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इकाई 2 जलवायु
अभ्यास
Question 1. सही उत्तर पर सही (✔) का निशान लगाइये (निशान लगाकर)
(क) जलवायु किसे कहते हैं?
1. तापमान को
2. वर्षा को
3. सर्दी एवं गर्मी को
4. मौसम की दशाओं के औसत को
Answer: (4) मौसम की दशाओं के औसत को
In simple words: जलवायु का मतलब है कि एक जगह पर मौसम कई सालों तक कैसा रहता है, जैसे बारिश, गर्मी और सर्दी का औसत। यह किसी क्षेत्र के लिए मौसम के पैटर्न का एक दीर्घकालिक माप होता है।
🎯 Exam Tip: जलवायु की परिभाषा को याद रखें, जो किसी क्षेत्र के दीर्घकालिक मौसम पैटर्न पर आधारित है, न कि केवल तात्कालिक मौसम पर।
Question 1. (ख) निम्नलिखित में कौन जलवायु का कारक है?
1. तापमान
2. वर्षा
3. पवन
4. उपरोक्त सभी
Answer: (4) उपरोक्त सभी
In simple words: तापमान, वर्षा और हवा जैसी चीजें मिलकर किसी जगह की जलवायु तय करती हैं। ये सभी कारक मिलकर किसी स्थान के मौसम संबंधी व्यवहार को निर्धारित करते हैं।
🎯 Exam Tip: जलवायु को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों की सूची याद रखें, क्योंकि ये किसी भी स्थान की जलवायु का निर्धारण करते हैं।
Question 1. (ग) जलवायु का अध्ययन किस विज्ञान के अन्तर्गत आता है?
1. जीव विज्ञान
2. सस्य विज्ञान
3. जलवायु विज्ञान
4. वनस्पति विज्ञान
Answer: (3) जलवायु विज्ञान
In simple words: जलवायु के बारे में पढ़ाई करने वाले विज्ञान को जलवायु विज्ञान कहते हैं। इसमें पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में जलवायु के पैटर्न और उनके बदलावों का अध्ययन किया जाता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों और उनके अध्ययन के विषयों को पहचानना सीखें, खासकर जलवायु विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को।
Question 1. (घ) तापमान मापते हैं
1. वर्षामापी से ।
2. वायुदाबमापी से
3. तापमापी से
4. उक्त में से कोई नहीं
Answer: (3) तापमापी से
In simple words: तापमान को नापने के लिए हम तापमापी का इस्तेमाल करते हैं। तापमापी एक उपकरण है जो हवा या अन्य वस्तुओं के तापमान को डिग्री सेल्सियस या फारेनहाइट में दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: मौसम संबंधी मापों के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के सही नाम और उनके कार्य याद रखें।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)
Answer:
1. तापमान मापने के लिए **तापमापी** का प्रयोग करते हैं।
2. वर्षा मापने के लिए **वर्षामापी** का प्रयोग करते हैं।
3. वायुदाब मापने के लिए **वायुदाबमापी** का प्रयोग करते हैं।
4. जिन स्थानों पर वर्षा अधिक होती है, वहाँ की जलवायु **गर्म व आर्द्र** होती है।
5. जलवायु कारकों के क्रमबद्ध अध्ययन को **जलवायु विज्ञान** कहते हैं।
In simple words: ये वाक्य बताते हैं कि अलग-अलग चीजों को मापने के लिए कौन से उपकरण इस्तेमाल होते हैं और जलवायु के बारे में पढ़ने को क्या कहते हैं। इन उपकरणों का उपयोग मौसम विज्ञान में महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि आप सही वैज्ञानिक शब्द का उपयोग करें जो वाक्य के संदर्भ में फिट बैठता हो।
Question 3. निम्नलिखित में सही के सामने (✔) तथा गलत के सामने (४) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर)
Answer:
1. जलवायु के कारकों के क्रमबद्ध अध्ययन को जलवायु विज्ञान कहते हैं। (✔)
2. जिन स्थानों पर वर्षा अधिक होती है, वहाँ की जलवायु नम व आर्द्र होती है। (✔)
3. तापमान वायुदाबमापी से नापा जाता है। (X)
4. वर्षा मापने के यन्त्र को तापमापी कहते हैं। (X)
5. किसी निश्चित क्षेत्र में वहाँ की जलवायु के अनुसार फसल उगाई जाती है। (✔)
In simple words: ये कथन बताते हैं कि कौन सी बातें जलवायु, वर्षा और तापमान के बारे में सही हैं और कौन सी गलत हैं। सही ज्ञान हमें यह समझने में मदद करता है कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में जलवायु और कृषि कैसे आपस में जुड़े हुए हैं।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सच्चाई की पुष्टि अपनी जानकारी के आधार पर करें।
Question 4. मौसम के आधार पर फसलें कितने प्रकार की होती हैं?
Answer: मौसम के आधार पर फसलें मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं: खरीफ, रबी और जायद। ये फसलें साल के अलग-अलग मौसमों में बोई और काटी जाती हैं। प्रत्येक प्रकार की फसल को विशिष्ट जलवायु परिस्थितियों की आवश्यकता होती है, जिससे वे उस मौसम के लिए उपयुक्त होती हैं।
In simple words: मौसम के हिसाब से तीन तरह की फसलें होती हैं: खरीफ (गर्मी), रबी (सर्दी) और जायद (इनके बीच)।
🎯 Exam Tip: तीनों प्रकार की फसलों (खरीफ, रबी, जायद) के नाम और उन्हें बोने व काटने के मौसम को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?
Answer: जलवायु को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक तापमान, वर्षा और पवन हैं। ये तीनों मिलकर किसी स्थान के मौसम के लंबे समय के पैटर्न को तय करते हैं। इन कारकों में परिवर्तन से किसी क्षेत्र की कृषि उत्पादकता और पारिस्थितिकी तंत्र पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
In simple words: तापमान, बारिश और हवा, ये तीनों जलवायु को बदलने वाले मुख्य कारण हैं।
🎯 Exam Tip: जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख प्राकृतिक कारकों की एक स्पष्ट सूची तैयार करें ताकि आप उन्हें आसानी से याद रख सकें।
Question 6. वायुदाब मापने के लिए किस यन्त्र का प्रयोग करते हैं?
Answer: वायुदाब मापने के लिए वायुदाबमापी नामक यंत्र का प्रयोग किया जाता है। यह उपकरण हवा के दबाव को मापता है। वायुदाबमापी मौसम के पूर्वानुमान में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि हवा का दबाव मौसम परिवर्तन का संकेत देता है।
In simple words: हवा के दबाव को नापने के लिए वायुदाबमापी नाम का एक उपकरण इस्तेमाल होता है।
🎯 Exam Tip: वायुदाबमापी के कार्य को समझें और यह भी जानें कि यह मौसम के पूर्वानुमान में कैसे सहायक होता है।
Question 7. वर्षा मापने वाले यन्त्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: वर्षामापी यंत्र का उपयोग किसी स्थान पर एक निश्चित समय में हुई बारिश की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। इस यंत्र में एक बेलनाकार बाहरी खोल होता है जिसके अंदर एक कांच की बोतल रखी होती है। बोतल के मुंह के बराबर व्यास वाली एक कीप इस बोतल पर फिट की जाती है। बारिश होने पर इस यंत्र को खुले स्थान पर रख दिया जाता है, जिससे बारिश की बूंदें कीप से होकर बोतल में जमा हो जाती हैं। जमा हुई बारिश की मात्रा को नापकर कुल वर्षा की जानकारी मिलती है। यह यंत्र मौसम संबंधी जानकारी जुटाने में सहायक होता है। इस यंत्र का आविष्कार 400 ईसा पूर्व में भारत में हुआ था और यह आज भी वर्षा की सटीक माप के लिए उपयोग होता है।
In simple words: वर्षामापी एक ऐसा यंत्र है जिससे हम यह नापते हैं कि कितनी बारिश हुई है। इसमें एक बोतल होती है जिसके ऊपर एक कीप लगी होती है। बारिश का पानी इसमें जमा हो जाता है और फिर हम उसे नाप लेते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्षामापी के चित्र और उसकी कार्यप्रणाली का वर्णन करने के लिए मुख्य भागों (जैसे कीप, बोतल, खोल) पर ध्यान दें।
Question 8. जलवायु के आधार पर उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्रों का वर्णन कीजिए ।
Answer: जलवायु की विशेषताओं के आधार पर उत्तर प्रदेश राज्य को कृषि के लिए आठ मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है। इन क्षेत्रों में अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं क्योंकि उनकी जलवायु भिन्न होती है। यह विभाजन किसानों को स्थानीय जलवायु के अनुकूल सही फसलों का चुनाव करने में मदद करता है और कृषि उत्पादकता बढ़ाता है।
1. **भावर या तराई क्षेत्र**: इसमें सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत और लखीमपुर जिले शामिल हैं।
2. **पश्चिमी मैदानी क्षेत्र**: इस क्षेत्र में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर और गाजियाबाद जैसे जिले आते हैं।
3. **मध्यम पश्चिमी मैदानी क्षेत्र**: बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत और बदायूँ इसके मुख्य जिले हैं।
4. **दक्षिण पश्चिमी शुष्क क्षेत्र**: यह आगरा मंडल के जिलों को कवर करता है।
5. **मध्य मैदानी क्षेत्र**: लखनऊ, कानपुर और इलाहाबाद मंडल के जिले इस क्षेत्र का हिस्सा हैं।
6. **बुंदेलखंड क्षेत्र**: इसमें पूरा बुंदेलखंड मंडल शामिल है।
7. **उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र**: गोंडा, बहराइच, बस्ती, देवरिया और गोरखपुर जैसे जिले इसमें आते हैं।
8. **पूर्वी मैदानी क्षेत्र**: बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, गाजीपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, जौनपुर और वाराणसी इस क्षेत्र के प्रमुख जिले हैं।
In simple words: उत्तर प्रदेश को जलवायु के हिसाब से आठ खेती वाले इलाकों में बांटा गया है। हर इलाके में अलग-अलग फसलें उगती हैं, क्योंकि वहाँ की जलवायु अलग होती है।
🎯 Exam Tip: उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों को याद करते समय, प्रत्येक क्षेत्र के प्रमुख जिलों को भी याद रखें, क्योंकि यह भौगोलिक ज्ञान को मजबूत करता है।
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