UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 3 Padarthon ka prithakkaran

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 Science Chapter 03 पदार्थों का पृथक्करन

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पदार्थों का पृथक्करण

अभ्यास प्रश्न

 

Question 1. सही विकल्प को छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए –

(क) शुद्ध पदार्थ वे पदार्थ हैं -
(i) जो खाने में शुद्ध हों।
(ii) जिन्हें छानकर और वाष्पित कर पृथक् किया जा सके।
(iii) जिसमें सभी अणु समान प्रकृति के हों।
(iv) जो विभिन्न तत्वों के मिश्रण हों।
Answer: (iii) जिसमें सभी अणु समान प्रकृति के हों।
In simple words: शुद्ध चीज़ें ऐसी होती हैं जिनके सभी छोटे कण एक जैसे होते हैं, जैसे पानी या चीनी। पानी या नमक जैसे शुद्ध पदार्थ एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बने होते हैं।

🎯 Exam Tip: शुद्ध पदार्थों की पहचान उनके कणों की एकरूपता और निश्चित गुणों से होती है, यह महत्वपूर्ण अंतर है।

 

(ख) वायु है -
(i) शुद्ध पदार्थ
(ii) समांगी मिश्रण
(iii) विषमांगी मिश्रण
(iv) ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का यौगिक
Answer: (ii) समांगी मिश्रण
In simple words: हवा कई गैसों का मिश्रण है जो एक साथ इतनी अच्छी तरह मिली होती हैं कि आप उन्हें अलग-अलग नहीं देख पाते। वायु में ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और अन्य गैसें एक साथ इतनी अच्छी तरह घुली होती हैं कि आप उन्हें अलग-अलग नहीं देख सकते।

🎯 Exam Tip: समांगी मिश्रण में उसके घटक एक समान रूप से वितरित होते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग पहचानना मुश्किल होता है।

 

(ग) बालू और लोहे की छीलन को पृथक् किया जाता है –
(i) बीनकर
(ii) चुम्बकीय पृथक्करण द्वारा
(iii) फटककर
(iv) चाल कर
Answer: (ii) चुम्बकीय पृथक्करण द्वारा
In simple words: लोहे के छोटे टुकड़ों को रेत से अलग करने के लिए चुम्बक का उपयोग करते हैं, क्योंकि चुम्बक लोहे को अपनी ओर खींच लेता है। यह विधि लोहे के कणों को चुम्बक की मदद से रेत से अलग करने में बहुत उपयोगी होती है।

🎯 Exam Tip: चुम्बकीय पृथक्करण विशेष रूप से उन मिश्रणों के लिए प्रभावी है जिनमें चुम्बकीय और गैर-चुम्बकीय पदार्थ शामिल होते हैं।

 

Question 2. कोष्ठक में दिए गए उचित शब्दों की सहायता से रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु सही शब्द अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखिए (पूर्ति करके)-
(भाप, अपकेन्द्रण, लोहा, वाष्पन, ऊर्ध्वपातन तथा जल)
Answer:
(क) अपकेन्द्रण विधि दूध से क्रीम को पृथक् करने में उपयोग की जाती है।
(ख) कपूर और साधारण नमक का मिश्रण ऊर्ध्वपातन विधि से पृथक् किए जाते हैं।
(ग) लोहे के छीलन को किसी मिश्रण से चुम्बक द्वारा पृथक् किया जाता है।
(घ) नमक और पानी के मिश्रण से नमक वाष्पन विधि द्वारा पृथक् किया जाता है।
(ङ) आसवन विधि द्वारा भाप से शुद्ध जल प्राप्त किया जाता है।
In simple words: खाली जगह में सही शब्द भरने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि कौन सी चीज़ें किस तरीके से अलग की जाती हैं। खाली स्थान भरते समय, यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक विधि का उपयोग किस प्रकार के मिश्रणों के लिए किया जाता है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों और मिश्रण के प्रकार के बीच सही संबंध को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य और असत्य को छाँटकर अलग-अलग अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए (छाँटकर)
Answer:
(क) नदियों के जल के तलछटीकरण और छानने के बाद पीने का पानी प्राप्त होता है। - सत्य
(ख) चावल के कण महीन छेद वाली चलनी से छानकर पृथक् कर लिए जाते हैं। – असत्य
(ग) समुद्र जल को वाष्पित करके नमक प्राप्त किया जाता है। – सत्य
(घ) शुद्ध पदार्थ समांगी पदार्थ हैं जिसमें केवल एक प्रकार ही के अणु होते हैं। - असत्य
(ङ) चीनी का शरबत विषमांगी मिश्रण है। - असत्य
(च) क्रोमैटोग्राफी विधि द्वारा रंगों का विभेदीकरण करते हैं। – सत्य
In simple words: प्रत्येक कथन की जाँच करें कि क्या वह सही है या गलत।
(क) तलछटीकरण और छानने से पानी साफ होता है, जिससे वह पीने लायक बन जाता है।
(ख) चावल के मोटे कण छलनी से नहीं छनते, उन्हें हाथ से बिनना पड़ता है।
(ग) वाष्पीकरण से पानी भाप बन जाता है और नमक पीछे रह जाता है।
(घ) शुद्ध पदार्थ एक ही तरह के परमाणुओं या अणुओं से बने होते हैं।
(ङ) चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाती है, इसलिए यह एक समांगी मिश्रण बनाती है।
(च) क्रोमैटोग्राफी अलग-अलग रंगों को अलग करने का वैज्ञानिक तरीका है।

🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन की वैज्ञानिक सत्यता को ध्यान से देखें और उसके आधार पर उत्तर दें।

 

Question 4. यदि मिश्रण में दिया गया अवयव निम्नवत् गुण प्रदार्शित कर रहा है तो इसमें पृथक्करण की कौन सी विधि अपनाएँगे-
Answer:
(क) दूसरे अवयवों से भारी हो । - फटकना और ओसाना
(ख) दूसरे अवयवों से बड़ा हो । – बीनकर, चालना
(ग) दूसरे अवयवों से आकृति एवं रंग में भिन्न हो । – बीनकर
(घ) एक पानी में घुलनशील, दूसरा अघुलनशील हो । – निथारना, छानना ।
(ङ) दूसरे अवयवों से भारी हो, दूसरा अवयव डूब गया हो । – आसवन, अपकेन्द्रण
In simple words: मिश्रण में अलग-अलग चीजों को निकालने के लिए उनके गुणों के आधार पर सही तरीका चुनें।
(क) फटकना और ओसाना हवा की मदद से हल्के और भारी कणों को अलग करते हैं।
(ख) बीनना या चालना उन चीज़ों को अलग करने के लिए हैं जो आकार में बड़ी या अलग हों।
(ग) बीनना उन चीज़ों के लिए है जिनकी आकृति या रंग अलग हो ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।
(घ) निथारना और छानना ऐसी विधियाँ हैं जहाँ एक चीज़ घुलती नहीं है और दूसरी घुल जाती है।
(ङ) आसवन पानी और घुलनशील पदार्थों को अलग करने के लिए है, जबकि अपकेन्द्रण भारी कणों को तेजी से नीचे बैठाता है।

🎯 Exam Tip: मिश्रण के घटकों के भौतिक गुणों (जैसे आकार, घनत्व, घुलनशीलता, चुम्बकीय गुण) को पहचानना सही पृथक्करण विधि चुनने की कुंजी है।

 

Question 5. चीनी के शरबत में लकड़ी के कोयले के कुछ छोटे टुकड़े मिले गये हैं। इन्हें आप कैसे पृथक करेंगे,
Answer: चीनी के शरबत में से लकड़ी और कोयले के छोटे टुकड़ों को छानकर अलग करेंगे। फिर दोनों को चुनकर अलग कर लेंगे। छानना एक आसान तरीका है जिससे ठोस कणों को द्रव से अलग किया जा सकता है।
In simple words: चीनी के शरबत से लकड़ी और कोयले के छोटे टुकड़े निकालने के लिए पहले उसे छानेंगे, फिर बचे हुए टुकड़ों को हाथ से चुनकर अलग कर लेंगे।

🎯 Exam Tip: मिश्रण से अघुलनशील ठोस पदार्थों को अलग करने के लिए छानने और हाथ से चुनने की विधियाँ बहुत प्रभावी होती हैं।

 

Question 6. संक्षेप में उत्तर दीजिए-

(क) शुद्ध और अशुद्ध पदार्थ में क्या अन्तर है?
Answer: शुद्ध पदार्थ के सभी अणु अथवा परमाणु समान होते हैं तथा इनके गुण निश्चित होते हैं, जबकि अशुद्ध पदार्थ में भिन्न-भिन्न अणु तथा परमाणु होते हैं तथा इनके गुण अनिश्चित होते हैं। शुद्ध पदार्थ में कोई मिलावट नहीं होती, जबकि अशुद्ध पदार्थ कई चीज़ों से मिलकर बने होते हैं।
In simple words: शुद्ध पदार्थ में सारे कण एक जैसे होते हैं और उनके गुण पक्के होते हैं, जबकि अशुद्ध पदार्थ में अलग-अलग कण होते हैं और उनके गुण निश्चित नहीं होते।

🎯 Exam Tip: शुद्ध और अशुद्ध पदार्थों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते समय उनके कणों की प्रकृति और गुणों को उजागर करें।

 

(ख) समांगी और विषमांगी मिश्रण किसे कहते हैं?
Answer:
समांगी मिश्रण – ऐसे मिश्रण जिनमें दो या दो से अधिक अवयव उपस्थित रहते हैं किंतु उन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता, समांगी मिश्रण कहलाते हैं।
विषमांगी मिश्रण – ऐसे मिश्रण जिनमें उनके अवयवी पदार्थों को अलग-अलग देखा जा सकता है, विषमांगी मिश्रण कहलाते हैं। चीनी और पानी का घोल समांगी मिश्रण का अच्छा उदाहरण है, जबकि तेल और पानी विषमांगी मिश्रण बनाते हैं।
In simple words: समांगी मिश्रण वो होते हैं जहाँ चीज़ें इतनी अच्छी तरह मिल जाती हैं कि उन्हें अलग-अलग नहीं देख पाते। विषमांगी मिश्रण वो होते हैं जहाँ आप चीज़ों को अलग-अलग देख सकते हैं।

🎯 Exam Tip: समांगी और विषमांगी मिश्रणों के बीच का मुख्य अंतर उनके घटकों की दृश्यता और एकरूपता में निहित है; उदाहरणों के साथ समझाना प्रभावी होता है।

 

(ग) दो शुद्ध पदार्थ के नाम बताइए।
Answer: दो शुद्ध पदार्थ लोहा तथा ताँबा हैं। सोना और चांदी भी शुद्ध धातुओं के उदाहरण हैं, जिनमें केवल एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं।
In simple words: लोहा और ताँबा दो शुद्ध पदार्थ हैं क्योंकि ये एक ही तरह के तत्व से बने होते हैं।

🎯 Exam Tip: शुद्ध पदार्थ वे होते हैं जो केवल एक प्रकार के परमाणु या अणु से बने होते हैं, जैसे कि धातुएँ या कुछ रासायनिक यौगिक।

 

Question 7. अपनी अभ्यास-पुस्तिका में घर में प्रयोग की जाने वाली मिश्रण से पृथक्करण की किसी विधि का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: अपनी अभ्यास-पुस्तिका में मिश्रण से पृथक्करण की किसी विधि का नामांकित चित्र बनाना है। घर में चाय को आपने अवश्य छाना होगा। द्रव में अघुलनशील पदार्थ के मिश्रण के घटकों को छानकर पृथक किया जा सकता है। छानने की विधि में एक छन्नी का उपयोग किया जाता है, जो अघुलनशील ठोस कणों को तरल से अलग करती है।
In simple words: हमें घर में इस्तेमाल होने वाली किसी मिश्रण को अलग करने वाली विधि का चित्र बनाना है। जैसे चाय छानना, जिसमें चाय की पत्ती को चाय से अलग करते हैं।

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय, सभी भागों को सही ढंग से नामांकित करना और प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शाना महत्वपूर्ण है ताकि वह आसानी से समझ में आ सके।

 

Question 8. क्रोमैटोग्राफी विधि का प्रयोग हम कहाँ-कहाँ पर कर सकते हैं?
Answer: क्रोमैटोग्राफी विधि का प्रयोग विभिन्न रंगों की वस्तुओं के मूल रंगों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यह जानने के लिए कि स्याही का नीला रंग किन-किन रंगों से मिलकर बना है, क्रोमैटोग्राफी का उपयोग किया जाता है। क्रोमैटोग्राफी एक शक्तिशाली तकनीक है जिसका उपयोग रसायन विज्ञान में विभिन्न पदार्थों को उनके घटकों में अलग करने के लिए किया जाता है, जैसे स्याही में रंगों को अलग करना।
In simple words: क्रोमैटोग्राफी का उपयोग यह जानने के लिए करते हैं कि कोई रंग किन-किन रंगों से मिलकर बना है, जैसे स्याही के रंगों को अलग करना। यह अलग-अलग रंगों को पहचानने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: क्रोमैटोग्राफी का उपयोग जटिल मिश्रणों से विभिन्न घटकों को अलग करने और पहचानने के लिए किया जाता है, खासकर प्रयोगशालाओं में।

Note: प्रोजेक्ट कार्य विद्यार्थी स्वयं करें।

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