NCERT Solutions for Class 8 Hindi: Chapter 08 कुम्भ मेला
Review structured textbook solutions for Class 8 Hindi Chapter 08 कुम्भ मेला. Built according to UP Board guidelines for the 2026 27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.
Practice Class 8 Hindi Solutions: Chapter 08 कुम्भ मेला
View or download the dedicated Chapter 08 कुम्भ मेला solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026 27 curriculum for Hindi.
अभ्यास
Question 1. उच्चारण करें
नोट – विद्यार्थी स्वयं उच्चारण करें।
In simple words: यह एक अभ्यास गतिविधि है जहाँ छात्रों को शब्दों का सही उच्चारण करने का अभ्यास करना होता है।
🎯 Exam Tip: उच्चारण अभ्यास से भाषा की पकड़ मजबूत होती है और बोलने की क्षमता में सुधार आता है।
एकपद में उत्तर दें
Question 2.(क) सङगमतटे प्रतिद्वादशवर्ष का लगति?
Answer: कुम्भमेला ।
In simple words: संगम तट पर हर बारह साल में कुम्भ मेला लगता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के एक-शब्द वाले उत्तर सीधे प्रश्न से संबंधित होते हैं और इन्हें याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2.(ख) सुवर्णकुम्भं हस्तयोः धृत्वा कः उत्पन्नः?
Answer: धन्वन्तरि ।
In simple words: सोने का कलश हाथों में लेकर धन्वन्तरि उत्पन्न हुए थे।
🎯 Exam Tip: पौराणिक कथाओं के पात्रों और उनकी विशेषताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2.(ग) कनककुम्भे किम् आसीत्?
Answer: अमृतं ।
In simple words: सोने के कलश में अमृत था।
🎯 Exam Tip: 'कनककुम्भ' और 'अमृत' जैसे प्रमुख शब्दों को याद रखने से उत्तर देने में आसानी होगी।
Question 2.(घ) कल्पवासं कर्तुं जनाः कस्मिन् मासे जनाः आगच्छति?
Answer: माघमासे ।
In simple words: कल्पवास करने के लिए लोग माघ महीने में आते हैं।
🎯 Exam Tip: कुम्भ मेले से जुड़े महत्वपूर्ण महीनों और तिथियों को याद रखना परीक्षा के लिए उपयोगी है।
एक वाक्य में उत्तर दें
Question 3.(क) समुद्रमन्थनस्य प्रसिद्ध कथा कुत्र वर्णिता?
Answer: समुद्रमन्थनस्य प्रसिद्धा कथा श्रीमदभागवतादि महापुराणेषु वर्णिता अस्ति।
In simple words: समुद्रमंथन की प्रसिद्ध कहानी श्रीमद्भागवत और अन्य महापुराणों में बताई गई है।
🎯 Exam Tip: पौराणिक घटनाओं से जुड़े ग्रंथों के नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 3. सत्ययुगे के मिलित्वा समुद्रम् अमनन्?
Answer: सत्ययुगे देवा दानवाश्च मिलित्वा समुद्रम् अमनन् ।
In simple words: सत्ययुग में देवता और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था।
🎯 Exam Tip: 'देव' और 'दानव' जैसे प्रमुख किरदारों को पहचानना और उनकी भूमिका याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. त्रिवेणीतटे जनाः कदा कल्पवासं कर्तुम् आगच्छन्ति?
Answer: त्रिवेणीतटे जनाः माघमासे कल्पवासं कर्तुम् आगच्छन्ति ।
In simple words: त्रिवेणी तट पर लोग माघ के महीने में कल्पवास के लिए आते हैं।
🎯 Exam Tip: कुम्भ मेले से संबंधित स्थान और समय की जानकारी महत्वपूर्ण होती है।
Question 3. को द्रष्ट सर्वैः जनैः प्रयागे आगन्तव्यम्?
Answer: विश्वस्य प्रमुखां कुम्भमेला द्रष्टुं सर्वेः जनैः प्रयागे आगन्तव्यम् ।
In simple words: दुनिया के प्रमुख कुम्भ मेले को देखने के लिए सभी लोगों को प्रयाग आना चाहिए।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न कुम्भ मेले के महत्व को दर्शाता है, जिसे समझना चाहिए।
निम्नलिखित पदों का सन्धि-विच्छेद करें
| पद | सन्धि-विच्छेद यस्योत्तरतः |
|---|---|
| अपि + एकम् | यस्या + उत्तरतः अप्येकम् |
| नाम्नापि | नाम्ना + अपि काप्यसुविधा |
| का + असुविधा |
In simple words: इस तालिका में कुछ संस्कृत पद और उनके संधि-विच्छेद दिए गए हैं, जो शब्दों को तोड़कर उनके मूल रूपों को दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: संधि-विच्छेद के नियमों को समझना और शब्दों को सही ढंग से तोड़ने का अभ्यास करना व्याकरण में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण करें प्रश्न
Question 5.(क) कनककुम्भे अमृतम् आसीत्।
Answer: प्रश्न : अमृतम् कुत्र आसीत?
In simple words: मूल वाक्य बताता है कि सोने के कलश में अमृत था, और इससे बना प्रश्न पूछता है कि अमृत कहाँ था।
🎯 Exam Tip: प्रश्न निर्माण करते समय, रेखांकित पद के स्थान पर उपयुक्त प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग करना चाहिए।
Question 5. अमृतं प्राप्तुं जानाः कुम्भमेलाम् आयोजयन्ति ।
Answer: प्रश्न : अमृतम् प्राप्तुं जनाः का आयोजयन्ति?
In simple words: मूल वाक्य कहता है कि लोग अमृत पाने के लिए कुम्भ मेले का आयोजन करते हैं, और इससे बना प्रश्न पूछता है कि लोग अमृत पाने के लिए किसका आयोजन करते हैं।
🎯 Exam Tip: क्रिया और उद्देश्य को ध्यान में रखकर प्रश्नवाचक शब्द का चयन करें ताकि प्रश्न सही बने।
Question 5. अमृतकुम्भात् किञ्चिद् अमृतं चतुषु स्थानेषु अपतत् ।
Answer: प्रश्न : कस्मात् कुम्भात् अमृतं चतुषु स्थानेषु अपतत्?
In simple words: मूल वाक्य बताता है कि अमृत कलश से कुछ अमृत चार स्थानों पर गिरा, और इससे बना प्रश्न पूछता है कि किस कलश से अमृत चार स्थानों पर गिरा।
🎯 Exam Tip: 'कस्मात्' जैसे प्रश्नवाचक शब्दों का प्रयोग कारण या स्रोत पूछने के लिए किया जाता है।
Question 5. गरुडः अमृतकुम्भम् अहरत् ।
Answer: प्रश्न : अमृतकुम्भम् कः अहरत्?
In simple words: मूल वाक्य कहता है कि गरुड़ ने अमृत कलश को हर लिया, और इससे बना प्रश्न पूछता है कि अमृत कलश को किसने हर लिया।
🎯 Exam Tip: कर्ता को प्रश्नवाचक शब्द 'कः' से बदलकर प्रश्न बनाना एक सामान्य और महत्वपूर्ण तरीका है।
संस्कृत में अनुवाद करें
Question 6.(क) नगर की पूर्व दिशा में नदियों का संगम है।
Answer: संस्कृत अनुवाद – नगरस्य प्राच्यां दिशि नदीनां संगमः अस्ति ।
In simple words: इस हिंदी वाक्य का संस्कृत में अनुवाद 'नगरस्य प्राच्यां दिशि नदीनां संगमः अस्ति' है, जिसका अर्थ है कि शहर की पूर्वी दिशा में नदियों का संगम है।
🎯 Exam Tip: अनुवाद करते समय लिंग, वचन और कारक का विशेष ध्यान रखें।
Question 6.(ख) देवों और दानवों ने मिलकर समुद्र मथा।
Answer: संस्कृत अनुवाद – देवा दानवाश्च मिलित्वा समुद्रं अमनन् ।
In simple words: इस हिंदी वाक्य का संस्कृत अनुवाद 'देवा दानवाश्च मिलित्वा समुद्रं अमनन्' है, जिसका अर्थ है कि देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र का मंथन किया।
🎯 Exam Tip: 'और' के लिए 'च' का प्रयोग करते समय उसे संबंधित शब्दों के बाद लगाना सही होता है।
Question 6. भारत के चार स्थानों पर अमृत की बूंदें पड़ीं।
Answer: संस्कृत अनुवाद – भारतस्य चतुषु स्थानेषु अमृतं कणानि अपतत् ।
In simple words: इस हिंदी वाक्य का संस्कृत अनुवाद 'भारतस्य चतुषु स्थानेषु अमृतं कणानि अपतत्' है, जिसका अर्थ है कि भारत के चार स्थानों पर अमृत की बूँदें गिरीं।
🎯 Exam Tip: संख्याओं और स्थानों के लिए सही विभक्ति का प्रयोग करना अनुवाद को सटीक बनाता है।
Question 6. प्रत्येक बारह वर्ष पर कुम्भ मेला लगता है।
Answer: संस्कृत अनुवाद – प्रतिद्वादशवर्ष कुम्भमेलाम् आयोजयन्ति ।
In simple words: इस हिंदी वाक्य का संस्कृत अनुवाद 'प्रतिद्वादशवर्ष कुम्भमेलाम् आयोजयन्ति' है, जिसका अर्थ है कि हर बारह साल में कुम्भ मेले का आयोजन होता है।
🎯 Exam Tip: समय और आवृत्ति दर्शाने वाले शब्दों का सही संस्कृत पर्याय याद रखें।
Free study material for Hindi
UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 08 कुम्भ मेला
Chapter Exercise Answers for Class 8 Hindi
Access structured UP Board textbook solutions for Chapter 08 कुम्भ मेला. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 8 Hindi, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Detailed Answer Guides for Chapter 08 कुम्भ मेला
Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 8 Hindi module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for UP Board exams.
Complete Preparation Kit for Class 8 Exams
Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 8 Hindi.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 8 कुम्भ मेला is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Hindi are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 8 कुम्भ मेला as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 8 कुम्भ मेला will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 8 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 8 कुम्भ मेला in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 8 कुम्भ मेला in printable PDF format for offline study on any device.