NCERT Solutions for Class 7 Environmental Studies: Chapter 05 जल संचयन एवं पुनर्भरण
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Practice Class 7 Environmental Studies Solutions: Chapter 05 जल संचयन एवं पुनर्भरण
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जल संचयन एवं पुनर्भरण
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) वर्षा जल पुनर्भरण के लाभ बताइए ?
Answer: वर्षा जल पुनर्भरण से कई लाभ मिलते हैं। इससे हमें अपनी ज़रूरत के अनुसार पानी मिलता है, ज़मीन के अंदर पानी की मात्रा बढ़ जाती है, और शहरों में पानी की कमी दूर होती है। पानी का स्तर नीचे नहीं गिरता, मिट्टी का कटाव भी कम होता है, और कृषि फसलें हरी-भरी बनी रहती हैं, जिससे किसानों को फायदा होता है। यह तरीका पानी की बचत और सही इस्तेमाल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: बारिश के पानी को ज़मीन में भरने से पानी की कमी दूर होती है, ज़मीन का जल स्तर बढ़ता है, और फसलें भी अच्छी होती हैं।
🎯 Exam Tip: 'लाभ' वाले प्रश्नों में हमेशा बिन्दुवार उत्तर दें और हर लाभ को स्पष्ट करें।
Question 1. (ख) भू-जल का स्तर नीचे क्यों गिरता जा रहा है ?
Answer: भू-जल का स्तर नीचे गिरने के दो मुख्य कारण हैं: पहला, बारिश की कमी और दूसरा, पानी की बढ़ती हुई माँग। जब बारिश कम होती है, तो ज़मीन में पानी की भरपाई नहीं हो पाती, और जब लोग ज़्यादा पानी निकालते हैं, तो जल स्तर लगातार नीचे जाता रहता है। बढ़ती जनसंख्या और उद्योगों के कारण पानी का उपयोग बहुत बढ़ गया है।
In simple words: कम बारिश होने और ज़्यादा पानी इस्तेमाल होने से ज़मीन का पानी घट रहा है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में कारण और प्रभाव को साफ-साफ लिखें।
Question 1. (ग) भू-जल में वृद्धि कैसे की जा सकती है ?
Answer: भू-जल में वृद्धि करने के लिए वर्षा जल संचयन और पुनर्भरण बहुत ज़रूरी है। इसका मतलब है कि बारिश के पानी को इकट्ठा करके उसे ज़मीन के अंदर फिर से डाला जाए। जब बारिश का पानी ज़मीन में रिसता है, तो भू-जल का स्तर अपने आप बढ़ने लगता है। यह एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है जिससे पानी की कमी को रोका जा सकता है।
In simple words: बारिश का पानी इकट्ठा करके ज़मीन में डालने से भू-जल बढ़ सकता है।
🎯 Exam Tip: समाधान वाले प्रश्नों में सीधे और स्पष्ट उपाय बताएं।
Question 1. (घ) जनसंख्या वृद्धि का भू-जल पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
Answer: जनसंख्या बढ़ने से भू-जल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जब लोगों की संख्या बढ़ती है, तो पीने, खेती और उद्योगों के लिए पानी की माँग भी बढ़ जाती है। इस बढ़ी हुई माँग को पूरा करने के लिए ज़मीन से ज़्यादा पानी निकाला जाता है, जिससे भू-जल का स्तर लगातार नीचे गिरता जाता है। बढ़ती आबादी के साथ-साथ कृषि और औद्योगिक उपयोग के लिए भी पानी की खपत बढ़ जाती है।
In simple words: ज़्यादा लोग होने से पानी की ज़रूरत ज़्यादा होती है, जिससे ज़मीन का पानी कम हो जाता है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
Question 1. (ङ) वर्षा जल संचयन का अभिप्राय बताइए?
Answer: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को इकट्ठा करना। इस जमा किए गए पानी को फिर से कुओं, तालाबों और छोटे गड्ढों में भरा जाता है ताकि पानी की समस्या को दूर किया जा सके। यह हमें सूखे जैसी स्थितियों से निपटने और भविष्य के लिए पानी सुरक्षित रखने में मदद करता है।
In simple words: बारिश के पानी को जमा करके कुओं और तालाबों में भरकर पानी की कमी को ठीक करना ही वर्षा जल संचयन है।
🎯 Exam Tip: परिभाषा वाले प्रश्नों में मुख्य शब्द (जैसे 'अभिप्राय') का सही अर्थ बताएं और उसके उद्देश्य को स्पष्ट करें।
Question 1. (च) जल का आपके जीवन में क्या महत्त्व है ?
Answer: पानी का हमारे जीवन में बहुत ज़्यादा महत्त्व है। हमें पानी पीने, खेतों की सिंचाई करने और साफ-सफाई के लिए चाहिए। इसके अलावा, कारखानों और कई दूसरे कामों के लिए भी पानी बहुत ज़रूरी होता है। पानी के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है, यह सभी जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के लिए आवश्यक है।
In simple words: पानी पीने, खेती करने, साफ-सफाई और उद्योगों के लिए बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: महत्त्व वाले प्रश्नों में विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग और उसके बिना होने वाले प्रभावों को सूचीबद्ध करें।
Question 1. (छ) वर्षा जल को संचयन एवं पुनर्भरण क्यों आवश्यक है ?
Answer: वर्षा जल का संचयन और पुनर्भरण करना बहुत ज़रूरी है। ऐसा इसलिए है ताकि हमें अपनी ज़रूरतों के लिए ज़मीन के नीचे का पानी (भू-जल) और ज़मीन की सतह पर मिलने वाला पानी सही मात्रा में मिल सके। यह हमें भविष्य में पानी की कमी से बचाता है और पर्यावरण को संतुलित रखने में भी मदद करता है।
In simple words: बारिश का पानी बचाना और ज़मीन में भरना ज़रूरी है ताकि सभी कामों के लिए ज़मीन और सतह पर हमेशा पर्याप्त पानी रहे।
🎯 Exam Tip: 'क्यों आवश्यक है' वाले प्रश्नों में कारण और दीर्घकालिक लाभों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 1. (ज) अपने घर की छत के वर्षा जल का संचयन कैसे करेंगे ?
Answer: घर की छत के बारिश के पानी को जमा करने के लिए, घर से थोड़ी दूर पर 2 से 3 मीटर गहरा गड्ढा खोदते हैं। इस गड्ढे को ईंट, कंकड़ और बजरी से भर दिया जाता है। फिर उसके ऊपर मोटी रेत की एक परत बिछाई जाती है। इस तरह, छत पर गिरने वाला साफ बारिश का पानी इस गड्ढे में जमा हो जाता है और ज़मीन में रिसता है। यह विधि घरों में पानी की बचत और भू-जल पुनर्भरण के लिए एक सरल और प्रभावी तरीका है।
In simple words: छत के बारिश के पानी को जमा करने के लिए, घर के पास एक गहरा गड्ढा खोदकर उसे ईंट, कंकड़, बजरी और रेत से भर दें ताकि पानी उसमें इकट्ठा हो सके।
🎯 Exam Tip: प्रक्रिया वाले प्रश्नों में चरणों को क्रमबद्ध और स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) समुद्र का जल खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं होता है।
Answer: शब्द 'नहीं' रिक्त स्थान को भरता है। समुद्र का पानी खारा होने के कारण पीने लायक नहीं होता। यही कारण है कि इसे सीधे पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। पीने के लिए समुद्र के पानी को मीठा बनाने की प्रक्रिया बहुत महंगी और जटिल होती है।
In simple words: क्योंकि समुद्र का पानी नमकीन होता है, हम उसे पी नहीं सकते।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, सही शब्द चुनते हुए वाक्य के अर्थ पर ध्यान दें।
Question 2. (ख) भू-जल एवं भू-सतही जल प्रकृति द्वारा कम मात्रा में प्राप्त है।
Answer: शब्द 'कम' रिक्त स्थान को भरता है। भू-जल और ज़मीन की सतह पर मिलने वाला पानी प्रकृति द्वारा सीमित मात्रा में ही मिलता है। इसलिए, हमें इन दोनों जल स्रोतों का समझदारी से उपयोग करना चाहिए। यह दिखाता है कि पानी एक कीमती संसाधन है जिसे बर्बाद नहीं करना चाहिए।
In simple words: ज़मीन के नीचे और सतह पर मिलने वाला पानी प्रकृति में कम मात्रा में ही है।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरने वाले प्रश्नों में संदर्भ को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।
Question 2. (ग) तालाब, पोखर आदि जल संचयन के प्राचीन साधन रहे हैं।
Answer: शब्द 'प्राचीन' रिक्त स्थान को भरता है। तालाब और पोखर जैसे जल स्रोत पानी जमा करने के पुराने तरीके रहे हैं। सदियों से लोग पीने और सिंचाई के लिए इन्हीं साधनों पर निर्भर रहे हैं, जो हमारी पुरानी जल प्रबंधन तकनीकों का हिस्सा हैं।
In simple words: तालाब और पोखर बहुत पुराने समय से पानी जमा करने के साधन रहे हैं।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक संदर्भ वाले प्रश्नों में सही काल या समय दर्शाने वाले शब्दों का उपयोग करें।
Question 2. (घ) भू-जल में वृद्धि जल संचयन करके कर सकते हैं।
Answer: शब्द 'संचयन' रिक्त स्थान को भरता है। ज़मीन के अंदर पानी को बढ़ाने के लिए हमें जल संचयन करना चाहिए, यानी बारिश के पानी को जमा करके ज़मीन में डालना चाहिए। यह ज़मीन के जल स्तर को फिर से भरने का एक प्रभावी तरीका है।
In simple words: ज़मीन के पानी को बढ़ाने के लिए हमें जल संचयन (पानी इकट्ठा करना) करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: क्रिया आधारित रिक्त स्थानों में सही क्रिया शब्द या तरीका लिखें।
Question 2. (ङ) शहरों में पक्के मकानों के कारण वर्षा जल भूमि के अन्दर कम प्रवेश होता है।
Answer: शब्द 'पक्के' रिक्त स्थान को भरता है। शहरों में ज़्यादातर घर और सड़कें पक्की होती हैं, जिससे बारिश का पानी ज़मीन के अंदर ठीक से नहीं जा पाता है। कंक्रीट और डामर की सतहें पानी को ज़मीन में रिसने से रोकती हैं, जिससे भू-जल पुनर्भरण कम हो जाता है।
In simple words: शहरों में पक्के मकान होने से बारिश का पानी ज़मीन के अंदर कम जा पाता है।
🎯 Exam Tip: शहरीकरण के प्रभावों से संबंधित रिक्त स्थानों में उपयुक्त विशेषण का प्रयोग करें।
Question 2. (च) उन्नत किस्म के धान एवं गेहूं की फसल उगाने के लिए अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है।
Answer: शब्द 'अधिक' रिक्त स्थान को भरता है। अच्छी किस्म के धान और गेहूं की फसलें उगाने के लिए ज़्यादा पानी की ज़रूरत होती है। इन उन्नत किस्मों से ज़्यादा पैदावार मिलती है, लेकिन इसके लिए लगातार और पर्याप्त सिंचाई की आवश्यकता होती है।
In simple words: अच्छी फसल उगाने के लिए ज़्यादा पानी चाहिए होता है।
🎯 Exam Tip: कृषि संबंधी रिक्त स्थानों में 'अधिक' या 'कम' जैसे परिमाणवाचक शब्दों का सही चुनाव करें।
Question 2. (छ) भारत की जलनीति वर्ष 1987 में बनाई गई थी।
Answer: शब्द '1987' रिक्त स्थान को भरता है। भारत की जल नीति वर्ष 1987 में तैयार की गई थी। यह नीति देश में जल संसाधनों के प्रबंधन और उपयोग के लिए दिशानिर्देश प्रदान करती है।
In simple words: भारत की जल नीति साल 1987 में बनी थी।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक तिथियों वाले प्रश्नों में सही वर्ष याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. (ज) राष्ट्रीय जलनीति में जल को दुर्लभ एवं बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन के रूप में माना गया है।
Answer: शब्द 'दुर्लभ एवं बहुमूल्य' रिक्त स्थान को भरता है। राष्ट्रीय जल नीति में पानी को एक ऐसा राष्ट्रीय संसाधन माना गया है जो दुर्लभ (मुश्किल से मिलने वाला) और बहुत कीमती है। इसका मतलब है कि पानी एक अमूल्य चीज़ है और इसे बचाना और सही से इस्तेमाल करना हमारी ज़िम्मेदारी है।
In simple words: राष्ट्रीय जलनीति कहती है कि पानी एक मुश्किल से मिलने वाला और बहुत ज़रूरी राष्ट्रीय खज़ाना है।
🎯 Exam Tip: नीति संबंधी प्रश्नों में किसी संसाधन की विशेषताओं का वर्णन करने वाले शब्दों को पहचानें।
Question 3. सही जोड़े बनाएँ-
Answer: सही जोड़े इस प्रकार हैं:
1. पन-बिजली - नदी (नदियों के पानी से बिजली बनती है।)
2. पुनर्भरण - वर्षा जल (ज़मीन में पानी भरने के लिए बारिश का पानी इस्तेमाल होता है।)
3. गोदावरी - जल (गोदावरी एक महत्वपूर्ण नदी है जिसमें जल होता है।)
4. जलभृत - भूजल भंडार (जलभृत वह जगह होती है जहाँ ज़मीन के नीचे पानी जमा रहता है।)
ये जोड़े पानी के विभिन्न रूपों और उनके उपयोग या भंडारण के स्थानों को दर्शाते हैं।
In simple words: यहाँ कुछ चीजें और उनके सही साथी दिए गए हैं, जैसे बिजली बनाने के लिए नदी और ज़मीन में पानी भरने के लिए बारिश का पानी।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में प्रत्येक जोड़े के पीछे के संबंध या कारण को समझें।
प्रोजेक्ट वर्क- विद्यार्थी स्वयं करें ।
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