Official UP Board Solutions for Class 6 Hindi: Chapter 01 चिर महान
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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 01 चिर महान
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समस्त पद्यांशों की व्याख्या
जगजीवन .................. हित समान ।
संदर्भ: यह कविता हमारी किताब "मंजरी" के "चिर महान" पाठ से ली गई है। इसे कवि सुमित्रानन्दन पन्त ने लिखा है।
प्रसंग: इस कविता में कवि कहते हैं कि हमें डर, शक और बिना सोचे-समझे विश्वास करने से दूर रहना चाहिए। हमें लोगों की सेवा करनी चाहिए और मिलकर रहना चाहिए। कवि भगवान से ऐसी शक्ति मांगते हैं जिससे वह दुनिया की भलाई के काम कर सकें और अपनी जिंदगी को सफल बना सकें।
व्याख्या: कवि भगवान से प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हे प्रभु! मैं आपका ऐसा भक्त बनूँ जो सभी इंसानों की भलाई करे। मेरा जीवन ऐसा हो जो हमेशा अच्छा रहे, जिसमें बहुत सुंदरता हो और मेरा दिल हमेशा सच से भरा हो। अच्छे गुणों से भरा जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक होता है।
जिससे जीवन में ................ अखिल व्यक्ति ।
संदर्भ एवं प्रसंग: पहले जैसा ही है।
व्याख्या: हे प्रभु! मुझे ऐसा उजाला (ज्ञान) बना दो जिसमें सभी लोग एक साथ आ सकें। इससे मेरे जीवन में ताकत आए और मैं डर, शक, संदेह और बिना सोच-विचार और अंधविश्वास के किसी के प्रति निष्ठा रखने की भावना को खत्म कर सकूँ।
पाकर प्रभु .................... विहान ।
संदर्भ एवं प्रसंग: पहले जैसा ही है।
व्याख्या: हे प्रभु! मैं आपका आभारी हूँ कि आपने मुझे संसार के सभी इंसानों की पूरी रक्षा करने का वरदान दिया है। मुझे ऐसी शक्ति दो ताकि मैं फिर से एक नए जीवन की सुबह ला सकूँ, यानी सभी प्राणियों को सुखी और खुशहाल बना सकूँ। हर नया दिन एक नई शुरुआत का मौका देता है।
शब्दार्थ
जगजीवन: संसार के लोगों के जीवन में
चिर: लंबे समय तक रहने वाला
महान: बड़ा
सत्यप्राण: जिसका दिल सच से भरा हो
मानव के हित समान: जो इंसान की भलाई करे
भय: डर
संशय: संदेह
अन्धभक्ति: बिना सोचे-समझे किसी पर विश्वास करना
अखिल: पूरा/सारा
मानव: इंसान
परित्राण: पूरी रक्षा
नव: नया
विहान: सुबह/भोर
प्रश्न-अभ्यास
कुछ करने को
Question 1. ईश्वर भक्ति से संबंधित अन्य कविताओं का संकलन कीजिए ।
Answer: यहाँ ईश्वर भक्ति से संबंधित एक प्रार्थना कविता दी गई है:
प्रार्थना
हर देश में तू हर वेष में तू, तेरे नाम अनेक तू एक ही है!
तेरी रंग भूमि यह विश्व धरा, हर खेल में, मेल में तू ही तो है!!
सागर से उठा बादल बनकर, बादल से गिरा जल होकर के !!
फिर नहर बनी नदिया गहरी, तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है!!
हर देश में
चींटी सा अणु परमाणु बना !!
हर जीव जगत का रूप लिया, कहीं पर्वत
वृक्ष-विशाल बना!!
सौन्दर्य तेरा तू एक ही है, हर देश में ............!
यह दिव्य दिखाया है जिसने, वह है गुरुदेव की
पूर्ण दया!!
टुकड़ा कहीं और न कोई दिखा! बस मैं और तू सब एक ही हैं!!
हर देश में ............!
In simple words: यह एक प्रार्थना गीत है जो बताता है कि भगवान एक ही हैं, चाहे हम उन्हें किसी भी रूप में या किसी भी देश में देखें। वह हर जगह मौजूद हैं और हर चीज़ में दिखाई देते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसी कविताओं को याद करें और अपनी भाषा में उनके भाव को समझाना सीखें, यह आपकी समझ को दर्शाता है।
विचार और कल्पना
Question 1. संसार में मानव कल्याण के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं? अपना विचार व्यक्त कीजिए। अगर आपको ईश्वर से संसार के कल्याण का वरदान मिल जाए, तो आप क्या-क्या करेंगे?
Answer: संसार में लोगों की भलाई के लिए कई काम किए जा सकते हैं। सबसे पहले, हमें यह पक्का करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सबको भर पेट भोजन, पहनने के लिए कपड़े और रहने के लिए घर मिलना चाहिए। दूसरा ज़रूरी कदम है कि दुनिया में शांति और भाईचारा बना रहे। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
अगर मुझे भगवान से दुनिया की भलाई का वरदान मिल जाए, तो मैं सबसे पहले गरीब, पिछड़े और वंचित लोगों की मदद करना चाहूँगा ताकि उनके जीवन में भी खुशहाली आए और वे समाज में सबके साथ मिलकर रह सकें। हमारे समाज में बहुत असमानता है, इसलिए मैं कोशिश करूँगा कि समाज में बराबरी आए। कोई गरीब या भूखा न रहे, सभी खुशहाल रहें और कोई किसी को परेशान न करे, सब मिलजुल कर रहें। लोगों की मदद करना सबसे बड़ा धर्म है।
In simple words: मानव कल्याण के लिए सबको खाना, कपड़ा, घर और शांति मिलनी चाहिए। अगर भगवान मुझे शक्ति दें तो मैं गरीब और वंचित लोगों की मदद करूँगा ताकि समाज में बराबरी आए और सब खुश रहें।
🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों में अपने विचार साफ और व्यवस्थित तरीके से लिखें। समाधान बताते हुए मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दें।
कविता से
Question 1. इस कविता में आया 'सत्यप्राण' शब्द अच्छे गुण का सूचक है और 'भय' शब्द दुर्गुण अर्थात अच्छे गुण का सूचक नहीं है। इसी प्रकार, कविता को पढ़कर इसमें आए अच्छे गुण वाले शब्दों और दुर्गुण वाले शब्दों की सूची बनाइए ।
Answer:
अच्छे गुण वाले शब्द: सत्यप्राण, महान, सौंदर्यपूर्ण, प्रेमी, हित, शक्ति, प्रकाश, अमर, दान, परित्राण, नवजीवन।
दुर्गुण वाले शब्द: भय, संशय, अंधभक्ति।
In simple words: कविता से अच्छे और बुरे गुण वाले शब्दों को छाँटना है। 'सत्यप्राण' अच्छा गुण है और 'भय' बुरा गुण है।
🎯 Exam Tip: शब्दों को ध्यान से पढ़कर उनके अर्थ को समझें ताकि आप सही ढंग से उनका वर्गीकरण कर सकें।
Question 2. कवि विश्व में नवजीवन को विहान क्यों लाना चाहता है?
Answer: कवि विश्व में नवजीवन का विहान (नई सुबह) इसलिए लाना चाहता है ताकि मानवता की पूरी सुरक्षा हो सके, सुख-समृद्धि बढ़ सके और सभी का विकास हो सके। वह चाहते हैं कि दुनिया में एक नई, बेहतर शुरुआत हो।
In simple words: कवि दुनिया में एक नई और अच्छी शुरुआत चाहते हैं ताकि सभी लोग सुरक्षित, खुश और विकसित हों।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के उत्तर में कविता के मुख्य संदेश और कवि के उद्देश्यों को बताएं।
Question 3. इस कविता का शीर्षक 'चिर महान' है। आपको इस कविता का कोई और शीर्षक देना हो, तो क्या शीर्षक देना चाहेंगे? उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
Answer: इस कविता का एक और शीर्षक 'नवजीवन का विहान' हो सकता है। यह शीर्षक कविता के मुख्य भाव, यानी एक नई और बेहतर शुरुआत की इच्छा को दर्शाता है।
In simple words: कविता का दूसरा अच्छा नाम 'नवजीवन का विहान' हो सकता है, क्योंकि कविता नई शुरुआत के बारे में है।
🎯 Exam Tip: शीर्षक चुनते समय, कविता के मुख्य विचार या संदेश को ध्यान में रखें जो सबसे सटीक लगे।
Question 4. (क) निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए
(1) जग-जीवन ............ सत्य-प्राण ।
Answer: इसका मतलब है कि जो संसार रूपी जीवन में लंबे समय तक रहने वाला हो, श्रेष्ठ सुंदरता से भरा हो और जिसके दिल में हमेशा सच्चाई हो। एक ऐसा जीवन जिसमें सत्य और सौंदर्य का मेल हो, हमेशा प्रेरणा देता है।
(2) जिससे जीवन में ............ अंधभक्ति
Answer: हे प्रभु! मुझे ऐसी शक्ति दो जिससे मेरे अंदर से डर, शक, संदेह और बिना सोचे-समझे किसी पर भी विश्वास करने की आदत खत्म हो जाए। इससे मेरा मन साफ और स्वतंत्र हो पाएगा और मैं सही निर्णय ले सकूँगा।
In simple words: हमें कविता की इन पंक्तियों का अर्थ समझाना है। पहली पंक्ति 'सत्यप्राण' जीवन की बात करती है, जिसका अर्थ है सच्चा और सुंदर जीवन। दूसरी पंक्ति 'अंधभक्ति' से मुक्ति की बात करती है, जिसका अर्थ है बिना सोचे-समझे विश्वास न करना।
🎯 Exam Tip: कविता की पंक्तियों का भाव स्पष्ट करते समय, कविता के संदर्भ और कवि के मूल विचार को ध्यान में रखें। अपनी भाषा में सरल शब्दों का प्रयोग करें।
Question 4. (ख) नीचे 'क' वर्ग में दी गई पंक्तियों से सम्बन्धित कुछ पंक्तियाँ 'ख' वर्ग में दी गई हैं। किन्तु वे क्रम में नहीं हैं, उन्हें 'क' वर्ग की सम्बन्धित पंक्तियों के नीचे लिखिए-
Answer: यहाँ 'क' वर्ग की पंक्तियों से संबंधित 'ख' वर्ग की पंक्तियाँ सही क्रम में नीचे दी गई हैं:
(1) मैं उसका प्रेमी बनू नाथ जो हो मानव के हित समान।
(2) मैं वह प्रकाश बन सकें नाथ मिल जाएँ जिसमें अखिल व्यक्ति ।
(3) ला सकें विश्व में एक बार फिर से नवजीवन का विहान ।
In simple words: इस सवाल में हमें दो हिस्सों की पंक्तियों को सही तरीके से मिलाना था। हमने यहाँ पर उन्हें सही क्रम में लिखा है ताकि वे ठीक से मेल खाएं।
🎯 Exam Tip: ऐसे मिलान वाले प्रश्नों में, दोनों वर्गों की पंक्तियों को ध्यान से पढ़ें और उनके अर्थ के आधार पर सही जोड़ी बनाएं।
भाषा की बात
Question 1. 'चिर' शब्द का अर्थ है 'सदैव', यह महान के पूर्व विशेषण के रूप में जुड़ा है। इसी प्रकार, 'चिर' विशेषण लगाकर तीन नए शब्द बनाइए; जैसे- चिर नवीन ।
Answer: 'चिर' शब्द का अर्थ 'हमेशा' होता है। यह 'महान' शब्द के पहले लगकर उसकी विशेषता बताता है। इसी तरह, 'चिर' विशेषण लगाकर बने तीन नए शब्द ये हैं:
चिर युवा
चिर यौवन
चिर आयु (चिरायु)
'चिर' का प्रयोग किसी चीज़ की निरंतरता या लंबी अवधि को दर्शाता है।
In simple words: 'चिर' का मतलब 'हमेशा' होता है। जैसे 'चिर नवीन' (हमेशा नया), वैसे ही 'चिर' जोड़कर तीन और शब्द बनाने थे।
🎯 Exam Tip: उपसर्गों और प्रत्ययों को समझकर नए शब्द बनाना सीखें। इससे आपकी शब्दावली बढ़ती है।
2. और 3. नंबर में दिए गए बिंदुओं को विद्यार्थी ध्यान से पढ़ें और विशेषण, विशेष्य एवं क्रिया विशेषण के बारे में समझें ।
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