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महत्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या
दादी का स्वभाव
नहीं हुई।
संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'शाप-मुक्ति' नामक पाठ से लिया गया है। इस कहानी के लेखक रमेश उपाध्याय हैं।
प्रसंग: दादी को नेत्रों के इलाज के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ० प्रभात के पास ले जाया गया। बातचीत में पता चला कि वह इलाहाबाद के वकील का लड़का मंटू था जिसने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं।
व्याख्या: दादी ने निश्चय कर लिया था कि वह डॉ० प्रभात से नेत्र चिकित्सा नहीं कराएँगी। दादी जो ठान लेती थी, बच्चों की तरह हठपूर्वक वही करती थीं। दादी को समझाने की सब कोशिशें बेकार गईं। दादी ने डॉ० प्रभात द्वारा लिखी गई आँखों की दवाई, जो दादी की आँख में डाली जानी थी, मँगाने से साफ इनकार कर दिया। अच्छी तरह से समझाने पर भी दादी ने अपना निश्चय नहीं बदला।
पाठ का सार (सश)
मैं दादी के नेत्रों की चिकित्सा कराने दिल्ली के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सालय में डॉ० प्रभात के पास गया। बात-बात में पता चला कि डॉ० प्रभात इलाहाबाद में पड़ोस में रहने वाला 'मंटू' था, जो मेरे (बब्बू का) बचपन का साथी था। दादी भी यह जानकर प्रसन्न हुई। परंतु साथ ही दादी ने डॉ० प्रभात को यह भी बताया कि इलाहाबाद में एक वकील को बदमाश लड़का भी 'मंटू' नाम का था।, दादी ने मुझे बताया कि मंटू ने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। उस घटना को यादकर मैं हैरान रह गया। दादी को पैंतीस साल पहले की वह घटना याद थी। दादी ने निश्चय किया कि वह मंटू यानी डॉ० प्रभात से इलाज नहीं कराएँगी। डॉ० प्रभात दादी को समझाने स्वयं घर आया। उसने दादी से कहा, “मैंने बचपन में पिल्लों की आँखें फोड़कर जो पाप किया वह मुझे याद है। उस पाप के प्रायश्चित्त में ही मैं नेत्र चिकित्सक बना। दादी के शाप से अपनी आँखें फूटने से पहले कितनों को आँखें दे जाऊँगा। उसमें दो आँखें दादी की भी होंगी ।”
डॉ० प्रभात की बात सुनकर दादी ने उसे गले लगा लिया। उसे आशीर्वाद देते हुए कहा कि तुम्हारी आँखों की ज्योति हमेशा बनी रहे। इस प्रकार डॉ० प्रभात को दादी के शाप से मुक्ति मिली।
प्रश्न-अभ्यास
कुछ करने को
Question 1. आक के पौधे से गाढ़ा दूध निकलता है। अन्य किन-किन पेड़-पौधों से गाढ़ा दूध निकलता है, उनके नाम लिखिए।
Answer: बरगद, धतूरा और कटहल जैसे पौधों से भी गाढ़ा दूध निकलता है। बरगद का पेड़ अपनी मजबूत जड़ों के लिए जाना जाता है, जो दूर-दूर तक फैलती हैं।
In simple words: आक के अलावा, बरगद, धतूरा और कटहल के पेड़ों से भी गाढ़ा दूध निकलता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में पौधों के नाम सही-सही लिखें, साथ ही उनका कोई खास गुण भी बता सकते हैं जिससे उत्तर और अच्छा लगे।
Question 2. अपने पास के किसी अस्पताल में जाकर किसी आँख के डॉक्टर से मिलिए और पूछिए कि उन्होंने यह पेशा क्यों चुना।
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें।
In simple words: इस प्रश्न का उत्तर छात्र खुद अपने अनुभव के आधार पर देंगे।
🎯 Exam Tip: जब आप डॉक्टर से मिलें, तो उनसे उनके काम के अनुभव और प्रेरणा के बारे में विनम्रता से पूछें।
Question 3. किसी दृष्टिहीन व्यक्ति से मिलिए, उससे बातचीत कीजिए और महसूस कीजिए कि उसकी कल्पना में दुनिया कैसी है।
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें।
In simple words: इस प्रश्न का उत्तर छात्र खुद अपने अनुभव के आधार पर देंगे।
🎯 Exam Tip: बातचीत करते समय संवेदनशीलता रखें और उनके अनुभवों को समझने की कोशिश करें।
Question 4. यह जानकारी हम डाल रहा था। उपर्युक्त अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए और अपने सहपाठियों से पूछने के लिए चार प्रश्न बनाइए ।
Answer: यहाँ चार उदाहरण प्रश्न दिए गए हैं जिन्हें आप पाठ से बना सकते हैं:
प्र०1. कुतिया ने तीन पिल्ले कहाँ दिए थे?
प्र०2. पिल्ले कैसे थे?
प्र०3. मंटू ने कौन-सा प्रयोग किया?
प्र०4. मंटू के प्रयोग का दुष्परिणाम क्या हुआ?
In simple words: पाठ को पढ़कर आप अपने दोस्तों से पूछने के लिए ऐसे चार सवाल बना सकते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रश्न बनाते समय ध्यान दें कि वे पाठ के मुख्य बिंदुओं को छूते हों और उनका उत्तर पाठ में उपलब्ध हो।
विचार और कल्पना
Question 1. और
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें।
In simple words: छात्र यह कार्य खुद से पूरा करें।
🎯 Exam Tip: ऐसे खुले-अंत वाले प्रश्नों में, अपनी सोच को स्पष्ट और रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 3. विद्यार्थी स्वयं करें ।
Answer: छात्रों को यह गतिविधि या कार्य स्वयं ही पूरा करना चाहिए।
In simple words: यह काम बच्चों को खुद करना है।
🎯 Exam Tip: स्वयं करने वाले प्रश्नों में अपनी रचनात्मकता और समझ का उपयोग करें।
Question 2. जब उस पिल्ले की आँखें चली गयी होंगी तो उसे क्या-क्या कठिनाइयाँ हुई होंगी । सोचिए और लिखिए।।
Answer: जब पिल्ले की आँखें चली गई होंगी, तो उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं देता होगा। उन्हें एक जगह से दूसरी जगह जाने में बहुत मुश्किल होती होगी। उन्हें खाने-पीने और शिकार ढूँढने में भी बहुत परेशानी होती होगी, क्योंकि वे देख नहीं पाते थे। यह स्थिति उनके लिए बहुत दर्दनाक और असहाय रही होगी।
In simple words: आँखों की रोशनी जाने पर पिल्लों को देखने, चलने और खाना ढूँढने में बहुत परेशानी होती होगी।
🎯 Exam Tip: ऐसे भावनात्मक प्रश्नों में, जीव के दृष्टिकोण से सोचकर उसके कष्टों का वर्णन करें।
Question 4. बचपन में मंटू ने पिल्लों के साथ बहुत खराब काम किया था। इस विषय में आप के मन में जो विचार आ रहे हैं, उन्हें लिखिए ।
Answer: बचपन में मंटू ने मासूम पिल्लों की आँखों में आक का दूध डालकर उन्हें अनजाने में ही अंधा बना दिया, जो सच में एक बहुत बुरा काम था। किसी भी जीव को चोट पहुँचाना गलत है, खासकर जब वे बेगुनाह हों। मंटू को ऐसा खतरनाक प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए था। जानवरों के प्रति दया और सहानुभूति रखनी चाहिए।
In simple words: मंटू ने पिल्लों को अंधा करके बहुत बुरा काम किया था। हमें जानवरों को कभी नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: जब अपने विचार व्यक्त करें, तो स्पष्ट रूप से बताएं कि आप क्या महसूस करते हैं और क्यों।
कहानी से
Question 1. डॉ० प्रभात का चेहरा किसे दुःखदायी स्मृति से काला-सा हो गया?
Answer: डॉ० प्रभात का चेहरा उस दुखद याद से काला पड़ गया, क्योंकि बचपन में उन्होंने आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। यह घटना उनके मन में गहरे दुख का कारण बन गई थी।
In simple words: डॉ० प्रभात का चेहरा इसलिए उदास हो गया क्योंकि उन्हें बचपन में तीन पिल्लों की आँखें फोड़ने का बुरा काम याद आ गया।
🎯 Exam Tip: चरित्रों के भावों का वर्णन करते समय, उनके पीछे की घटनाओं या कारणों को स्पष्ट करें।
Question 2. मंटू ने बचपन में क्या पाप किया था और उस पाप का प्रायश्चित उसने किस प्रकार किया?
Answer: मंटू ने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं, यह उसका पाप था। इस पाप का प्रायश्चित्त करने के लिए उसने नेत्र चिकित्सक बनने का फैसला किया, ताकि वह दूसरों की आँखों की रोशनी लौटा सके। इस तरह वह अपने पिछले कर्मों का पश्चाताप कर रहा था।
In simple words: मंटू ने बचपन में पिल्लों की आँखें फोड़ी थीं। इस गलती को सुधारने के लिए वह आँखों का डॉक्टर बना।
🎯 Exam Tip: पाप और प्रायश्चित्त जैसे शब्दों का उपयोग करते समय, कहानी के नैतिक पक्ष को उजागर करें।
Question 3. “पर मैं तो आँखों का डॉक्टर हैं दादी अम्मा! बुढापे का इलाज मेरे पास कहाँ?” डॉ० प्रभात ने यह जवाब दादी के किस बात के उत्तर में दिया था?
Answer: दादी जब लेखक के साथ डॉ० प्रभात के क्लिनिक में पहुँचीं, तो डॉ० प्रभात ने उनका स्वागत किया और पूछा, "कहाँ, क्या तकलीफ है?" इस पर दादी ने कहा था कि उन्हें "कोई तकलीफ नहीं, बेटा। बस बुढ़ापे में नजर कमजोर हो जाती है।" दादी की इसी बात के जवाब में डॉ० प्रभात ने उपरोक्त वाक्य कहे थे। उन्होंने यह कहकर दादी की चिंता को हल्का करने की कोशिश की।
In simple words: दादी ने डॉ० प्रभात से कहा था कि उन्हें बुढ़ापे के कारण आँखों में दिक्कत है, जिसके जवाब में डॉ० प्रभात ने यह बात कही थी।
🎯 Exam Tip: संवाद-आधारित प्रश्नों में, कथन के संदर्भ और उससे जुड़े पात्रों के भावों को स्पष्ट करें।
Question 4. दादी डॉ० प्रभात से अपनी आँखों का इलाज क्यों नहीं करवाना चाहती थीं, फिर वह इलाज के लिए कैसे तैयार हुई?
Answer: दादी डॉ० प्रभात से अपनी आँखों का इलाज इसलिए नहीं करवाना चाहती थीं क्योंकि उन्हें याद था कि बचपन में डॉ० प्रभात (मंटू) ने पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। बाद में, डॉ० प्रभात ने दादी को समझाया कि उन्होंने इसी पाप का प्रायश्चित्त करने के लिए नेत्र चिकित्सक का पेशा चुना है। उन्होंने दादी से यह भी कहा कि उन्हें दादी का वह शाप भी याद है जिसमें दादी ने कहा था कि एक दिन उनकी आँखें भी फूट जाएँगी। डॉ० प्रभात ने कहा कि वह अपनी आँखें फूटने से पहले अधिक से अधिक लोगों को आँखें देना चाहते हैं। डॉ० प्रभात की यह बात सुनकर दादी इलाज के लिए तैयार हो गईं, क्योंकि उन्हें उनके पश्चाताप की भावना समझ आ गई।
In simple words: दादी इसलिए इलाज नहीं करवाना चाहती थीं क्योंकि मंटू ने बचपन में पिल्लों की आँखें फोड़ी थीं। लेकिन जब मंटू ने बताया कि वह अपने पाप का प्रायश्चित्त करने के लिए डॉक्टर बना है, तो दादी तैयार हो गईं।
🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य मोड़ और चरित्रों के बीच के संबंधों को ध्यान में रखते हुए उत्तर लिखें।
भाषा की बात
नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।
Question 1. निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखिए- नयी, ठंड, पाप, बूढा ।
Answer:
नयी - पुरानी
ठंड - गर्म
पाप - पुण्य
बूढ़ा - युवा
इस प्रकार, हर शब्द का उल्टा अर्थ दिया गया है।
In simple words: इन शब्दों के उल्टे अर्थ (विलोम) इस प्रकार हैं: नयी का पुरानी, ठंड का गर्म, पाप का पुण्य और बूढ़ा का युवा।
🎯 Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के सटीक विपरीत अर्थ वाले शब्द का ही प्रयोग करें।
Question 2. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए टस से मस न होना, हृदय से लगाना, मुस्कान लुप्त होना ।
Answer:
टस से मस न होना (स्थिर रहना): दादी अपने निर्णय से टस से मस न हुईं।
हृदय से लगाना (प्यार करना): दादी ने डॉ० प्रभात को हृदय से लगा लिया।
मुस्कान लुप्त होना (फिक्र में पड़ जाना): परिचय हो जाने पर डॉ० प्रभात की मुस्कान लुप्त हो गई, क्योंकि उसे बचपन के पाप का ध्यान आ गया।
मुहावरों का सही अर्थ समझने से उन्हें वाक्य में सही जगह पर इस्तेमाल करना आसान हो जाता है।
In simple words: 'टस से मस न होना' मतलब अपनी जगह से न हिलना, 'हृदय से लगाना' मतलब प्यार करना, और 'मुस्कान लुप्त होना' मतलब चिंता में पड़ जाना।
🎯 Exam Tip: मुहावरों के अर्थ को याद रखें और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करते समय संदर्भ का ध्यान रखें।
Question 3. 'बच्चा' शब्द में 'पन' प्रत्यय लगाकर ‘बचपन' शब्द बना है जो भाववाचक संज्ञा है। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों में 'पन' प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा बनाइए लड़का, अपना, अनाड़ी, रूखा।
Answer:
लड़का - लड़कपन
अपना - अपनापन
अनाड़ी - अनाड़ीपन
रूखा - रूखापन
'पन' प्रत्यय जोड़कर शब्दों को भाववाचक संज्ञा में बदलना भाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: 'पन' जोड़ने से शब्द बदल जाते हैं, जैसे 'लड़का' से 'lड़कपन' बन जाता है, जो एक तरह का भाव दिखाता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्यय जोड़ते समय मूल शब्द के अर्थ और नए शब्द के भाववाचक रूप को समझें।
Question 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित पदों के कारक बताइए
(क) मैं तो आँखों का डॉक्टर हूँ । – संबंध कारक
(ख) मैं तुम्हारी दवाई लिख रहा हूँ। – संबंध कारक
(ग) दूध पिल्ले की आँखों में डाल रहा था। – अधिकरण कारक
(घ) सब लोगों ने मंटू को बुरा-भला कहा । – कर्म कारक
Answer:
(क) आँखों का – संबंध कारक
(ख) तुम्हारी – संबंध कारक
(ग) आँखों में – अधिकरण कारक
(घ) मंटू को – कर्म कारक
कारक शब्द वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया या अन्य शब्दों से संबंध बताते हैं।
In simple words: कारक बताते हैं कि वाक्य में कौन सा शब्द दूसरे शब्दों से कैसे जुड़ा है, जैसे 'का', 'की', 'में', 'को' जैसे शब्द।
🎯 Exam Tip: कारक की पहचान करने के लिए, वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया या अन्य शब्दों से संबंध देखें।
यह भी करें:
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें ।
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