UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 5 Meri Maa

NCERT Solutions for Class 6 Hindi: Chapter 05 मेरी माँ

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Practice Class 6 Hindi Solutions: Chapter 05 मेरी माँ

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महत्त्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या

यह गद्यांश 'मेरी माँ' पाठ से लिया गया है और इसे महान देशभक्त रामप्रसाद बिस्मिल ने लिखा है। इस अंश में लेखक ने अपनी माँ के प्रति बहुत सम्मान और प्यार दिखाया है। वह अपनी माँ से विनती करते हैं कि जब वे देश के लिए अपना बलिदान दें, तो उनकी माँ धैर्य रखें और गर्व महसूस करें। लेखक को पूरा विश्वास है कि उनकी माँ भारत माता के चरणों में उनके बलिदान पर गर्व करेंगी। उन्हें लगेगा कि उनके बेटे ने अपने कुल का नाम ऊँचा किया है और देश सेवा का अपना वचन पूरा किया है। जब भारत आजाद होगा और उसका इतिहास लिखा जाएगा, तो उनकी माँ का नाम भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

पाठ का सार

बिस्मिल की माँ की शादी तब हुई थी जब वे सिर्फ ग्यारह साल की थीं और शाहजहाँपुर आईं थीं। वे एक ग्रामीण लड़की थीं और ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थीं। उनकी सास की छोटी बहन ने उन्हें घर के काम और खाना बनाना सिखाया। बिस्मिल के जन्म के पाँच-सात साल बाद, उन्होंने घर पर ही अपनी सहेलियों की मदद से हिंदी पढ़ना सीख लिया। बाद में उन्होंने बिस्मिल और उनकी छोटी बहनों को भी पढ़ाना शुरू कर दिया। बिस्मिल के जीवन को सही दिशा देने में उनकी माँ का बहुत बड़ा हाथ था। अगर उनकी माँ न होतीं, तो बिस्मिल भी एक आम इंसान की तरह जीवन जीते। माँ ने बिस्मिल की क्रांतिकारी ज़िंदगी में भी बहुत मदद की, ठीक वैसे ही जैसे मेजिनी की माँ ने अपने बेटे की की थी। बिस्मिल की माँ ने उन्हें यह आदेश भी दिया था कि वे किसी भी दुश्मन को जान से न मारें। बिस्मिल की माँ ने अपने बहुत प्यार और दृढ़ता से उन्हें सुधारा। माँ की दया से ही वे देश सेवा में जुड़ पाए। उन्होंने बिस्मिल को धार्मिक जीवन के लिए भी प्रोत्साहित किया। माँ अपनी प्यार भरी बातों से उन्हें हमेशा अच्छी सीख देती थीं। इस तरह, माँ ने बिस्मिल के मानसिक, धार्मिक और सामाजिक विकास में हमेशा मदद की। मुश्किल समय में भी माँ अपनी मीठी बातों से उन्हें दिलासा देती थीं, जिससे वे हिम्मत बनाए रख सके। बिस्मिल की यह इच्छा थी कि हर जन्म में उन्हें ऐसी ही माँ मिलें, जिनके चरणों में प्रणाम करके वे परमात्मा को याद करते हुए शांति से देश सेवा में अपने प्राण दे सकें।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को -

नोट – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

 

विचार और कल्पना

Question 1. अगर घर की माताएँ पढ़ी-लिखी हों, तो वे घर को कैसे स्वर्ग बना सकती हैं? अपने विचार लिखिए।
Answer: अगर घर की माताएँ पढ़ी-लिखी हों, तो वे घर में एक अच्छा और सभ्य माहौल बना सकती हैं। वे अपने बच्चों को खुद पढ़ाकर योग्य बना सकती हैं। साथ ही, वे परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्यार और तालमेल बनाए रखने में मदद करती हैं। एक शिक्षित माँ पूरे परिवार को सही दिशा देती है और घर को खुशहाल बनाती है।
In simple words: पढ़ी-लिखी माँएँ घर में अच्छा माहौल बनाती हैं, बच्चों को पढ़ाती हैं और परिवार में प्यार बनाए रखती हैं, जिससे घर स्वर्ग जैसा हो जाता है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के विचार-प्रधान प्रश्नों में अपने विचारों को सरल और स्पष्ट भाषा में लिखें और समर्थन में मजबूत तर्क दें।

 

Question 2. विद्यार्थी स्वंय करें।
Answer: यह प्रश्न विद्यार्थियों को स्वयं करने के लिए है। उन्हें अपनी कल्पना और समझ का उपयोग करके इसका उत्तर देना चाहिए। यह व्यक्तिगत रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।
In simple words: इस सवाल का जवाब छात्र खुद अपनी सोच से देंगे।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अपनी मौलिकता दिखाएँ और अपनी कल्पना के आधार पर एक अनूठा उत्तर लिखें।

 

पाठ से

Question 1. नीचे दिए गए प्रश्नों में उत्तर के रूप में तीन विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प पर सही का निशान लगाइए (निशान लगाकर) –
(अ) बिस्मिल की माँ का विवाह
(क) ग्यारह वर्ष की अवस्था में हुआ था।
(ख) अट्ठारह वर्ष की अवस्था में हुआ था।
(ग) बीस वर्ष की अवस्था में हुआ था।
Answer: (क) ग्यारह वर्ष की अवस्था में हुआ था।
In simple words: बिस्मिल की माँ की शादी तब हुई जब वह ग्यारह साल की थीं।

🎯 Exam Tip: कहानी या पाठ से संबंधित तथ्य-आधारित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए पाठ को ध्यान से पढ़ें और महत्वपूर्ण जानकारियों को याद रखें।

 

(ब) बिस्मिल के क्रान्तिकारी जीवन में उनकी माँ ने उनकी वैसी ही सहायता की, जैसी –
(क) भगत सिंह की उनकी माँ ने की थी।
(ख) चन्द्रशेखर आजाद की उनकी माँ ने की थी।
(ग) मेजिनी की उनकी माँ ने की थी।
Answer: (ग) मेजिनी की उनकी माँ ने की थी।
In simple words: बिस्मिल की माँ ने उन्हें वैसे ही सपोर्ट किया जैसे मेजिनी की माँ ने मेजिनी को किया था।

🎯 Exam Tip: तुलना वाले प्रश्नों में, पाठ में दिए गए विशिष्ट उदाहरणों और संदर्भों पर ध्यान दें ताकि सही तुलना का चुनाव कर सकें।

 

(स) बिस्मिल ने माता को धैर्य धारण करने के लिए कहा; क्योंकि उनका पुत्र
(क) कायर का जीवन नहीं जीना चाहता था।
(ख) छिपकर नहीं रहना चाहता था।
(ग) भारत माता की सेवा में प्राणों की बलि चढ़ाना चाहता था।
Answer: (ग) भारत माता की सेवा में प्राणों की बलि चढ़ाना चाहता था।
In simple words: बिस्मिल ने माँ से धीरज रखने को कहा क्योंकि वह देश के लिए अपनी जान देना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में चरित्र के उद्देश्यों और भावनाओं को समझना महत्वपूर्ण है, जो पाठ के मुख्य संदेश से जुड़े होते हैं।

 

Question 2. बिस्मिल की माँ ने पढ़ना-लिखना कैसे सीखा?
Answer: बिस्मिल की माँ ने घर पर ही अपनी सहेलियों की मदद से पढ़ना-लिखना सीखा था। उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए यह कौशल विकसित किया था।
In simple words: बिस्मिल की माँ ने अपने घर पर सहेलियों से पढ़ना-लिखना सीखा।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति की जीवनी या चरित्र से संबंधित प्रश्नों में, उस व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनके सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान दें।

 

Question 3. रामप्रसाद बिस्मिल' ने कहा था, “इस संसार में मेरी किसी भी भोग-विलास तथा ऐश्वर्य की इच्छा नहीं, केवल एक तृष्णा है.....” वह तृष्णा क्या थी ? लिखिए -
Answer: अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की यह गहरी इच्छा थी कि वह एक बार श्रद्धापूर्वक अपनी माँ के चरणों की सेवा कर सकें और इस तरह अपने जीवन को सफल बना लें। यह उनके लिए सबसे बड़ी खुशी थी।
In simple words: बिस्मिल की सबसे बड़ी इच्छा थी कि वह एक बार अपनी माँ के पैर छूकर उनकी सेवा कर सकें।

🎯 Exam Tip: किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के कथनों या विचारों पर आधारित प्रश्नों में, उनके मूल संदेश को समझें और अपने शब्दों में स्पष्ट करें।

 

Question 4. इस पाठ की किन-किन बातों ने आपको प्रभावित किया? क्यों?
Answer: इस पाठ में रामप्रसाद बिस्मिल का अपनी माँ के प्रति आदर और श्रद्धा-भक्ति तथा भारत के प्रति उनका गहरा समर्पण मुझे बहुत प्रभावित करता है। बिस्मिल के ये गुण अनुकरणीय हैं क्योंकि ऐसे मूल्य सभी में आसानी से नहीं मिलते। उनकी माँ का त्याग और बिस्मिल का देशप्रेम प्रेरणादायक है।
In simple words: मुझे बिस्मिल का अपनी माँ के लिए प्यार और देश के लिए भक्ति बहुत अच्छी लगी क्योंकि ये गुण हर किसी में नहीं होते।

🎯 Exam Tip: ऐसे व्यक्तिगत अनुभव वाले प्रश्नों में, पाठ के मुख्य संदेश और पात्रों के गुणों से जुड़ते हुए अपनी भावनाएँ व्यक्त करें और कारण भी बताएं।

 

भाषा की बात

Question 1. 'प्रबन्य' में 'प्र', 'परिश्रम” में “परि', 'अवलोकन में 'अव', 'निर्वाह' में 'निर्' उपसर्ग लगे हैं। इन्हीं उपसर्गों की सहायता से तीन-तीन नए शब्द बनाइए (शब्द बनाकर)
Answer: उपसर्ग ऐसे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के पहले जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं। दिए गए उपसर्गों से तीन-तीन नए शब्द इस प्रकार बनाए जा सकते हैं:
- प्र: प्रवेश, प्रयोजन, प्रमुख
- परि: परिमाण, परिवेश, परिक्रमा
- अव: अवशेष, अवमानना, अवगुण
- निर्: निर्जन, निरक्षर, निर्जीव
In simple words: उपसर्ग छोटे शब्द होते हैं जो किसी बड़े शब्द के आगे लगकर उसका मतलब बदल देते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे 'प्र', 'परि', 'अव', और 'निर्' जैसे उपसर्गों से नए शब्द बनते हैं।

🎯 Exam Tip: उपसर्गों से नए शब्द बनाते समय, यह सुनिश्चित करें कि बनाया गया शब्द अर्थपूर्ण हो और उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ हो।

 

Question 2. अवर्णनीय' में 'ईय' और 'धार्मिक' में 'इक' प्रत्यय है। इन प्रत्ययों की सहायता से चार-चार नए शब्द बनाइए (शब्द बनाकर)
Answer: प्रत्यय ऐसे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं। दिए गए प्रत्ययों से चार-चार नए शब्द इस प्रकार बनाए जा सकते हैं:
- ईय: अकथनीय, असहनीय, दर्शनीय, अतुलनीय
- इक: सामाजिक, मासिक, दैनिक, वार्षिक
In simple words: प्रत्यय छोटे शब्द होते हैं जो किसी बड़े शब्द के पीछे लगकर उसका मतलब बदल देते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे 'ईय' और 'इक' जैसे प्रत्ययों से नए शब्द बनते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्ययों से शब्द बनाते समय, ध्यान रखें कि प्रत्यय लगने के बाद शब्द व्याकरण की दृष्टि से सही और अर्थपूर्ण हो।

 

Question 3. निम्नलिखित शब्दों का संधि-विच्छेद कीजिए (संधि-विच्छेद करके).
Answer: इस प्रश्न में संधि-विच्छेद करने के लिए कोई विशिष्ट शब्द नहीं दिए गए हैं। विद्यार्थियों को दिए गए शब्दों का सही संधि-विच्छेद करने का अभ्यास करना चाहिए। संधि-विच्छेद शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़ना होता है।
In simple words: इस सवाल में कोई शब्द नहीं दिया गया है। बच्चों को शब्दों को तोड़कर उनके छोटे हिस्से बनाने की प्रैक्टिस करनी चाहिए।

🎯 Exam Tip: संधि-विच्छेद करते समय, शब्दों को तोड़कर उनके मूल और अर्थपूर्ण भागों को पहचानने का प्रयास करें और संधि के नियमों का पालन करें।

 

Question 4. कोष्ठक में दिए गए कारक चिह्नों की सहायता से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके) –
(के, ने, को, की, में, से, के लिए)
(क) शाहजहाँपुर आने के थोड़े दिनों के बाद दादी जी ने अपनी छोटी बहन को बुला लिया।
(ख) तुम्हारी दया की छाया में मैंने अपने जीवन भर में कोई कष्ट न अनुभव किया।
(ग) तुम्हारी दया से ही मैं देश-सेवा में संलग्न हो सका।
(घ) आपके आदेश की पूर्ति करने के लिए मुझे अपनी प्रतिज्ञा भंग करनी पड़ी।
Answer: कारक चिह्न शब्दों के बीच संबंध बताते हैं। यहाँ रिक्त स्थानों की पूर्ति सही कारक चिह्नों से की गई है:
(क) शाहजहाँपुर आने के थोड़े दिनों के बाद दादी जी ने अपनी छोटी बहन को बुला लिया।
(ख) तुम्हारी दया की छाया में मैंने अपने जीवन भर में कोई कष्ट न अनुभव किया।
(ग) तुम्हारी दया से ही मैं देश-सेवा में संलग्न हो सका।
(घ) आपके आदेश की पूर्ति करने के लिए मुझे अपनी प्रतिज्ञा भंग करनी पड़ी।
In simple words: कारक चिह्न शब्दों को जोड़ते हैं। सही कारक चिह्न लगाने से वाक्य का मतलब साफ हो जाता है।

🎯 Exam Tip: कारक चिह्नों का सही उपयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करता है; प्रत्येक चिह्न का उपयोग वाक्य में उसकी भूमिका के अनुसार करें।

 

Question 5. नीचे दिए गए वाक्यों को सही पदक्रम में लिखिए –
(क) बुला लिया अपनी छोटी बहन को दादी ने ।
(ख) अवलोकन करने लगीं देवनागरी पुस्तकें वे ।
(ग) भंग करनी पड़ी थी मुझे अपनी प्रतिज्ञा ।
(घ) ध्यान आ जाता तुम्हारी स्वर्गीय मूर्ति का मुझे ।
Answer: वाक्यों को सही क्रम में लिखने से उनका अर्थ स्पष्ट हो जाता है। यहाँ वाक्यों का सही पदक्रम दिया गया है:
(क) दादी ने अपनी छोटी बहन को बुला लिया।
(ख) वे देवनागरी पुस्तकों का अवलोकन करने लगीं।
(ग) मुझे अपनी प्रतिज्ञा भंग करनी पड़ी थी।
(घ) मुझे तुम्हारी स्वर्गीय मूर्ति का ध्यान आ जाता।
In simple words: सही पदक्रम में लिखने से वाक्य का मतलब साफ और सीधा हो जाता है।

🎯 Exam Tip: वाक्य को सही पदक्रम में लिखते समय, कर्ता, कर्म और क्रिया के क्रम पर विशेष ध्यान दें ताकि वाक्य अर्थपूर्ण बने।

 

Question 6. ग्यारह वर्ष की ..................................... कहते हैं। अब आप नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए और उनके विशेषण भेद लिखिए (लिखकर) –
(क) सभी सदस्य खा रहे हैं। – अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
(ख) कुछ लोग टहल रहे हैं। – अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
(ग) मुझे दो दर्जन केले दे दो । – निश्चित संख्यावाचक विशेषण
(घ) मैंने चार रुपये का आम खरीदा । – निश्चित संख्यावाचक विशेषण
Answer: विशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में विशेषण और उनके भेद बताए गए हैं:
(क) सभी सदस्य खा रहे हैं। - यह एक अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि 'सभी' से संख्या निश्चित नहीं होती।
(ख) कुछ लोग टहल रहे हैं। - यह भी अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि 'कुछ' से संख्या निश्चित नहीं होती।
(ग) मुझे दो दर्जन केले दे दो । - यह एक निश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि 'दो दर्जन' से केलों की निश्चित संख्या का पता चलता है।
(घ) मैंने चार रुपये का आम खरीदा । - यह भी निश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि 'चार रुपये' से आम की कीमत की निश्चित संख्या पता चलती है।
In simple words: विशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी चीज़ की खासियत बताते हैं। कुछ विशेषणों से हमें ठीक-ठीक संख्या पता चलती है (निश्चित), और कुछ से नहीं (अनिश्चित)।

🎯 Exam Tip: विशेषणों के भेद पहचानते समय, यह देखें कि शब्द किसी संज्ञा की मात्रा, संख्या, या गुण को निश्चित रूप से बता रहा है या अनिश्चित रूप से।

 

Question 7. इस पाठ की जिन बातों से आप प्रभावित हुए हों उन्हें अपनी कॉपी पर लिखिएः अवधारणां चित्र-किसी पात्र अथवा विषयवस्तु के बारे में उसकी विशेषता, गुण, लाभ, हानि के प्रमुख बिन्दुओं के आधार पर चित्रण करना। चित्र 'क' के अनुसार 'ख' को पूरा करें
Answer: इस पाठ से रामप्रसाद बिस्मिल की अपनी माँ के प्रति श्रद्धा और देशभक्ति की भावना बहुत प्रभावित करती है। उनकी माँ का अपने बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें सही राह दिखाने का प्रयास भी प्रेरणादायक है। अवधारणा चित्र किसी विषयवस्तु की विशेषताओं, गुणों, लाभों या हानियों को मुख्य बिंदुओं के आधार पर चित्रित करने का एक तरीका है। यह एक विषय को समझने में मदद करता है।
In simple words: मुझे पाठ में बिस्मिल का माँ के लिए प्यार और देश के लिए भक्ति अच्छी लगी। अवधारणा चित्र किसी चीज़ की खास बातों को दिखाने का एक तरीका है।

🎯 Exam Tip: अवधारणा चित्र बनाते समय, मुख्य विषय को केंद्र में रखें और उससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाएं, जैसे विशेषताएं, गुण, लाभ या हानि।

 

इसे भी जानें -

नोट – विद्यार्थी ध्यान से पढ़े।

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