UP Board Solutions Class 8 Environment Chapter 7 Van evam vanya jeev

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 8 Environment Chapter 07 Van evam vanya jeev

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अभ्यास ।

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) वनों से प्राप्त होने वाले औषधीय पेड़-पौधों के नाम और उनका उपयोग लिखिए।
(ख) वन क्षेत्र में मिट्टी का कटाव क्यों कम होता है ?
(ग) किन्हीं चार इमारती लकड़ियों के नाम लिखिए ?
(घ) विलुप्त तथा संकटग्रस्त प्रजातियों में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए।
(ङ) उत्तर प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य के नाम लिखिए।
(च) वनों की संख्या कम होने के क्या कारण हैं ?
(छ) राष्ट्रीय उद्यान तथा वन्य जीव अभ्यारण्य क्यों बनाए गए हैं ?
(ज) वन जानवरों को किस प्रकार लाभ पहुँचाते हैं ?
Answer:
(क) वनों से हमें कई औषधीय पौधे मिलते हैं। उनका नाम और वे किस काम आते हैं, यहाँ बताया गया है। ये पौधे प्रकृति के अनमोल उपहार हैं जो हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं।

क्रम संख्यापौधे का नामउपयोगी भागऔषधीय गुण
1.नीमपत्तीरक्त शोधक, त्वचा रोग
2.ईसबगोल बीजभूसीपेचिश व कब्ज ठीक करने में
3.सिनकोनाछालमलेरिया की दवा
4.जामुनबीजों का चूर्णमधुमेह में लाभदायक
5.यूकेलिप्टसतेलजुकाम की औषधि
6.मुलेठीजड़गले की खराश
(ख) वन भारी बारिश में मिट्टी को बहने से रोकते हैं। जंगल में पेड़-पौधे पानी के बहाव को धीरे करते हैं और हवा की तेज़ गति को भी कम कर देते हैं। इसी वजह से वन-क्षेत्रों में मिट्टी का कटाव कम होता है और मिट्टी अपनी जगह बनी रहती है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को कसकर पकड़े रहती हैं, जिससे मिट्टी का कटाव और भी मुश्किल हो जाता है।
(ग) चार मुख्य इमारती लकड़ियाँ हैं शीशम, साखू, सागौन और देवदार। इन लकड़ियों का उपयोग मजबूत फर्नीचर और घर बनाने के लिए होता है। ये लकड़ियाँ बहुत टिकाऊ और सुंदर होती हैं, इसलिए इनकी बाजार में काफी माँग रहती है।
(घ) जब जानवरों की बहुत ज़्यादा मांग होती है और लोग उनका अवैध शिकार करते हैं, तो कुछ जानवर पूरी तरह से खत्म हो गए हैं और कुछ खत्म होने के बहुत करीब हैं। विलुप्त प्रजातियाँ: ऐसे पशु-पक्षी जो अब दुनिया में बिल्कुल नहीं बचे हैं, उन्हें विलुप्त प्रजाति कहते हैं। जैसे डायनासोर, मैमथ और डोडो पक्षी। संकटग्रस्त प्रजातियाँ: ऐसे पशु-पक्षी जिनकी संख्या बहुत कम बची है और जो जल्द ही खत्म हो सकते हैं, उन्हें संकटग्रस्त प्रजाति कहते हैं। जैसे शेर, हाथी, बाघ, घोड़ा, चीता और मोर। इन प्रजातियों को बचाने के लिए सरकारों और संस्थाओं को मिलकर काम करना बहुत ज़रूरी है ताकि वे धरती पर बनी रहें।
(ङ) उत्तर प्रदेश में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और चन्द्रप्रभा वन्यजीव अभ्यारण्य मुख्य रूप से स्थित हैं। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है, जबकि चन्द्रप्रभा अपने एशियाई शेरों के लिए जाना जाता है।
(च) वनों की संख्या कम होने के मुख्य कारण मनुष्य की बढ़ती ज़रूरतें हैं। शहरों के फैलने और नए कारखाने बनने की वजह से पेड़ों को अंधाधुंध काटा गया, जिससे जंगल कम होते जा रहे हैं। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है और कई जीव-जंतुओं का घर भी छिन जाता है।
(छ) भारत सरकार ने जंगलों और जंगली जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण्य बनाए हैं। ये जगहें जानवरों और पौधों को बचाने का काम करती हैं। इन संरक्षित क्षेत्रों में शिकार करना और पेड़ों को काटना मना होता है, जिससे जैव विविधता बनी रहती है।
(ज) वन जानवरों को खाना, रहने की जगह और उनके जीने के लिए अच्छी स्थितियाँ देते हैं। इस तरह जंगल जानवरों को बहुत फायदा पहुँचाते हैं। जंगल एक पूरा इकोसिस्टम बनाते हैं जहाँ सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
In simple words:
(क) जंगलों से हमें ऐसी जड़ी-बूटियाँ मिलती हैं जो बीमारियों को ठीक करने में काम आती हैं। हर पौधे का अपना खास फायदा होता है।
(ख) जंगल मिट्टी को बहने से बचाते हैं। पेड़ पानी और हवा की रफ्तार कम कर देते हैं, जिससे मिट्टी अपनी जगह पर रहती है।
(ग) घर बनाने और फर्नीचर बनाने में काम आने वाली लकड़ियाँ शीशम, साखू, सागौन और देवदार हैं।
(घ) विलुप्त जानवर वे हैं जो अब बिल्कुल नहीं हैं, जैसे डायनासोर। संकटग्रस्त जानवर वे हैं जो बहुत कम बचे हैं और खत्म होने वाले हैं, जैसे बाघ।
(ङ) उत्तर प्रदेश में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और चन्द्रप्रभा वन्यजीव अभ्यारण्य हैं।
(च) लोगों की बढ़ती ज़रूरतों, शहरों और फैक्ट्रियों के बढ़ने से जंगल बहुत काटे गए, इसलिए वनों की संख्या कम हो रही है।
(छ) सरकार ने जंगलों और जानवरों को बचाने के लिए राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण्य बनाए हैं।
(ज) जंगल जानवरों को खाना देते हैं, उन्हें रहने की जगह देते हैं और जीने के लिए अच्छी जगह बनाते हैं।

🎯 Exam Tip:
(क) औषधीय पौधों के नाम और उनके खास उपयोगों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।
(ख) मिट्टी का कटाव रोकने में पेड़ों की जड़ों की भूमिका पर ध्यान दें और इसे अपने उत्तर में शामिल करें।
(ग) इमारती लकड़ियों के नाम याद रखना ज़रूरी है, खासकर वे जो भारत में सामान्यतः पाई जाती हैं।
(घ) विलुप्त और संकटग्रस्त प्रजातियों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें और प्रत्येक के कम से कम दो उदाहरण याद रखें।
(ङ) राज्य के नाम के साथ प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के नाम याद रखना भूगोल के लिए महत्वपूर्ण है।
(च) वनों की कटाई के मुख्य मानवीय कारणों, जैसे जनसंख्या वृद्धि और विकास, को अपने उत्तर में स्पष्ट करें।
(छ) राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के उद्देश्य को संक्षेप में बताएं - मुख्य रूप से वन्यजीव संरक्षण।
(ज) जानवरों के लिए जंगल के तीन मुख्य लाभों - भोजन, आश्रय और अनुकूल वातावरण - पर जोर दें।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) वनों से हमें उद्योगों के लिए ______ प्राप्त होता है।
(ख) वन जीव-जन्तुओं और पक्षियों के ______ स्थान है।
(ग) वन को प्राकृतिक ______ कहते हैं।
(घ) ______ को विश्व वन दिवस मनाया जाता है।
(ङ) चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य ______ में स्थित है।
(च) कुकरैल वन ______ में स्थित है।
Answer:
(क) वनों से हमें उद्योगों के लिए कच्चा माल प्राप्त होता है, जिसका इस्तेमाल चीज़ें बनाने में होता है। यह कच्चा माल कई उद्योगों जैसे फर्नीचर, कागज़ और दवाइयों के लिए बहुत ज़रूरी होता है।
(ख) वन जीव-जन्तुओं और पक्षियों के रहने का स्थान हैं, जहाँ उन्हें सुरक्षा और भोजन मिलता है। जंगल कई छोटे-बड़े जीवों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं, जो उनके जीवन के लिए ज़रूरी है।
(ग) वन प्रकृति के एक महत्वपूर्ण संसाधन हैं, जो हमें कई ज़रूरी चीज़ें देते हैं और पर्यावरण को स्वस्थ रखते हैं। संसाधन ऐसी चीज़ें होती हैं जिनका उपयोग हम अपनी ज़रूरतें पूरी करने के लिए करते हैं।
(घ) हर साल 21 मार्च को पूरी दुनिया में विश्व वन दिवस मनाया जाता है ताकि लोग जंगलों के महत्व को समझें। यह दिन हमें पेड़ लगाने और वनों को बचाने की प्रेरणा देता है।
(ङ) चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य चन्दौली, उत्तर प्रदेश में स्थित है, जो वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। यह अभ्यारण्य विभिन्न प्रकार के पौधों और जानवरों का घर है, जिसमें एशियाई शेर भी शामिल हैं।
(च) कुकरैल वन लखनऊ, उत्तर प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहाँ वन्यजीव संरक्षण के प्रयास किए जाते हैं। यह शहरी क्षेत्र में हरियाली बनाए रखने और मगरमच्छों के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है।
In simple words:
(क) जंगल फैक्ट्रियों के लिए ज़रूरी कच्चा सामान देते हैं।
(ख) जंगल जानवरों और चिड़ियों के रहने की जगह हैं।
(ग) जंगल प्राकृतिक साधन कहलाते हैं।
(घ) 21 मार्च को 'विश्व वन दिवस' मनाया जाता है।
(ङ) चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य, उत्तर प्रदेश के चन्दौली में है।
(च) कुकरैल वन लखनऊ, उत्तर प्रदेश में है।

🎯 Exam Tip:
(क) उद्योगों को वनों से मिलने वाले प्रमुख उत्पादों (जैसे लकड़ी, गोंद) को याद रखें।
(ख) वन्यजीवों के लिए वनों के महत्व को एक आवास के रूप में समझाएं।
(ग) वनों को एक मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन के रूप में परिभाषित करें।
(घ) विश्व वन दिवस की तारीख और उसके महत्व को याद रखें।
(ङ) महत्वपूर्ण वन्यजीव अभ्यारण्यों की सही भौगोलिक स्थिति जानें।
(च) स्थानीय वन्यजीव स्थलों के नाम और स्थान याद रखें।

 

Question 3. सही कथन के सामने (✔) और गलत कथन के सामने (X) का चिह्न लगाइए ।
(क) वन केवल जन्तुओं को लाभ पहुँचाते हैं।
(ख) मनुष्य आदिकाल से ही वनों पर निर्भर था।
(ग) सिनकोना से मलेरिया की दवा प्राप्त होती है।
(घ) गिद्ध एक विलुप्त प्रजाति है।
(ङ) सागौन इमारती लकड़ी है।
(च) पशु-पक्षियों की प्रजातियाँ जो खत्म होने की कगार पर है, विलुप्त प्रजातियाँ कहलाती हैं।
(छ) पेड़-पौधे वायु की गति बढ़ाने में सहायक होते हैं।
(ज) वन पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।
(झ) मानव के हस्तक्षेप से वनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
Answer:
(क) वन केवल जन्तुओं को लाभ पहुँचाते हैं। (X) यह कथन गलत है। वन केवल जानवरों को ही नहीं, बल्कि मनुष्यों और पूरे पर्यावरण को भी कई तरह से लाभ पहुँचाते हैं, जैसे हवा साफ करना और मिट्टी बचाना। वन हमें ऑक्सीजन, लकड़ी और औषधियाँ भी प्रदान करते हैं, जो हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
(ख) मनुष्य आदिकाल से ही वनों पर निर्भर था। (✔) यह कथन सही है। इंसान हमेशा से ही जंगलों पर निर्भर रहा है। पुराने समय से ही लोग खाने, रहने और अपनी ज़रूरतों के लिए जंगलों पर आश्रित थे। जंगलों से उन्हें भोजन, आश्रय, कपड़े और दवाएँ मिलती थीं।
(ग) सिनकोना से मलेरिया की दवा प्राप्त होती है। (✔) यह कथन सही है। सिनकोना पेड़ की छाल से मलेरिया की दवा कुनैन बनाई जाती है, जो इस बीमारी के इलाज में बहुत उपयोगी है। कुनैन एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक औषधि है जिसका उपयोग सदियों से मलेरिया के उपचार के लिए किया जा रहा है।
(घ) गिद्ध एक विलुप्त प्रजाति है। (X) यह कथन गलत है। गिद्ध विलुप्त प्रजाति नहीं हैं, बल्कि ये संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में आते हैं। उनकी संख्या बहुत कम हो गई है और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गिद्ध पर्यावरण के सफाईकर्मी कहलाते हैं, क्योंकि वे मरे हुए जानवरों को खाकर साफ-सफाई में मदद करते हैं।
(ङ) सागौन इमारती लकड़ी है। (✔) यह कथन सही है। सागौन एक बहुत मजबूत और टिकाऊ लकड़ी है, जिसका उपयोग फर्नीचर, जहाज और इमारती कामों में बड़े पैमाने पर होता है। सागौन की लकड़ी पानी और दीमक के प्रति प्रतिरोधी होती है, जिससे यह बहुत लंबी चलती है।
(च) पशु-पक्षियों की प्रजातियाँ जो खत्म होने की कगार पर है, विलुप्त प्रजातियाँ कहलाती हैं। (X) यह कथन गलत है। वे पशु-पक्षियों की प्रजातियाँ जो खत्म होने की कगार पर हैं, उन्हें 'संकटग्रस्त' प्रजातियाँ कहते हैं, न कि 'विलुप्त'। विलुप्त वे होते हैं जो पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए विशेष संरक्षण योजनाएँ चलाई जाती हैं, जैसे राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य बनाना।
(छ) पेड़-पौधे वायु की गति बढ़ाने में सहायक होते हैं। (X) यह कथन गलत है। पेड़-पौधे वायु की गति को बढ़ाते नहीं, बल्कि उसे कम करने में मदद करते हैं। उनकी पत्तियाँ और शाखाएँ हवा के प्रवाह को धीमा करती हैं। तेज हवाओं से मिट्टी का कटाव रोकने में भी पेड़-पौधे सहायक होते हैं क्योंकि वे हवा की गति को नियंत्रित करते हैं।
(ज) वन पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। (✔) यह कथन सही है। जंगल हमारे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में बहुत मदद करते हैं। वे हवा को साफ करते हैं, पानी को बचाते हैं और कई जीवों का घर होते हैं, जिससे प्राकृतिक व्यवस्था बनी रहती है। एक संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सभी जीवों के स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है, और वन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(झ) मानव के हस्तक्षेप से वनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। (✔) यह कथन सही है। जब इंसान जंगलों में ज़्यादा दखल देते हैं, जैसे पेड़ काटना, शिकार करना या प्रदूषण फैलाना, तो इसका जंगलों पर बुरा असर पड़ता है। पेड़ों की कटाई और प्रदूषण से वनों की जैव विविधता कम होती है और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ पैदा होती हैं।
In simple words:
(क) यह बात गलत है। जंगल सिर्फ जानवरों को नहीं, हमें और प्रकृति को भी फायदा देते हैं।
(ख) यह बात सही है। बहुत पुराने समय से ही लोग जंगल पर निर्भर थे।
(ग) यह बात सही है। सिनकोना पेड़ से मलेरिया की दवाई बनती है।
(घ) यह बात गलत है। गिद्ध पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं, पर उनकी गिनती बहुत कम बची है।
(ङ) यह बात सही है। सागौन एक ऐसी लकड़ी है जिससे घर और सामान बनते हैं।
(च) यह बात गलत है। जो जानवर खत्म होने वाले हैं, उन्हें संकटग्रस्त कहते हैं, विलुप्त नहीं।
(छ) यह बात गलत है। पेड़ हवा की रफ्तार को कम करते हैं, बढ़ाते नहीं।
(ज) यह बात सही है। जंगल प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
(झ) यह बात सही है। जब लोग जंगल में ज़्यादा छेड़छाड़ करते हैं, तो जंगल को नुकसान होता है।

🎯 Exam Tip:
(क) वनों के बहुमुखी लाभों पर विचार करें, न कि केवल एक पहलू पर।
(ख) मानव और वनों के बीच प्राचीन संबंध को याद रखें, जिसमें भोजन और आश्रय मुख्य ज़रूरतें थीं।
(ग) कुछ महत्वपूर्ण औषधीय पौधों और उनके उपयोगों को याद रखें।
(घ) विलुप्त और संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें और सही उदाहरण दें।
(ङ) इमारती लकड़ियों की विशेषताओं और उनके उपयोगों को याद रखें।
(च) 'संकटग्रस्त' और 'विलुप्त' शब्दों के बीच के महत्वपूर्ण अंतर को ध्यान में रखें।
(छ) पेड़-पौधों के वायु प्रवाह पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव को समझें।
(ज) वनों की भूमिका को एक संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के हिस्से के रूप में समझाएं।
(झ) मानव गतिविधियों जैसे वनों की कटाई, प्रदूषण और अवैध शिकार के नकारात्मक प्रभावों को सूचीबद्ध करें।

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