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UP Board Solutions For Class 10 Science Chapter 1 Chemical Reactions And Equations (रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण)
पाठगत हल प्रश्न
NCERT In-Text Questions Solved
खंड 1.1 (पृष्ठ संख्या 6)
Question 1. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?
Answer: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से रगड़कर साफ़ कर देते हैं, ताकि मैग्नीशियम ऑक्साइड और मैग्नीशियम कार्बोनेट की परत हट जाए, जो वायुमंडलीय ऑक्सीजन और CO₂ से अभिक्रिया के फलस्वरूप रिबन पर बना था। ऐसा करने पर मैग्नीशियम रिबन आसानी से जलने लगता है।
In simple words: मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले साफ़ किया जाता है ताकि उस पर जमी मैग्नीशियम ऑक्साइड और कार्बोनेट की परत हट जाए, जिससे वह वायु की ऑक्सीजन के साथ आसानी से प्रतिक्रिया कर सके और ठीक से जल पाए।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में मैग्नीशियम रिबन की सफाई का कारण और उसके रासायनिक महत्व को समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 2. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमीनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + ऐलुमीनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन ।
Answer:
(i) \( \text{H}_2 + \text{Cl}_2 \rightarrow 2\text{HCl} \)
(ii) \( 3\text{BaCl}_2(\text{aq}) + \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3(\text{aq}) \rightarrow 3\text{BaSO}_4(\text{s}) + 2\text{AlCl}_3(\text{aq}) \)
(iii) \( 2\text{Na}(\text{s}) + 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \rightarrow 2\text{NaOH}(\text{aq}) + \text{H}_2(\text{g}) \)
In simple words: इन रासायनिक अभिक्रियाओं को संतुलित करने का अर्थ है कि अभिकारकों और उत्पादों दोनों तरफ प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, जिससे द्रव्यमान संरक्षण का नियम बना रहे।
🎯 Exam Tip: संतुलित रासायनिक समीकरण लिखते समय परमाणुओं की संख्या को गिनना और फिर गुणांकों का उपयोग करके उन्हें बराबर करना महत्वपूर्ण है। अवस्था के संकेतों (s, l, g, aq) को भी सही ढंग से लिखना सुनिश्चित करें।
Question 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।
Answer:
(i) \( \text{BaCl}_2(\text{aq}) + \text{Na}_2\text{SO}_4(\text{aq}) \rightarrow \text{BaSO}_4(\text{s}) + 2\text{NaCl}(\text{aq}) \)
(ii) \( \text{NaOH}(\text{aq}) + \text{HCl}(\text{aq}) \rightarrow \text{NaCl}(\text{aq}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
In simple words: इन समीकरणों में, हमने दी गई रासायनिक अभिक्रियाओं को उनके अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाओं (जैसे जलीय, ठोस) के साथ संतुलित रूप में लिखा है।
🎯 Exam Tip: रासायनिक समीकरणों को संतुलित करते समय, सुनिश्चित करें कि प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या तीर के दोनों ओर समान हो। साथ ही, अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाओं (जैसे ठोस (s), तरल (l), गैस (g), जलीय विलयन (aq)) को सही ढंग से दर्शाना न भूलें।
खंड 1.2 (पृष्ठ संख्या 11)
Question 1. किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है।
(i) पदार्थ 'X' का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ 'X' की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
Answer:
(i) पदार्थ 'X' का नाम बिना बुझा हुआ चूना है, जिसका सूत्र \( \text{CaO} \) है।
(ii) पदार्थ 'X' अर्थात् \( \text{CaO} \) की जल के साथ अभिक्रिया इस प्रकार होती है-
\( \text{CaO}(\text{s}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \rightarrow \text{Ca}(\text{OH})_2(\text{aq}) \) (बिना बुझा हुआ चूना) बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड)
In simple words: सफेदी के लिए उपयोग होने वाला पदार्थ 'X' बिना बुझा चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) है, जो पानी के साथ मिलकर बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड) बनाता है।
🎯 Exam Tip: सफेदी में उपयोग किए जाने वाले सामान्य रसायनों और उनकी अभिक्रियाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर कैल्शियम ऑक्साइड और कैल्शियम हाइड्रोक्साइड के बीच का अंतर।
Question 2. क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए ।
Answer: हमें ज्ञात है कि जल 2 भाग हाइड्रोजन और 1 भाग ऑक्सीजन स्विच से मिलकर बना है अर्थात् \( \text{H}_2\text{O} \)। हाइड्रोजन परमाणु और ऑक्सीजन परमाणु के 2 : 1 में संयोग करने से बना है। अतः जल का वैद्युत अपघटन करने से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसें प्राप्त होती हैं। इसलिए कैथोड पर एकत्रित गैस हाइड्रोजन और एनोड पर एकत्रित गैस ऑक्सीजन की मात्रा की दोगुनी है। (देखिए चित्र 1.4)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र जल के वैद्युत अपघटन का एक प्रायोगिक सेटअप दर्शाता है। इसमें एक प्लास्टिक का मग, दो परखनली, ग्रेफाइट रॉड (एनोड और कैथोड), पानी, रबर डाट, और एक 6V बैटरी के साथ स्विच लगा हुआ है। कैथोड पर हाइड्रोजन गैस और एनोड पर ऑक्सीजन गैस एकत्र होती है, जहाँ हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन के आयतन से दोगुना होता है।
In simple words: पानी के वैद्युत अपघटन में हाइड्रोजन गैस ऑक्सीजन गैस की मात्रा से दोगुनी एकत्र होती है क्योंकि पानी (\( \text{H}_2\text{O} \)) में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है, जिसके कारण कैथोड पर हाइड्रोजन की मात्रा एनोड पर ऑक्सीजन की मात्रा से दोगुनी होती है।
🎯 Exam Tip: जल के वैद्युत अपघटन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों के आयतन अनुपात (2:1) को समझना और यह क्यों होता है, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है। रासायनिक सूत्र (\( \text{H}_2\text{O} \)) इसकी व्याख्या में सहायक है।
खंड 1.3 (पृष्ठ संख्या 15)
Question 1. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
Answer: जब लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट (\( \text{CuSO}_4 \)) के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का नीला रंग हल्का (मलीन) हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है जो कॉपर को विस्थापित कर देता है और आयरन सल्फेट तथा कॉपर धातु बनती है। अभिक्रिया इस प्रकार होती है:
\( \text{Fe}(\text{s}) + \text{CuSO}_4(\text{aq}) \rightarrow \text{FeSO}_4(\text{aq}) + \text{Cu}(\text{s}) \)
In simple words: लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डालने पर रंग नीला से हल्का हो जाता है क्योंकि लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील होने के कारण कॉपर को विस्थापित कर देता है, जिससे आयरन सल्फेट बनता है।
🎯 Exam Tip: यह विस्थापन अभिक्रिया का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। क्रियाशीलता श्रृंखला का उल्लेख करना और लोहे तथा कॉपर के बीच अभिक्रियाशीलता के अंतर को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
Answer: उदाहरण के लिए, सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के बीच अभिक्रिया:
\( \text{Na}_2\text{SO}_4(\text{aq}) + \text{BaCl}_2(\text{aq}) \rightarrow \text{BaSO}_4(\text{s}) + 2\text{NaCl}(\text{aq}) \)
In simple words: द्विविस्थापन अभिक्रिया वह होती है जिसमें दो यौगिकों के आयनों का आदान-प्रदान होता है, जिससे दो नए यौगिक बनते हैं।
🎯 Exam Tip: द्विविस्थापन अभिक्रिया के उदाहरणों में अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाओं को दर्शाना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि कोई अवक्षेप बनता है।
Question 3. निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए-
(i) \( 4\text{Na}(\text{s}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightarrow 2\text{Na}_2\text{O}(\text{s}) \)
(ii) \( \text{CuO}(\text{s}) + \text{H}_2(\text{g}) \rightarrow \text{Cu}(\text{s}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
Answer:
(i) इस अभिक्रिया में सोडियम (\( \text{Na} \)) \( \text{Na}_2\text{O} \) में उपचयित होता है, क्योंकि \( \text{Na} \) का \( \text{O}_2 \) से संयोग हो रहा है और \( \text{O}_2 \) अपचयित होने वाला पदार्थ है। अतः उपचयित एवं अपचयित होने वाले पदार्थ क्रमशः \( \text{Na} \) और \( \text{O}_2 \) हैं।
(ii)
उपचयन (ऑक्सीजन की वृद्धि)
\( \text{CuO}(\text{s}) + \text{H}_2(\text{g}) \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu}(\text{s}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
अपचयन (ऑक्सीजन का ह्रास)
यहाँ, \( \text{H}_2 \) उपचयित हो रहा है क्योंकि उसमें ऑक्सीजन जुड़ रही है और \( \text{CuO} \) अपचयित हो रहा है क्योंकि उसमें से ऑक्सीजन हट रही है। अतः उपचयित पदार्थ \( \text{H}_2 \) और अपचयित पदार्थ \( \text{CuO} \) है।
In simple words: उपचयन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन जुड़ती है या हाइड्रोजन हटती है, जबकि अपचयन वह प्रक्रिया है जिसमें ऑक्सीजन हटती है या हाइड्रोजन जुड़ती है।
🎯 Exam Tip: उपचयन और अपचयन की पहचान करते समय ऑक्सीजन या हाइड्रोजन के योग/ह्रास पर ध्यान दें। जिस पदार्थ का उपचयन होता है वह अपचायक होता है और जिस पदार्थ का अपचयन होता है वह उपचायक होता है।
पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न
NCERT Textbook Questions Solved
Question 1. नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
\( 2\text{PbO}(\text{s}) + \text{C}(\text{s}) \rightarrow 2\text{Pb}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
(a) सीसा अपचयति हो रहा है।
(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।
(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
(i) (a) एवं (b)
(ii) (a) एवं (C)
(iii) (a), (b) एवं (C)
(iv) सभी
Answer: (i) (a) एवं (b)
In simple words: इस अभिक्रिया में \( \text{PbO} \) से ऑक्सीजन हट रही है इसलिए यह अपचयित हो रहा है (विकल्प d सही है, a गलत), और कार्बन में ऑक्सीजन जुड़ रही है इसलिए यह उपचयित हो रहा है (विकल्प c सही है)। कार्बन डाइऑक्साइड इस अभिक्रिया में उत्पाद है, उपचयित पदार्थ नहीं (विकल्प b गलत)।
🎯 Exam Tip: रेडॉक्स अभिक्रियाओं में उपचयन और अपचयन की पहचान करते समय, ऑक्सीजन के योग या ह्रास को ध्यान से देखें। जो कथन अभिक्रिया के साथ मेल नहीं खाते वे असत्य होते हैं।
Question 2. \( \text{Fe}_2\text{O}_3 + 2\text{Al} \rightarrow \text{Al}_2\text{O}_3 + 2\text{Fe} \)
ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(C) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया
Answer: (d) विस्थापन अभिक्रिया
In simple words: यह एक विस्थापन अभिक्रिया है क्योंकि एल्युमीनियम लोहे को उसके ऑक्साइड से विस्थापित करके स्वयं एल्युमीनियम ऑक्साइड बना रहा है।
🎯 Exam Tip: विस्थापन अभिक्रियाओं में एक अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है। अभिक्रियाशील श्रृंखला को याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों के लिए सहायक होता है।
Question 3. लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।
Answer: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
In simple words: जब लोहा (धातु) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (अम्ल) के साथ अभिक्रिया करता है, तो हाइड्रोजन गैस और आयरन क्लोराइड (लवण) बनता है।
🎯 Exam Tip: धातु और अम्ल के बीच की अभिक्रियाएँ अक्सर हाइड्रोजन गैस का उत्पादन करती हैं। इस रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण \( \text{Fe}(\text{s}) + 2\text{HCl}(\text{aq}) \rightarrow \text{FeCl}_2(\text{aq}) + \text{H}_2(\text{g}) \) है।
Question 4. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
Answer: जब किसी रासायनिक समीकरण में विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या बाईं ओर (L.H.S) तथा दाईं ओर (R.H.S) में बराबर होती है, तो उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं अर्थात्, अभिकारकों में तत्वों के कुल परमाणुओं की संख्या \( = \) उत्पादों में तत्वों के कुल परमाणुओं की संख्या। रासायनिक समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक होता है, क्योंकि किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है न ही विनाश। अर्थात् उत्पाद तत्वों का कुल द्रव्यमान \( = \) अभिकारक तत्वों का कुल द्रव्यमान अतः रासायनिक समीकरण में द्रव्यमान के संरक्षण नियम का पालन होता है।
In simple words: संतुलित रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों दोनों तरफ प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, जो द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: द्रव्यमान संरक्षण का नियम रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने का मुख्य कारण है। इस नियम का स्पष्ट उल्लेख करना आपके उत्तर को मजबूत बनाएगा।
Question 5. निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए।
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
(b) हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फ़र डाइऑक्साइड बनता है।
(c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है।
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
Answer:
(a) \( \text{N}_2(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightarrow 2\text{NH}_3(\text{g}) \)
(b) \( 2\text{H}_2\text{S}(\text{g}) + 3\text{O}_2(\text{g}) \rightarrow 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) + 2\text{SO}_2(\text{g}) \)
(c) \( 3\text{BaCl}_2(\text{aq}) + \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3(\text{aq}) \rightarrow 2\text{AlCl}_3(\text{aq}) + 3\text{BaSO}_4(\text{s}) \)
(d) \( 2\text{K}(\text{s}) + 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \rightarrow 2\text{KOH}(\text{aq}) + \text{H}_2(\text{g}) \)
In simple words: इन सभी कथनों को संतुलित रासायनिक समीकरणों में परिवर्तित किया गया है, जहाँ प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारकों और उत्पादों दोनों तरफ बराबर रखी गई है।
🎯 Exam Tip: समीकरणों को संतुलित करते समय, पहले उन तत्वों को संतुलित करें जो केवल एक अभिकारक और एक उत्पाद में दिखाई देते हैं, फिर ऑक्सीजन और हाइड्रोजन को संतुलित करें। अंत में, सभी परमाणुओं की गिनती करके पुनः जांच करें।
Question 6. निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए
(a) \( \text{HNO}_3 + \text{Ca}(\text{OH})_2 \rightarrow \text{Ca}(\text{NO}_3)_2 + \text{H}_2\text{O} \)
(b) \( \text{NaOH} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4 + \text{H}_2\text{O} \)
(c) \( \text{NaCl} + \text{AgNO}_3 \rightarrow \text{AgCl} + \text{NaNO}_3 \)
(d) \( \text{BaCl}_2 + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4 + \text{HCl} \)
Answer: संतुलित रासायनिक समीकरण
(a) \( 2\text{HNO}_3(\text{aq}) + \text{Ca}(\text{OH})_2(\text{aq}) \rightarrow \text{Ca}(\text{NO}_3)_2(\text{aq}) + 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
(b) \( 2\text{NaOH}(\text{aq}) + \text{H}_2\text{SO}_4(\text{aq}) \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4(\text{aq}) + 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
(c) \( \text{NaCl}(\text{aq}) + \text{AgNO}_3(\text{aq}) \rightarrow \text{AgCl}(\text{s}) + \text{NaNO}_3(\text{aq}) \)
(d) \( \text{BaCl}_2(\text{aq}) + \text{H}_2\text{SO}_4(\text{aq}) \rightarrow \text{BaSO}_4(\text{s}) + 2\text{HCl}(\text{aq}) \)
In simple words: इन समीकरणों में अभिकारकों और उत्पादों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या को गुणांकों का उपयोग करके समान किया गया है, जिससे द्रव्यमान संरक्षण का नियम बनाए रखा जा सके।
🎯 Exam Tip: समीकरणों को संतुलित करते समय, पॉलीएटॉमिक आयनों (जैसे \( \text{NO}_3 \), \( \text{SO}_4 \), \( \text{OH} \)) को एक इकाई के रूप में संतुलित करना अक्सर आसान होता है, जब तक कि वे अभिक्रिया के दौरान विघटित न हों।
Question 7. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-
(a) कैल्शियम हाइड्रोक्साईड + कार्बन डाइऑक्साइड – कैल्शियम कार्बोनेट + जल ।
(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट - जिंक नाइट्रेट + सिल्वर ।
(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड --- ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट --- बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड
Answer: संतुलित रासायनिक समीकरण-
(a) \( \text{Ca}(\text{OH})_2(\text{aq}) + \text{CO}_2(\text{g}) \rightarrow \text{CaCO}_3(\text{s}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
(b) \( \text{Zn}(\text{s}) + 2\text{AgNO}_3(\text{aq}) \rightarrow \text{Zn}(\text{NO}_3)_2(\text{aq}) + 2\text{Ag}(\text{s}) \)
(c) \( 2\text{Al}(\text{s}) + 3\text{CuCl}_2(\text{aq}) \rightarrow 2\text{AlCl}_3(\text{aq}) + 3\text{Cu}(\text{s}) \)
(d) \( \text{BaCl}_2(\text{aq}) + \text{K}_2\text{SO}_4(\text{aq}) \rightarrow \text{BaSO}_4(\text{s}) + 2\text{KCl}(\text{aq}) \)
In simple words: इन अभिक्रियाओं के लिए हमने अभिकारकों और उत्पादों की सही पहचान की है, और फिर द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करने के लिए समीकरणों को संतुलित किया है।
🎯 Exam Tip: रासायनिक समीकरणों को संतुलित करते समय, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं को गिनकर सुनिश्चित करें कि वे दोनों तरफ बराबर हों। साथ ही, भौतिक अवस्थाओं (s, aq, g, l) को भी सही ढंग से दर्शाएं।
Question 8. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (S)
(b) जिक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड(g)
(C) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (s) → हाइड्रोजन क्लोराइड(g)
(d) मैग्नीशियम (5) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (s) – मैग्नीशियम क्लोराइड(aq) + हाइड्रोजन(g)
Answer:
(a) \( 2\text{KBr}(\text{aq}) + \text{BaI}_2(\text{aq}) \rightarrow 2\text{KI}(\text{aq}) + \text{BaBr}_2(\text{s}) \); (यह द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।)
(b) \( \text{ZnCO}_3(\text{s}) \rightarrow \text{ZnO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \); (यह वियोजन अभिक्रिया का उदाहरण है।)
(c) \( \text{H}_2(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \rightarrow 2\text{HCl}(\text{g}) \); (यह संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है।)
(d) \( \text{Mg}(\text{s}) + 2\text{HCl}(\text{aq}) \rightarrow \text{MgCl}_2(\text{aq}) + \text{H}_2(\text{g}) \); (यह विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।)
In simple words: इन सभी अभिक्रियाओं को संतुलित किया गया है और उनके प्रकार (जैसे द्विविस्थापन, वियोजन, संयोजन, विस्थापन) की पहचान की गई है, जो अभिकारकों के बीच आयनों के आदान-प्रदान, एकल यौगिक के टूटने, दो या अधिक पदार्थों के संयोजन या एक तत्व द्वारा दूसरे तत्व के विस्थापन पर आधारित हैं।
🎯 Exam Tip: अभिक्रिया के प्रकार को पहचानने के लिए अभिकारकों और उत्पादों की संरचना तथा उनके परिवर्तन के तरीके पर ध्यान दें। संतुलित समीकरण लिखना और फिर प्रकार की पहचान करना एक अच्छा तरीका है।
Question 9. ऊष्माक्षेपी एवं ऊषमाशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
Answer: ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)-जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं। ऊष्मा उत्सर्जन को \( (\Delta) \) संकेत द्वारा उत्पाद की ओर लिखकर प्रदर्शित किया जाता है। उदाहरण के लिए-
\( \text{CH}_4(\text{g}) + 2\text{O}_2(\text{g}) \rightarrow \text{CO}_2(\text{g}) + 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) + \text{ऊष्मा} \)
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)- जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहते हैं। उदाहरण के लिए-
\( \text{CaCO}_3(\text{s}) + \Delta \rightarrow \text{CaO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \); जहाँ, \( \Delta = \) ऊष्मा ऊर्जा
(कैल्शियम कार्बोनेट)
चूना पत्थर बुझा हुआ चूना
अभिक्रिया है, क्योंकि इसमें ऊष्मा के रूप में ऊर्जा अवशोषित होती है।
In simple words: ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ वे होती हैं जो ऊष्मा छोड़ती हैं, जबकि ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ वे होती हैं जो ऊष्मा को अवशोषित करती हैं।
🎯 Exam Tip: ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं को उनके ऊर्जा परिवर्तन के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इनके एक-एक स्पष्ट उदाहरण देना और यह बताना कि ऊष्मा निकल रही है या अवशोषित हो रही है, महत्वपूर्ण है।
Question 10. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए ।
Answer: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया दो कारणों से कहा जाता है
(i) क्योंकि ग्लूकोज़ हमारी कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से संयोग कर \( \text{CO}_2 \) और जल बनाता है।
(ii) इस अभिक्रिया में ऊष्मा ऊर्जा निर्मुक्त होती है। अभिक्रिया इस प्रकार होती है:
\( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6(\text{aq}) + 6\text{O}_2(\text{g}) \rightarrow 6\text{CO}_2(\text{g}) + 6\text{H}_2\text{O}(\text{l}) + \text{ऊर्जा} \)
In simple words: श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है क्योंकि इसमें ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाता है, और इस प्रक्रिया के दौरान ऊर्जा (ऊष्मा के रूप में) मुक्त होती है।
🎯 Exam Tip: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के रूप में पहचानना और उसकी रासायनिक समीकरण तथा ऊर्जा उत्पादन के महत्व को स्पष्ट करना आवश्यक है। यह जैविक प्रक्रियाओं में ऊर्जा के स्रोत को दर्शाता है।
Question 11. वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए ।
Answer: वियोजन अभिक्रिया में कोई अभिकारक दो या दो से अधिक उत्पादों में विघटित हो जाता है।
उदाहरण के लिए - \( 2\text{FeSO}_4(\text{s}) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{Fe}_2\text{O}_3(\text{s}) + \text{SO}_2(\text{g}) + \text{SO}_3(\text{g}) \)
(फेरस सल्फेट) (फेरिक ऑक्साइड)
संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) संयुक्त होकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।
उदाहरण-\( \text{H}_2(\text{g}) \) तथा \( \text{O}_2(\text{g}) \) संयोग कर जल का निर्माण करते हैं।
\( 2\text{H}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightarrow 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
अर्थात् दो अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद \( \text{H}_2\text{O} \) बनाते हैं।
In simple words: वियोजन अभिक्रिया में एक पदार्थ टूटकर छोटे पदार्थ बनाता है, जबकि संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया, बड़ा पदार्थ बनाते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे के विपरीत हैं।
🎯 Exam Tip: संयोजन और वियोजन अभिक्रियाओं के बीच का अंतर स्पष्ट करने के लिए, उनकी परिभाषाओं के साथ-साथ उनके रासायनिक समीकरणों के उदाहरण देना महत्वपूर्ण है।
Question 12. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
Answer:
(a) ऊष्मा के द्वारा वियोजन-
\( 2\text{Pb}(\text{NO}_3)_2(\text{s}) \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{PbO}(\text{s}) + 4\text{NO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \)
(लेड नाइट्रेट) (लेड ऑक्साइड) (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) (ऑक्सीजन)
(b) प्रकाश के द्वारा वियोजन-
\( 2\text{AgBr}(\text{s}) \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag}(\text{s}) + \text{Br}_2(\text{g}) \)
(c) विद्युत द्वारा वियोजन-
\( 2\text{H}_2\text{O}(\text{l}) \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \)
(अम्लीकृत जल)
In simple words: वियोजन अभिक्रियाएँ ऊर्जा के तीन मुख्य रूपों- ऊष्मा, प्रकाश और विद्युत- का उपयोग करके एक यौगिक को सरल पदार्थों में तोड़ सकती हैं, जैसा कि लेड नाइट्रेट के तापीय वियोजन, सिल्वर ब्रोमाइड के प्रकाशीय वियोजन और जल के विद्युतीय वियोजन में देखा जाता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के वियोजन अभिक्रियाओं (तापीय, प्रकाशीय, विद्युतीय) को उनके ऊर्जा स्रोत के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक प्रकार के लिए एक सटीक संतुलित रासायनिक समीकरण देना सुनिश्चित करें।
Question 13. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
Answer: विस्थापन अभिक्रिया-जब अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो विस्थापन अभिक्रिया होती है।
उदाहरण: \( \text{Zn}(\text{s}) + \text{CuCl}_2(\text{aq}) \rightarrow \text{ZnCl}_2(\text{aq}) + \text{Cu}(\text{s}) \)
यहाँ, \( \text{Zn} \), \( \text{Cu} \) से अधिक क्रियाशील है जो \( \text{CuCl}_2 \) से \( \text{Cu} \) को विस्थापित कर देता है।
द्विविस्थापन अभिक्रिया-द्विविस्थापन अभिक्रिया में अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है। जैसे \( \text{AB} + \text{CD} \rightarrow \text{AC} + \text{BD} \)
उदाहरण: \( \text{NaOH}(\text{aq}) + \text{HCl}(\text{aq}) \rightarrow \text{NaCl}(\text{aq}) + \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \)
In simple words: विस्थापन अभिक्रिया में एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित करता है, जबकि द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिकों के आयन आपस में बदल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रियाओं के बीच मुख्य अंतर आयनों के आदान-प्रदान की संख्या है। विस्थापन में एक तत्व का विस्थापन होता है, जबकि द्विविस्थापन में दो यौगिकों के आयनों का आदान-प्रदान होता है। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण देना महत्वपूर्ण है।
Question 14. सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
Answer:
\( \text{Cu}(\text{s}) + 2\text{AgNO}_3(\text{aq}) \rightarrow \text{Cu}(\text{NO}_3)_2(\text{aq}) + 2\text{Ag}(\text{s}) \)
In simple words: कॉपर धातु सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर को विस्थापित करती है क्योंकि कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है, जिससे कॉपर नाइट्रेट और सिल्वर धातु बनती है।
🎯 Exam Tip: यह विस्थापन अभिक्रिया का एक अनुप्रयोग है। क्रियाशीलता श्रृंखला के ज्ञान का उपयोग करके इस अभिक्रिया को समझना और लिखना आसान होता है।
Question 15. अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए ।
Answer: ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अविलेय लवण बनता है, जो विलयन से पृथक हो जाता है, अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है। उदाहरण-
उदाहरण - \( \text{AgNO}_3(\text{aq}) + \text{NaCl}(\text{aq}) \rightarrow \text{AgCl}(\text{s}) (\text{सफेद अवक्षेप}) + \text{NaNO}_3(\text{aq}) \)
(सिल्वर नाइट्रेट) (सोडियम क्लोराइड) (सिल्वर क्लोराइड) (सोडियम नाइट्रेट)
In simple words: अवक्षेपण अभिक्रिया वह होती है जिसमें दो जलीय विलयन आपस में मिलकर एक ऐसा उत्पाद बनाते हैं जो पानी में अघुलनशील होता है और ठोस (अवक्षेप) के रूप में विलयन से अलग हो जाता है।
🎯 Exam Tip: अवक्षेपण अभिक्रिया की परिभाषा और एक स्पष्ट रासायनिक समीकरण देना महत्वपूर्ण है। अवक्षेप को 's' (ठोस) के रूप में दर्शाना और उसके रंग का उल्लेख करना अतिरिक्त अंक दिला सकता है।
Question 16. ऑक्सीजन के योग या हास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए।
(a) उपचयन
(b) अपचयन
Answer:
(a) उपचयन (Oxidation)-ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास ऑक्सीकरण या उपचयन कहलाता है। जैसे-
(i) \( 2\text{Cu} + \text{O}_2 \rightarrow 2\text{CuO} \)
\( \text{Cu} \) उपचयित होकर \( \text{CuO} \) बनाता है।
(ii) \( 2\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow 2\text{MgO} \)
\( \text{Mg} \) उपचयित होकर \( \text{MgO} \) बनाता है।
(b) अपचयन (Reduction) - ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का योग अपचयन कहलाता है; जैसे-
उपचयन
\( \text{CuO}(\text{s}) + \text{H}_2(\text{g}) \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu}(\text{s}) + \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \)
अपचयन (ऑक्सीजन का ह्रास)
यहाँ, \( \text{CuO} \) में ऑक्सीजन का ह्रास हो रहा है इसलिए यह अपचयित हुआ।
In simple words: उपचयन में ऑक्सीजन जुड़ती है या हाइड्रोजन हटती है, जबकि अपचयन में ऑक्सीजन हटती है या हाइड्रोजन जुड़ती है। ये दोनों प्रक्रियाएँ रेडॉक्स अभिक्रियाओं का हिस्सा हैं।
🎯 Exam Tip: उपचयन और अपचयन की परिभाषाओं को ऑक्सीजन या हाइड्रोजन के संदर्भ में स्पष्ट रूप से बताएं। प्रत्येक के लिए संतुलित रासायनिक समीकरणों के दो उदाहरण देना महत्वपूर्ण है।
Question 17. एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए ।
Answer: यह चमकदार तत्व 'X' कॉपर धातु (\( \text{Cu} \)) है। जब इसे वायु की उपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो यह उपचयित होकर काले रंग की कॉपर (II) ऑक्साइड (\( \text{CuO} \)) बनाती है। अभिक्रिया इस प्रकार होती है-
\( 2\text{Cu}(\text{s}) + \text{O}_2(\text{g}) \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}(\text{s}) \)
In simple words: भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' कॉपर है, जो वायु में गर्म करने पर ऑक्सीजन से क्रिया करके काले रंग का कॉपर (II) ऑक्साइड बनाता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में दिए गए गुणों के आधार पर तत्व की पहचान करना और फिर संबंधित रासायनिक अभिक्रिया लिखना महत्वपूर्ण है। रंग परिवर्तन एक महत्वपूर्ण संकेत है।
Question 18. लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?
Answer: लोहे की वस्तु हवा एवं आर्द्रता के संपर्क में आकर संक्षारित हो जाती है। अतः पेंट करने पर लोहे की सतह हवा या नमी (आर्द्रता) के प्रत्यक्ष संपर्क में नहीं रहती है, जिसके कारण संक्षारण (जंग लगना) नहीं हो पाता है। इस तरह लोहा पेंट करने पर क्षतिग्रस्त नहीं होता।
In simple words: लोहे की वस्तुओं को पेंट करने से वे हवा और नमी के सीधे संपर्क में नहीं आतीं, जिससे उन पर जंग लगने (संक्षारण) की प्रक्रिया रुक जाती है और वे सुरक्षित रहती हैं।
🎯 Exam Tip: संक्षारण (जंग लगना) एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। पेंटिंग एक सुरक्षात्मक विधि है जो धातु और पर्यावरण के बीच एक अवरोध पैदा करती है, जिससे अभिक्रिया रुक जाती है।
Question 19. तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
Answer: तेल एवं वसा युक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से इसलिए प्रभावित किया जाता है, क्योंकि इन पदार्थों का गंध एवं स्वाद उपचयित होने के कारण बदल जाता है। नाइट्रोजन एक प्रतिऑक्सीकारक है, जो इन पदार्थों को उपचयित (आक्सीकृत) होने से बचाता है। अतः तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों की विकृतगंधिता नहीं हो पाती है। इस तरह वसायुक्त पदार्थ; जैसे-चिप्स खराब नहीं होते ।
In simple words: तेल और वसा वाले खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन गैस से भरा जाता है ताकि वे ऑक्सीजन के संपर्क में आकर ऑक्सीकृत न हों, जिससे उनका स्वाद और गंध खराब होने से बच जाए (विकृतगंधिता)।
🎯 Exam Tip: विकृतगंधिता खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण होने वाला एक परिवर्तन है। नाइट्रोजन का उपयोग एक प्रतिऑक्सीकारक के रूप में इसकी भूमिका को उजागर करता है, जिससे खाद्य पदार्थों का शेल्फ-जीवन बढ़ता है।
Question 20. निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए-
(a) संक्षारण
(b) विकृतगंधिता
Answer:
(a) संक्षारण-जब कोई धातु वायुमंडल में उपस्थित आर्द्रता एवं अम्ल के संपर्क में आती है तो उसके सतहों पर एक परत चढ़ जाती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। जब लोहे का संक्षारण होता है, तो उसे जंग लगना कहते हैं।
उदाहरण-सिल्वर धातु (चाँदी) के ऊपर सिल्वर सल्फाइड की काली परत, कॉपर के ऊपर हरे रंग का कॉपर कार्बोनेट की परत चढ़ना तथा लोहे के ऊपर लालिमायुक्त भूरे रंग की \( \text{Fe}_2\text{O}_3 \cdot \text{xH}_2\text{O} \) (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड) की परत चढ़ना।
(b) विकृतगंधिता-तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ हवा (ऑक्सीजन) के सम्पर्क में आने से उपचयित (आक्सीकृत) होकर विकृतगंधी हो जाते हैं, जिसके कारण इसका स्वाद एवं गंध बदल जाता है। इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं। विकृतगंधिता रोकने के उपाय-
1. नाइट्रोजन प्रति ऑक्सीकारक मिलाकर
2. वायुरोधी बर्तनों में खाद्य सामग्री रखकर
उदाहरण-चिप्स की थैली लंबे समय बाद उपचयित होकर विकृतगंधी हो जाती है और मक्खन को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक रखने पर इसका स्वाद खट्टा हो जाता है तथा इससे खराब गंध आने लगती है, क्योंकि यह उपचयित हो जाता है।
In simple words: संक्षारण धातुओं का पर्यावरण के साथ क्रिया करके खराब होना है, जैसे लोहे पर जंग लगना, जबकि विकृतगंधिता तेल और वसा वाले खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होकर खराब स्वाद और गंध पैदा करना है।
🎯 Exam Tip: संक्षारण और विकृतगंधिता दोनों ही ऑक्सीकरण अभिक्रियाओं के हानिकारक प्रभाव हैं। प्रत्येक की परिभाषा, उदाहरण और रोकथाम के उपायों को स्पष्ट रूप से समझाना सुनिश्चित करें।
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