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पाठ का सारांश
महाराजा रणजीत सिंह पंजाब के लोगों में बहुत प्रसिद्ध थे। लोक कथाओं से उनकी दयालुता, न्यायपसंद स्वभाव और सभी धर्मों को इज्जत देने की भावना सामने आती है।
रणजीत सिंह का जन्म एक जागीरदार महासिंह के घर में हुआ था। उनके पिता के निधन के बाद, 1797 ई. में रणजीत सिंह ने अपनी जागीर का काम संभाला। 1801 ई. में बैसाखी के दिन वे लाहौर में एक आज़ाद भारतीय शासक बन गए। 1839 ई. तक उन्होंने अपने राज्य को बड़ा और मजबूत बनाया। उन्हें 'महाराजा' का पद मिला। बाद में, वे 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से भी जाने गए।
महाराजा रणजीत सिंह एक बहुत ही खास शासक थे। उन्होंने 'खालसा पंथ' के नाम पर राज किया। उन्होंने अंग्रेजों जैसी एक अच्छी सेना बनाई और पंजाब को एक ताकतवर राज्य बना दिया। उन्होंने अपने दुश्मनों के साथ भी नरमी और दया दिखाई। इसी अच्छे स्वभाव के कारण उन्हें 'लाखबख्श' भी कहा जाता था।
27 जून, 1839 ई. को उनका निधन हो गया। दुख की बात है कि उन्हें कोई अच्छा वारिस नहीं मिला।
अभ्यास
Question 1. महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिरों और मस्जिदों के उत्थान के लिए क्या उल्लेखनीय कार्य किया?
Answer: महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिरों को सोना और दूसरी कीमती चीजें दान में दीं। उन्होंने कई मस्जिदों की मरम्मत भी करवाई। इससे सभी धर्मों के लोग खुश रहते थे और उनका सम्मान बढ़ता था।
In simple words: महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिरों में सोना दान दिया और मस्जिदों को ठीक करवाया।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में राजा द्वारा किए गए सभी अच्छे कामों का जिक्र करना जरूरी है, खासकर धार्मिक सहिष्णुता से जुड़े।
Question 2. विभिन्न धर्मों के प्रति महाराजा रणजीत सिंह के क्या विचार थे?
Answer: महाराजा रणजीत सिंह सभी धर्मों को बराबरी से देखते थे। वे हर धर्म का सम्मान करते थे और किसी के साथ भेदभाव नहीं करते थे। उनका मानना था कि सभी धर्मों को साथ मिलकर रहना चाहिए। यह उनके शासन की एक खास बात थी।
In simple words: वे सभी धर्मों को सहनशीलता, समानता और आदर की भावना से देखते थे।
🎯 Exam Tip: धार्मिक सहिष्णुता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान जैसे मुख्य बिंदुओं को उत्तर में ज़रूर शामिल करें।
Question 3. किन गुणों के कारण महाराजा रणजीत सिंह को लोक गाथाओं में स्थान मिला?
Answer: महाराजा रणजीत सिंह को उनकी उदारता (दयालुता), न्यायप्रियता (सही फैसले लेने की आदत) और सभी धर्मों का सम्मान करने के गुणों के कारण लोक कथाओं में जगह मिली। लोग आज भी उनके इन अच्छे गुणों की कहानियाँ सुनाते हैं।
In simple words: उनकी दयालुता, न्याय करने की आदत और सभी धर्मों का सम्मान करने की वजह से वे लोक कथाओं में प्रसिद्ध हुए।
🎯 Exam Tip: प्रमुख गुणों जैसे उदारता और न्यायप्रियता को स्पष्ट रूप से बताएं क्योंकि यही उनके लोक-कथाओं में शामिल होने का मुख्य कारण थे।
Question 4. किसने और क्यों कहा
(क) ईश्वर की इच्छा है कि मैं सभी धर्मों को एक नजर से देखें।
Answer: यह बात महाराजा रणजीत सिंह ने एक फकीर से कही थी। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि फकीर ने उनसे पूछा था कि कुरान उनके लिए किसी काम की नहीं है। महाराजा ने इसके जवाब में यह बात कही। उनका मतलब था कि सभी धर्म ईश्वर की नजर में बराबर हैं।
In simple words: महाराजा रणजीत सिंह ने फकीर से यह बात कही क्योंकि फकीर ने कुरान के बारे में पूछा था।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में 'किसने कहा' और 'क्यों कहा' दोनों हिस्सों का सटीक जवाब देना ज़रूरी है।
(ख) उनके चेहरे पर इतना तेज था कि मैंने कभी सीधा उनके चेहरे की ओर देखा ही नहीं।
Answer: यह बात फकीर अजीमुद्दीन ने लॉर्ड विलियम बेंटिक से कही थी। बेंटिक ने फकीर से पूछा था कि महाराजा रणजीत सिंह की कौन-सी एक आँख खराब है। फकीर ने इस सवाल के जवाब में महाराजा के व्यक्तित्व की महानता बताने के लिए ऐसा कहा। यह उनकी अटूट भक्ति का प्रमाण था।
In simple words: फकीर अजीमुद्दीन ने लॉर्ड विलियम बेंटिक से यह कहा। बेंटिक ने पूछा था कि महाराजा की कौन-सी आँख खराब थी।
🎯 Exam Tip: कथन के वक्ता और श्रोता दोनों को सही पहचानना और कहने के पीछे का सटीक कारण बताना महत्वपूर्ण है।
Question 5. सही (√) अथवा गलत (X) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर)
(क) महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में किसी को मृत्युदण्ड नहीं दिया गया। (√)
Answer: (क) महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में किसी को मृत्युदण्ड नहीं दिया गया। (√)
यह कथन बिल्कुल सही है, जो उनकी न्यायप्रियता और मानवीय स्वभाव को दर्शाता है। उनकी न्याय व्यवस्था दयालु थी।
In simple words: यह बात सही है कि महाराजा रणजीत सिंह ने किसी को फाँसी नहीं दी।
🎯 Exam Tip: ऐसे कथनों में ऐतिहासिक तथ्यों की सही जानकारी देना जरूरी है; यहां उनकी दयालुता पर जोर दिया गया है।
(ख) इक्कीस वर्ष की उम्र में महाराजा रणजीत सिंह को शेर-ए-पंजाब की उपाधि दी गई। (X)
Answer: (ख) इक्कीस वर्ष की उम्र में महाराजा रणजीत सिंह को शेर-ए-पंजाब की उपाधि दी गई। (X)
यह कथन गलत है क्योंकि उन्हें यह उपाधि उनके जीवनकाल में बाद में मिली थी, इक्कीस वर्ष की उम्र में नहीं। यह उपाधि उनकी बड़ी सफलताओं के बाद मिली थी।
In simple words: यह बात गलत है कि उन्हें 21 साल की उम्र में 'शेर-ए-पंजाब' कहा गया।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण उपाधियों के मिलने की सही उम्र या समयकाल को ध्यान में रखें, अक्सर ऐसी छोटी गलतियाँ ही होती हैं।
(ग) अपने जीवनकाल में महाराजा रणजीत सिंह जनश्रुतियों के केन्द्र बन गए। (√)
Answer: (ग) अपने जीवनकाल में महाराजा रणजीत सिंह जनश्रुतियों के केन्द्र बन गए। (√)
यह कथन सही है, क्योंकि उनके अच्छे कामों और व्यक्तित्व के कारण उनके जीते-जी ही उनके बारे में लोक कथाएँ बनने लगी थीं। उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक थी।
In simple words: यह सही है कि महाराजा रणजीत सिंह अपने जीते-जी ही लोक कथाओं में शामिल हो गए थे।
🎯 Exam Tip: राजाओं के जीवन और उनके प्रभाव से जुड़ी लोककथाओं के बारे में तथ्यों को याद रखें।
(घ) प्रतिशासक परिषद् में महाराजा रणजीत सिंह और उनकी माँ को सम्मिलित किया गया । (X)
Answer: (घ) प्रतिशासक परिषद् में महाराजा रणजीत सिंह और उनकी माँ को सम्मिलित किया गया । (X)
यह कथन गलत है, क्योंकि महाराजा रणजीत सिंह जब छोटे थे तब उनकी माँ प्रतिशासक परिषद् की सदस्य थीं, लेकिन महाराजा बड़े होने पर खुद ही शासन का भार संभाल चुके थे। वे अकेले ही राज करते थे।
In simple words: यह बात गलत है कि महाराजा रणजीत सिंह और उनकी माँ दोनों प्रतिशासक परिषद् में थे।
🎯 Exam Tip: शासकों के शुरुआती जीवन और उनके शासन-काल की व्यवस्था से जुड़े विवरणों को ध्यान से पढ़ें।
Question 6. उचित शब्द का चयन करके रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)
(क) ईश्वर की इच्छा है कि मैं सभी धर्मों को एक ही नजर से देखें। (आँख, विचार, नजर)
Answer: (क) ईश्वर की इच्छा है कि मैं सभी धर्मों को एक ही **नजर** से देखें।
महाराजा रणजीत सिंह सभी धर्मों के प्रति समानता का भाव रखते थे, इसलिए 'नजर' शब्द सबसे सही है। यह उनकी निष्पक्षता को दर्शाता है।
In simple words: सभी धर्मों को एक ही नजर से देखना चाहिए।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को देखकर सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।
(ख) अपने जीवनकाल में ही वे जनश्रुतियों के केन्द्र बन गए थे। (विषय, केन्द्र, क्षेत्र)
Answer: (ख) अपने जीवनकाल में ही वे जनश्रुतियों के **केन्द्र** बन गए थे।
उनके महान कार्यों के कारण वे लोगों के बीच कहानियों का मुख्य बिंदु बन गए, इसलिए 'केन्द्र' शब्द उचित है। वे लोगों की बातचीत का अहम हिस्सा बन गए थे।
In simple words: वे अपने जीवन में ही लोक कहानियों के मुख्य बिंदु बन गए थे।
🎯 Exam Tip: 'केन्द्र' शब्द यहां किसी विषय या कहानी के मुख्य बिंदु को दर्शाता है, जो महाराजा के प्रभाव के लिए सही है।
(ग) महाराजा रणजीत सिंह को दरबारियों के साथ मसनद के सहारे जमीन पर बैठना अच्छा लगता था। (सोना, खेलना, बैठना)
Answer: (ग) महाराजा रणजीत सिंह को दरबारियों के साथ मसनद के सहारे जमीन पर **बैठना** अच्छा लगता था।
यह उनकी सादगी और आम लोगों से जुड़ाव को दिखाता है कि उन्हें ज़मीन पर बैठना पसंद था। यह उनके सरल स्वभाव का प्रतीक था।
In simple words: महाराजा रणजीत सिंह को दरबारियों के साथ जमीन पर बैठना पसंद था।
🎯 Exam Tip: महाराजा के सरल स्वभाव को दर्शाने वाले इस तथ्य को ध्यान में रखें।
(घ) महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी सैन्य पद्धति को अँग्रेजी सेना के अनुसार संगठित करने का निश्चय किया। (विचार, निश्चय, काम)
Answer: (घ) महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी सैन्य पद्धति को अँग्रेजी सेना के अनुसार संगठित करने का **निश्चय** किया।
उन्होंने अपनी सेना को मजबूत बनाने का पक्का इरादा किया था, इसलिए 'निश्चय' शब्द सही है। यह उनके दूरदर्शी सोच को दिखाता है।
In simple words: उन्होंने अपनी सेना को अंग्रेजी सेना जैसा बनाने का फैसला किया था।
🎯 Exam Tip: 'निश्चय' शब्द किसी दृढ़ इरादे को दर्शाता है, जो महाराजा के सेना सुधार के लक्ष्य के लिए सही है।
नोट – प्रश्न 7 एवं 8 विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।
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