Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 Civics Chapter 04 नागरिये स्वशसन
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अभ्यास
Question 1. आपने नगरीय निकायों के बारे में पढ़ा है, उससे संबंधित तालिकों को पूरा कीजिए।
Answer:
| क्रम सं. | नगरीय निकायों की संरचना | नगर पंचायत | नगरपालिका परिषद् | नगर निगम |
|---|---|---|---|---|
| 1 | जनसंख्या | 5000 से 1 लाख तक | 1 लाख से 5 लाख | 5 लाख से अधिक |
| 2 | कार्यकाल | 5 वर्ष | 5 वर्ष | 5 वर्ष |
| 3 | सदस्य संख्या | 10 से 24 | 25 से 55 | 60 से 110 तक |
| 4 | चुनाव लड़ने की आयु | 21 वर्ष या अधिक | 21 वर्ष या अधिक | 21 वर्ष या अधिक |
| 5 | प्रमुख का पद नाम | अध्यक्ष | अध्यक्ष | महापौर अथवा मेयर |
In simple words: यह तालिका नगरीय निकायों (नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद्, नगर निगम) के बारे में बताती है. इसमें उनकी जनसंख्या, कितने समय के लिए काम करते हैं, कितने सदस्य होते हैं, चुनाव लड़ने की उम्र और उनके मुखिया का नाम जैसी जानकारी दी गई है.
🎯 Exam Tip: नगरीय निकायों से संबंधित प्रश्नों को हल करते समय, प्रत्येक निकाय की विशेषताओं, जैसे कि जनसंख्या मानदंड, कार्यकाल और प्रमुख के पद नाम को समझना और याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. नीचे लिखे वाक्यों में सही के सामने सही (✓) और गलत के सामने गलत (X) का चिहून लगाइए –
Answer:
(क) सबसे बड़े नगर क्षेत्र को नगर पंचायत कहते हैं। (X)
(ख) नगरपालिका परिषद् का कार्यकाल एक वर्ष होता है। (X)
(ग) महापौर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। (X)
(घ) नगर निगम 5 वर्ष के लिए बनाया जाता है। (✓)
(ङ) नगर निगम का अध्यक्ष प्रधान कहलाता है। (X)
सही और गलत के इन चिह्नों से पता चलता है कि नगर निगम का कार्यकाल 5 वर्ष होता है, जबकि अन्य विकल्प गलत हैं, क्योंकि नगर पंचायत छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए होती है, और नगरपालिका परिषद् तथा महापौर का कार्यकाल भी 5 वर्ष का होता है, एक वर्ष का नहीं। नगर निगम का अध्यक्ष महापौर या मेयर कहलाता है, प्रधान नहीं।
In simple words: नगर निगम 5 साल के लिए बनता है, यह बात सही है. बाकी बातें गलत हैं, जैसे सबसे बड़े शहर को नगर पंचायत कहना या नगरपालिका परिषद् और महापौर का कार्यकाल सिर्फ एक साल बताना गलत है. नगर निगम के मुखिया को महापौर कहते हैं.
🎯 Exam Tip: नगरीय निकायों के कार्यकाल और पदनाम से संबंधित तथ्यों को सही से याद करें, क्योंकि इसमें अक्सर भ्रम की स्थिति हो सकती है।
Question 3. इन आबादी वाले नगरों में नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद्, नगर निगम में से क्या गठित हो सकते हैं, लिखें –
Answer:
(क) 40 हजार तक की जनसंख्या में – नगर पंचायत
(ख) 8 लाख तक की जनसंख्या में – नगर निगम
(ग) 4 लाख तक की जनसंख्या में – नगरपालिका परिषद्
(घ) 55 हजार तक की जनसंख्या में – नगर पंचायत
यह निर्धारण शहर की जनसंख्या के आधार पर होता है, जहाँ कम जनसंख्या वाले क्षेत्र में नगर पंचायत और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र में नगर निगम स्थापित होता है। यह विभाजन स्थानीय शासन को आबादी के अनुसार व्यवस्थित करने में मदद करता है।
In simple words: किस शहर में कौन-सा शहरी निकाय बनेगा, यह उसकी आबादी पर निर्भर करता है. जैसे 40 हजार या 55 हजार तक की आबादी में नगर पंचायत बनती है, 4 लाख तक की आबादी में नगरपालिका परिषद् और 8 लाख तक की आबादी में नगर निगम बन सकता है.
🎯 Exam Tip: विभिन्न नगरीय निकायों के लिए निर्धारित जनसंख्या सीमाएं याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नगरीय शासन की संरचना से संबंधित है।
Question 4. नगर पंचायत के कार्य लिखिए।
Answer: नगर पंचायत के कार्य निम्नलिखित हैं -
1. शहर की सड़कें बनवाना और उन पर रोशनी की व्यवस्था करवाना।
2. बाजार में सफाई की व्यवस्था करवाना।
3. शहर में लोगों के जन्म और उनकी मृत्यु का लेखा-जोखा रखना।
4. शहर में बीमारी फैलने से रोकने के लिए टीके लगवाना और साफ पीने के पानी की व्यवस्था करवाना।
5. कुछ नगर पंचायतें पुस्तकालय चलाती हैं और स्कूल, बाग-बगीचे, मनोरंजन गृह आदि बनवाती हैं।
6. शहरों की सफाई करवाना और कचरा उठवाना।
नगर पंचायतें छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाइयाँ होती हैं, जो निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए इन मूलभूत सेवाओं को प्रदान करती हैं।
In simple words: नगर पंचायत शहर की सड़कें बनवाती है, उन पर रोशनी लगाती है. बाजारों को साफ रखती है. जन्म-मृत्यु का हिसाब रखती है. बीमारी रोकने के लिए टीके लगवाती है और पीने का साफ पानी देती है. यह पुस्तकालय, स्कूल, बगीचे और मनोरंजन घर भी बनवाती है. शहर की गंदगी और कचरा साफ करना भी इनका काम है.
🎯 Exam Tip: नगर पंचायत के कार्यों को सूचीबद्ध करते समय, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण जैसी मुख्य जिम्मेदारियों को शामिल करें।
प्रोजेक्ट कार्य -
नोट - विद्यार्थी स्वयं करें।
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