Official UP Board Solutions for Class 8 Hindi: Chapter 03 सच्ची वीरता
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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 03 सच्ची वीरता
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महत्वपूर्ण गद्याश की व्याख्या
सत्य की सदा जीत
.विजय होती है।
संदर्भ-प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठयपुस्तक 'मंजरी' के 'सरदार पूर्ण सिंह' द्वारा लिखित निबन्ध 'सच्ची वीरता' नामक पाठ से लिया गया है।
प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने सच्चे वीर के गुणों का वर्णन किया है।
व्याख्या-सच्चे वीर की संत्य के कारण सदा जीत होती है। पवित्रता और सबके लिए प्रेम रखने के कारण उसकी विजय निश्चित होती है। सच्चे वीर यह अच्छी प्रकार जानते हैं कि इस संसार का आधार धर्म और आध्यात्मिक नियम ही हैं। इन्हें अपनाकर आगे बढ़ने वाले वीर लोग हमेशा विजय प्राप्त करते आए हैं। जब हम कभी
रंग खिलेंगे। संदर्भ एवं प्रसंग-पूर्ववत् ।
व्याख्या-लेखक ने वीरता के प्रभाव के विषय में बताया है। हम जब किसी वीर पुरुष की वीरता का वर्णन सुनते हैं तो शरीर में लहरें उठती हैं और तन रोमांचित हो उठता है। लेकिन दिखावे के कारण यह प्रभाव देर तक नहीं रह पाता क्योंकि हमें सचमुच वीर नहीं बनना चाहते। टीन के बर्तन का स्वभाव छोड़कर हमें सच्चाई के रास्ते पर दृढ़ हो जाना चाहिए। हमें जीवन की गहराई में घुसकर नए रंग खिलाने चाहिए।
पाठ का सार (सारांश)
पाठ का सार (सारांश) सच्चे वीर पुरुष धीर, गम्भीर और स्वतन्त्र होते हैं। वीरता की अभिव्यक्ति कई प्रकार की होती है। कुछ वीर युद्ध में वीरता दिखाते हैं तो कुछ गूढतत्व और सत्य की खोज में बुद्ध की तरह विरक्त होकर वीर हो जाते हैं। वीरता एक प्रकार की अन्तःप्रेरणा है। उसके दर्शन करके लोग अचम्भित हो जाते हैं। वीर पुरुष सबके साथ एकीकृत हृदय वाला और सबका होता है। यह देवदार के वृक्ष की भाँति स्वयं पैदा होकर, दूसरों को सहारा देने के लिए खड़ा हो जाता है। इसके प्रतिकूल बुजदिल (कायर लोग) जीवन को सब कुछ समझकर पीछे हटते रहते हैं।
वे गरजने वाले बादल हैं जो कभी बरसते नहीं। वीर पुरुष बरसने वाले बादल होते हैं जो मूसलाधार वर्षा करके चले जाते हैं । | वीर पुरुष का शरीर शक्ति का भंडार होता है। वीरों की नीति बल एकत्र करके उसकी वृद्धि में लगी होती है। वह वीर नहीं जो टीन के बर्तन की तरह झट से गर्म और ठण्डा हो जाए।
सत्य की सदा जीत होती है। यह वीरता का चिह्न है। जहाँ पवित्रता, प्रेम, धर्म और अटल आध्यात्मिक नियम हैं, वहीं जीत है। वीरता का प्रभाव पड़ता है परन्तु दिखावे के कारण लोग वीर नहीं बन पाते। टीन के बर्तन का स्वभाव छोड़कर हमें सच्चाई के रास्ते पर दृढ़ हो जाना चाहिए। हमें जीवन की गहराई में घुसकर नए रंग खिलाने चाहिए।
प्रश्न-अभ्यास
कुछ करने को-
Question. किसी भी साहसपूर्ण कार्य को बहादुरी से करना वीरता कहलाती है। सोचिए और लिखिए कि आपके आस-पास घटने वाली वे कौन-कौन सी स्थितियाँ हो सकती हैं जिनमें आप बहादुरी का परिचय दे सकते हैं।
Answer: भयंकर आग लगने पर साथियों के साथ बाल्टियों में पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश करेंगे, जले हुए लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दिलाएँगे। बाढ़ की स्थिति में तैरकर लोगों की जीवन रक्षा करने की कोशिश करेंगे।
In simple words: हमें आग लगने या बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में दूसरों की मदद करने के लिए बहादुरी दिखानी चाहिए, जैसे आग बुझाना या जान बचाना।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में वास्तविक जीवन के उदाहरणों का उपयोग करके वीरता के विभिन्न पहलुओं को दर्शाना महत्वपूर्ण है।
विचार और कल्पना
Question 1. वीर पुरुष की तुलना बरसने वाले बादलों से और कायर पुरुष की तुलना गरजने वाले बादल से क्यों की गई है?
Answer: क्योंकि वीर पुरुष बरसने वाले बादल होते हैं जो मूसलाधार वर्षा करते हैं अर्थात सभी का कल्याण करते हैं और कायर पुरुष करते कुछ नहीं सिर्फ भाषण देते हैं अर्थात गरजते हैं।
In simple words: वीर पुरुष कर्म करते हैं और दूसरों का भला करते हैं, जैसे बरसने वाले बादल सभी को लाभ पहुँचाते हैं, जबकि कायर पुरुष केवल बातें करते हैं, जैसे गरजने वाले बादल बिना बरसे ही चले जाते हैं।
🎯 Exam Tip: उपमाओं के माध्यम से पात्रों की विशेषताओं को स्पष्ट करना विश्लेषण क्षमता को दर्शाता है।
Question 2. 'सच्चा वीर' बनने के लिए आप अपने भीतर किन गुणों को विकसित करेंगे?
Answer: 'सच्चा वीर' बनने के लिए धैर्य, गम्भीरता, स्वतन्त्रता, उच्च मनोबल, पवित्रता और सबके प्रति प्रेम-भावना आदि गुणों को विकसित करेंगे।
In simple words: सच्चा वीर बनने के लिए हमें धैर्य, गम्भीरता, आत्मविश्वास, उच्च विचार, पवित्रता और सभी के लिए प्रेम की भावना जैसे गुणों को अपनाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: व्यक्तिगत मूल्यों और उनके विकास पर ध्यान केंद्रित करना उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होता है।
Question 3. 'वीरों को बनाने के कारखाने कायम नहीं हो सकते'-आप इस बात से सहमत हैं या असहमत कारण सहित स्पष्ट करें।
Answer: वीरों को बनाने के कारखाने कायम नहीं हो सकते-मैं इस बात से पूर्ण सहमत हूँ। क्योंकि वीरता एक स्वाभाविक गुण है, यह मनुष्य में अपने-आप होती है। किसी को प्रशिक्षण देकर वीर नहीं बनाया जा सकता, वीरता के गुण किसी में भरे नहीं जा सकते, वे उनमें मौजूद होते हैं।
In simple words: मैं सहमत हूँ कि वीरता सिखाई नहीं जा सकती क्योंकि यह एक सहज गुण है जो व्यक्ति के भीतर स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है, न कि बाहरी प्रशिक्षण से विकसित होता है।
🎯 Exam Tip: अपने तर्क को स्पष्ट और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करना उत्तर को अधिक प्रभावशाली बनाता है।
निबन्ध से-
Question 1. किसने क्या कहा? कोष्ठक में दिये गये नामों से चुनकर वाक्य के सामने लिखिए (लिखकर)-
(महाराजा रणजीत सिंह, मंसूर, नेपोलियन, बादशाह)
Answer:
(क) “अनलहक' (अहं ब्रह्मास्मि)। - मंसूर
(ख) मैं तुमको अभी जान से मार डालूंगा। - बादशाह
(ग) अटक के पार जाओ। - महाराजा रणजीत सिंह
(घ) “आल्प्स है ही नहीं। - नेपोलियन
In simple words: यह प्रश्न प्रसिद्ध व्यक्तियों के महत्वपूर्ण कथनों को उनके नामों से मिलाना सिखाता है, जिससे हमें उनके विचारों की पहचान होती है।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक या साहित्यिक उद्धरणों को सही व्यक्ति से जोड़ना तथ्यों की आपकी समझ को दर्शाता है।
Question 2. लेखक के अनुसार दुनिया किस पर खड़ी है
(क) धन और दौलत पर ।
(ख) ज्ञान और पांडित्य पर ।
(ग) हिंसा और अत्याचार पर।
(घ) धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों पर।
Answer: (घ) धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों पर।
In simple words: लेखक का मानना है कि दुनिया धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों के मजबूत सिद्धांतों पर टिकी है।
🎯 Exam Tip: पाठ के मुख्य विचारों और दर्शन को समझना ऐसे बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर देने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 3. अपने अन्दर की वीरता को जगाने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उपयुक्त कथन पर सही (√) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर):
Answer:
(क) हथियारों को एकत्र करना चाहिए।
(ख) वाद-विवाद करना चाहिए। ।
(ग) सच्चाई की चट्टान पर दृढ़ता से खड़ा होना चाहिए। (√)
(घ) झूठी बातें करनी चाहिए।
In simple words: अपनी आंतरिक वीरता को जगाने के लिए हमें सच्चाई के मार्ग पर दृढ़ता से खड़े रहना चाहिए।
🎯 Exam Tip: सकारात्मक गुणों को बढ़ावा देने वाले विकल्पों को चुनना ही सही दृष्टिकोण होता है।
Question 4. सच्चे वीर पुरुष में कौन-कौन से गुण होते हैं?
Answer: सच्चे वीर पुरुष में धैर्य, गम्भीरता, स्वाभिमान, साहस आदि गुण होते हैं। उनमें उच्च मनोबल, पवित्रता और सबके प्रति प्रेम की भावना होती है।
In simple words: सच्चे वीर पुरुषों में धैर्य, गम्भीरता, स्वाभिमान, साहस, उच्च मनोबल, पवित्रता और सभी के प्रति प्रेम जैसे गुण पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: वीरता के नैतिक और चारित्रिक पहलुओं पर केंद्रित उत्तर अधिक मूल्यवान होते हैं।
Question 5. बादशाह द्वारा जान से मारने की धमकी देने पर गुलाम ने क्यों कहा?
Answer: गुलाम ने फाँसी पर चढ़ जाने और बादशाह का तिरस्कार करने की बात कही।
In simple words: गुलाम ने बादशाह की धमकी का जवाब यह कहकर दिया कि वह फाँसी पर चढ़ना स्वीकार करेगा और बादशाह का तिरस्कार करेगा, क्योंकि वह अपनी स्वतंत्रता और सच्चाई को महत्व देता था।
🎯 Exam Tip: कहानी के प्रमुख संवादों और उनके पीछे के उद्देश्य को समझना आवश्यक है।
Question 6. शरीर पर जरा जोर से हाथ लगाने पर लोग डर के मारे अधमरे क्यों हो जाते हैं?
Answer: लोग शरीर को जीवन का केन्द्र समझते हैं। इस कारण शरीर-रक्षा के निमित्त लोग डर के मारे अधमरे हो जाते हैं।
In simple words: लोग अपने शरीर को ही जीवन का आधार मानते हैं, इसलिए जरा सी चोट लगने पर भी वे डर जाते हैं क्योंकि उन्हें शरीर की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण लगती है।
🎯 Exam Tip: मानवीय कमजोरियों और उनके मनोवैज्ञानिक कारणों की पहचान करना विश्लेषणात्मक कौशल को दर्शाता है।
Question 7. लेखक ने वीरों को देवदार के वृक्षों के समान क्यों कहा है?
Answer: वीर पुरुष देवदार की तरह स्वयं पैदा होते हैं और अपने सहारे मजबूत बनकर दूसरों के काम । आते हैं। अर्थात वीर पुरुष भी देवदार की तरह बहुत उपयोगी होते हैं।
In simple words: लेखक ने वीरों को देवदार के वृक्षों के समान कहा है क्योंकि वे स्वयं अपनी शक्ति से विकसित होते हैं और दूसरों को सहायता व सहारा प्रदान करते हुए उपयोगी होते हैं।
🎯 Exam Tip: उपमा के पीछे के तर्क और उसके गहरे अर्थ को समझाना एक प्रभावी उत्तर का हिस्सा है।
भाषा की बात-
Question 1. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए इनका वाक्य में प्रयोग कीजिए डर से अधमरा होना, छाती ठोंककर आगे बढ़ना, रास्ता साफ होना, रंग चढ़ना, दिल को बाँध देना ।
Answer:
डर से अधमरा होना-(अधिक डर जाना) साँप को सामने देखकर सीमा डर के मारे अधमरी हो गई।
छाती ठोंककर आगे बढ़ना-(हिम्मत दिखाना) आतंकवादी को भागता देखकर सुरक्षाकर्मी छाती ठोंककर आगे बढ़ा ।
रास्ता साफ होना-(रुकावट न होना ।) रास्ता साफ हो जाने पर रेलगाड़ियाँ लम्बा चक्कर छोड़कर अपने नियत पथ पर चलने लगीं ।
रंग चढ़ना-(असर होना ।) वीर पुरुष को देखकर वीरता का रंग चढ़ना स्वाभाविक है।
दिल को बाँध देना-(दिल काबू कर लेना ।) गांधी जी ने अपने सर्व धर्म समभाव से लोगों के दिलों को बाँध लिया था।
In simple words: यह प्रश्न मुहावरों के अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग का अभ्यास कराता है, जिससे भाषा में प्रवाह और समझ बढ़ती है।
🎯 Exam Tip: मुहावरों के प्रयोग में संदर्भ और अर्थ की स्पष्टता पर विशेष ध्यान दें।
Question 2. आजाद, गुलाम, बादशाह, कैदी, फौज, दरिया और कुदरत उर्दू के शब्द हैं। हिन्दी में इनके समानार्थी शब्द लिखिए ।
Answer:
स्वतन्त्र, सेवक, राजा, बन्दी, सेना, नदी और प्रकृति ।
In simple words: इस प्रश्न में दिए गए उर्दू शब्दों के हिंदी समानार्थी शब्द बताए गए हैं, जिससे शब्दावली का ज्ञान बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न भाषाओं के शब्दों के समानार्थी शब्द जानना भाषा दक्षता के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 3. 'सत्त्व' शब्द में 'त्व' प्रत्यय जुड़कर सत् + त्व = सत्त्व बन गया है। नीचे लिखे शब्दों में 'त्व' जोड़कर नए शब्द बनाइए। :
Answer: महत्-महत्त्व, प्रभु-प्रभुत्व, तत्-तत्त्व, वीर-वीरत्व ।
In simple words: यह प्रश्न 'त्व' प्रत्यय का उपयोग करके नए शब्द बनाना सिखाता है, जो किसी शब्द के भाववाचक संज्ञा रूप को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्ययों के सही प्रयोग से शब्द निर्माण और व्याकरणिक समझ बढ़ती है।
Question 4. विलोम या निषेध के अर्थ में कुछ शब्दों के पूर्व 'अ' या 'अन्' जुड़ जाता है, जैसे- 'सम्भव' से 'असम्भव' और 'आवश्यक' से 'अनावश्यक' शब्द बनता है। 'अन्' का प्रयोग उस समय होता है, जब शब्द के आरम्भ में कोई स्वर हो । अ, अन् की सहायता से नीचे लिखे शब्दों का विलोम शब्द बनाइए- उपस्थित, स्थायी, साधारण, समान, उदार।
Answer:
उपस्थित-अनुपस्थित
स्थायी-अस्थायी
समान-असमान
उदार-अनुदार
साधारण-असाधारण
In simple words: यह प्रश्न 'अ' और 'अन्' उपसर्गों का उपयोग करके शब्दों के विलोम (विपरीत अर्थ वाले) शब्द बनाना सिखाता है।
🎯 Exam Tip: उपसर्गों के प्रयोग से शब्दों के अर्थ परिवर्तन को समझना शब्दावली को समृद्ध करता है।
Question 5. आल्प्स' शब्द आ + ल् + प् + सु + अ से बना है। इसमें लु, पू, स् क़म से तीन व्यंजन आए हैं, इन्हें व्यंजनगुच्छ कहा जाता है। पाठ से इस प्रकार के व्यंजनगुच्छ वाले शब्द चुनकर लिखिए।
Answer:
ब्रह्मास्मि, अभिव्यक्ति, आध्यात्मिक ।
In simple words: यह प्रश्न व्यंजनगुच्छों (एक साथ आने वाले कई व्यंजनों) की पहचान करना सिखाता है, जो शब्दों के उच्चारण और संरचना में महत्वपूर्ण होते हैं।
🎯 Exam Tip: व्यंजनगुच्छों को समझना उच्चारण और वर्तनी की शुद्धता में मदद करता है।
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Step-by-Step Textbook Answers: Class 8 Hindi Chapter 03 सच्ची वीरता
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