदायिक भावना दिख सकती है. शहरों में अलग-अलग भाषाओं, धर्मों, पहनावे, खान-पान और रीति-रिवाजों के लोग रहते हैं, जिससे ये और भी विविध हो जाते हैं.
In simple words: बड़े शहर गाँव से ज़्यादा जटिल और विविध होते हैं क्योंकि यहाँ भीड़, ऊँची इमारतें, लगातार आते-जाते लोग और अलग-अलग तरह के समुदाय होते हैं.
🎯 Exam Tip: तुलना करते समय, शहरों की भीड़-भाड़, विविधता और सामुदायिक संबंधों की कमी जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें.
प्रश्न 1. पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 175 पर दिए गए चित्र 12.2 में आप पंचायती राज व्यवस्था और शहरी स्थानीय सरकार के बीच क्या समानताएँ एवं विभिन्नताएँ पाते हैं?
Answer: पंचायती राज व्यवस्था और शहरी स्थानीय सरकार के बीच समानताएँ और अंतर इस प्रकार हैं:
समानताएँ:
1. दोनों प्रकार की संस्थाएँ स्थानीय शासन की लोकतांत्रिक संस्थाएँ हैं.
2. दोनों संस्थाओं के सदस्य चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं जो हमारे हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
3. दोनों संस्थाएँ राज्य सरकार के अधीन काम करती हैं.
अंतर:
1. पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरों पर काम करती है (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला पंचायत), जबकि शहरी स्थानीय सरकार एक ही स्तर पर काम करती है.
2. पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं. शहरी स्थानीय सरकार में हर निकाय (जैसे नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत) स्वतंत्र होता है और वे आपस में जुड़े नहीं होते. यह स्थानीय स्तर पर प्रशासन को अधिक सीधा बनाता है.
In simple words: पंचायती राज और शहरी सरकार दोनों ही लोगों द्वारा चुनी जाती हैं और राज्य सरकार के नीचे काम करती हैं, लेकिन पंचायती राज में तीन स्तर होते हैं जबकि शहरी सरकार में एक ही स्तर होता है.
🎯 Exam Tip: समानताएँ और अंतर स्पष्ट रूप से दो अलग-अलग खंडों में लिखें, ताकि आपकी बात आसानी से समझ में आ सके.
प्रश्न 1. क्या आप ऐसे और चार-पाँच कार्य सोच सकते की देखभाल करने में सहायता कर सकते हैं?
Answer: हाँ, हम ऐसे और चार-पाँच कार्य सोच सकते हैं जो स्थानीय निकाय की मदद कर सकते हैं:
1. सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों के बारे में जानकारी देना.
2. अगर कहीं आग लग रही हो, तो अग्निशमन सेवाओं को भीड़-भाड़ या अनजान जगहों के बारे में बताना ताकि वे आसानी से पहुँच सकें.
3. आँधी या तूफान से अगर सड़क पर कोई पेड़ गिर गया हो, तो इसकी सूचना नगर परिषद को देना.
4. यदि नालियों से गंदा पानी बहकर बाहर आ रहा हो, तो नगर परिषद को इसकी सूचना देना.
In simple words: हम अवैध कब्जों, आग लगने, गिरे हुए पेड़ों या गंदी नालियों जैसी समस्याओं के बारे में स्थानीय नगर निकाय को बताकर उनकी मदद कर सकते हैं.
🎯 Exam Tip: ऐसे कार्यों का उल्लेख करें जो सीधे तौर पर नागरिक भागीदारी और स्थानीय समस्याओं के समाधान से जुड़े हों.
प्रश्न 2. नगरीय स्थानीय निकाय अपनी गतिविधियों के लिए संसाधन कैसे जुटाते हैं? क्या पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 178 के चित्र 12.4 में दिखाई गई कुछ सेवाएँ भुगतान आधारित हैं?
Answer: नगरीय स्थानीय निकाय अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए कई तरीकों से पैसा इकट्ठा करते हैं. वे संपत्ति कर, जल शुल्क, सूखे कचरे के प्रबंधन का शुल्क, व्यापार विज्ञापन और व्यापार-लाइसेंस जैसे शुल्कों से संसाधन जुटाते हैं. इसके अलावा, राज्य सरकार भी उन्हें आर्थिक सहायता देती है. हाँ, चित्र 12.4 में दिखाई गई कुछ सेवाएँ भुगतान पर आधारित हैं. इनमें जल टैंकर सेवा, सेप्टिक टैंकर (गंदगी) सेवा, सभागार का किराया, अंत्येष्टि से जुड़े वाहन, चल शौचालय और एंबुलेंस सेवा शामिल हैं. इन सेवाओं के लिए शुल्क लेकर निकाय अपनी आय बढ़ाते हैं.
In simple words: नगरीय निकाय संपत्ति कर, पानी का बिल और अन्य शुल्कों से पैसे इकट्ठा करते हैं. कुछ सेवाएँ जैसे जल टैंकर और एंबुलेंस के लिए पैसे देने पड़ते हैं.
🎯 Exam Tip: संसाधनों के स्रोतों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें और भुगतान आधारित सेवाओं के उदाहरण दें.
(Exercise)
प्रश्न 1. विद्यालय आते हुए आप और आपके मित्र पाते हैं कि जल के एक पाइप में रिसाव हो रहा है। इस रिसाव से सारा जल व्यर्थ हो रहा है। इस स्थिति में आप और आपके मित्र क्या करेंगे?
Answer: जल रिसाव होने पर मैं और मेरे मित्र तुरंत इसकी सूचना जलदाय विभाग को देंगे. ऐसा करने से बहुमूल्य पानी बर्बाद होने से रुकेगा. हम उन्हें बताएँगे कि यह रिसाव कहाँ हो रहा है ताकि वे जल्दी से इसकी मरम्मत कर सकें.
In simple words: हम और मेरे दोस्त पानी के रिसाव के बारे में तुरंत जलदाय विभाग को बताएँगे ताकि पानी बर्बाद न हो.
🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों के जवाब में हमेशा संबंधित विभाग को सूचना देने के महत्व पर जोर दें.
प्रश्न 2. आप अपने निकट रहने वाले नगरीय स्थानीय निकाय के किसी सदस्य को अपनी कक्षा में आमंत्रित कीजिए। उनके साथ उनकी भूमिका और उत्तरदायित्वों पर विचार-विमर्श कीजिए। उनसे पूछने के लिए प्रश्नों की एक सूची तैयार कीजिए।
Answer: संकेत: नगरीय स्थानीय निकाय के प्रमुख कार्य हैं- बुनियादी ढाँचे की देखभाल करना, कब्रिस्तानों का रखरखाव, कचरा इकट्ठा करना और उसका निपटान करना, सरकारी योजनाओं को लागू करना, स्थानीय कर इकट्ठा करना आदि. इन कार्यों को ध्यान में रखते हुए नगरीय स्थानीय निकाय के सदस्य की भूमिका के बारे में विद्यार्थी आपस में विचार-विमर्श करें. यह चर्चा छात्रों को स्थानीय शासन के महत्व को समझने में मदद करेगी.
In simple words: हम स्थानीय निकाय के सदस्य को बुलाकर उनके काम और जिम्मेदारियों पर बात कर सकते हैं, जैसे बुनियादी सुविधाओं की देखभाल और कचरा प्रबंधन.
🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि आपके प्रश्न सदस्य की भूमिका और जिम्मेदारियों के इर्द-गिर्द केंद्रित हों.
प्रश्न 3. अपने परिवार एवं पड़ोस के वयस्क लोगों के साथ चर्चा कीजिए और नगरीय स्थानीय निकायों से उनकी अपेक्षाओं की एक सूची बनाइए।
Answer: विद्यार्थी अपने परिवार और पड़ोस के बड़े लोगों से बात करके नगरीय स्थानीय निकायों से अपनी अपेक्षाओं की सूची खुद बनाएँ. यह बातचीत उन्हें स्थानीय समस्याओं को समझने में मदद करेगी.
संकेत: स्थानीय नगर निकायों से उनकी अपेक्षाओं की सूची इन विषयों के संदर्भ में ही बनाएँ जैसे-
• सड़कों का प्रबंधन और उनकी देखभाल करना.
• जल निकासी नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर फैलना, जिससे मोहल्ले में मच्छर बढ़ रहे हैं. इसे ठीक करवाना.
• मच्छरों को खत्म करने के लिए फॉगिंग (धुआँ करना) का काम करवाना.
• जगह-जगह हो रहे अवैध निर्माणों को रोकना.
• समस्याओं की सूचना देने के लिए फोन करने पर उसे न उठाना आदि समस्याएँ हैं. इन सभी समस्याओं को हल करने की अपेक्षा लोग स्थानीय नगर निकायों से रखते हैं.
In simple words: अपने घर के बड़ों से बात करके पता करें कि लोग स्थानीय सरकार से क्या चाहते हैं, जैसे अच्छी सड़कें, साफ नालियाँ और मच्छरों का कंट्रोल.
🎯 Exam Tip: अपनी सूची में वास्तविक और स्थानीय समस्याओं को शामिल करें जो सीधे तौर पर लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं.
प्रश्न 4. एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताओं की सूची बनाइए।
Answer: एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ ये हैं:
1. एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय के चुने हुए पार्षद अपने क्षेत्र के लोगों से हमेशा जुड़े रहते हैं और क्षेत्र की समस्याओं का पता लगाते रहते हैं.
2. एक अच्छा नगरीय स्थानीय निकाय शहर से सूखे और गीले कचरे को लगातार अलग-अलग इकट्ठा करवाता है और उसका सही तरीके से निपटान करता है.
3. यह पीने के पानी और गंदे पानी के निकास की व्यवस्था करता है. यह जल निकास की नालियों को जमीन के नीचे बनवाता है ताकि गंदा पानी बाहर न आए और समय-समय पर इन भूमिगत जल निकास की नालियों की सफाई और रखरखाव भी करवाता रहता है. यह सुनिश्चित करता है कि शहर में पानी और कचरा प्रबंधन सुचारु रूप से चले.
4. यह सुबह की सैर के लिए रास्ते बनाता है और पार्कों में पेड़ों और घास की सही देखभाल करता है.
5. यह शहर के नागरिकों को ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित और जागरूक करता है.
6. इसके अलावा, यह भुगतान पर कुछ अन्य सेवाएँ भी उपलब्ध कराता है, जैसे- टैंकर, अंत्येष्टि से जुड़े वाहन, चल शौचालय और एंबुलेंस आदि.
In simple words: एक अच्छा स्थानीय निकाय अपने लोगों से जुड़ा रहता है, कचरे को अच्छे से संभालता है, साफ पानी और नालियों का ध्यान रखता है, पार्क और पेड़-पौधों की देखभाल करता है और नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करता है.
🎯 Exam Tip: विशेषताओं को बिंदुवार लिखें और प्रत्येक बिंदु में मुख्य क्रियाकलाप को उजागर करें.
प्रश्न 5. ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच क्या समानताएँ एवं क्या विभिन्नताएँ हैं?
Answer: पंचायती राज व्यवस्था (ग्रामीण क्षेत्रों में) और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच समानताएँ और अंतर इस प्रकार हैं:
समानताएँ:
1. पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकाय दोनों में स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य चुने जाते हैं. इन चुने हुए प्रतिनिधियों पर ही स्थानीय शासन की जिम्मेदारी होती है.
2. दोनों स्थानीय निकायों को अपने क्षेत्र का प्रबंधन करने या सामने आने वाली समस्याओं का हल ढूँढने की आज़ादी होती है.
3. दोनों के मुख्य कार्य हैं – अपने क्षेत्र में पीने के पानी का इंतजाम करना, घरों से गंदे पानी के निकास के लिए नालियों की व्यवस्था करना और उनकी सही देखभाल करना, जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना और सड़कों व गलियों की सफाई की व्यवस्था करना आदि. ये दोनों व्यवस्थाएँ नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करने के लिए काम करती हैं.
अंतर:
1. पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरों वाली होती है (ग्राम पंचायत, खंड स्तर पर पंचायत समिति, और जिला स्तर पर जिला पंचायत), जबकि नगरीय स्थानीय निकाय एक ही स्तर पर काम करते हैं.
2. पंचायती राज व्यवस्था में ये तीनों स्तर की संस्थाएँ नीचे से ऊपर तक काम करती हैं. नगरीय स्थानीय निकाय एक ही स्तर पर काम करते हैं. हर नगरीय निकाय के सदस्य वार्ड समितियाँ बनाते हैं और उनके माध्यम से अपने सारे काम करते हैं.
In simple words: दोनों स्थानीय निकाय लोगों द्वारा चुने जाते हैं और राज्य सरकार के अधीन होते हैं, पर पंचायती राज में तीन स्तर होते हैं जबकि नगरीय निकाय में एक ही स्तर होता है.
🎯 Exam Tip: समानताएँ और अंतर दोनों को स्पष्ट रूप से लिखें और प्रत्येक के लिए मुख्य बिंदुओं को उजागर करें.
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों और कस्बों में नगर स्थानीय निकाय को किस नाम से जाना जाता है?
(a) नगर निगम
(b) नगरपालिका
(c) जिला परिषद
(d) नगर पंचायत
Answer: (d) नगर पंचायत
In simple words: छोटे शहरों में, जहाँ एक लाख से कम लोग रहते हैं, स्थानीय सरकार को नगर पंचायत कहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के आधार पर स्थानीय निकायों के विभिन्न नामों को याद रखें.
प्रश्न 2. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के नगर स्थानीय निकाय को क्या कहा जाता है?
(a) नगर निगम
(b) नगरपालिका
(c) जिला परिषद
(d) नगर पंचायत
Answer: (a) नगर निगम
In simple words: बहुत बड़े शहरों में, जहाँ दस लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं, स्थानीय सरकार को नगर निगम कहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के बड़े पैमाने पर नगर निगम का चुनाव होता है.
प्रश्न 3. निम्न में से कौनसी विशेषता नगर (शहर) की नहीं है?
(a) व्यस्तता से भरा शहर
(b) भीड़-भाड़ वाला शहर
(c) कोलाहल भरा वातावरण
(d) शान्त वातावरण
Answer: (d) शान्त वातावरण
In simple words: शहर आमतौर पर व्यस्त, भीड़-भाड़ वाले और शोरगुल से भरे होते हैं, इसलिए शांत वातावरण शहर की खासियत नहीं है.
🎯 Exam Tip: शहरों की सामान्य विशेषताओं को ध्यान में रखें और जो उनसे मेल न खाए, उसे चुनें.
प्रश्न 4. भारत में नगरीय स्थानीय निकाय के सदस्य होते हैं-
(a) राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
(b) राज्य सरकार द्वारा नियुक्त
(c) राज्यपाल द्वारा नियुक्त
(d) स्थानीय नागरिकों द्वारा निर्वाचित
Answer: (d) स्थानीय नागरिकों द्वारा निर्वाचित
In simple words: नगरीय स्थानीय निकाय के सदस्यों को शहर के लोग वोट डालकर चुनते हैं, जिससे वे जनता के प्रतिनिधि बनते हैं.
🎯 Exam Tip: लोकतंत्र में स्थानीय निकायों के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, यह बात हमेशा याद रखें.
प्रश्न 5. स्थानीय निकाय कुशल तरीके से अपना कार्य करने में सक्षम हों, यह सुनिश्चित करना किसका कर्त्तव्य है?
(a) संघ सरकार का
(b) राज्य सरकार का
(c) विधायिका का
(d) नागरिकों का
Answer: (d) नागरिकों का
In simple words: यह सुनिश्चित करना कि स्थानीय निकाय अच्छे से काम करें, नागरिकों की जिम्मेदारी भी होती है, क्योंकि वे इन निकायों को चुनते हैं और उनसे सेवाएँ प्राप्त करते हैं.
🎯 Exam Tip: सहभागी लोकतंत्र में नागरिक न केवल वोट देते हैं बल्कि स्थानीय शासन के सुचारु संचालन में भी अपनी भूमिका निभाते हैं.
प्रश्न 7. नगर निगम के प्रमुख को क्या कहा जाता है?
(a) मेयर (महापौर)
(b) सरपंच
(c) प्रधान
(d) जिला प्रमुख
Answer: (a) मेयर (महापौर)
In simple words: नगर निगम के सबसे बड़े अधिकारी को मेयर या महापौर कहते हैं.
🎯 Exam Tip: विभिन्न स्थानीय निकायों के प्रमुखों के पदनामों को याद रखना महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 8. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (मूल रूप में बॉम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) कब गठित किया गया?
(a) 1688 में
(b) 1865 में
(c) 1949 में
(d) 1965 में
Answer: (b) 1865 में
In simple words: मुंबई का म्युनिसिपल कॉरपोरेशन साल 1865 में बनाया गया था.
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक तिथियों और महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना के वर्षों को याद रखें.
प्रश्न 9. एक लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर में बनने वाले स्थानीय नगर निकाय को कहते हैं-
(a) नगर निगम
(b) नगरपालिका
(c) पंचायत समिति
(d) नगर पंचायत
Answer: (b) नगरपालिका
In simple words: मध्यम आकार के शहरों में, जहाँ एक लाख से दस लाख के बीच लोग रहते हैं, स्थानीय सरकार को नगरपालिका कहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या श्रेणियों के आधार पर विभिन्न नगरीय निकायों के वर्गीकरण को समझें.
प्रश्न 10. लोकतंत्र में सुशासन का उद्देश्य है –
(a) शासन तंत्र को सशक्त बनाना
(b) नागरिकों को सशक्त बनाना
(c) शासन को निष्पक्ष बनाना
(d) शासन को सुगम बनाना।
Answer: (b) नागरिकों को सशक्त बनाना
In simple words: लोकतंत्र में अच्छे शासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि सभी नागरिकों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझ सकें.
🎯 Exam Tip: सुशासन के मूल सिद्धांतों में नागरिक सशक्तिकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही शामिल हैं.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. नगरीय स्थानीय निकाय .......................................... प्राधिकरण के अंतर्गत कार्य नहीं करते हैं।
Answer: शीर्ष
In simple words: नगरीय स्थानीय निकाय किसी बड़े या ऊँचे अधिकारी के नीचे सीधे काम नहीं करते, वे अपने क्षेत्र में स्वतंत्र होते हैं.
🎯 Exam Tip: 'शीर्ष' शब्द का प्रयोग करके स्थानीय निकायों की स्वायत्तता पर जोर दें.
प्रश्न 2. नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें .......................................... कहते हैं।
Answer: वार्ड
In simple words: शहर और कस्बे छोटे-छोटे हिस्सों में बँटे होते हैं, जिन्हें वार्ड कहते हैं, ताकि काम ठीक से हो सके.
🎯 Exam Tip: 'वार्ड' शब्द शहरी स्थानीय निकायों की प्रशासनिक संरचना का एक मूलभूत हिस्सा है.
प्रश्न 3. वार्डों की निश्चित कार्यप्रणाली अलग-अलग .......................................... में भिन्न-भिन्न है।
Answer: राज्यों
In simple words: वार्डों के काम करने का तरीका अलग-अलग राज्यों में थोड़ा अलग हो सकता है.
🎯 Exam Tip: 'राज्यों' शब्द का उपयोग करके यह स्पष्ट करें कि स्थानीय शासन राज्यों के कानूनों के अधीन है.
प्रश्न 4. कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में सक्षम होने के लिए नागरिकों को भी अपने .......................................... का पालन करना चाहिए।
Answer: कर्त्तव्यों
In simple words: अगर काम अच्छे से करना है, तो नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों को निभाना चाहिए.
🎯 Exam Tip: नागरिकों के अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 5. चेन्नई और इंदौर में नगर निगम .......................................... के शीर्ष पर हैं।
Answer: नगरीय निकायों
In simple words: चेन्नई और इंदौर में, नगर निगम स्थानीय सरकार के सबसे ऊँचे निकाय हैं.
🎯 Exam Tip: नगर निगम बड़े शहरों में स्थानीय निकायों के उच्चतम स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं.
प्रश्न 6. हमारे यहाँ स्थानीय निकाय और निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो हमारा और हमारे हितों का .......................................... करते हैं।
Answer: प्रतिनिधित्व
In simple words: हमारे स्थानीय निकाय और प्रतिनिधि हमारी तरफ से काम करते हैं और हमारे हितों का ध्यान रखते हैं.
🎯 Exam Tip: 'प्रतिनिधित्व' शब्द लोकतंत्र के मूल सिद्धांत को दर्शाता है, जहाँ चुने हुए लोग जनता की आवाज बनते हैं.
सत्य / असत्य बताइये
प्रश्न 3. नगरीय स्थानीय निकायों में भी स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: हाँ, शहर की स्थानीय सरकारों में भी लोग वोट देकर अपने प्रतिनिधि चुनते हैं.
🎯 Exam Tip: यह लोकतांत्रिक शासन की एक मूलभूत विशेषता है कि स्थानीय निकायों के सदस्य निर्वाचित होते हैं.
प्रश्न 4. लोकतंत्र का मूल विचार यह है कि एक व्यक्ति के मत का कोई महत्त्व नहीं है।
Answer: असत्य
In simple words: नहीं, लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति के वोट का बहुत महत्व होता है, सभी की राय बराबर मानी जाती है.
🎯 Exam Tip: लोकतंत्र का आधार 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' का सिद्धांत है.
प्रश्न 5. नगरीय परिवेश की तुलना में ग्रामीण परिवेश अपेक्षाकृत अधिक जटिल होता है।
Answer: असत्य
In simple words: नहीं, शहरी इलाके गाँव से ज़्यादा जटिल होते हैं, गाँव तो अक्सर सादे और सरल होते हैं.
🎯 Exam Tip: शहर अपनी विविधता और भीड़-भाड़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक जटिल होते हैं.
स्तम्भ। का स्तंभ ॥ से सही मिलान कीजिए।
प्रश्न 1.
| I | II |
|---|---|
| 1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर | (अ) नगरपालिका |
| 2. एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले नगर | (ब) नगर निगम |
| 3. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर | (स) नगरीय स्थानीय निकाय |
| 4. वार्ड समिति | (द) पंचायती राज व्यवस्था |
| 5. ग्राम सभा | (य) नगर पंचायत |
Answer:
| I | II |
|---|---|
| 1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर | (य) नगर पंचायत |
| 2. एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले नगर | (अ) नगरपालिका |
| 3. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर | (ब) नगर निगम |
| 4. वार्ड समिति | (स) नगरीय स्थानीय निकाय |
| 5. ग्राम सभा | (द) पंचायती राज व्यवस्था |
In simple words: इस मिलान में जनसंख्या के आधार पर शहरों को उनके स्थानीय निकाय के नाम से जोड़ा गया है और ग्राम सभा को पंचायती राज से जोड़ा गया है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के आधार पर नगरीय निकायों का वर्गीकरण याद रखें और ग्राम सभा के पंचायती राज से संबंध को समझें.
प्रश्न 2.
| I | II |
|---|---|
| 1. नागरिकों का देश के कार्यों में सक्रिय भाग ना | (अ) प्रतिनिधि लोकतंत्र |
| 2. जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों का शासन | (ब) सन् 1865 |
| 3. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन | (स) सन् 1688 |
| 4. मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन | (द) ऐंबुलेंस सेवा |
| 5. इंदौर नगर निगम की अनुरोध पर सी. आर. एम. सेवा। | (य) सहभागी लोकतंत्र |
Answer:
| I | II |
|---|---|
| 1. नागरिकों का देश के कार्यों में सक्रिय भाग ना | (य) सहभागी लोकतंत्र |
| 2. जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों का शासन | (अ) प्रतिनिधि लोकतंत्र |
| 3. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन | (ब) सन् 1865 |
| 4. मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन | (स) सन् 1688 |
| 5. इंदौर नगर निगम की अनुरोध पर सी. आर. एम. सेवा। | (द) ऐंबुलेंस सेवा |
In simple words: इस मिलान में नागरिकों की भागीदारी, लोकतांत्रिक शासन के प्रकार और विभिन्न नगर निगमों की स्थापना के वर्षों से संबंधित जानकारियों को सही विकल्पों से जोड़ा गया है.
🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक अवधारणाओं (सहभागी, प्रतिनिधि) और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तिथियों (नगर निगमों की स्थापना) को याद रखें.
प्रश्न 1. सहभागी लोकतंत्र से क्या आशय है?
Answer: सहभागी लोकतंत्र का मतलब है एक ऐसा शासन, जहाँ नागरिक देश के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. यह भागीदारी ग्रामीण, क्षेत्रीय, नगरीय, राज्य या राष्ट्रीय किसी भी स्तर पर हो सकती है. इसका उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना है ताकि वे अपने समाज और सरकार के निर्णयों में अपनी भूमिका निभा सकें, जिससे शासन और अधिक जवाबदेह बनता है.
In simple words: सहभागी लोकतंत्र यानी जब लोग सरकार के कामों में खुद हिस्सा लेते हैं, चाहे वह किसी भी स्तर पर हो.
🎯 Exam Tip: सहभागी लोकतंत्र में नागरिक भागीदारी और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दें.
प्रश्न 2. नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को क्या कहा जाता है?
Answer: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को नगरीय स्थानीय निकाय कहा जाता है. इन निकायों में नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत शामिल हैं, जो शहरों और कस्बों में स्थानीय शासन का प्रबंधन करते हैं.
In simple words: शहरों में स्थानीय सरकार को नगरीय स्थानीय निकाय कहते हैं.
🎯 Exam Tip: 'नगरीय स्थानीय निकाय' शब्द को याद रखें जो शहरी शासन की संरचनाओं को दर्शाता है.
प्रश्न 3. नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है। इन इकाइयों को क्या कहा जाता है?
Answer: नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें वार्ड कहा जाता है. प्रत्येक वार्ड से एक प्रतिनिधि चुना जाता है जो उस क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को स्थानीय निकाय तक पहुँचाता है.
In simple words: शहरों और कस्बों के छोटे हिस्सों को वार्ड कहते हैं.
🎯 Exam Tip: 'वार्ड' शब्द शहरी प्रशासन की सबसे छोटी भौगोलिक इकाई को संदर्भित करता है.
प्रश्न 4. नगरीय स्थानीय निकाय में नगर के प्रत्येक वार्ड से चुने जाने वाले प्रतिनिधि को क्या कहा जाता है?
Answer: नगरीय स्थानीय निकाय में नगर के प्रत्येक वार्ड से चुने जाने वाले प्रतिनिधि को पार्षद कहा जाता है. ये पार्षद अपने वार्ड के लोगों की समस्याओं को हल करने और उनके हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जिम्मेदार होते हैं.
In simple words: वार्ड से चुने गए प्रतिनिधि को पार्षद कहते हैं.
🎯 Exam Tip: 'पार्षद' पदनाम शहरी स्थानीय सरकार में सीधे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि के लिए उपयोग किया जाता है.
प्रश्न 5. नगरीय स्थानीय निकाय के विभिन्न प्रकार के कार्यों का प्रबन्ध व देखरेख का कार्य कौन करता है?
Answer: नगरीय स्थानीय निकाय के विभिन्न प्रकार के कार्यों का प्रबंधन और देखरेख विभिन्न वार्ड समितियाँ करती हैं. ये समितियाँ वार्ड पार्षदों और अन्य सदस्यों से मिलकर बनी होती हैं, जो स्थानीय स्तर पर विकास और समस्याओं के समाधान के लिए काम करती हैं.
In simple words: वार्ड समितियाँ नगरीय स्थानीय निकाय के अलग-अलग कामों को संभालती और उनकी देखभाल करती हैं.
🎯 Exam Tip: वार्ड समितियों की भूमिका स्थानीय स्तर पर कार्यों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 6. 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों व कस्बों में नगरीय स्थानीय निकाय को क्या कहा जाता है?
Answer: 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों व कस्बों में नगरीय स्थानीय निकाय को नगर पंचायत कहा जाता है. यह छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था है.
In simple words: छोटे शहरों में, जहाँ 1 लाख से कम लोग रहते हैं, स्थानीय सरकार को नगर पंचायत कहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के आधार पर नगरीय निकायों के वर्गीकरण को याद रखना महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 9. एक नगरीय परिवेश ग्रामीण परिवेश से किस प्रकार भिन्न है?
Answer: एक नगरीय परिवेश ग्रामीण परिवेश से कई तरह से अलग होता है. ग्रामीण परिवेश की तुलना में नगरीय परिवेश आमतौर पर ज़्यादा जटिल और विविध होता है. शहरों में भीड़-भाड़, अलग-अलग समुदाय, तेज़ी से बदलती जीवनशैली और औपचारिक संबंध अधिक होते हैं, जबकि गाँवों में जीवन सरल, लोग एक-दूसरे को जानते हैं और सामुदायिक भावना ज़्यादा प्रबल होती है. शहरों में बुनियादी सुविधाएँ और सेवाएँ अधिक विकसित होती हैं.
In simple words: शहरी इलाके गाँवों से ज़्यादा जटिल और विविध होते हैं, क्योंकि शहरों में ज़्यादा लोग, तेज़ी से जीवन और अलग-अलग तरह के समुदाय होते हैं.
🎯 Exam Tip: ग्रामीण और शहरी परिवेश की तुलना करते समय सामाजिक, आर्थिक और भौतिक विशेषताओं पर ध्यान दें.
प्रश्न 10. नगरीय स्थानीय प्रशासन के कोई दो कार्य लिखिए।
Answer: नगरीय स्थानीय प्रशासन के दो मुख्य कार्य हैं:
1. अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान: शहर से कचरा इकट्ठा करना और उसे सही तरीके से ठिकाने लगाना.
2. कब्रगाहों या श्मशान घाटों का रखरखाव: सार्वजनिक कब्रिस्तानों और श्मशान घाटों की देखभाल करना ताकि वे साफ-सुथरे और व्यवस्थित रहें. ये कार्य शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण हैं.
In simple words: नगरीय प्रशासन के दो काम हैं: कचरा इकट्ठा करना और कब्रिस्तानों की देखभाल करना.
🎯 Exam Tip: स्थानीय प्रशासन के कार्यों को लिखते समय नागरिक सुविधाओं से संबंधित बुनियादी सेवाओं पर ध्यान दें.
प्रश्न 11. भारत में सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था कौनसी है?
Answer: भारत में सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था मद्रास कॉरपोरेशन (जिसे अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन कहते हैं) है. इसकी स्थापना 1688 में हुई थी. यह भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन के शुरुआती उदाहरणों में से एक है.
In simple words: भारत में सबसे पुराना नगर निगम मद्रास कॉरपोरेशन है.
🎯 Exam Tip: भारत के पहले नगर निगम के नाम और स्थापना वर्ष को याद रखें, यह अक्सर पूछा जाता है.
प्रश्न 12. मद्रास कॉरपोरेशन कब स्थापित हुआ था?
Answer: मद्रास कॉरपोरेशन 29 सितंबर, 1688 में स्थापित हुआ था. इसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने एक चार्टर के माध्यम से बनाया था, जिससे यह भारत के सबसे पुराने नगरीय निकायों में से एक बन गया.
In simple words: मद्रास कॉरपोरेशन 29 सितंबर, 1688 को बनाया गया था.
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक तिथियों को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 13. इंदौर नगर निगम के अन्तर्गत किये जा रहे नागरिक संबंध प्रबंधन संबंधी किन्हीं दो कार्यों का उल्लेख कीजिए।
Answer: इंदौर नगर निगम के नागरिक संबंध प्रबंधन संबंधी दो कार्य हैं:
1. विवाह प्रमाण-पत्र देना: विवाह के पंजीकरण और प्रमाण-पत्र जारी करने का काम.
2. अग्निशमन सेवाएँ: आग लगने की स्थिति में आपातकालीन सहायता प्रदान करना. ये सेवाएँ नागरिकों के जीवन और सुविधाओं को सीधे प्रभावित करती हैं.
In simple words: इंदौर नगर निगम दो काम करता है: शादी के सर्टिफिकेट देना और आग बुझाने की सेवाएँ देना.
🎯 Exam Tip: नागरिक संबंध प्रबंधन से जुड़े उन कार्यों का उल्लेख करें जो सीधे तौर पर नागरिकों को सेवाएँ प्रदान करते हैं.
प्रश्न 14. चेन्नई और जयपुर में किस प्रकार का स्थानीय नगर निकाय कार्यरत है?
Answer: चेन्नई और जयपुर जैसे बड़े शहरों में नगर निगम कार्यरत है. नगर निगम दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में स्थानीय शासन का सबसे बड़ा निकाय होता है. यह शहर के विकास, रखरखाव और नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन करता है.
In simple words: चेन्नई और जयपुर जैसे बड़े शहरों में नगर निगम काम करते हैं.
🎯 Exam Tip: बड़े शहरों के लिए 'नगर निगम' का उपयोग किया जाता है, यह जनसंख्या के आधार पर एक महत्वपूर्ण वर्गीकरण है.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. सहभागी लोकतंत्र की वृहत धारणा क्या है?
Answer: सहभागी लोकतंत्र की व्यापक अवधारणा यह है कि प्रत्येक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुशासन का मुख्य लक्ष्य नागरिकों को सशक्त बनाना होता है. इसका मतलब यह है कि नागरिक देश के कामों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें, चाहे वह ग्रामीण, क्षेत्रीय, नगरीय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर हो. यह केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतियों के निर्माण, कार्यान्वयन और मूल्यांकन में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है. इस तरह, निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक लोगों की आवाज शामिल होती है, जिससे शासन अधिक न्यायपूर्ण और प्रभावी बनता है.
In simple words: सहभागी लोकतंत्र का मतलब है कि हर नागरिक देश के कामों में, चाहे वह किसी भी स्तर पर हो, सक्रिय रूप से हिस्सा ले, ताकि सबको अपनी बात रखने का मौका मिले.
🎯 Exam Tip: सहभागी लोकतंत्र की परिभाषा में 'नागरिक सशक्तिकरण' और 'सक्रिय भागीदारी' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें.
प्रश्न 2. वार्ड समितियाँ क्या कार्य करती हैं?
Answer: वार्ड समितियाँ नगरीय स्थानीय निकायों के महत्वपूर्ण अंग हैं और ये कई तरह के कार्य करती हैं. इनके कार्यों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करना, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाना और उसमें सहायता करना शामिल है. इसके अलावा, ये जल रिसाव, नालियों का जाम होना, सड़कों का टूट जाना जैसी स्थानीय समस्याओं के बारे में अधिकारियों को जानकारी देती हैं. ये समितियाँ अपने वार्ड के लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच एक पुल का काम करती हैं, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके.
In simple words: वार्ड समितियाँ अपने इलाके में स्वास्थ्य शिविर लगाती हैं, प्लास्टिक कम करने का अभियान चलाती हैं और पानी लीक होने या सड़क टूटने जैसी समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को देती हैं.
🎯 Exam Tip: वार्ड समितियों के कार्यों को सूचीबद्ध करें और उनके स्थानीय समस्याओं के समाधान में भूमिका पर जोर दें.
प्रश्न 3. इंदौर नगर निगम के अन्तर्गत की जा रही सामान्य सेवाएँ तथा नागरिक संबंध प्रबंधन की सेवाओं के नाम लिखिए।
Answer: इंदौर नगर निगम के तहत प्रदान की जाने वाली सामान्य सेवाएँ और नागरिक संबंध प्रबंधन की सेवाएँ इस प्रकार हैं:
इंदौर नगर निगम की सामान्य सेवाएँ हैं:
1. संपत्ति कर
2. जल शुल्क
3. सूखा कूड़ा प्रबंधन
4. व्यवसाय - विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस
इंदौर नगर निगम की नागरिक संबंध प्रबंध सेवाएँ हैं:
1. विवाह प्रमाण पत्र
2. अग्निशमन सेवाएँ
3. विभिन्न लाइसेंस देना
4. जल टैंकर की व्यवस्था करना
5. मलबा हटाना
ये सभी सेवाएँ शहर के नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने और उनकी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती हैं.
In simple words: इंदौर नगर निगम संपत्ति कर लेता है, पानी, कचरा और व्यापार का इंतजाम करता है. यह शादी के सर्टिफिकेट, आग बुझाने की सेवा, लाइसेंस और पानी के टैंकर जैसी सुविधाएँ भी देता है.
🎯 Exam Tip: सामान्य सेवाओं और नागरिक संबंध प्रबंधन सेवाओं को दो अलग-अलग खंडों में सूचीबद्ध करें, ताकि स्पष्टता बनी रहे.
प्रश्न 4. नगरीय स्थानीय निकायों के कितने प्रकार हैं?
Answer: भारत में स्थानीय नगरीय निकायों के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं, जो शहर की जनसंख्या के आधार पर तय किए जाते हैं:
• नगर निगम: यह उन नगरों में होते हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक होती है. ये बड़े शहरों के स्थानीय शासन को संभालते हैं.
• नगरपालिका: यह उन नगरों में होती है जिनकी जनसंख्या 1 लाख से 10 लाख के बीच होती है. ये मध्यम आकार के शहरों का प्रबंधन करते हैं.
• नगर पंचायत: यह उन नगरों व कस्बों में होती है जिनकी जनसंख्या 1 लाख से कम होती है. ये छोटे शहरी क्षेत्रों या अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए होती हैं. यह वर्गीकरण स्थानीय शासन को अधिक प्रभावी और जनसंख्या के अनुरूप बनाने में मदद करता है.
In simple words: नगरीय स्थानीय निकाय तीन प्रकार के होते हैं: नगर निगम (बड़े शहर), नगरपालिका (मध्यम शहर) और नगर पंचायत (छोटे शहर), यह सब जनसंख्या पर निर्भर करता है.
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के नगरीय निकाय को उनकी जनसंख्या श्रेणी के साथ स्पष्ट रूप से परिभाषित करें.
Question 2. सहभागी लोकतंत्र की धारणा को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Answer: सहभागी लोकतंत्र का मतलब है कि नागरिक अपने काम अच्छे से करने के लिए अपने इलाके की देखभाल करें। लोगों को अपने पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए। इससे कूड़े को जमा करना और उसका निपटारा करना बहुत आसान हो जाता है। जब नागरिक सीधे तौर पर शामिल होते हैं, तो समुदाय में अपनेपन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
In simple words: नागरिक जब देश और अपने इलाके के कामों में खुद सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो उसे सहभागी लोकतंत्र कहते हैं।
🎯 Exam Tip: सहभागी लोकतंत्र को समझाते समय, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और उनके कार्यों के उदाहरण देना महत्वपूर्ण है।
Question 3. मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन पर एक टिप्पणी लिखिए।
Answer: मद्रास (जिसे अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन कहा जाता है) को 29 सितंबर, 1688 को बनाया गया था। यह भारत में सबसे पुरानी नगर निगम संस्था है। ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसके एक साल पहले एक चार्टर (कानून) जारी किया था। इस कानून से फोर्ट सेंट जॉर्ज शहर और उसके 16 किलोमीटर के भीतर के सभी इलाकों को एक कॉरपोरेशन में बदला गया। साल 1792 के एक नए संसदीय अधिनियम से मद्रास कॉरपोरेशन को शहर में स्थानीय टैक्स लगाने की शक्ति मिली, जिससे स्थानीय नगरीय सरकार का काम अच्छे से शुरू हो सका। यह ऐतिहासिक कदम भारत में नगरीय स्वशासन की नींव रखने में महत्वपूर्ण था, जिसने अन्य शहरों को भी प्रेरणा दी।
In simple words: मद्रास (अब चेन्नई) कॉरपोरेशन भारत का सबसे पुराना नगर निगम है, जिसकी स्थापना 1688 में हुई थी। इसे स्थानीय टैक्स लगाने की शक्ति 1792 में मिली, जिससे शहरी शासन अच्छे से चल सका।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण संस्थाओं के गठन की तारीखों और उनके महत्व को याद रखना आपको पूरे अंक दिलाने में मदद करेगा।
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