NCERT Solutions for Class 7 Hindi: Chapter 37 प्रमुख खिलाड़ी
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Practice Class 7 Hindi Solutions: Chapter 37 प्रमुख खिलाड़ी
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पाठ का सारांश
मेजर ध्यानचंद का हॉकी में भारत को पहचान दिलाने में बहुत बड़ा योगदान था। बचपन से ही उन्हें खेलों से बहुत लगाव था। साल 1922 में वे सेना में भर्ती हुए। चार साल बाद, वे भारतीय हॉकी टीम के साथ न्यूजीलैंड गए और अपने खेल से सभी को प्रभावित किया। साल 1928 में वे एम्सटर्डम में हुए ओलंपिक खेलों में भाग लेने पहुंचे। वहां भारत ने सभी टीमों को हराकर पहला स्वर्ण पदक जीता, जो देश के लिए बहुत गर्व की बात थी। साल 1936 में बर्लिन ओलंपिक में भी मेजर ध्यानचंद की अगुवाई में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसे हिटलर ने भी देखा था। मेजर ध्यानचंद ने भारत, भारतीय सेना और हॉकी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1956 में उन्हें 'पद्मभूषण' सम्मान से नवाजा गया। 3 दिसंबर, 1979 को उनका निधन हो गया। खेल जगत में उनका नाम हमेशा अमर रहेगा। उनकी याद में, झांसी में एक स्टेडियम का नाम 'मेजर ध्यानचंद स्टेडियम' रखा गया है।
सुनील गावस्कर - सुनील मनोहर गावस्कर का जन्म 1949 में मुंबई में हुआ था। उन्होंने सेंट जेवियर्स हाईस्कूल और मुंबई विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उनका टेस्ट करियर 1971 में वेस्टइंडीज दौरे से शुरू हुआ। सुनील गावस्कर ने एक साल में चार बार 1000 रन बनाए। 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 239 रन बनाए थे, जो उनके टेस्ट करियर की सबसे बड़ी पारी थी। उन्होंने कुल 125 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 214 पारियों में 10122 रन बनाए। इसमें 34 शतक और 45 अर्धशतक शामिल हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 51.12 रन था और उन्होंने 108 कैच भी पकड़े। सुनील गावस्कर ने अपने खेल जीवन में भारतीय टीम की कप्तानी भी की। वे सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक अच्छे लेखक भी हैं। उनकी मशहूर किताब का नाम 'सनिडेज़' है। वे एक महान बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं और उन्हें 'लिटिल-मास्टर' भी कहा जाता है।
अभ्यास-प्रश्न
Question 1. ओलम्पिक खेलों में भारत को प्रथम स्वर्णपदक किस खेल में मिला? इस पदक को प्राप्त करने वाले प्रमुख खिलाड़ी के विषय में लिखिए।
Answer: भारत को ओलंपिक खेलों में पहला स्वर्ण पदक हॉकी में मिला था। यह पदक दिलाने वाले मुख्य खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद थे। उन्हें बचपन से ही खेलों में बहुत रुचि थी। साल 1922 में वे सेना में शामिल हो गए। चार साल बाद, वे हॉकी टीम के साथ न्यूजीलैंड गए। साल 1928 में एम्सटर्डम में हुए ओलंपिक खेलों में भारत ने उन्हीं की बदौलत पहला स्वर्ण पदक जीता था। मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है, जिन्होंने भारत को खेल जगत में नई पहचान दिलाई।
In simple words: भारत ने अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक हॉकी में मेजर ध्यानचंद के कारण जीता था। उन्हें खेल बहुत पसंद था।
🎯 Exam Tip: ओलंपिक खेलों में भारत के पहले स्वर्ण पदक और उसे दिलाने वाले खिलाड़ी का नाम याद रखना ज़रूरी है।
Question 2. सुनील गावस्कर को 10,000 रन पूरे करने में किस प्रकार सफलता मिली?
Answer: सुनील गावस्कर ने अपने 10,000 रन बनाने का लक्ष्य संयम, दृढ़ता, गंभीरता, एकाग्रता और साहस जैसे गुणों से प्राप्त किया। उन्होंने इन सभी गुणों का सही उपयोग करके यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
In simple words: सुनील गावस्कर ने 10,000 रन बनाने के लिए धैर्य, मेहनत, लगन और हिम्मत दिखाई।
🎯 Exam Tip: किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए संयम और दृढ़ता जैसे गुण बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
Question 3. कौन से खेल में आपकी सर्वाधिक रुचि है और क्यों?
Answer: विद्यार्थी को अपनी पसंद के खेल और उसके कारण के बारे में स्वयं लिखना चाहिए। यह प्रश्न छात्रों को अपने विचारों को व्यक्त करने का अवसर देता है।
In simple words: आप खुद बताएं कि आपको कौन सा खेल सबसे अच्छा लगता है और क्यों।
🎯 Exam Tip: जब ऐसे प्रश्न आएं तो आप अपने सच्चे विचार और कारण स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 4. सही मिलान कीजिए
(क) मेजर धयानचन्द के जन्म दिवस को
(ख) सुनील गावस्कर ने
(ग) मेजर धयानचन्द को सन् 1956 ई. में-
(घ) गावस्कर खिलाड़ी ही नहीं बल्कि
Answer:
(क) मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को - राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं।
(ख) सुनील गावस्कर ने - 'सनिडेज' नामक पुस्तक लिखी।
(ग) मेजर ध्यानचंद को सन् 1956 ई. में - 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया।
(घ) गावस्कर खिलाड़ी ही नहीं बल्कि - एक कुशल लेखक भी हैं।
In simple words: दिए गए खिलाड़ियों की पहचान और उनके योगदान को सही जानकारी से मिलाना है।
🎯 Exam Tip: मिलान करने वाले प्रश्नों में हर विकल्प को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि सही उत्तर से ही मिलाया गया है।
Question 5. सही विकल्प चुनकर (८) का चिह्न लगइए (चिह्न लगाकर) दैनिक जीवन में खेलकूद का बहुत महत्व है, क्योंकि
(क) इससे समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है।
(ख) इससे धान मिलता है ।
(ग) यात्रा का सुख मिलता है ।
(घ) इससे जीवन में अनुशासन आता है और शारीरिक विकास होता है।
Answer: (घ) इससे जीवन में अनुशासन आता है और शारीरिक विकास होता है।
खेलकूद से हमारा शरीर स्वस्थ और मजबूत बनता है, साथ ही यह हमें नियमों का पालन करना और टीम में काम करना भी सिखाता है।
In simple words: खेलकूद से हमें अनुशासन आता है और हमारा शरीर सेहतमंद बनता है।
🎯 Exam Tip: खेलकूद के महत्व से जुड़े प्रश्नों में शारीरिक और मानसिक दोनों लाभों पर ध्यान दें।
Question 6. एक महान खिलाड़ी बनने के लिए किन-किन विशेषताओं का होना आवश्यक है? अपने विचार लिखिए।
Answer: एक महान खिलाड़ी बनने के लिए उसमें संयम, दृढ़ता, गंभीरता, एकाग्रता, सहयोग और साहस जैसे गुण होने बहुत ज़रूरी हैं। इन गुणों से ही कोई भी खिलाड़ी उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन कर पाता है।
In simple words: महान खिलाड़ी बनने के लिए धीरज, मजबूत इरादे, एकाग्रता, टीम भावना और हिम्मत चाहिए।
🎯 Exam Tip: ऐसे वर्णनात्मक प्रश्नों में आप केवल दिए गए गुणों को ही नहीं, बल्कि उनके महत्व को भी संक्षेप में समझा सकते हैं।
योग्यता विस्तारः
यह भाग विद्यार्थियों को अपने शिक्षक या शिक्षिका की मदद से स्वयं पूरा करना चाहिए।
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