NCERT Solutions for Class 7 Environmental Studies: Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव
Explore reliable textbook solutions for Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव tailored for Class 7 learners. Utilizing these Environmental Studies answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final UP Board evaluations.
Practice Class 7 Environmental Studies Solutions: Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव
Navigate directly to the solved Environmental Studies textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए ।
(क) जल प्रदूषित कैसे होता है ?
(ख) वायु को प्रदूषित करने वाली गैसों का नाम लिखिए ?
(ग) ध्वनि प्रदूषण से आप क्या समझते हैं ? इसके प्रमुख कारणों को लिखिए।
(घ) मृदा प्रदूषण के नियंत्रण हेतु क्या करना चाहिए ?
Answer:
(क) जल प्रदूषित होने के कई कारण हैं:
1. जब कारखानों और घरों से निकला गंदा पानी नदियों, झीलों और तालाबों में चला जाता है, तो पानी खराब हो जाता है। यह पानी फिर पीने या नहाने लायक नहीं रहता।
2. लोग नदियों और तालाबों में कपड़े धोते हैं, जानवरों को नहलाते हैं, और घरों से निकला गंदा पानी भी इनमें बहा देते हैं। इससे भी पानी गंदा हो जाता है।
3. खेतों में ज़्यादा खाद और कीटनाशक दवाएँ डालने से, बारिश होने पर ये दवाएँ नदियों और तालाबों तक पहुँच जाती हैं। इससे भी पानी दूषित होता है।
(ख) वायु को प्रदूषित करने वाली कुछ मुख्य गैसें हैं: कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, क्लोरीन, अमोनिया और मीथेन। ये सभी गैसें हवा की गुणवत्ता को खराब करती हैं और साँस लेने में दिक्कत व पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
(ग) जब आवाज़ इतनी तेज़ या अप्रिय हो जाती है कि वह हमारे कानों और दिमाग पर बुरा असर डालने लगे, तो इसे शोर या ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। यह हमारे स्वास्थ्य और शांति को प्रभावित करता है।
ध्वनि प्रदूषण के मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. गाड़ियों की तेज़ आवाज़ से बहुत शोर होता है।
2. टी०वी०, रेडियो और डीजे को बहुत तेज़ आवाज़ में चलाने से भी ध्वनि प्रदूषण फैलता है।
3. पटाखों के फूटने की तेज़ आवाज़ भी शोर का कारण बनती है।
4. कारखानों में चलने वाली मशीनें, सायरन और जनरेटर भी बहुत शोर करते हैं।
5. कभी-कभी बिजली कड़कने, तेज़ हवा चलने या ज्वालामुखी फटने जैसी प्राकृतिक घटनाएँ भी तेज़ आवाज़ करती हैं, लेकिन ये ज़्यादा देर तक नहीं होतीं।
(घ) मिट्टी प्रदूषण को रोकने के लिए हम ये तरीके अपना सकते हैं:
1. फसलों में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करना चाहिए।
2. जैविक खाद का ज़्यादा उपयोग करने को बढ़ावा देना चाहिए।
3. गाँव और शहरों से निकलने वाले कूड़े और गंदे पानी का सही तरीके से निपटारा करना चाहिए। स्वस्थ मिट्टी ही अच्छी फसलें और स्वस्थ पर्यावरण देती है।
4. जंगलों को काटने से रोकना चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने चाहिए।
In simple words: (क) फैक्ट्रियों और घरों का गंदा पानी, नदियों में कपड़े धोना, और खेतों की दवाएँ, ये सब पानी को गंदा करते हैं।
(ख) हवा को गंदा करने वाली गैसें हैं कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, और कुछ और गैसें।
(ग) जब बहुत तेज़ आवाज़ हमें परेशान करती है, तो वह ध्वनि प्रदूषण है। गाड़ियों, संगीत, पटाखों और मशीनों से यह फैलता है।
(घ) रासायनिक खाद कम करें, जैविक खाद अपनाएँ, कूड़ा सही जगह डालें, और ज़्यादा पेड़ लगाएँ। ये सब मिट्टी को साफ रखने में मदद करेंगे।
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के कारणों को याद करते समय, मानव गतिविधियों, औद्योगिक अपशिष्ट और कृषि रसायनों के तीन मुख्य स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करें। मुख्य प्रदूषक गैसों के नाम सही से याद करें, क्योंकि ये पर्यावरण विज्ञान में बहुत महत्वपूर्ण हैं। ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा में 'कानों और मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव' जैसे वाक्यांशों को शामिल करना महत्वपूर्ण है, साथ ही इसके सामान्य कारणों को भी उल्लेख करें। मृदा प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को हमेशा 'कम करें', 'पुनः उपयोग करें' और 'रीसायकल करें' के सिद्धांतों से जोड़कर याद रखें।
Question 2. सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए- (कूड़ेदान, पीलिया, वायु, पेड़-पौधे)
Answer:
(क) प्रदूषित जल पीने से **पीलिया** रोग हो जाता है।
(ख) दमा, खसरा आदि बीमारियाँ **वायु** प्रदूषण का परिणाम हैं।
(ग) ध्वनि प्रदूषण को **पेड़-पौधे** भी कम करते हैं।
(घ) ठोस अपशिष्ट पदार्थों को **कूड़ेदान** में फेंकना चाहिए।
पर्यावरण की सही जानकारी हमें अपने आसपास की चीज़ों को समझने में मदद करती है।
In simple words: गंदा पानी पीलिया करता है, गंदी हवा से दमा होता है, पेड़ शोर कम करते हैं, और कूड़ा कूड़ेदान में डालना चाहिए।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त शब्द चुनें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।
Question 3. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए-
Answer:
(क) जल प्रदूषण से पागलपन रोग होता है। **(X)**
(ख) वाहनों के धुएँ से जल प्रदूषित होता है। **(X)**
(ग) मानव व अन्य जीवधारियों के भोजन तथा आवास पर मृदा प्रदूषण को दुष्प्रभाव पड़ता है। **(√)**
(घ) घरों से निकलने वाले गंदे जल का उचित निस्तारण करना चाहिए। **(√)**
सही-गलत की पहचान हमें पर्यावरण के बारे में अपनी समझ को पक्का करने में मदद करती है।
In simple words: जल प्रदूषण से पागलपन नहीं होता (गलत)। गाड़ी का धुआँ हवा गंदा करता है, पानी नहीं (गलत)। मिट्टी खराब होने से इंसान और जानवरों को नुकसान होता है (सही)। घर के गंदे पानी को सही से ठिकाने लगाना चाहिए (सही)।
🎯 Exam Tip: सही/गलत प्रश्नों का उत्तर देते समय, कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप 'सही' या 'गलत' के पीछे का कारण जानते हैं।
Question 4. मिलान कीजिए-
Answer: सही मिलान इस प्रकार हैं:
(i) कीटनाशक - मृदा प्रदूषण
(ii) दमा - वायु प्रदूषण
(iii) हैजा - जल प्रदूषण
(iv) चिड़चिड़ापन - ध्वनि प्रदूषण
यह मिलान हमें विभिन्न प्रदूषकों और उनसे होने वाले प्रभावों को आसानी से समझने में मदद करता है।
In simple words: कीटनाशक मिट्टी गंदा करते हैं, दमा गंदी हवा से होता है, हैजा गंदे पानी से होता है, और शोर से चिड़चिड़ापन होता है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएँ जिनके बारे में आप पूरी तरह से सुनिश्चित हैं, फिर शेष को हल करें।
Free study material for Environmental Studies
Step-by-Step Textbook Answers: Class 7 Environmental Studies Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव
Textbook Solutions for Class 7 Environmental Studies Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव
Review comprehensive exercise answers for Class 7 Environmental Studies Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव. Fully updated to match current UP Board syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.
Mastering Theoretical and Practical Questions
Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 7 Environmental Studies text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.
Effective Self-Study and Homework Assistance
Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 7 Environmental Studies.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 7 Environmental Studies Chapter 9 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Environmental Studies are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 7 Environmental Studies Chapter 9 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Environmental Studies concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 7 Environmental Studies Chapter 9 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 7 Environmental Studies. You can access UP Board Solutions Class 7 Environmental Studies Chapter 9 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 7 Environmental Studies Chapter 9 पर्यावरण प्रदुषण कारण एवं प्रभाव in printable PDF format for offline study on any device.